बुधवार, 14 फ़रवरी 2024

पांच सालों में 22 फीसदी से ज्यादा बढ़ी बेरोजगारी

भोपाल। प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही रोजगार देने की योजनाओं के बाद भी बेरोजगारी कम नहीं हो रही है। प्रदेश में बीते पांच सालों में 22 फीसदी से ज्यादा बेरोजगारी बढ़ी है।

राज्य विधानसभा में दी जानकारी के अनुसार मार्च 2019 से जनवरी 2024 तक यानी पांच सालों में बेरोजगारों की संख्या में 22.25 फीसदी का इजाफा हुआ है। 32 लाख 31 हजार 562 बेरोजगार युवा हैं जो शिक्षित हैं। इनमें 21 लाख 8 हजार 416 पुरुष और 11 लाख 70 हजार 297 महिला बेरोजगार हैं। जबकि बिना पढ़े लिखे बेरोजगारों की संख्या 47 हजार 157 हैं। यह प्रदेश की ताजा स्थिति है जो प्रदेश के रोजगार पोर्टल पर दर्ज है। साल 2019 में रोजगार पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार शिक्षित बेरोजगारों की संख्या 26 लाख 15 हजार 314 थी। इनमें पुरूशों  की संख्या 16 लाख 1 हजार 279 और महिलाओं की संख्या 10 लाख 79 हजार 889 थी। वहीं बिना पढ़े लिखे बेरोजगारों की संख्या 66 हजार 554 थी।  विधानसभा में दी जानकारी के अनुसार 2019-20 में 4219, 2020-21 में 80717, 2021-22 में 1 लाख 21 हजार 178, 2022-23 में 68098 और साल 2023-24 में 43048 युवाओं को निजी कंपनियों में नौकरी दिलाई।
 
रिक्त पद 82 हजार, भर्ती निकाली पांच हजार
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश में करीब 82 हजार शिक्षकों के रिक्त पद हैं, लेकिन सरकार भविष्य निर्माता शिक्षकों की व्यथा को समझ नहीं रही है। 82 हजार पदों में से भाजपा की सरकार ने केवल 5052 पदों पर ही भर्ती निकाली है। उमंग सिंघार ने पदों में वृद्धि करने की मांग की है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि मुख्यमंत्री भविष्य निर्माता शिक्षकों की व्यथा को समझिए, 2023 चयनित शिक्षक संघ (वर्ग 1) में आपकी सरकार ने सिर्फ 5052 पदों पर ही भर्ती निकाली है जबकि शिक्षा विभाग में लगभग 82 हजार पद रिक्त पड़े हैं। नेता प्रतिपक्ष ने मांग की है कि इन पदों में वृद्धि की जाए, ताकि बेरोजगारी कम हो और शिक्षा का स्तर भी विद्यालयों में सुधर सके। उन्होंने अपनी पोस्ट में शिक्षकों की मांग वाला पत्र भी पोस्ट किया है। इस पत्र के जरिए चयनित शिक्षकों ने यह मांग नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से की है।

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