बुधवार, 14 फ़रवरी 2024

समय से पहले विधानसभा का सत्र हुआ समाप्त

भोपाल। राज्य विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। 9 बैठकों के साथ 13 दिन चलने वाली कार्यवाही 5 दिन पहले ही में खत्म हो गई है । जारी अधिसूचना के अनुसार इस बार मध्य प्रदेश विधानसभा का सत्र 7 फरवरी से 19 फरवरी तक का था,लेकिन, इसे 6 दिन पहले 14 फरवरी की कार्यवाही के साथ स्थिगित कर दिया गया है।

सत्र में विधायकों ने 2300 से ज्यादा सवाल पूछें है। सदन की कार्यवाही 7 फरवरी को राज्यपाल मंगुभाई पटेल के अभिभाषण से शुरू हुई, इसमें मोहन यादव की सरकार 12 फरवरी को 2024-25 के लिए अपना अंतरिम बजट पेश किया। इसमें अभी अगले 5 दिन और भी काफी कुछ होना था, लेकिन, सदन की कार्यवाही अब अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है। सदन में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने सदन में बैठकों में की जानकारी दी। 2303 प्रश्नों पर चर्चा हुई. 242 याचिका, 8 साशकीय विधेयक पास हुए. हरदा हादसे के साथ जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। तोमर ने अपने संबोधन में बताया कि इस बार के सत्र में महिला सदस्यों के प्रश्नों को प्राथमिकता दी गई है। इसके साथ ही शून्यकाल में नए सदस्यों की सूचना अधिक ली गई। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विपक्ष को बधाई दी है। उन्होंने इस सत्र के लिए मंत्रिमंडल को भी बधाई दी।  उन्होंने कहा कि जनता ने हमें ताकत दी हम सदन में आते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा जागरूक है विपक्ष
सदन की समाप्ति के पहले मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने कहा कि सदन में अलग-अलग मुद्दों पर ध्यानाकर्षण लाए गए, जिसे लेकर जमकर हंगामा हुआ। बहस हुई, सवाल-जवाब हुए। उन्होंने कहा कि विपक्ष और पक्ष ने बहुत अच्छे तरीके से अपनी बात रखी। विधानसभा अध्यक्ष ने भी सभी को मौका दिया उन्हें धन्यवाद देता हूं। विपक्ष का भी धन्यवाद देता हूं। विपक्ष भी जागरूक रहा। मंत्री मंडल की दक्षता में भी निखार आया है। ऐसी सदन की कार्यवाही ही लोकतंत्र की खूबसूरती है।
चर्चा तो कागजों पर रहेगी, जरूरी है काम होना
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अपने संबोधन में कहा कि जनता चाहती है कि हम उनके अधिकारों की बात करें। ईमानदारी से यदि जनता की सेवा करना चाहते हैं कि सत्य बोले। सही जानकारी दें। उन्होंने कहा कि हरदा मामले पर सरकार सजग नहीं थी। किसानों को लेकर सरकार की सजगता नहीं है। चर्चा तो चर्चा है, कागजों पर रहेगी, लेकिन काम होना चाहिए यह ज्यादा जरूरी है। सहमति से सदन चलाने का प्रयास किया। कई मुद्दों पर बात हुई। जल जीवन मिशन को लेकर भी विचार किया जाए। ये पीएम मोदी की भी महत्वपूर्ण योजना है।

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