बुधवार, 14 फ़रवरी 2024

जल जीवन मिशन के कामों की गड़बड़ी, कांग्रेस ने किया हंगामा, बहिर्गमन


विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने समिति गठित कर जांच कराने का दिया आश्वासन

भोपाल। राज्य विधानसभा में आज कांग्रेस ने जल जीवन मिशन के कामां में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हजारों करोड़ की जल जीवन मिशन के कामों में जमकर गड़बड़ी हुई। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से कहा कि विधानसभा स्तर की जांच समिति गठित कर प्रदेश स्तर पर जांच कराई जाए। इसे लेकर मंत्री के जवाब के बाद हंगामे की स्थिति निर्मित हुई। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र तोमर ने मामले में हस्तक्षेप कर जांच कराने का आश्वासन दिया। मगर कांग्रेस विधायक हंगामा करते हुए सदन से बहिर्गमन कर गए।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने हजारों करोड़ रूपए के जल जीवन मिशन में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। इस पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि विधानसभा स्तर की जांच समिति गठित कर प्रदेश स्तर पर जांच कराई जाएगी। इसी तरह मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि संवेदनशीलता पर प्रश्न न उठाया जाएं। केंद्र से इतना पैसा आया है कि यहां मैनपॉवर ही नहीं है। गुणवत्ता को लेकर केंद्र और राज्य दोनों सरकारें गंभीर हैं। सभी को पलीता न लगाएं। यदि कोई स्पेसिफिक काम हो तो उसे उठाएं। इस पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि गांव में नलों से पानी नहीं आ रहा है। यह बात मैं प्रमाण के साथ कह सकता हूं। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह सवाल एक विधानसभा से जुड़ा है। भ्रष्टाचार के आरोपी के नाम पर डराए नहीं, एक नहीं दस जांच कराएंगे लेकिन डरेंगे नहीं। कांग्रेस विधायकों ने इस मुद्दे को लेकर जमकर हंगामा किया और बाद में सदन से बहिर्गमन कर गए।
बैतूल मामले में कांग्रेस ने दिया स्थगन प्रस्ताव, अध्यक्ष ने किया अस्वीकार
प्रदेश के बैतूल में आदिवासी युवक के साथ पिटाई के मामले में कांग्रेस ने विधानसभा में स्थगन देकर चर्चा की मांग की। कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत ने कहा कि स्थगन पर चर्चा करने के लिए समय तय किया जाए। हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने स्थगन स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि स्थगन की जानकारी नौ बजकर 50 मिनट पर दी गई। निर्धारित समय के बाद सूचना देने के आधार पर स्थगन स्वीकार नहीं किया गया। कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने बैतूल में आदिवासी युवक को नग्न कर उल्टा लटकाकर पीटने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। राज्य सरकार आदिवासियों की  रक्षा नहीं कर पा रही है। वहीं, राज्य सरकार के मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि इस तरह का अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।  
भाजपा विधायक ने अपनी ही सरकार को दी चुनौती
शिवपुरी जिले के करैरा से भाजपा विधायक रमेश प्रसाद खटीक ने शिवपुरी जिले में आरबीसी नहर से सिंचाई के लिए पानी न मिलने को लेकर ध्यानाकर्षण दिया। इस पर जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि पानी दिया जा रहा है। इस पर विधायक भड़क गए। उन्होंने कहा कि जांच करवा लीजिए। यदि गांव में पानी दिया जा रहा हो तो विधायकी छोड़ दूंगा।
नर्मदा नदी के किसी भी हिस्से में नहीं मिलेगा गंदा पानी
नर्मदा नदी में गंदा पानी मिलने पर कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश किया। इस दौरान विधायक लखन घनघोरिया ने नर्मदा नदी का जल अशुद्ध होने का आरोप लगाया, जिस पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जवाब देते हुए कहा कि ये कहना सही नहीं है कि नर्मदा नदी में गंदा पानी मिल रहा है। ग्वारीघाट बस्ती से निकलने वाले गंदे पानी को नर्मदा नदी में जाने से रोकने की व्यवस्था की गई है. अन्य नलों का सर्वे भी करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी नर्मदा मैया पर बहुत श्रद्धा है। हम नर्मदा मैया को मां मानते हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव का आज मेरे पास फोन आया कि ये केवल जबलपुर का ही नहीं, बल्कि श्रद्धा का सवाल है। नर्मदा नदी में गंदा पानी नहीं मिले, यह सरकार की प्राथमिकता है।  विजयवर्गीय ने सदन को आश्वासन दिया कि ये तय किया जाएगा कि 2 वर्ष में नर्मदा नदी में प्रदेश के किसी भी हिस्से से गंदा पानी नहीं मिले।
बालाघाट जल आवर्धन योजना का उठा मुद्दा, होगी जांच
बालाघाट की कांग्रेस विधायक  अनुभा मुंजारे ने  6 साल से बंद पड़ी जल आवर्धन योजना का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 2016 में शुरू की गई इस योजना को 2018 में पूरा करना था, लेकिन साढ़े 6 साल बाद भी यह अधूरी है। आलम यह है कि लोगों को समय पर शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है। जिसके चलते उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।  इतने ही नहीं साफ़ पानी के लिए लोगों ने पैसा जमा कर दिए है, लेकिन उन्हें कनेक्शन नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने इस मामले की जांच कराने की मांग की। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जवाब देते हुए कहा कि, गुणवत्ता को लेकर शिकायत मिली थी। जिसकी एक बार जांच हो चुकी है। बावजूद इसके यदि कोई शिकायत है तो संचालनालय से टीम भेजकर जांच कराई जाएगी और यदि कोई अनियमितता पाई गई तो कार्रवाई की जाएगी।

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