बुधवार, 14 फ़रवरी 2024

रोजगार के अवसरों का सृजन करता है विनिर्माण का क्षेत्र

मुख्यमंत्री डा मोहन भागवत ने कार्यशाला को किया संबोधित



भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य स्तर पर विनिर्माण क्षेत्र में वृद्धि, देश की संपूर्ण अर्थव्यवस्था की प्रगति का मार्ग प्रशस्त करती है। विनिर्माण क्षेत्र बड़ी संख्या में रोजगार के अवसरों का सृजन करता है। यह घरेलू बाजार में माल की आपूर्ति सशक्त करने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता और अर्थव्यवस्था की सुरक्षा व स्थायित्व के लिए भी आवश्यक है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव, कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में नीति आयोग की “भारत के विनिर्माण विकास में प्रदेश की सहभागिता“ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सुशासन के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अभिनंदनीय है। नीति आयोग ने देश की विकास प्रक्रिया को गति और निश्चित दिशा प्रदान की है। पंचवर्षीय योजनाओं के काल में अव्यवहारिक दृष्टिकोण और योजनाओं ने देश की प्रगति को प्रभावित किया। सकारात्मक सोच के अभाव में क्षमता, योग्यता व सामर्थ्य होते हुए भी देश में प्रतिभाएं घुटन महसूस करती थीं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनता के विश्वास के साथ योजनाएं क्रियान्वित हो रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश, खनन के क्षेत्र में देश में प्रथम स्थान पर है, यह नई नीतियां लागू करने के साहस और नवाचारों के परिणाम स्वरूप संभव हुआ है। अब सरकारें संबंधित समूहों से संवाद कर और उन्हें विश्वास में लेकर नीतियां क्रियान्वित कर रहीं हैं। हमारा अतीत सुशासन और बौद्धिक दृष्टि से बहुत संपन्न एवं समृद्ध रहा है। सम्राट विक्रमादित्य का सुशासन रामराज्य की याद दिलाता है।
बहादुरी का इतिहास रहा लोधी, लोधा समाज का
लोधी, लोधा और लोध क्षत्रिय महासभा की प्रांतीय बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लोधी, लोधा और लोध क्षत्रिय समाज का इतिहास बहादुरी का इतिहास है। देश के स्वतंत्रता संग्राम में समाज के वीरों और महापुरुषों ने अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। पूरा देश उनके बलिदान का ऋणी रहेगा। भावी पीढ़ी को उनके जीवन चरित्र और मूल्यों से प्रेरणा लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीरों, महापुरूषों को सम्मानित करने की भावना के साथ नई शिक्षा नीति लागू कर शिक्षा के पाठ्यक्रम से गुलामी के चिन्ह मिटाए है।

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