मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहनों के खातों में डाले 1576 करोड़
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मंडला अंचल के विकास में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जाएगी। जनजातीय बहुल मंडला में आय़ुर्वेद महाविद्यालय प्रारंभ किया जाएगा। एलोपैथी चिकित्सा पद्धति वाले मेडिकल कॉलेज के साथ ही जिले को आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति का भी लाभ मिले। जल्द ही मंडला में एक्सीलेंस कॉलेज भी प्रारंभ किया जाएगा। इसकी शीघ्र शुरूआत होगी और आगामी सत्र से विद्यार्थी लाभान्वित होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज मंडला के रानी दुर्गावती महाविद्यालय परिसर में हुए राज्य स्तरीय कार्यक्रम से प्रदेश की 1.29 करोड़ लाड़ली बहनों को कुल 1576 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता राशि का अंतरण कर रहे थे। इसके साथ ही उन्होंने सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ ले रहे 56 लाख 61 हजार हितग्राहियों के खातों में 340 करोड़ रुपए की राशि का भी सिंगल क्लिक से अंतरण किया। मुख्यमंत्री ने 134 करोड़ रुपए विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 12 पेंशन योजनाओं के हितग्राहियों को भी प्रतीक स्वरूप लाभान्वित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भूमि वीरांगनाओं की भूमि है। रानी दुर्गावती ने अपने बलिदान से भारत का मान और सम्मान बढ़ाया। इसी तरह राष्ट्र के लिए जीवन का यहां रानी अवंती बाई ने भी बलिदान किया। नई शिक्षा नीति के माध्यम से ऐसी वीरांगनाओं के बलिदान से स्कूल, कॉलेजों के विद्यार्थियों को अवगत करवाने की पहल की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरांगनाओं के पराक्रम की जानकारी नई पीढ़ी के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचना चाहिए। आज रानी दुर्गावती की प्रतिमा का अनावरण यहां हुआ है।
10 रूपए प्रतिकिलो प्रोत्साहन राशि देने का फैसला
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में श्रीअन्न का उत्पादन होता है। इसके उत्पादों को लाभान्वित करने के लिए राज्य शासन ने किसानों को 10 रूपए प्रति किलो अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया। कोदो-कुटकी के उत्पादन को प्रोत्साहन देने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने जनजातीय बहुल क्षेत्र को प्राथमिकता देने और रानी दुर्गावती जैसी वीरांगनाओं के सम्मान में जबलपुर में मंत्री-परिषद की बैठक में निर्णय लिये गये।
लाड़ली बहनों का दिन है आज
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज लाड़ली बहनों का दिन है। प्रतिमाह प्राप्त हो रही सहायता राशि से बहनों की गृहस्थी को आसान बनाया गया है। शासन सबकी बेहतरी के लिए है। आज जहाँ लाड़ली बहनों को राशि प्राप्त हुई है, वहीं कई तरह की पेंशन के हितग्राहियों को भी लाभ मिल रहा है। इसके साथ ही प्रदेश में बहनों को 450 रूपए प्रति हितग्राही गैस सिलेंडर की राशि दी गई है। बहनों को कुल 118 करोड़ रूपए की सब्सिडी दी जा चुकी है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज मंडला के रानी दुर्गावती महाविद्यालय परिसर में हुए राज्य स्तरीय कार्यक्रम से प्रदेश की 1.29 करोड़ लाड़ली बहनों को कुल 1576 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता राशि का अंतरण कर रहे थे। इसके साथ ही उन्होंने सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ ले रहे 56 लाख 61 हजार हितग्राहियों के खातों में 340 करोड़ रुपए की राशि का भी सिंगल क्लिक से अंतरण किया। मुख्यमंत्री ने 134 करोड़ रुपए विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 12 पेंशन योजनाओं के हितग्राहियों को भी प्रतीक स्वरूप लाभान्वित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भूमि वीरांगनाओं की भूमि है। रानी दुर्गावती ने अपने बलिदान से भारत का मान और सम्मान बढ़ाया। इसी तरह राष्ट्र के लिए जीवन का यहां रानी अवंती बाई ने भी बलिदान किया। नई शिक्षा नीति के माध्यम से ऐसी वीरांगनाओं के बलिदान से स्कूल, कॉलेजों के विद्यार्थियों को अवगत करवाने की पहल की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरांगनाओं के पराक्रम की जानकारी नई पीढ़ी के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचना चाहिए। आज रानी दुर्गावती की प्रतिमा का अनावरण यहां हुआ है।
10 रूपए प्रतिकिलो प्रोत्साहन राशि देने का फैसला
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में श्रीअन्न का उत्पादन होता है। इसके उत्पादों को लाभान्वित करने के लिए राज्य शासन ने किसानों को 10 रूपए प्रति किलो अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया। कोदो-कुटकी के उत्पादन को प्रोत्साहन देने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने जनजातीय बहुल क्षेत्र को प्राथमिकता देने और रानी दुर्गावती जैसी वीरांगनाओं के सम्मान में जबलपुर में मंत्री-परिषद की बैठक में निर्णय लिये गये।
लाड़ली बहनों का दिन है आज
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज लाड़ली बहनों का दिन है। प्रतिमाह प्राप्त हो रही सहायता राशि से बहनों की गृहस्थी को आसान बनाया गया है। शासन सबकी बेहतरी के लिए है। आज जहाँ लाड़ली बहनों को राशि प्राप्त हुई है, वहीं कई तरह की पेंशन के हितग्राहियों को भी लाभ मिल रहा है। इसके साथ ही प्रदेश में बहनों को 450 रूपए प्रति हितग्राही गैस सिलेंडर की राशि दी गई है। बहनों को कुल 118 करोड़ रूपए की सब्सिडी दी जा चुकी है।

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