शुक्रवार, 9 फ़रवरी 2024

अवैध उत्खनन पर विधानसभा में हंगामा

मंत्री के जवाब से असंतुष्ट थे कांग्रेस विधायक, मुख्यमंत्री से जवाब देने की कर रहे थे मांग

भोपाल। राज्य विधानसभा में आज अवैध उत्खनन को लेकर कांग्रेस विधायकों ने जमकर हंगामा किया। मंत्री के जवाब से असंतुश्ट कांग्रेस विधायकों के हंगामें को बढ़ता देख संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा मामले में जो भी दोशी होगा इसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राज्य विधानसभा में आज प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक सुरेश राजे ने अवैध उत्खनन का मुद्दा उठाया। विधायक के प्रश्न का जवाब देने मंत्री दिलीप अहिरवार ने कोशिश की, मगर उनके जवाब से कांग्रेस विधायक असंतुष्ट नजर आए। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया। मामले में कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री से जवाब देने की मांग करने लगे। इस पर संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा जो भी दोषी होगा कार्रवाई होगी। कितना भी बड़ा व्यक्ति होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विजयवर्गीय ने कहा कि सरकार सीमाओं पर टोल नाके लगाने जा रही है। विजयवग्रीय ने कहा कि कोई कितना भी प्रभावशाली क्यों ना हो। यदि अवैध खनन करेगा तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
कम हुई लाड़ली बहनों की संख्या
राज्य विधानसभा में आज कांग्रेस विधायक झूमा सोलंकी के प्रश्न के लिखित जवाब में महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि दिसंबर 2023 में पात्र महिलाओं की तुलना में जनवरी 2024 में महिलाओं की संख्या कम हुई है। मंत्री ने इसकी कई वजह बताई है। उन्होंने कहा कि कई महिलाओं ने सुरक्षा से लाभ का परित्याग किया है। इसके अलावा समग्र से डिलीट होने के कारण 1 जनवरी 2024 को 60 साल की आयु पूरी होने के कारण भी महिलाओं को बाहर किया गया है। इसके अलावा आधार से समग्र डिलीट होने और मृत होने के कारण लाड़ली बहना योजना में पंजीकृत महिलाओं की संख्या में कमी आई है। मंत्री ने बताया कि शेष रह गई महिलाओं का पंजीयन कब शुरू किया जाएगा फिलहाल इसकी समय सीमा नहीं बताई जा सकती। आपने जवाब में मंत्री ने यह भी साफ कर दिया कि 18 साल से 21 साल तक की महिलाओं को लाड़ली बहन योजना में शामिल करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
नरसिम्हाराव को भारत रत्न देने पर बहस
पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव को भारत रत्न देने पर सरकार और कांग्रेस के विधायकों के बीच तीखी बहस हुई। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भारत रत्न देने में प्रधानमंत्री मोदी ने पक्षपात नहीं किया। विपक्ष के लोगों को भी भारत रत्न देने का काम किया। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय नरसिम्हा राव भी शामिल हैं। इस पर बाला बच्चन ने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने नरसिम्हा राव को प्रधानमंत्री बनाने का काम किया है। इस पर विजयवर्गीय ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के पार्थिव शरीर को कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ने कांग्रेस के कार्यालय ले जाने से रोक दिया था। यह उनका अपमान था। इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में बहस शुरू हो गई।
भर्ती के नाम पर युवाओं को छलने का काम ना करे सरकार
विधायक नितेंद्र सिंह राठौड़ ने भर्ती का मामला उठाया। उन्होंने कहा हर साल नौजवान भर्ती के लिए तैयारी करते हैं, लेकिन भर्ती नहीं होती। बेरोजगार घूमते हैं। सरकार भर्ती नहीं कर सकती तो स्पष्ट मना कर दे, युवाओं को छलने का काम न करें। इस पर  मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने अपने जवाब में कहा कि भर्ती में थोड़ा विलंब हुआ है, लेकिन सरकार लगातार प्रयास कर रही है। पदोन्नति पर न्यायालय की रोक है, लेकिन इसका समाधान निकाला जा रहा है।
किसान को थप्पड़ मारने वाले तहसीलदार को किया निलंबित
विधानसभा में पानसेमल में एक आदिवासी किसान को तहसीलदार द्वारा थप्पड़ मारने का मुद्दा भी आज सदन में गूंजा। दरअसल, गुरुवार को बड़वानी जिले के पानसेमल तहसील का आदिवासी किसान को थप्पड़ मारने का वीडियो सामने आया था। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस विधायकों ने विरोध जताया। इस पर राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने सदन में ही संबंधित तहसीलदार को निलंबित करने की घोषणा कर दी। इसके पहले वीडियो प्रसारित होने के बाद कलेक्टर ने पानसेमल के प्रभारी तहसीलदार हितेंद्र भावसार को हटा दिया था।
कर्ज की स्थिति स्पष्ट करे सरकार
द्वितीय अनुपूरक बजट पर चर्चा करते हुए कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत ने कहा कि सरकार कर्ज की स्थिति भी स्पष्ट करें। सरकार पर 4 लाख करोड़ से ज्यादा का कर्ज है। प्रदेश में प्रति व्यक्ति कर्ज 50 हजार तक पहुंच गया है। रावत ने कहा कि सरकार के पास विकास के लिए राशि ही नहीं बची है. अधिकतर राशि सरकार ने कर्ज के ब्याज और पुनर्भुगतान के लिए ली है। उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिति को लेकर सरकार को श्वेत पत्र जारी करना चाहिए. सरकार ने कितना कर्ज लिया? क्या दायरे में रहकर कर्ज लिया गया, यह बताना चाहिए. दूसरे विभागों के पैसे को डायवर्ट किया जा रहा है. आपातकालीन स्थिति के लिए रखा गया बजट भी डायवर्ट किया गया।  उन्होंने कहा कि सबका साथ, सबका विश्वास, सबका भरोसा सरकार ने तोड़ दिया है। इसी बजट में भरोसे की सरकार नहीं रही है. ये सरकार भाजपा की नहीं, बल्कि प्रदेश की सरकार है, जो भेदभाव किया जा रहा है वह दुर्भाग्यपूर्ण है।

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