सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद परेशान हुए दूसरे दावेदार
भोपाल। प्रदेश की एक राज्यसभा की सीट को लेकर कांग्रेस में घमासान मचने के आसार नजर आ रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की दिल्ली में हुई सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद राज्यसभा की दावेदारी जता रहे कांग्रेस ने अरूण यादव, कमलेश्वर पटेल, जीतू पटवारी के लिए संकट खड़ा होता नजर आ रहा है। कहा जा रहा है कि कमलनाथ राज्यसभा जाना चाहते है, अगर ऐसा होता है तो एक बार फिर इन युवा नेताओं के सपने बिखरते नजर आ सकते हैं।
प्रदेश में चार राज्यसभा सीटों के लिए 27 फरवरी को निर्वाचन होना है। इनमें से एक सीट कांग्रेस के खाते में जाने की बात तय है। मगर वर्तमान में कांग्रेस में जिस तरह से उठापटक चल रही है, उसके बाद क्रास वोटिंग की बातें भी सामने आ रही थी। वहीं इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की दिल्ली में सोनिया गांधी से हुई मुलाकात के बाद यह खबर तेजी से चली कि वे राज्यसभा के लिए सुरक्षित सीट चाह रहे हैं। कमलनाथ अब राज्यसभा जाकर दिल्ली में सक्रिय होना चाहते हैं। प्रदेश की कमान पूरी तरह से युवाओं को सौंपना चाह रहे हैं। हालांकि अभी इस खबर को लेकर खुद कमलनाथ ने कोई बात नहीं कही है। मगर सूत्रों की माने तो सोनिया गांधी से मुलाकात में उन्होंने यह इच्छा जताई है। साथ ही छिंदवाड़ा से उनके पुत्र नकुलनाथ को चुनाव लड़ाने की बात भी वे पहले ही कह चुके हैं।
कमलनाथ की दिल्ली में हुई इस मुलाकात के बाद राज्यसभा जाने के इच्छुक दूसरे दावेदारों के लिए संकट खड़ा हो गया है। ये दावेदारी लगातार दिल्ली में सक्रिय रहे। सूत्रों की माने तो खुद प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरूण यादव के अलावा मीनाक्षी नटराजन भी राज्यसभा के लिए दावेदारी कर रहे थे। ये सभी नेता राहुल गांधी से अपनी निकटता के चलते इस भरोसे थे कि उन्हें राज्यसभा पहुंचने का मौका मिल जाएगा। मगर इस बीच कमलनाथ की सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद आई राज्यसभा जाने की इच्छा जताने की खबर ने इन सबकी चिंता को बढ़ा दिया है। अब ये नेता पशोपेश में है कि क्या करें, फिर भी प्रयास जारी रखे हुए हैं। मगर उन्हें इस बात की आशंका भी है कि पार्टी के वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़के और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के विश्वसनीय नेता होने के चलते कमलनाथ उन्हें पीछे छोड़ सकते हैं। वे इस दौड़ में उनसे आगे निकल सकते हैं।
विधायकों को बुलाया भोज पर
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 13 फरवरी को कांग्रेस विधायकों भोजन पर बुलाया है। विधानसभा चुनाव के बाद यह पहला अवसर है, जब कमलनाथ ने अपने विधायकों को भोज पर आमंत्रित किया है। संभावना यह जताई जा रही है कि इस पार्टी में वे अपनी अगली रणनीति का खुलासा कर सकते हैं। फिलहाल तो इस पार्टी की चर्चा है, अब पार्टी में क्या होगा, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई है। डिनर पार्टी को लेकर कमलनाथ की तरफ से तमाम कांग्रेस विधायकों को निमंत्रण भेजा जा चुका है।
प्रदेश में चार राज्यसभा सीटों के लिए 27 फरवरी को निर्वाचन होना है। इनमें से एक सीट कांग्रेस के खाते में जाने की बात तय है। मगर वर्तमान में कांग्रेस में जिस तरह से उठापटक चल रही है, उसके बाद क्रास वोटिंग की बातें भी सामने आ रही थी। वहीं इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की दिल्ली में सोनिया गांधी से हुई मुलाकात के बाद यह खबर तेजी से चली कि वे राज्यसभा के लिए सुरक्षित सीट चाह रहे हैं। कमलनाथ अब राज्यसभा जाकर दिल्ली में सक्रिय होना चाहते हैं। प्रदेश की कमान पूरी तरह से युवाओं को सौंपना चाह रहे हैं। हालांकि अभी इस खबर को लेकर खुद कमलनाथ ने कोई बात नहीं कही है। मगर सूत्रों की माने तो सोनिया गांधी से मुलाकात में उन्होंने यह इच्छा जताई है। साथ ही छिंदवाड़ा से उनके पुत्र नकुलनाथ को चुनाव लड़ाने की बात भी वे पहले ही कह चुके हैं।
कमलनाथ की दिल्ली में हुई इस मुलाकात के बाद राज्यसभा जाने के इच्छुक दूसरे दावेदारों के लिए संकट खड़ा हो गया है। ये दावेदारी लगातार दिल्ली में सक्रिय रहे। सूत्रों की माने तो खुद प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरूण यादव के अलावा मीनाक्षी नटराजन भी राज्यसभा के लिए दावेदारी कर रहे थे। ये सभी नेता राहुल गांधी से अपनी निकटता के चलते इस भरोसे थे कि उन्हें राज्यसभा पहुंचने का मौका मिल जाएगा। मगर इस बीच कमलनाथ की सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद आई राज्यसभा जाने की इच्छा जताने की खबर ने इन सबकी चिंता को बढ़ा दिया है। अब ये नेता पशोपेश में है कि क्या करें, फिर भी प्रयास जारी रखे हुए हैं। मगर उन्हें इस बात की आशंका भी है कि पार्टी के वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़के और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के विश्वसनीय नेता होने के चलते कमलनाथ उन्हें पीछे छोड़ सकते हैं। वे इस दौड़ में उनसे आगे निकल सकते हैं।
विधायकों को बुलाया भोज पर
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 13 फरवरी को कांग्रेस विधायकों भोजन पर बुलाया है। विधानसभा चुनाव के बाद यह पहला अवसर है, जब कमलनाथ ने अपने विधायकों को भोज पर आमंत्रित किया है। संभावना यह जताई जा रही है कि इस पार्टी में वे अपनी अगली रणनीति का खुलासा कर सकते हैं। फिलहाल तो इस पार्टी की चर्चा है, अब पार्टी में क्या होगा, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई है। डिनर पार्टी को लेकर कमलनाथ की तरफ से तमाम कांग्रेस विधायकों को निमंत्रण भेजा जा चुका है।

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