मुख्यमंत्री ने राज्य विधानसभा में कहा, कांग्रेस राज में ना बिजली रही, ना सड़कभोपाल। मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस के शासन में ना बिजली रही, ना सड़क रही। दो महीने की सरकार से ही सारी अपेक्षा कर रहे हैं। आप 15 महीने में क्या कर पाए। प्रदेश में विकास दर 16 प्रतिशत से अधिक है। सिंचाई की सुविधा मिली है।
मुख्यमंत्री ने यह बात आज राज्य विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कही। उन्होंने कहा कि कल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में इतिहास बना है। दो महीने से कम की सरकार में कॉलेज देने का काम किया गया। प्रधानमंत्री के 10 साल के कार्यकाल में कोई घोटाला नहीं हुआ, जबकि मनमोहन सरकार में कितने मंत्रियों को इस्तीफा देना पड़ा था। धारा 370 हटना असंभव था। कुछ नेताओं ने कहा कि खून की नदियां बहेंगी लेकिन एक मच्छर भी नहीं मरा. यह कोई 56 इंच के सीने वाला ही कर सकता है. हम उनका गुणगान करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी जैसा कोई नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत रत्न का इतिहास है कि जवाहर लाल नेहरू ने खुद को अनुशंसित करवा लिया था। इंदिरा गांधी ने भी यही किया। ये तो हमारे प्रधानमंत्री हैं जो ढूंढ़-ढूंढ़ कर भारत रत्न दे रहे हैं। चार पद्मश्री मध्यप्रदेश को मिले हैं जो सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि ’आतंकवाद और आर्थिक मंदी से चीन जैसे देश भी जूझ रहे हैं, लेकिन भारत में प्रधानमंत्री मोदी के कारण औद्योगिक क्रांति हुई है। भारत दुनिया का मित्र है। भारत ने 10 साल में सोने की चिड़िया बनने की ओर कदम बढ़ाए है। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रप्रथम की दृष्टि रखी है। अटक से कटक तक प्रधानमंत्री मोदी का कोई पर्याय नहीं है। उनके जैसा कोई व्यक्ति नहीं है।
सभी धार्मिक स्थलों के विकास की बनाई योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय कर में जिन तीन राज्यों को सर्वाधिक हिस्सा मिल रहा है, उनमें मध्यप्रदेश भी एक है। हमारी सरकार ने निर्णय लिया है कि महाकाल मंदिर, ओरछा सहित मध्यप्रदेश के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों में हवाई यात्रा की सुविधा शीघ्र ही शुरू होगी। जब नीयत साफ हो, नीति साफ हो, मन साफ हो, तब राम मंदिर जैसा निर्णय आता है, जिसका हर भारतवासी स्वागत करता है। उन्होंने कहा कि 2028 का सिंहस्थ हम सफलतापूर्वक आयोजित करेंगे। भगवान राम वन गमन पथ, कामतानाथ की परिक्रमा सहित मध्यप्रदेश के सभी धार्मिक स्थलों के सर्वांगीण विकास की पूरी योजना हमारी सरकार ने बनाई है।
टंट्या मामा पर हंगामा
राज्य विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा का मुख्यमंत्री डा मोहन यादव जब जवाब पेश कर रहे थे तब टंट्या मामा के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। पक्ष-विपक्ष ने एक दूसरे पर आरोप लगाए। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि आदिवासियों के साथ कांग्रेस ने छल किया है। उन्होंने कहा कि टंट्या भील को कांग्रेस ने लुटेरा बताया था। इस पर कांग्रेस विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने विरोध जताया और कहा कि भाजपा देश को गुमराह कर रही है। क्या कांग्रेस अब भाजपा के इतिहास पर चलेगी? वहीं कांग्रेस नेता रामनिवास रावत ने कहा कि किस इतिहास में लिखा है कि कांग्रस ने टंट्या मामा को लुटेरा कहा है? इस दौरान बाबा साहेब अंबेडकर को लेकर भी टिप्पणी हुई। भाजपा विधायकों ने एनसीआरटी की पुस्तकों का हवाला देते हुए कांग्रेस पर यह आरोप लगाए। कांग्रेस का कहना है कि एनसीआरटी की किताब इतिहास का प्रमाण नहीं है। शब्दों को विलोपित करने की मांग को लेकर विपक्ष सदन के बाहर आ गया और सदन से बाहर आकर जमकर नारेबाजी की।
तो मैं इस्तीफा दे दूंगा : रावत
विधानसभा का प्रश्नकाल खत्म होते ही ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई। इस दौरान श्योपुर जिले के विजयपुर गांव में किसानों के खिलाफ बिजली चोरी के प्रकरणों का मुद्दा विधायक रामनिवास रावत ने उठाया। कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि किसानों के खिलाफ फर्जी तरीके से केस बनाए जा रहे हैं। इस पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने कहा कि किसी भी किसान के खिलाफ फर्जी चालान नहीं बनाया गया है। इस बात पर रावत भड़क गए। उन्होंने कहा कि मेरे साथ चलकर जांच करा लीजिए। यदि मैं गलत हुआ तो सदन से त्यागपत्र दे दूंगा। किसान ने जेवर गिरवी रखकर बीस हजार रूपए का भुगतान किया। इस पर मंत्री ने कहा कि वह भी तेज आवाज में जवाब दे सकते हैं। अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि बिजली प्रकरण संबंधी आरोप गंभीर है। मंत्री अधिकारियों से रिपोर्ट तलब करेंगे। इस क्षेत्र में औचक निरीक्षण भी करेंगे। जरूरी हुआ तो विधायक को भी साथ ले जाएंगे। तोमर के हस्तक्षेप के बाद ही दोनों के बीच गहमागहमी कुछ शांत हो सकी।
जल्द होगी डाक्टरों की नियुक्ति
बालाघाट जिले की बैहर विधानसभा से कांग्रेस विधायक संजय उईके ने प्रश्नकाल में अपने क्षेत्र में डॉक्टरों की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बैहर सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की कमी है। इस वजह से मरीजों को सही इलाज नहीं मिल पाता। मेडिकल स्टाफ भी अपर्याप्त है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि विभाग जल्द ही डॉक्टरों की कमी दूर करेगा। इसके लिए पहले ही पीएससी को एक हजार डॉक्टरों की भर्ती करने को बोला गया है। आवश्यकतानुसार और भी डॉक्टरों की भर्ती की जाएगी। पूरे प्रदेश में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए सरकार प्रयास कर रही है।

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