सज्जन वर्मा के बयान के बाद कमलनाथ समर्थक नेताओं के चेहरों पर लौटी मुस्कान
भोपाल। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को लेकर भाजपा में जाने की अटकलों पर आज दिल्ली में उनके समर्थक सज्जन सिंह वर्मा ने विराम लगा दिया। वर्मा ने कहा कि कमलनाथ कांग्रेस में ही रहेंगे, वे कांग्रेस नहीं छोड रहे हैं। छिंदवाड़ा से नकुलनाथ लोकसभा चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे भी। राहुल गांधी की न्याय यात्रा के बाद यह तय हो जाएगा कि प्रदेश में चुनावी दौरे भी तेज होंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के भाजपा में जाने को लेकर चल रही अटकलों के बीच कमलनाथ समर्थकों ने भी दिल्ली में डेरा डाल रखा था। कमलनाथ समर्थक लगातार उनके साथ बैठकें करते रहे। इन बैठकों के बाद आज सोमवार को मामले में साफ हो गया कि कमलनाथ अब कांग्रेस छोड़कर भाजपा में नहीं जा रहे हैं। हालांकि पूरे घटनाक्रम के दौरान कमलनाथ ने कभी भी यह नहीं कहा कि वे पार्टी बदल रहे हैं। रविवार को भी मीडिया से उन्होंने साफ कहा था कि यह मैं नहीं कह रहा हूं, आप लोग कह रहे हैं. अगर ऐसी कोई बात होगी तो सबसे पहले आप लोगों को जानकारी दूंगा। इसके बाद आज कमलनाथ समर्थक और प्रदेश के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने इस बात को खारिज कर दिया कि कमलनाथ भाजपा में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने दिल्ली में इस बात का भी दावा किया कि कमलनाथ ही नहीं उनके बेटे नकुलनाथ भी पार्टी नहीं छोड़ रहे हैं। वे छिंदवाड़ा से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे भी। वर्मा द्वारा दिए बयान के बाद कमलनाथ समर्थक नेताओं के चेहरों पर एक बार फिर मुस्कान लौट आई है।
जल्द ही लग जाएगा लोगो
वर्मा ने कहा कि जिस व्यक्ति ने इंदिरा गांधी और राजीव गांधी, सोनिया गांधी के साथ काम किया हो, उनके भाजपा में जाने का प्रश्न ही नहीं है। उन्होंने ये भी बताया कि कमलनाथ ने कहा है कि भाजपा में शामिल होने का प्रश्न काल्पनिक है। राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से भी बात हो रही है। कमलनाथ की ओर से कोई नई पार्टी बनाने की बात को भी उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया। नकुलनाथ के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर से कांग्रेस का लोगो हटाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जल्द ही कांग्रेस का लोगो लग जाएगा।
राहुल गांधी से बात होने के बाद खत्म हुई नाराजगी
सज्जन वर्मा ने कहा कि पार्टी में कई बार कुछ फैसलों को लेकर नाराजगी होती रहती है। ये सब चलता रहता है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़के से कमलनाथ की सीधी चर्चा हुई है। इसके बाद उनकी वह नाराजगी भी दूर हो गई है।
समर्थकां के बयानों ने बढ़ा दी थी चिंता
कमलनाथ की नाराजगी और भाजपा में जाने की संभावना से मध्यप्रदेश कांग्रेस के नेताओं के चेहरों पर हवाइयां उड़ रही थीं। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी लगातार दोहराते रहे कि कमलनाथ कांग्रेस में ही रहेंगे, लेकिन इन दोनों प्रमुख नेताओं के बयानों में वो आत्मविश्वास नहीं दिख रहा था, क्योंकि लगभग ये तय हो गया था कि कमलनाथ अपने बेटे नकुलनाथ के साथ भाजपा में जा सकते हैं। वहीं, कमलनाथ के समर्थकों कांग्रेस नेताओं ने खुले तौर पर ये मान लिया था कि कमलनाथ जल्द ही फैसला लेने जा रहे हैं। समर्थकों द्वारा अपने सोशल मीडिया पर इस बात के संकेत दिए थे कि मामला गंभीर है और कमलनाथ अब नहीं रुकेंगे। कमलनाथ के समर्थक सज्जन वर्मा के साथ ही दीपक सक्सेना ने भी मीडिया से खुलेआम स्वीकार किया था कि कमलनाथ का कांग्रेस में सम्मान घटा है। कमलनाथ के साथ आलाकमान ने व्यवहार ठीक नहीं किया। बगैर कमलनाथ के सहमति के उनके विरोधी जीतू पटवारी को प्रदेश कांग्रेस की कमान दे दी, इसके साथ ही राज्यसभा में जाने की चाहत रखने वाले कमलनाथ की भावनाओं की कद्र नहीं की गई। इसके अलावा कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने भी संकेत दिए थे कि अब कमलनाथ कांग्रेस में नहीं रहेंगे, जहां वह जाएंगे वहीं उनके समर्थक भी जाएंगे।
नेता प्रतिपक्ष ने दिया विधायकों को धन्यवाद
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कांग्रेस विधायकों को धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले दिन चार दिन के घटनाक्रम के दौरान जिस तरह सभी विधायक और नेता कांग्रेस के साथ खड़े रहे हैं वो एक बड़ी मनोवैज्ञानिक जीत है। उन्होंने कहा कि आपने विषम परिस्थितियों में धैर्य का परिचय दिया है, जैसे हमने मिलकर सदन में सरकार को घेरा वैसे ही आप ने एकता का परिचय दिया और आप सब पार्टी के साथ खड़े रहे। कांग्रेस पार्टी आप पर गर्व करती है। उन्होंने कहा कि आप जिस तरह पार्टी के लिए सोचते हैं ये तारीफे-काबिल है। सोनिया गांधी जी, राहुल गांधी जी, प्रियंका गांधी जी, मल्लिकार्जुन खड़गे जी..सबने आपपर विश्वास जताया और उनका आपके लिए संदेश है कि कांग्रेस के सब विधायक कांग्रेस के साथ है।

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