मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने स्थगन प्रस्ताव के जवाब में कहा
भोपाल। हरदा पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट को लेकर मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने राज्य विधानसभा में कांग्रेस के हंगामे पर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि घटना के बाद उन्होंने पूरे मामले की जानकारी केंद्र सरकार को भेज दी थी, क्योंकि उन्हें इस मामले में आतंकी घटना की आशंका भी हुई थी, इसलिए पूरे मामले से तत्परता से काम किया गया था।
मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने राज्य विधानसभा कांग्रेस द्वारा घटना को लेकर लाए स्थगन प्रस्ताव पर कहा कि जिस तरह से विस्फोट हुआ था, पोखरण जैसा विस्फोट लगा था। इसलिए वीडियो को देखकर या लग रहा था कुछ भी हो सकता है, इसलिए तत्काल अधिकारियों को मौके पर भेजा था, जबकि 50 मिनट के अंदर हमने आपातकालीन बैठक बुलाई। वहीं ब्लास्ट को देखकर आतंकी घटना की आशंका भी हुई थी, इसलिए तत्काल मामले की जानकारी भारत सरकार को भी दी गई थी। घटना की जानकारी जैसे ही कैबिनेट के अंदर मुझे लगी थी तो हमने कैबिनेट बैठक रोककर मंत्री उदय प्रताप सिंह को अधिकारियों के साथ तुरंत हरदा रवाना किया था।
उन्होंने कहा कि घटना पर कांग्रेस द्वारा स्थगन प्रस्ताव लाए जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा ’विपक्ष इस पर स्थगन प्रस्ताव लेकर आई है, हमनें उसे स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि हमने काम किया है तो उस पर जवाब देने में हमें कोई गुरेज नहीं है, जांच निष्पक्ष होगी, जिसकी गलती होगी उसे छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में कार्रवाई चल रही है, हम एनजीटी के आदेश का परीक्षण कर रहे हैं, उसके आधार पर ही मामले में राहत राशि दी जाएगी। इसके अलावा हरदा को लेकर पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। इस घटना में जो भी जिम्मेदार होंगे चाहे वह कोई भी अधिकारी हो किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा और सब पर कार्रवाई की जाएगी।
मैं हैरान हूं, फैक्ट्री मालिक घर-घर बारूद बांटकर कराता था काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में विस्फोटक की जांच की जा रही है। हरदा में 12 विस्फोटक लाइसेंस की जांच कराई गई है। मैं हैरान हूं यह जानकर कि दो साल पहले फैक्ट्री मालिक घर-घर बारूद बांटकर बम बनवाता था। यह नया तमाशा पहली बार सुना। उन्होंने कहा कि मैं खुद घटना के बाद हरदा पहुंचा, घायलों से मिला। मैं एक-एक घायल से मिलकर आया। एक बहादुर महिला से मुलाकात हुई उसका विस्फोट में हाथ उड़ गया था। जब पहला विस्फोट हुआ, तब लोग दौड़कर वहां से निकल गए।

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