पटवारी ने कहा कि आजादी के 10-15 वर्ष पूर्व हमारे महापुरूषों ने अंग्रेजों द्वारा देश की जनता के प्रति फैलायी जा रही घृणा और नरफत को आजादी के पूर्व कैसे दूर किया जाये यह बात जानना चाही और फिर देश में आजादी के लिए आंदोलन चलाकर अंग्रेजों को देश से भगाने में कामयाब हुये। लेकिन आज जो घृणा और नफरत की परिस्थिति देश में है, लोकतंत्र और संविधान पर हमला किया जा रहा है। हम सभी को संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए डर कर नहीं बल्कि लड़ कर उसकी रक्षा करना है। क्योंकि डर कर नहीं लड़ कर ही जंग जीती जा सकती है।
पटवारी ने कहा कि क्या कारण है कि आज ईवीएम को लेकर देश के करोड़ों लोग अदालतों में जा रहे हैं। हम सभी की विचारधारा है कि देश संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था थे चले लेकिन सत्ता में बैठे लोग इस विचारधारा के साथ खिलवाड़ कर जनता के साथ अन्याय और अत्याचार कर रहे हैं। राम राज में सभी धर्म, जाति के लोग एक समान भाव से रहते थे और हम सभी को इस भावना को सरोकार करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के लिए आप सभी पूरी ताकत के साथ अभी से जुट जायें। हमारे लिए एक-एक कार्यकर्ता बहुत ही महत्वपूर्ण है। न्याय यात्रा को लेकर उन्होंने कहा कि सभी जिले से अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों को यात्रा में शामिल होना है और इसके लिए पूरी कार्ययोजना तैयार करें, यात्रा के दौरान राहुल गांधी का स्वागत सत्कार बड़े स्तर पर होना चाहिए।

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