विधायक ने कहा आप करो तो रासलीला, दूसरा करे तो अपराधमध्यप्रदेश भाजपा में लोकसभा चुनाव के बाद सतना के सांसद गणेश सिंह और मैहर के भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी आमने-सामने आ गए हैं. सांसद द्वारा दी गई धमकी का विरोध करते हुए विधायक ने यहां तक कह दिया कि आप करो तो रासलीला और दूसरा करे तो अपराध.
दरअसल दोनों के बीच विवाद की शुरुआज सांसद द्वारा नागौद विधानसभा क्षेत्र में जीत के बाद एक सभा में दिए बयान से शुरु हुई. इस सभा में सांसद गणेश सिंह ने पार्टी के नेताआें को आड़े हाथों लिया और नेताओं को चेतावनी दे डाली कि मेरे खिलाफ काम और पार्टी के साथ गद्दारी करने वाले मेरे सामने कभी न आएं. इतना ही नहीं वे यह भी कहने से नहीं चूके कि अगर मेरे सामने आए और मेरे मुंह से कुछ निकल गया तो अपमान होगा. सांसद ने कहा कि किस पोलिंग बूथ पर किस नेता ने जातिवाद के लिए और कांग्रेस के लिए काम किया उनकी पहचान हो चुकी है. सांसद के इस बयान के बाद मैहर के विधायक नारायण त्रिपाठी ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया. त्रिपाठी को सांसद द्वारा दी गई चेतावनी ठीक नहीं लगी.
त्रिपाठी ने एक पत्र लिखा, वह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इसमें त्रिपाठी ने कहा है कि सांसद ने अपना मानसिक संतुलन खो दिया है. सांसद गणेश सिंह को पार्टी से बहार किया जाए. वो अपमान की भाषा बोल रहे है, वो बर्दाश्त के बहार है. मैंने संगठन के हर नेता से शिकायत की है, जब तक मान सम्मान स्वाभिमान की लड़ाई होगी लड़ूंगा. इतना ही नहीं गुस्से में आए त्रिपाठी ने कहा मेरे गांव से सबसे ज्यादा मतों से गणेश सिंह को वोट मिले. बावजूद इसके वो आरोप लगा रहे हैं. 2014 में भी वह मेरी कृपा से चुनाव जीते थे, गणेश सिंह अब आरोप लगा रहे हैं. अप्रत्याशित जीत से सांसद सतना यह भूल चुके हैं कि मिली जीत उनकी लोकप्रियता नहीं है, अपितु यह जीत देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कुशल रणनीतिकार अमित शाह की है. यह जीत केवल सतना में नहीं हुई, बल्कि पूरे देश में हुई है. इसके लिए मैं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह का आभार प्रकट करता हूं.
अपने पर बीती तो बौखला गए सांसद
विधानसभा चुनाव में रामपुर बाघेलान जहां आपका गृह ग्राम है खमरिया वहां आपने क्या भाजपा प्रत्यासी को जीत दिलाई, आपके गृह ग्राम की पोलिंग भाजपा प्रत्याशी विक्रम सिंह विक्की हारे है तो आपके खिलाफ कार्यवाही हुई क्या? मतलब आप करो तो रासलीला दूसरे करे तो अपराध यह नहीं चलेगा. पूर्व में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान आपने सात में से छह विधानसभा में मौजूद भाजपा प्रत्याशियों का पूरी कूबत के साथ विरोध किया तब आपके लिए पार्टी और उसके सिद्धांत कहां थे, आपकी पार्टी के प्रति निष्ठा उस समय कहा सो गयी थी, जो आज जाग गई,सांसद अपने आप पर बीती तो बौखला गए यह ठीक नहीं धैर्य रखिए.
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