लोकसभा चुनाव में जीत से भाजपा में उत्साह, कांग्रेस भी जुटी तैयारी मेंराज्य में लोकसभा चुनाव के बाद राजनीतिक दलों ने नगरीय निकाय चुनाव की तैयारी शुरु कर दी है. राजनीतिक दल संगठन को मजबूत करने में जूट गए हैं. कांग्रेस जहां नाराज विधायकों को साध रही है, वहीं भाजपा बूथों की कमजोरी को तलाश कर उसे दूर करने की तैयारी कर रही है. वहीं बहुजन समाज पार्टी अपने बिखरे वोट बैंक को फिर से अपनी ओर लाने की कवायद कर रही है.
नगरीय निकाय के तहत राज्य में पंचायत, सहकारिता और मंडी के चुनाव होने हैं. लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस और बसपा इस चुनाव में अच्छा प्रदर्शन कर अधिक से अधिक स्थानों पर जीत दर्ज कराकर मैदानी स्तर पर संगठन को मजबूत करने की तैयारी में हैं. दोनों ही दल कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाए रखने के लिए भी यह प्रयास कर रहे हैं. कांग्रेस ने नाराज विधायकों को साधने के लिए जिला योजना समितियों के समितियों के पुनर्गठन के निर्देश दिए हैं. कांग्रेस प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता वाली इस समिति के जरिए विधायकों की अपेक्षा को पूरा करना चाहती है. वहीं भाजपा लोकसभा चुनाव में कमजोर रहे बूथों की कमजोरी को दूर करने की तैयारी में जुट गई है. भाजपा इस चुनाव में भी कांग्रेस को करारी शिकस्त देना चाहती है. भाजपा के पदाधिकारी इस पखवाड़े से मैदानी सक्रियता भी दिखाना शुरु कर देंगे.
बसपा ने पदाधिकारियों को किया सक्रिय
बहुजन समाज पार्टी ने अपने बिखरे वोट बैंक को फिर से अपनी ओर आकर्षित करने की कवायद तेज की है. बसपा ने लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद अब नगरीय निकाय चुनाव की तैयारी में जुटने के लिए पदाधिकारियों को कहा है. बसपा चाहती है कि विधानसभा और लोकसभा चुनाव में जिस तरह से उसका अपना वोट बैंक उसके हाथों से फिसला है, वह फिर से उसकी ओर आकर्षित हो. बसपा के प्रदेश प्रभारी रामजी गौतम ने प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में साफ संकेत दिए हैं कि नगरीय निकाय चुनाव अधिक से अधिक स्थान पर जीत हासिल हो जिससे कार्यकर्ता का मनोबल वापस लौटे.

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