बुधवार, 5 जून 2019

भोपाल एम्स में शुरु होगा परमाणु हमलों से निपटने का पाठ्यक्रम


मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रासायनिक, जैविक, विकिरण, परमाणु और विस्फोटक हमलों या आपदाओं (सीबीआरएनई, डिजास्टर) से निपटने के लिए चिकित्सकों हेतु एक स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम जुलाई 2019 से प्रारंभ करने जा रहा है. यह पाठ्यक्रम छह माह का होगा.
एम्स के निदेशक प्रोफेसर सरमन सिंह ने इस नए पाठ्यक्रम के बारे में  मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि सीमा पार से होने वाले सीबीआरएनई हमलों या आपदाओं से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर चिकित्सा प्रबंधन का एक स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम जुलाई 2019 से शुरू किया जा रहा है. छह माह के इस पाठ्यक्रम में 12 चिकित्सकों को प्रवेश दिया जाएगा.
सिंह ने कहा कि यह पाठ्यक्रम शुरू करने वाला एम्स भोपाल पहला संस्थान होगा. इसके बाद यह पाठ्यक्रम एम्स जोधपुर और दिल्ली में भी प्रारंभ किया जाएगा. उन्होंने बताया कि यह पाठयक्रम इंस्टीट्यूट आॅफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड अलाइड साइंस (आईएनएमएएस), रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और इग्नू के सहयोग से चलाया जाएगा. इस शैक्षणिक कार्यक्रम से चिकित्सक सीबीआरएम आक्रमण या औद्योगिक दुर्घटनाओं एवं आतंकी आक्रमणों से आहत व्यक्तियों को उपचार देने में सहायक होगा. 

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