वाहनों की चेकिंग के नाम पर पुलिस किस तरह अवैध वसूली करती है, इसकी बानगी मध्यप्रदेश के सतना में देखने को मिली जहां पुलिस की नो पार्किंग चालान के नाम पर अवैध वसूली की करवाई पकड़ में आई है. इस मामले का खुलासा सूचना आयोग में दायर आरटीआई के माध्यम से हुआ. सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने पुलिस को चेतावनी दी है कि इस तरह की वसूली भ्रष्ट्राचार के लिए खुला न्योता है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग इस मामले मध्यप्रदेश के डीजीपी वी.के. सिंह और राज्य के महालेखाधिकारी रविन्द्र पत्तार संज्ञान में लाया है. सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने इस मामले में जब सतना पुलिस को तलब किया तो चौकाने वाली जानकारी सामने आई. सतना के एसपी इकबाल रियाज ने नगर पुलिस अधीक्षक के माध्यम से लिखित जवाब में सूचना आयोग को सूचित किया कि नो पार्किंग चालान नोटिस की कोई भी जानकारी पुलिस विभाग के पास उपलब्ध नहीं है. सतना पुलिस ने ये भी बताया कि उनके पास इसका कोई रिकॉर्ड नही है कि नो पार्किंग नोटिस कितनी मात्रा में पुलिस ने छपवाया और चस्पा नोटिस के एवज में कितने रुपए का चालान पुलिस ने काटा.
मामले की गंभीरता देखते हुए सूचना आयोग ने इस मामले से जुड़े सारे दस्तावेज, करवाई के लिए मध्यप्रदेश के डीजीपी वी के सिंह और राज्य के महालेखाधिकारी रविन्द्र पत्तार को उपलब्ध कराए है. ताकि आगे अवैध वसूली की वजह से सरकार को राजस्व का नुकसान ना हो.
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