मध्यप्रदेश के शासकीय सेवकों को अपनी पत्नी अथवा आश्रित सदस्यों के बीमार पड़ने पर उनका चिकित्सा प्रतिपूर्ति, यदि शासन से लेना है तो उसे खुद बीमार पड़ना पड़ेगा तभी उसके चिकित्सा पूतिपूर्ति के देयक स्वीकार होंगे.
ऐसा कारनामा वित्त विभाग द्वारा अपनाई गई एकीकृत वित्तीय प्रबंधन प्रणाली के अंतर्गत टाटा कंसलटेंसी द्वारा तैयार आईएफएमआईएस ऐप्लीकेसन के कारण हो रहा है. एक अप्रैल के बाद शासकीय सेवकों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति देयक आन लाइन लिए जा रहे है इसके लिए शासकीय सेवकों को आईएफएमआईएस ऐप्लीकेसन खोल कर एसइएस में जाकर चिकित्सा प्रतिपूति देयक की प्रविष्टी करनी होगी. जब चिकित्सा प्रतिपूर्ति वाला भाग खोल कर शासकीय सेवक प्रविष्टि करते है तो मरीज के विवरण कालम में मरीज का नाम एवं शासकीय सेवक से संबंध एवं मरीज कहां पर बीमार हुआ संबंधी विवरण भरना होता है पर जैसे ही शासकीय सेवक मरीज का नाम भरने के लिए प्रविष्टि करता है प्रविष्टि नहीं होती है, तब उसे सिलेक्ट आपशन पर जाना होता है और सेल्फ पर प्रविष्टि करनी होती है तभी देयक स्वीकार होता है. इस प्रकार शासकीय सेवकों को अपनी पत्नी अथवा आश्रित सदस्यों के बिमार पड़ने पर खुद को बीमार दिखाना होगा और सेल्फ दर्ज करना होगा. ऐसा इसलिए हो रहा है कि अनेक विभागों ने एम्पलाइज सेल्फ सर्विस वाले भाग में परिवार का विवरण एवं नामित सदस्य का विवरण दर्ज नही किया है.
मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के महामंत्री लक्ष्मीनारायण शर्मा ने सचिव, वित्त विभाग को ज्ञापन प्रेषित कर अनुरोध किया हे कि सभी विभागध्यक्षों को परिपत्र जारी कर समय सीमा में शासकीय सेवकों के परिवार का विवरण एवं नामित सदस्यों की जानकारी की प्रविष्टि कराये जाने के निर्देश जारी किए जाएं.
ऐसा कारनामा वित्त विभाग द्वारा अपनाई गई एकीकृत वित्तीय प्रबंधन प्रणाली के अंतर्गत टाटा कंसलटेंसी द्वारा तैयार आईएफएमआईएस ऐप्लीकेसन के कारण हो रहा है. एक अप्रैल के बाद शासकीय सेवकों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति देयक आन लाइन लिए जा रहे है इसके लिए शासकीय सेवकों को आईएफएमआईएस ऐप्लीकेसन खोल कर एसइएस में जाकर चिकित्सा प्रतिपूति देयक की प्रविष्टी करनी होगी. जब चिकित्सा प्रतिपूर्ति वाला भाग खोल कर शासकीय सेवक प्रविष्टि करते है तो मरीज के विवरण कालम में मरीज का नाम एवं शासकीय सेवक से संबंध एवं मरीज कहां पर बीमार हुआ संबंधी विवरण भरना होता है पर जैसे ही शासकीय सेवक मरीज का नाम भरने के लिए प्रविष्टि करता है प्रविष्टि नहीं होती है, तब उसे सिलेक्ट आपशन पर जाना होता है और सेल्फ पर प्रविष्टि करनी होती है तभी देयक स्वीकार होता है. इस प्रकार शासकीय सेवकों को अपनी पत्नी अथवा आश्रित सदस्यों के बिमार पड़ने पर खुद को बीमार दिखाना होगा और सेल्फ दर्ज करना होगा. ऐसा इसलिए हो रहा है कि अनेक विभागों ने एम्पलाइज सेल्फ सर्विस वाले भाग में परिवार का विवरण एवं नामित सदस्य का विवरण दर्ज नही किया है.
मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के महामंत्री लक्ष्मीनारायण शर्मा ने सचिव, वित्त विभाग को ज्ञापन प्रेषित कर अनुरोध किया हे कि सभी विभागध्यक्षों को परिपत्र जारी कर समय सीमा में शासकीय सेवकों के परिवार का विवरण एवं नामित सदस्यों की जानकारी की प्रविष्टि कराये जाने के निर्देश जारी किए जाएं.
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