शनिवार, 30 सितंबर 2023

उमा ने कहा मोदी और भाजपा को नुकसान पहुंचाने किया जा रहा दुष्प्रचार

महिला आरक्षण बिल में ओबीसी मुद्दे पर उमा से खफा है मोदी!

भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने आज फिर सोशल मीडिया पर लिखा कि मोदी जी के बारे कोई ऐसा महापापी ही सोच सकता है कि जिन कुछ सिद्धांतों पर मैं चली हूं। उससे मोदी जी मुझसे नाराज हो सकते हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने पिछले दिनों महिला आरक्षण बिल में  50 प्रतिशत ओबीसी, एससी और एसटी के लिए अलग रखने की मांग की थी। इसे लेकर वे ओबीसी वर्ग के नेताओं के साथ राजधानी भोपाल में बैठक भी कर चुकी हैं। बताया जाता है कि उमा भारती के इस कदम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नाराज हुए हैं। इसे लेकर उमा भारती ने आज फिर सोशल मीडिया पर लिखा कि मोदी जी के बारे में कोई ऐसा महापापी ही सोच सकता है कि जिन कुछ सिद्धांतों पर मैं चली हॅूं उससे मोदी जी मुझसे नाराज हो सकते हैं। ऐसा दुष्प्रचार मुझे नहीं बल्कि मोदी जी और बीजेपी को नुकसान पहुंचाने की बहुत ही गहरी चाल है। उन्होंने लिखा कि लिखा कि यह सच है कि मैंने अपनी इच्छाशक्ति से ही यह निर्णय लिए थे, तिरंगा के लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ना, राम मंदिर आंदोलन में भाग लेना, 1996 में महिला आरक्षण में ओबीसी महिलाओं का मामला तब उठाना जब कांग्रेस और भाजपा ओबीसी आरक्षण के विरोध में एक थे।

शिवराज की ऋणी रहूंगी

उमा ने कहा कि 2019 से गंगा की यात्रा करते हुए गंगा की निर्मलता और अविरलता के लिए समाज एवं सरकार को उसकी जिम्मेदारी का स्मरण करना। मैंने मध्य प्रदेश में शराब वितरण नियंत्रण पर जो अभियान चलाया। मैं शिवराज सिंह जी की हमेशा चिर ऋणि रहूंगी कि उन्होंने हमारे सुझावों को कैबिनेट में प्रस्ताव पारित कर लागू किया है। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर मैंने काम किया है। इन पर मेरी आस्था है। आगे भी मैं इन पर अडिग रहूंगी।

कांग्रेस पर गठबंधन के लिए दबाव बनाने लगे दल

आप, सपा के बाद अब जद यू ने शुरू की तैयारी


भोपाल। प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी के बाद अब जनता दल यू सक्रिय होता नजर आ रहा है। ये दल कांग्रेस के साथ टिकट बंटवारा चाहते हैं, मगर कांग्रेस के रूख को देखते हुए अब ये कांग्रेस के खिलाफ प्रत्याशी मैदान में उतारने की तैयारी में जुटे हैं। आप और सपा तो प्रत्याशी घोषित भी कर चुके हैं, वहीं जनता दल यू इसकी तैयारी के लिए मैदान में उतर रही है।
मध्यप्रदेश में आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी के अलावा अब जनता दल यू भी कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ने के लिए दबाव बनाती नजर आ रही है। पहले आम आदमी पार्टी के दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ग्वालियर और सतना में बड़ी सभाएं कर कांग्रेस को ष्शक्ति प्रदर्शन कर दिखाया। मगर कांग्रेस की ओर से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला तो दबाव की राजनीति के तहत प्रत्याशी मैदान में उतारना ष्शुरू कर दिया। इसके बाद सपा के प्रमुख अखिलेश यादव ने सक्रियता दिखाई। वे इसी सप्ताह प्रदेश दौरे पर रीवा पहुंचे। यहां पर एक सभा भी। सभा के पूर्व वे भी सपा के प्रत्याशी घोशित कर चुके हैं। इसके बाद खजुराहो आकर उन्होंने भाजपा के अलावा कांग्रेस के बुंदेलखंड के कई बड़े नेताओं से संपर्क किया और बातचीत की। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के नाराज नेताओं के सहारे वे एक बार फिर बुंदेलखं डमें मजबूती के साथ चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। प्रदेश दौरे के दौरान अखिलेश यादव का भी सीधा संदेश था कि कांग्रेस कुछ स्थानों पर सपा के साथ गठबंधन करें, मगर कांग्रेस ने यादव की बातों पर भी ध्यान नहीं दिया है।
आप और सपा के बाद अब जनता दल यू ने भी सक्रियता दिखाई है। जनता दल यू के पूर्व सांसद के सी त्यागी भी ग्वालियर पहुंचे। उन्होंने भी कहा कि प्रदेश में जनता दल यू सक्रियता के साथ चुनाव मैदान में नजर आएगी। उनका कहना था कि जनता दल, समाजवादी पार्टी को भी रिप्रेजेंटेशन देना होगा। कांग्रेस के बेस को और ब्रॉडगेज करने की कोशिश करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ से भी बातचीत हुई है, उनको ये सुझाव भी दिया है।
पांच दलों का बनेगा गठबंधन
मध्यप्रदेश में आज बसपा और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के गठबंधन के बाद अब एक और गठबंधन बनने जा रहा है। ये गठबंधन पांच राजनीतिक दलों का है। इस गठबंधन में इंडिया गठबंधन के दल जनता दल यू, सीपीआई, सीपीएम, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और भारतीय शक्ति चेतना पार्टी मिलकर बना रहे हैं। सूत्रों की माने तो ये दल कल रविवार को राजधानी भोपाल में मध्यप्रदेश प्रोग्रेसिव एलायंस के नाम से गठबंधन कर इसकी घोषणा कर सकते हैं। ये पांचों दल मिलकर प्रदेश में अपने प्रत्याशी मैदान में उतारेंगे।
 

चुनाव मैदान में उतरने बसपा, गोंगपा ने किया गठबंधन

बसपा 178, गोंगपा 52 सीटों पर लड़ेगी चुनाव


भोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के पहले बहुजन समाज पार्टी ने गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और समानता दल से हाथ मिलाया है। ये दल आपसी गठबंधन के तहत प्रत्याशी मैदान में उतारेंगे। बसपा 178 और गोंगपा 52 सीटों पर अपने प्रत्याशी मैदान में उतारेगी। 

राजधानी में आज संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में बसपा के प्रदेश प्रभारी रामजी गौतम और गोंगपा के राश्टीय महामंत्री बलवीर सिंह तोमर ने गठबंधन की जानकारी दी। दोनों ही दलों के नेताओं ने बताया कि सीटों का बंटवारा हो चुका है। दोनों ही दल अपने-अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में प्रत्याशी मैदान में उतारेंगे। जहां पर गोंगपा प्रत्याशी मैदान में उतरेंगे वहां बसपा और जहां पर बसपा प्रत्याशी मैदान में हांगे वहां पर गोंगपा प्रत्याशियों को समर्थन करेगी। बसपा 178 और गोंगपा 52 विधानसभा क्षेत्रों में अपने प्रत्याशी मैदान में उतारेगी। दोनों दल अजा, अजजा और ओबीसी वर्ग के मुद्दों को लेकर चुनाव मैदान में उतरेंगे। हमारे प्रत्याशी सर्वे के आधार पर ही तय होंगे। 

महाकौशल, मालवा में गोंगपा का फोकस

बसपा, गोंगपा गठबंधन के तहत गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने जिन जिलों में अपने प्रत्याशी उतारने का फैसला किया है उनमें महाकौशल और मालवा अंचल के जिले ष्शामिल हैं। गोंगपा ने महाकौशल के छिंदवाड़ा जिले की अमरवाड़ा, जुन्नारदेव, चौरई, परासिया, पांढुर्णा में अपने प्रत्याशी उतारने का फैसला लिया है। इसके अलावा बालाघाट जिले की परसवाड़ा, बैहर, सिवनी जिले की सिवनी, केवलारी और लखनादौन सीटों पर गोंगपा प्रत्याशी उतारेगी। इन सीटों के अलावा महाकौशल के जबलपुर जिले की बरगी सीट पर भी गोंगपा प्रत्याशी उतारेगी। वहीं मंडला, डिंडोरी जिलों के अलावा विंध्य के ष्शहडोल, अनूपपुर और मालवा अंचल के झाबुआ, बड़वानी, धार, खरगोन, अलीराजपुर, इंदौर जिलों में अलग-अलग सीटों पर गोंगपा ने प्रत्याशी उतारने का गठबंधन बसपा से किया है। कुल मिलाकर बसपा के खाते में 178 सीटें गई है। ये सीटें बसपा के प्रभाव वाले अंचलों विंध्य, बुंदेलखंड, ग्वालियर-चंबल अंचल की है। यहां बसपा पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी। 

कांग्रेस की बढ़ेगी मुसीबत

बसपा और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के बीच हुए गठबंधन के बाद कांग्रेस के लिए मुसीबत खड़ी हो सकती है। खासकर महाकौशल में गोंगपा ने उन सीटों पर प्रत्याशी मैदान में उतारने का फैसला लिया है, जहां पर कांग्रेस अपनी जीत की संभावना देख रही है। इन सीटों पर अगर आदिवासी वोट बैंक में गोंगपा ने सेंधमारी की तो कांग्रेस के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी होगी। वहीं मालवा अंचल के आधा दर्जन जिलों में जिन सीटों पर आदिवासी वर्ग का खासा प्रभाव है, उन सीटों पर भी गोंगपा अपने प्रत्याशी मैदान में उतार रहे है। वहीं सतना, रीवा के अलावा मुरैना, भिंड सहित अन्य ग्वालियर-चंबल अंचल के जिलों में जहां बसपा का दबदबा है, वहां पर भी कांग्रेस के समीकरण बिगड़ने के आसार नजर आ रहे हैं। 


भाजपा के नारों में आवाज है, विश्वास नहीं

कमलनाथ का हमला, 2024 के पहले 2023 में मतदाता का दिखेगा गुस्सा


भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने भाजपा पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा की हार इस बार विधानसभा चुनाव में सुनिश्चित है। मतदाता का गुस्सा 2024 के पहले 2023 के विधानसभा चुनाव में दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि भाजपा के नारों में आवाज है, मगर विश्वास नहीं है। दिल्ली और भोपाल की भाजपा में अदृश्य युद्ध चल रहा है, जिससे भाजपा नेता आहत है। 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश के हर गाँव, हर बस्ती, हर शहर के हर मतदाता तक अब ये बात फैल गयी है कि भाजपा बस दिखाने के लिए 2023 का विधानसभा का चुनाव लड़ रही है दरअसल भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व का लक्ष्य 2024 का लोकसभा चुनाव है, जिसमें भी उसे हार ही दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा जानती है कि वो विधानसभा बुरी तरह हार रही है तो ऐसे में भाजपा के केंद्रीय चुनावी रणनीतिकारों ने ये सोचा कि जनता का आक्रोश और ग़ुस्सा 2024 से पहले ही 2023 में ही निकलकर कुछ कम हो जाए तो शायद 2024 में भाजपा अपनी शर्मनाक हार के अंतर को थोड़ा कम कर सके। इसीलिए भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व विधानसभा चुनाव में अपने सांसदों को लड़वाने पर ज़ोर दे रहा है। जब विधानसभा चुनाव में ही ये सांसद हार जाएँगे तो इन्हें 2024 के लोकसभा चुनाव में टिकट न देने का बहाना ये कहकर मिल जाएगा कि जो भला विधानसभा नहीं जीत पाए तो वो लोकसभा क्या जीतेंगे, ऐसे में फिर नये प्रत्याशी लाकर भाजपा एंटी इंकम्बेंसी को थोड़ा कम कर पाएगी। 

उन्होंने कहा कि इसीलिए दिल्ली और भोपाल की भाजपा में एक अदृश्य युद्ध चल रहा है। भाजपा की आशीर्वाद यात्राओं से लेकर चुनावी मंचों तक ये आपसी मनमुटाव भाजपाई नेताओं के चेहरों और भाषणों में साफ़ झलक रहा है। कमलनाथ ने कहा कि भाजपा के नारों में आवाज़ है, विश्वास नहीं।


शुक्रवार, 29 सितंबर 2023

दल-बदलने को तैयार टिकट के दावेदार

सपा अध्यक्ष से मुलाकात के बाद लगाए जा रहे कयास


भोपाल। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में टिकट के दावेदारों को चिंता अब टिकट मिलने से ज्यादा टिकट कटने को लेकर हो रही है। यही वजह है कि अपने-अपने हिसाब से चुनाव मैदान में उतरने के इच्छुक टिकट के दावेदार अब दूसरे दलों में अपना स्थान तलाशने लगे है। 

भाजपा ने प्रत्याशियों की तीन सूची जारी कर दी है। इसके बाद टिकट के दावेदारों की नाराजगी भी तेज हुई है। कई नेताओं और टिकट के दावेदारों ने बगावती तेवर भी दिखाए हैं। मगर पार्टी ने उनकी बातों पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया है। इसके चलते कई स्थानों पर भाजपा के ये टिकट के दावेदार अब दूसरे दलों में अपनी जगह बनाने के प्रयास में जुट गए है। हाल ही में समाजवादी पार्टी के राश्टीय अध्यक्ष अखिलेश यादव दो दिन के प्रवास पर मध्यप्रदेश आए। वैसे वे रीवा जिले में एक सभा करने आए थे। मगर सभा करने के बाद वे  वापस खजुराहो आए और यहां पर उन्होंने प्रदेश के कुछ नेताओं से मुलाकात की है। इस दौरान भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के नेताओं ने अखिलेश से मिलकर अपनी बातें रखी है। ये सभी नेता बुंदेलखंड क्षेत्र के हैं जो टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। बताया जाता है कि इन नेताओं में पूर्व विधायक शंकर प्रताप सिंह, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष घाशीराम पटेल, पूर्व भाजपा विधायक आर.डी.प्रजापति, डीलमणिसिंह, प्रकाश पांडे ष्शामिल है, जिन्होंने  अखिलेश यादव से मुलाकात की है। इसके बाद राजनैतिक अटकलें तेज हो गई है। सूत्रों की माने तो कांग्रेस द्वारा वर्तमान विधायक विक्रम सिंह नातीराजा को टिकट दिया जाना लगभग तय है। इसके कारण  शंकरप्रताप सिंह मुन्नाराज अखिलेश से मुलाकात की है। वे नातीराजा के खिलाफ सपा से टिकट की चाहत रख रहे है। इसी तरह  भाजपा के घाशीराम पटेल की मुलाकात को भी टिकट की चाहत के तहत देखा जा रहा है। वहीं चंदला से आर.डी.प्रजापति ने भी टिकट के चलते प्रयास तेज किए है। गौरतलब है कि सपा ने बुंदेलखंड में अभी तक केवल एक प्रत्याशी के रूप में राजनगर से बृजगोपाल पटेल का नाम करीब एक माह पहले तय किया है। वहीं छतरपुर, टीकमगढ़ सहित अन्य जिलों में सपा को अभी प्रत्याशी घोश्ज्ञित करने हैं। इसके चलते अब भाजपा और कांग्रेस के टिकट से वंचित लोग सपा में अपना स्थान तलाश रहे हैं।


कांग्रेस की झूठ-कपट की राजनीति अब नहीं चलेगी : शर्मा


भोपाल।  प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वी डी शर्मा ने कहा कि कांग्रेस की झूठ-छल-कपट की राजनीति अब प्रदेश में नहीं चलेगी। पंद्रह महीने की सरकार में आप झूठे साबित हुए हैं। आपने किसान कर्ज माफी का वादा कर किसानों को डिफाल्टर कर दिया था, हमारी सरकार ने उन किसानों को सम्मान दिलाने का काम किया है। 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ष्शर्मा ने यह बात आज राजधानी में मीडिया से चर्चा करते हुए कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से ही झूठ-छल-कपट की राजनीति करती रही है। उनकी यह राजनीति अब नहीं चलेगी। उन्होंने राहुल गांधी के मध्यप्रदेश दौरे को लेकर कहा कि हम आपका स्वागत करते हैं, लेकिन साढ़े नौ करोड़ जनता आपसे सवाल पूछना चाहती है। पिछले चुनाव के पहले जो वादे किए थे? 10 दिन के अंदर सीएम बदलने के वादे किए थे? बेटियों की शादी के लिए वादे किए थे, उनका क्या हुआ? इन सब सवालों का राहुल गांधी को जवाब देना चाहिए? शर्मा ने कहा कि  कांग्रेस की आज की लीडरशिप थकी हुई है। कांग्रेस की रैगांव की विधायक ने कहा है कि आपकी पार्टी के ही नेता के खिलाफ थ्प्त् करती है। प्रदेश की हमारी बहनें आपकी ही विधायक पूछ रही है। आपके दल का मूल चरित्र सामने आ रहा है महिला बहनें पूछना चाहती है, आपके दल के नेताओं की महिलाओं को लेकर सोच उजागर हो रही है।

उन्होंने कहा कि किसानों को डिफाल्टर कर उनका अपमान कांग्रेस ने किया, भाजपा सरकार ने उन किसानों का 22 हज़ार करोड़ रूपए का ब्याज भरकर उन्हें नॉन डिफाल्टर बनाया। पीएम आवास योजना के तहत 2 लाख गरीबों को मिलने वाले उनके आवास का अधिकार कमलनाथ ने छीना था। शर्मा ने कहा कि आगामी 2 अक्टूबर को ग्वालियर-चंबल संभाग को अनेक सौगात देने प्रधानमंत्री ग्वालियर पधार रहे हैं। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मध्य प्रदेश विकास के कीर्तिमान रच रहा है, विकास और गरीब कल्याण संकल्प के साथ भाजपा चुनाव में उतरेगी।


भाजपा भ्रमित भी है और भयभीत भी : कमलनाथ


भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि आगामी चुनाव में हार को देखकर भाजपा खुद दिग्भ्रमित हो गई है। एक तरफ भाजपा दावा करती है कि नई पीढ़ी को आगे बढ़ाना चाहती है, वहीं दूसरी तरफ ऐसे नेताओं को मैदान में उतार रही है जिनकी इच्छा ष्शक्ति ही चुनाव लड़ने की नहीं रही है। 

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि सबको दिग्भ्रमित करने वाली भाजपा आगामी चुनावों में अपनी हार को सामने देखकर ख़ुद ही दिग्भ्रमित हो गई है और डरकर विरोधाभासी नीति अपना रही है, जिससे जनता में भाजपा की हँसी उड़ रही है। उन्होंने कहा कि एक तरफ़ भाजपा दावा कर रही है कि वो नई पीढ़ी के नेताओं को आगे बढ़ाना चाहती है; दूसरी तरफ़ वो झाड़-पोंछकर ऐसे नेताओं को चुनाव लड़ने के लिए बाध्य कर रही है, जिनके पास न तो लड़ने के लिए इच्छा-शक्ति है और न ही इस भाजपा विरोधी माहौल में जीतने के लिए जन-शक्ति। इस कारण एक तरफ़ भाजपा के वरिष्ठ नेता, तो वहीं दूसरी तरफ़ कनिष्ठ नेता भी नाराज़ हैं क्योंकि कई युवा नेता जो पहले से चुनाव की तैयारी कर रहे थे वो अपने को ठगा-सा महसूस कर रहे हैं। भाजपा भ्रमित भी है और भयभीत भी।

चुनावी जश्न से समय निकालकर बेटी से मिलने का समय नहीं

उज्जैन में बालिका के साथ घटित घटना को लेकर कमलनाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज़ नहीं बची है। शिवराज जी तो ऐसे निष्ठुर हैं कि 3 दिन तक मौन धारण करे रहे। क्या चुनावी रैली राजधर्म के आड़े आ गई या फिर शिवराज जी अब कर्तव्य का बोध खो चुके हैं? भाजपा के स्वयंभू “बड़े नेता” कैलाश विजयवर्घीय तो अस्पताल से 1 किलो. मीटर की दूरी पर हैं। क्या उन्हें चुनावी जश्न से समय निकाल बेटी से मिलने की फुर्सत नहीं मिली? हम कांग्रेस के साथी प्रतिबद्ध हैं कि इन बह्शी दरिंदों को सजा दिला कर दम लेंगे। उन्होंने बिटिया के परिवार को 5 लाख रूपए की तुरंत सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की है तथा ज़रूरत पड़ने पर देश के अच्छे से अच्छे हॉस्पिटल में इलाज का वचन दिया है। उम्मीद है आज के बाद भाजपा की मरी हुई मानवता जागेगी।


जनकल्याण के कामों में पैसों की कमी नहीं आने दी जाएगी

मुख्यमंत्री ने हरदा में किया करोड़ों के विकास कार्यों का शिलान्यास

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश में विकास और जन-कल्याण के कार्यों के लिए कभी पैसे की कमी नहीं आने दी। सड़कें, पुल, पुलिया, स्कूल, अस्पताल, सीएम राइज स्कूल, आईटीआई के माध्यम से लोगों की जिंदगी बदलने के अभियान में हम निरंतर सक्रिय हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह बात आज हरदा में करोड़ों के विकास कार्यां के शिलान्यास करते हुए कही। उन्होंने कहा कि हरदा शत-प्रतिशत सिंचित जिला होने जा रहा है। हमारी सरकार ने प्रदेश में विकास और जन-कल्याण के कार्यों के लिये कभी पैसे की कमी नहीं आने दी। सड़कें, पुल, पुलिया, स्कूल, अस्पताल, सीएम राइज स्कूल, आईटीआई के माध्यम से लोगों की जिंदगी बदलने के अभियान में हम निरंतर सक्रिय हैं। किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, किसानों को कर्ज के भार से मुक्त करने के लिये 2 हजार 200 करोड़ का ब्याज सरकार द्वारा भरा गया। फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों के लिए 20 हजार करोड़ से अधिक का बीमा दावा भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया गया। 


हंडिया को नगर परिषद बनाकर उसका नाम नाभिपट्टनम किया जाएगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत का प्रस्ताव पारित होने पर हंडिया का नाम नाभिपट्टनम रखकर पर उसे नगर परिषद बनाया जाएगा। हरदा में जुड़े नये 5 वार्डों में लगभग 5 करोड़ रूपये की लागत के विकास कार्य कराये जायेंगे। सरकार जनता की छोटी से छोटी समस्याओं के समाधान के लिये प्रतिबद्ध है। इसी का परिणाम है कि एलपीजी गैस सिलेण्डर 450 रूपए में उपलब्ध कराया जा रहा है। बिजली के बड़े बिल सरकार द्वारा भरने की व्यवस्था की गई है। बहनें अपनी जरूरत और मर्जी के अनुसार पैसा खर्च कर सकें इसी उद्देश्य से लाड़ली बहना योजना लागू की गई है। योजना में एक हजार प्रतिमाह की राशि को बढ़ाकर 1250 रूपये किया गया है, इसे 3 हजार रूपये तक बढ़ाया जाएगा। लाड़ली बहना योजना से बहनों का आत्म-सम्मान और आत्म-निर्भरता बढ़ी है।


भोपाल के जगह अब इंदौर पहुंचेंगे राहुल गांधी

एयर शो के चलते विमान उतारने की नहीं मिली अनुमति

भोपाल। कांग्रेस की द्वारा 30 सितंबर को काला पीपल में आयोजित सभा को संबोधित करने के लिए राहुल गांधी कल पहले भोपाल आने वाले थे, जो अब भोपाल के बजाय इंदौर पहुंचेंगे। एयर ष्शो के चलते कल विमान को भोपाल उतारने की अनुमति नहीं मिली है, इसके चलते उनके कार्यक्रम में बदलाव हुआ है। 

श्राहुल गांधी का कल 30 सितंबर को कालापीपल में सभा का कार्यक्रम तय है। इसके लिए राहुल गांधी कल भोपाल आकर कालपीपल जाने वाले थे। मगर अब उनके कार्यक्रम में बदलाव किया गया है। यह बदलाव राजधानी भोपाल में सेना के एयर ष्शो होने के चलते किया गया है। इसके कारण किसी भी विमान को विमानतल पर उतरने की अनुमति नहीं दी गई है। इसके चलते अब राहुल गांधी पहले इंदौर पहुंचेंगे। वहां से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के साथ हेलीकाप्टर से वे कालापीपल पहुंचकर सभा को संबोधित करेंगे। 

उलटी गिनती शुरू हो गई सरकार की

कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायर ने कहा कि राहुल गांधी कल इंदौर 11 बजे पहुंचेंगे। 11.30 बजे शाजापुर में सभा को संबोधित करेंगे और सरकार से कई सवाल पूछेंगे। किसानों पर गोली क्यों चलाई गई, मध्यप्रदेश में बेरोजगार क्यों दर दर भटक रहे? 45 लाख बच्चों की यूनिफार्म घोटाला, पटवारी घोटाला, व्यापम, महिला अत्याचार समेत कई मामलों पर सरकार से सवाल पूछेंगे? सरकार को जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि अब भाजपा सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। सरकार हाथ पर हाथ रख बैठी है।


यशोधरा नहीं लड़ेंगी चुनाव, संगठन को भेजा पत्र

स्वास्थ्यगत कारणों का दिया हवाला

भोपाल। भाजपा की दूसरी सूची जारी होने के बाद से प्रदेश के मंत्रियों और विधायकों के टिकट कटने की बातें सामने आ रही थी। टिकट कटे उसके पहले शिवराज मंत्रिमंडल की सदस्य यशोधरा राजे सिंधिया ने साफ कर दिया ि कवे इस बार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी। स्वास्थ्यगत कारणों के चलते वे चार से छह माह आराम करना चाह रही है। इस आशय की जानकारी उन्होंने संगठन और वरिश्ठ नेताओं को पत्र लिखकर दे दी है।

राज्य के खेल मंत्री और केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की बुआ यशोधरा राजे सिंधिया ने आज बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने इस बार विधानसभा चुनाव न लड़ने की इच्छा संगठन को जताई है। संगठन और पार्टी के पदाधिकारियों को पत्र लिखकर उन्होंने इस बात की जानकारी भी दे दी है। बताया जा रहा है कि सरकार और संगठन को उन्होंने पत्र लिखकर चुनाव नहीं लड़ने की बात कही है। इसके पीछे की वजह उन्होंने खराब स्वास्थ्य का होना बताया है। फिलहाल यशोधरा शिवपुरी विधानसभा सीट से विधायक है और अब आगे वह चुनाव नहीं लड़ना चाहती हैं। इसे लेकर यशोधरा ने अपने समर्थकों से भी चर्चा की है। वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें इस मामले में फिर विचार करने की सलाह दी है, लेकिन फिलहाल वे अपना फैसला सुना चुकी है। पत्र में उन्होंने कहा कि है कि वे चार बार कोविड का शिकार हो चुकी हैं। शारीरिक तौर पर परिश्रम की स्थिति में नहीं हैं। चुनाव में लगातार भागदौड़ होने के कारण परेशानी बढ़ सकती है। इस वजह से वो चुनाव नहीं लड़ेंगी।  वह फिलहाल 5-6 महीने आराम करना चाहती हैं। सूत्रों की माने तो यशोधरा लंबे समय से अपनी उपेक्षा को लेकर संगठन से नाराज चल रही थी। इसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया है। टिकट कटने का भी जताया जा रहा अंदेशा

भाजपा में मंत्रियों और विधायकों के टिकट कटने के अंदेशा दूसरी सूची के बाद से जताया जा रहा है। माना जा रहा है कि करीब आधा दर्जन मंत्रियों के टिकट कट सकते हैं। वहीं तीन दर्जन से ज्यादा विधायकों के टिकट कटने की बातें भी सामने आ रही है। यशोधरा राजे सिंधिया ने संभवतः इसी के चलते टिकट कटे उसके पहले ही अपनी इच्छा जताकर चुनाव मैदान से दूरी बना ली है। सूत्रों की माने तो बालाघाट से गौरीशंकर बिसेन, अनुपपूर से बिसाहूलाला सिंह, ग्वालियर ग्रामीण से भरत सिंह कुशवाह, अमरपाटन से रामखिलावन पटेल, मुंगावली से बृजेंद्र सिंह यादव, और बड़वानी से प्रेम सिंह पटेल के अलावा सिंधिया समर्थक कुछ मंत्रियों के टिकट भाजपा काट सकती है। इसके पीछे कारण यह बताया जा रहा है कि कुछ मंत्रियों के खिलाफ भ्रश्टाचार के आरोप स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए हैं, वहीं कुछ के खिलाफ जनआक्रोश भी नजर आ रहा है। 

बुआ की जगह भतीजा ?

मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया के चुनाव न लड़ने के फैसले के बाद इस बात के कयास लगने लगे की भाजपा शिवपुरी में उनके स्थान पर यशोधरा राजे सिंधिया के भतीजे और केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को चुनाव मैदान में उतार सकती है। हालांकि अभी इस तरह के कयास ही लगाए जा रहे हैं। सिंधिया गुना-शिवपुरी संसदीय सीट से लंबे समय तक सांसद रहे हैं, जिससे उनकी यहां पकड़ मजबूत मानी जाती है। ऐसे में भाजपा की आने वाले चौथी सूची में सिंधिया का नाम आ सकता है।


विजयवर्गीय, तोमर के बेटों की राह आसान नहीं

आकाश समर्थक तो संगठन को करा चुके अपनी मंशा से अवगत


भोपाल। भाजपा ने कैलाश विजयवर्गीय और नरेन्द्र सिंह तोमर को टिकट देकर चुनाव मैदान में उतार दिया, मगर इसके बाद उनके बेटों विधायक आकाशा विजयवर्गीय और टिकट की लंबे समय से दावेदारी कर रहे देवेन्द्र प्रताप सिंह तोमर की मुसीबत बढ़ गई है। माना जा रहा है कि पिता को टिकट मिलने के चलते अब बेटों को टिकट मिलना मुश्किल है। 

प्रदेश भाजपा की दूसरी सूची में राश्टीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर का टिकट तय हो गया। कैलाश को इंदौर क्रमांक एक से और तोमर को दिमनी से चुनाव मैदान में उतारा गया है। पहले दिन तो दोनों ही नेता खुश नजर आए, मगर जैसे-जैसे चौथी सूची जारी होने की बात सामने आ रही है, वैसे-वैसे इन नेताओं की चिंता बढ़ गई है। कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय वर्तमान में इंदौर तीन से विधायक है। मगर पिता को टिकट मिलने के बाद यहां पर पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा ताई ने अपने पुत्र मिलिंद के लिए मोर्चा खोल दिया है। पहले ताई अपने पुत्र को राउ से चुनाव लड़ाने का मन बना चुकी थी, मगर अब वे इंदौर क्रमांक तीन सीट पर दावेदारी कर रही है। ताई के अलावा कई और टिकट के दावेदार सक्रिय हुए हैं, जिसके चलते आकाश की मुसीबत बढ़ने लगी है। जब टिकट कटने के आसार आकाश को नजर आए तो उन्होंने अपने समर्थकों को भोपाल भेजकर संगठन के सामने एक तरह से ष्शक्ति प्रदर्शन करा दिया और टिकट की दावेदारी भी जता दी। आकाश समर्थकों पांच बसों में सवार होकर भोपाल आए और भाजपा के चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव से मुलाकात कर आकाश को टिकट देने की मांग की।

दूसरी और केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर भी अपने पुत्र देवेन्द्र प्रताप सिंह तोमर को चुनाव मैदान में उतारने का प्रयास कर रहे थे। पिछले चुनाव के वक्त भी उन्होंने यह प्रयास किया था, मगर तब भी वे असफल रहे थे। इस बार अब जबकि पार्टी ने तोमर को दिमनी से चुनाव मैदान में उतार दिया है तो उनके पुत्र की दावेदारी भी खत्म होती सी नजर आ रही है। तोमर भी अपने पुत्र की दावेदारी को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। 


गुरुवार, 28 सितंबर 2023

भावी पीढ़ी को सही इतिहास पढ़ाना सरकार का दायित्व


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया महाराणा प्रताप लोक का शिलान्यास

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राज्य सरकार का दायित्व भावी पीढ़ी को सही इतिहास पढ़ाना है। वीरता की प्रतिमूर्ति महाराणा प्रताप की कष्ट सहकर भी राष्ट्रधर्म निभाने की प्रतिज्ञा ने भावी पीढ़ियों को प्रेरित किया है। महाराणा प्रताप की जीवनी, राष्ट्र भक्ति, औऱ उनके बलिदान को महाराणा प्रताप लोक के रूप में भावी पीढ़ी के सामने लायेंगे। इससे भावी पीढ़ी को सही प्रेरणा और दिशा मिलेगी।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज राजधानी भोपाल के तात्या टोपे स्टेडियम के पास महाराणा प्रताप लोक के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने महाराणा प्रताप लोक का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वराज्य और राष्ट्र धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले महाराणा प्रताप का नाम इतिहास में वीरता, शौर्य, त्याग, पराक्रम और दृढ़ प्रण के लिए अमर है। उनके जीवन-मूल्यों, देश भक्ति और सामाजिक समरसता से समर्पित महाराणा प्रताप स्मारक भावी पीढ़ी को सही प्रेरणा और दिशा देगा। उन्होंने कहा कि परम प्रतापी महाराणा प्रताप जी की कभी सही जीवनी भी नहीं पढ़ाई गई। इतिहास विकृत तरीके से पढ़ाया गया। हम इतिहास बदल देंगे, जो सही है वह आने वाली पीढ़ियों के सामने लाएंगे। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड के गौरव महाराज छत्रसाल छत्रसाल के समाधि स्थल मऊ सहानिया (छतरपुर) में उनके जीवन पर भव्य स्मारक बनाया जाएगा। साथ ही धुबेला में वर्तमान संग्रहालय का सुसज्जीकरण और विकास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के कामों की तोमर ने की सराहना
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि महाराणा प्रताप स्मारक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के जनमानस से जुड़े रहने के भाव और दूरदर्शिता का परिणाम है। महाराणा प्रताप की जीवन और गुणों से प्रेरणा लेकर भारत दुनिया का नेतृत्व करने वाला राष्ट्र बनेगा। मुख्यमंत्री ने महाकाल लोक, एकात्म धाम, रामराजा लोक, सलकनपुर देवी लोक आदि स्थापित करने का संकल्प लेकर राज्य में सांस्कृतिक अभ्युदय किया है। इस कारण मध्यप्रदेश की प्रतिष्ठा पूरे देश में बढ़ रही है।

मन से हारी भाजपा, शिवराज का नाम घोषित नहीं कर रही

कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता ने बोला हमला


भोपाल। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायक ने कहा कि भाजपा ने अब तक जो सूचियां जारी की हैं, उनमें शिवराज सिंह के विरोधियों के नाम तो आए, मगर शिवराज सिंह का नाम अब तक नहीं आया। इससे साफ होता है कि भाजपा मन से हार गई है। ये बातें टिकट वितरण से साफ हो रही है।
कांग्रेस द्वारा प्रदेश में दिल्ली से आठ राष्ट्रीय प्रवक्ताओं को अलग-अलग शहरों में जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके तहत रागिनी नायक को भोपाल की जिम्मेदारी दी गई है। वे आज भोपाल पहुंची और मीडिया से रूबरू हुई। रागिनी नायक ने कहा कि भाजपा ने जिन केंद्रीय मंत्रियों को चुनाव में उतारा है वो अपनी मन की बात बोल रहे है। उन्होंने कहा भाजपा के नेता जानते हैं कि नाव में छेद हो गया है। भाजपा सूची निकाल रही है लेकिन मुख्यमंत्री का नाम अभी तक घोषित नहीं किया है। भाजपा  काम नहीं गिनवा सकती। वहीं मुख्यमंत्री ने अपना विदाई भाषण दिया है। सब जानते है कांग्रेस आ रही है। कैलाश विजयवर्गीय बोल रहे है मेरा मन नहीं है चुनाव लड़ने और अभिमान में बोल रहे है की हाथ जोड़कर वोट नहीं मांग सकता। विजयवर्गीय ने अभिमान में जनता का अपमान किया है। भाजपा ने कुलस्ते, तोमर को भी मैदान में उतार दिया है। पार्टी में सूची को लेकर अंतर्विरोध चल रहा है। भाजपा चेहरा घोषित नहीं कर रही है। शिवराज सिंह चौहान को चेहरा नहीं बताया रही है। मुख्यमंत्री के काम नहीं गिनवा रही, क्योंकि उनके कम गिनवाएंगे तो वोट कट जाएंगे।
 

कमजोर वर्ग से अन्याय न करे सरकार, जारी करे पेंशन

विधवा, निराश्रित महिलाओं को नहीं मिल रही पेंशन

भोपाल। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज फिर सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि प्रदेश की विधवा और निराश्रित बहनों की पेंशन पिछले दो माह से बंद कर दी गई है, उसका जल्द भुगतान कराएं। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि कमजोर वर्ग से अन्याय तो मत कीजिए। 

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान जी, माना कि आपकी विदाई होने वाली है लेकिन कम से कम सत्ता की अंतिम घड़ियों में समाज के कमजोर वर्ग से अन्याय तो मत कीजिए। आपने पूरे प्रदेश में अपनी झूठी वाहवाही के विज्ञापन लगा रखे हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि प्रदेश में निराश्रित और विधवा महिलाओं को पिछले दो महीने से पेंशन का भुगतान तक नहीं हुआ है। इन दुखी बहनों को मात्र छह सौ रूपए महीने पेंशन मिलती है, उसे भी देने से आपकी सरकार ने इंकार कर दिया है। मध्य प्रदेश की बहनें आपसे जानना चाहती हैं कि आप आए दिन हजारों करोड रुपए का कर्ज़ मध्य प्रदेश में लेते हैं आखिर वह कर्ज आपके मद में नहीं तो किस मद में खर्च हो रहा है। एडवांस कमीशन लेने की ऐसी क्या जल्दी पड़ी है कि आप इन वंचित बहनों को उनकी पेंशन से भी वंचित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं आपसे आग्रह करता हूं कि विधवा और निराश्रित बहनों को तत्काल उनकी पेंशन का भुगतान किया जाए। याद रखिए ’निर्बल के बल राम’ होते हैं।


प्रत्याशियों के परिजनों ने संभाला मैदानी मोर्चा

महिला और युवा एवं नए मतदाताओं को साधने का प्रयास

भोपाल। भाजपा के घोशित प्रत्याशियों के परिजनों ने अब मैदानी कमान संभाल ली है। परिजनों ने मैदान में उतरकर घर-घर पैठ जमाना शुरू कर दिया है। राजधानी भोपाल की दो सीटें जो भाजपा के लिए चुनौती बनी है। वहां पर एक प्रत्याशी की पत्नी
तो दूसरे के बेटे ने अलग-अलग तरीके से चुनाव प्रचार की कमान संभाली है। 

राजधानी भोपाल की दो सीटें भोपाल उत्तर और भोपाल मध्य भाजपा के लिए चुनौती बनी हुई है। भोपाल उत्तर में तो लंबे समय से कांग्रेस विधायक आरिफ अकील का कब्जा है, मगर उनके अस्वस्थ होने के चलते भाजपा इस बार यहां पर कब्जा जमाने के लिए आतुर है। माना जा रहा है कि अकील के परिजनों को यहां पर कांग्रेस मैदान में उतार सकती है, इसके चलते भाजपा को उम्मीद है कि यह मौका हाथ से निकलना नहीं चाहिए। यही वजह है ि कइस सीट पर भाजपा ने पहली ही सूची में पूर्व महापौर आलोक ष्शर्मा को प्रत्याशी बना दिया है। अब उनकी पत्नी डॉली शर्मा ने मैदानी मोर्चा संभाला है। वे प्रतिदिन उत्तर विधानसभा सीट के मतदाताओं के घर पहुंच रही है। खासकर उनका फोकस महिला मतदाता पर है। वे महिलाओं के साथ बैठती हैं और बातचीत करते हुए उन्हें मतदान करने के लिए उत्साहित कर रही है। डाली सिर्फ महिलाओं को इस बात के लिए तैयार कर रही है कि वे मतदान वाले दिन मतदान करने पहुंचे। वे यह नहीं कर रही कि किसके पक्ष में मतदान करना है। भाजपा की रणनीति है कि इस विधानसभा क्षेत्र में खासकर हिन्दू महिला मतदाता का मतदान करने का प्रतिशत कम रहा है। यही वजह है कि वे महिला मतदाताओं को मतदान केन्द्र तक पहुंचाना चाह रही है। 

दूसरी तरफ भाजपा के भोपाल मध्य सीट से घोशित प्रत्याशी ध्रुव नारायण सिंह के बेटे आदित्य सक्रिय हुए हैं। उन्होंने अपने पिता के चुनाव प्रचार की कमान संभाली है। आदित्य युवा और नए मतदाताओं के बीच अपनी पैठ जमा रहे हैं। वे प्रतिदिन नए मतदाताओं से मिलकर मतदान सूची में नाम है या नहीं इस बात पर फोकस कर रहे हैं। साथ ही नए और युवा मतदाताओं को मतदान करने जरूर जाना है इस बात को लेकर आग्रह कर रहे हैं। जबकि खुद धु्रव नारायण सिंह व्यक्तिगत रूप से मिलने निकल जाते हैं। उनका मानना है कि अभी समय मिला है तो वाहनों का उपयोग न करके क्षेत्र में पहुंचकर हर घर पर वे पहुंचे। इस दौरान वे लोगों के साथ बैठकें भी करते हैं और चाय पर बात भी करना उन्होंने ष्शुरू कर दिया है। 


शाह आएंगे भोपाल, नेताओं के साथ करेंगे बैठक

दूसरे दिन प्रधानमंत्री मोदी का होगा ग्वालियर दौरा


भोपाल। भाजपा के घोशित 79 प्रत्याशियों के बाद केन्द्रीय गृह मंत्री अमित ष्शाह पहली बार 1 अक्टूबर को राजधानी भोपाल आएंगे। उनके आने के पहले सभी बड़े नेताओं को इसकी जानकारी दे दी गई है। साथ ही कहा है ि कवे इस दिन भोपाल में ही रहें। ष्शाह नेताओं के साथ बैठक कर चुनावी रणनीति पर बात करेंगे। 

प््रदेश में इस बार विधानसभा चुनाव की सीधी कमान केन्द्रीय गृह मंत्री अमित ष्शाह के हाथों में है। वे लगातार भोपाल दौरे कर रहे हैं। अब उनकी दौरा 1 अक्टूबर को फिर तय हुआ है। बताया जा रहा है ि कवे इस बार मात्र तीन घंटे रूकेंगे और नेताओं के साथ चुनाव को लेकर बातचीत करेंगे। ष्शाह बैठक में हर सीट को लेकर चर्चा करेंगे, खासकर अब तक घोशित किए गए 79 प्रत्याशियों के विधानसभा क्षेत्रों को लेकर वे चर्चा करेंगे और फीडबैक लेंगे। रूठे नेताओं को लेकर भी बैठक में चर्चा कर सकते हैं। वैसे उन्होंने प्रदेश के नेताओं को यह जिम्मेदारी पहले ही दे रखी है। मगर जिस तरह से दूसरी सूची घोशित करने के बाद फिर नाराजगी सामने आई है, उसको लेकर वे नेताओं को सक्रियता दिखाते हुए नाराज नेताओं को साधने की बात कह सकते हैं। आचार संहिता लगने के पहले हो रहे शाह के इस दौरे को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

एक दिन बार ग्वालियर आएंगे मोदी

शाह के भोपाल दौरे के दूसरे दिन 2 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ग्वालियर दौरा प्रस्तावित है। ग्वालियर में पीएम स्मार्ट सिटी के प्रवेश द्वार, थीम रोड, इंटक मैदान की चौपाटी और जिला अस्पताल समेत कई नए कार्यों का शुभारंभ कर सकते हैं। कार्यक्रम के मद्देनजर ग्वालियर के मेला मैदान में भव्य आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री शिरकत करेंगे। वहीं कहा जा रहा है कि इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी लाड़ली बहना योजना की पांचवीं किश्त भी महिलाओं के खाते में डाल सकते हैं। 

नारी शक्ति को केन्द्रीत कर होंगे सम्मेलन

भाजपा ने अब ओबीसी, अजा, अजजा वर्ग की महिलाओं पर फोकस करते हुए सम्मेलन करने की तैयारी है। विजय और विकास संकल्प के साथ नारी शक्ति थीम पर सम्मेलन होंगे। सम्मेलन की शुरुआत ग्वालियर चंबल संभाग से होगी। वहीं रीवा, सागर, शहडोल, जबलपुर में भी सम्मेलन किया जाएगा जिसकी तैयारी शुरू हो चुकी है।


बुधवार, 27 सितंबर 2023

लोगों की जरूरत के हिसाब से विकास के रोडमेप हों तैयार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इंदौर में इंडिया स्मार्ट सिटी कान्क्लेव-2023 दिए पुरस्कार

भोपाल। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि शहरों और नागरिकों की जरुरत का आंकलन कर विकास का रोडमेप तैयार किया जाना चाहिये। जलवायु परिवर्तन पर अपनी चिंता जाहिर करते हुये उन्होने स्मार्ट शहरों में किये जा रहे कार्यों को सकारात्मक पहल बताया। इस दिशा में और टिकाऊ विकास पर और अधिक काम किये जाने की जरूरत है। शहरी विकास में समग्र निवेश पिछले दशकों में दोगुना से अधिक हुआ है। स्मार्ट सिटी मिशन का इसमें बड़ा योगदान है।

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने आज इंदौर में इंडिया स्मार्ट सिटी कान्क्लेव-2023 में सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी। उन्होंने मध्यप्रदेश को देश के सर्वश्रेष्ठ प्रदेश का पुरस्कार मिलने पर बधाई दी। उन्होंने आईसी अवार्ड सेरेमनी में विजेता शहरों और राज्यों को पुरस्कार वितरित किए। राष्ट्रपति ने अलग श्रेणियों में 66 पुरस्कार विजेता स्मार्ट शहरों और राज्यों को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत की शहरी आबादी, लगभग 46 करोड़ से बढ़कर 87 करोड़ से अधिक हो जाएगी। तब हमारे 50 प्रतिशत से अधिक देशवासी शहरी क्षेत्रों में रहेंगे। भारत के शहर आज देश की जीडीपी में लगभग दो-तिहाई योगदान करते हैं। अनुमान है कि शहरों का जीडीपी को कुल योगदान वर्ष 2047 तक 80 प्रतिशत से अधिक हो जाएगा। इन आंकड़ों से यह संदेश मिलता है कि शहरों और नगरवासियों की बढ़ती आकांक्षाओं और जरूरतों को ध्यान में रखकर भविष्य का रोडमेप तैयार करना है और उस पर आगे बढ़ना है।

हर दौर में अव्वल रहने का आदि है इंदौर

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश को देश में सर्वश्रेष्ठ राज्य होने का तमगा हासिल हुआ है। हम सब गौरवांवित हैं। मध्यप्रदेश विकास की दिशा में नये आयाम तय कर रहा है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत राज्य में सपनों को हकीकत में बदलने का काम किया गया है। उन्होंने इंदौर को सर्वश्रेष्ठ स्मार्ट सिटी अवार्ड मिलने पर कहा कि सपनों का और सफाई का सिरमौर इंदौर हर दौर में अव्वल रहने का आदी है। यहाँ जो भी आता हैं यहीं का होकर रह जाता है। यहाँ के लोग सभी को दिल से अपनाते हैं। यहाँ के नागरिकों के सहयोग के बिना यह संभव नहीं था।

मध्यप्रदेश को मिले 13 अवार्ड

इंडिया स्मार्ट सिटीज अवार्ड्स कॉन्टेस्ट-2022 में उत्कृष्ट कार्यों के आधार पर मध्यप्रदेश की 5 स्मार्ट सिटी को विभिन्न श्रेणी में 13 अवार्ड मिले हैं। मध्यप्रदेश को बेस्ट स्टेट का अवार्ड मिला है। इंदौर नेशनल स्मार्ट सिटी अवार्ड में प्रथम स्थान पर है। प्रोजेक्ट अवार्ड्स में स्मार्ट सिटी इंदौर को 5, भोपाल को एक, जबलपुर को 2, ग्वालियर को एक और सागर को एक अवार्ड मिला है।


भाजपा ने उतारे उत्तर प्रदेश के नेता, लेंगे फीडबैक

पचास से ज्यादा नेता पहुंचे प्रदेश, संसदीय क्षेत्रों में पहुंचेंगे


भोपाल। मध्यप्रदेश में एक बार फिर भाजपा ने उत्तर प्रदेश के नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी देकर चुनाव के पहले फीडबैक लेने भेजा है। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सहित पचास से ज्यादा नेता प्रदेश आए हैं। ये नेता जमीनी फीडबैक लेकर केन्द्रीय नेतृत्व को देंगे। 

मध्यप्रदेश में भाजपा ने प्रत्याशियों की तीन सूचियां जारी की है। इन सूचियों के जारी करने के बाद अब जमीनी फीडबैक लेने के लिए केन्द्रीय नेतृत्व ने उत्तर प्रदेश के नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी है। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, दिनेश शर्मा, सुशील मोदी, मुख्तार अब्बास नकवी, स्वतंत्र देव सिंह, लक्ष्मीकांत, संतोष गंगवार, दिनेश खटीक, सुरेश राणा समेत कई बड़े नेता भोपाल पहुंचे है। राजधानी में इन नेताओं ने प्रदेश संगठन पदाधिकारियों के साथ आज बैठक की। इस बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, शिव प्रकाश, भूपेंद्र यादव, अश्विनी वैष्णव, हितानंद शर्मा मौजूद रहे। वहीं प्रवासी कार्यकर्ता को भी बुलाया गया है। ये प्रवासी कार्यकर्ता प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में अब मोर्चा संभालेंगे। 

गौरतलब है कि इसके पहले भाजपा ने विभिन्न प्रदेश से आए विधायकों की ड्यूटी मध्यप्रदेश की सभी 230 विधानसभाओ में लगाई थी। इन सभी विधायकों ने एक हफ्ते तक विधानसभा में रहकर जनता की नब्ज टटोली थी। इसके लिए प्रवासी विधायक सम्मेलन आयोजित किया गया था।

भाजपा का तूफान है मध्यप्रदेश में 

बैठक से पहले उत्तर प्रदेश के पूर्व उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश में पिछले चुनाव से पहले इस बार ज्यादा सीट आएगी। उन्होंने भाजपा की केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जमकर की तारीफ की। शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश में महिलाओं के प्रसव से लेकर जीवन यापन तक की योजनाएं कारगर रही है। चुनाव में योजना के बल पर मदद मिलेगी। देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्यप्रदेश में भाजपा का तूफान है। वहीं कांग्रेस के आरोप पर कहा कि जो लोग आरोप लगा रहे हैं, वो बौखला गए हैं।


सर्वे के खेल के पीछे मुआवजे मुंह मोड़ रही सरकार

कमलनाथ ने कहा कर्ज के कुचक्र में फंस रहा किसान


भोपाल। किसानों की सोयाबीन फसन नुकसान होने के बाद प्रदेश के कई स्थानों पर किसानों द्वारा किए गए प्रदर्शन को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सर्वे के खेल के पीछे सरकार किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे से मुंह मोड़ रही है। उन्होंने कहा कि किसान अब कर्ज के कुचक्र में फंसता जा रहा है। 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि मध्य प्रदेश में सोयाबीन के किसानों को अपनी बर्बाद फसल के मुआवजे के लिए..“अर्धनग्न“ होकर सड़कों पर प्रदर्शन करना पड़ रहा है। किसानों के पास न तो खाद और बीज के लिए लिया, कर्ज चुकाने के पैसे हैं..न ही अगली फसल लगाने के पैसे हैं। उन्होंने कहा कि सर्वे के खेल के पीछे, मुआवजे से मुंह मोड़कर शिवराज सरकार। कमलनाथ ने कहा कि मध्य प्रदेश के किसानों को डिफाल्टर बनाकर, “कर्ज के कुचक्र“ में फांसती जा रही है। 40 हजार प्रति हेक्टेयर मुआवजा देने की बात कहने वाले मुख्यमंत्री शिवराज, चुनाव देख बस “झूठ का पाठ“ पढ़ने में लगे हैं। 

बेटियों की सुरक्षा केवल विज्ञापन और भाषण में 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने उज्जैन में नाबालिक के साथ हुई बलात्कार की घटना को लेकर कहा कि मध्यप्रदेश बेटियों के लिये सबसे असुरक्षित प्रदेश बनता जा रहा है। इस सरकार के लिये बेटियों की सुरक्षा केवल विज्ञापन और भाषण का विषय है। उन्होंने कहा कि  12 साल की बेटी के साथ जिस तरह का दुष्कृत्य हुआ और फिर बेहोश होकर सड़क पर गिर गई, उससे मानवता शर्मसार हो जाती है। उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री से मांग करता हूं कि अपराधियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए और ’पीड़िता को समुचित उपचार के साथ ही एक करोड रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।


शाह के सर्वे से तय हो रहे भाजपा के प्रत्याशी

अभी और आ सकते हैं चौंकाने वाले नाम


भोपाल। मध्यप्रदेश भाजपा द्वारा विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने अब तक जो तीन सूची जारी की है, उसमें तय प्रत्याशी केन्द्रीय मंत्री अमित  शाह  के सर्वे में जीत हासिल करने वाले बताए हैं। इसके बाद ही यह सूची जारी की गई है। प्रदेश संगठन, संघ के सर्वे के अलावा  शाह  ने प्रदेश में दो अलग-अलग कंपनियों के द्वारा सर्वे कराए हैं, जिसके आधार पर प्रत्याशियों के नाम तय किए जा रहे हैं। 

भाजपा ने प्रदेश में अब तक तीन सूचियां जारी कर 79 प्रत्याशियों के नाम तय कर दिए हैं। इन सूचियों में दूसरी और तीसरी सूची में आए नामों ने सबको चौका दिया है। इसके बाद भाजपा के नेता ही हतप्रभ रहे जब सांसदों और वरिश्ठ नेताओं को चुनाव मैदान में उतारा गया। इसे लेकर कई तरह के कयास भी लगाए गए। वहीं कहा जा रहा है ि कइस बार भाजपा प्रत्याशियों की सूची में केन्द्रीय मंत्री अमित ष्शाह के दो सर्वे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ष्शाह ने गुजरात और महाराष्ट की दो अलग-अलग कंपनियों से ये सर्वे कराए हैं। ष्शाह को इन कंपनियों के सर्वे पर काफी भरोसा है। कंपनियों के सर्वे के मुताबिक ही पार्टी ने ये प्रत्याशी तय किए हैं। बताया जा रहा है कि अगली सूची में और भी चौंकाने वाले नाम आ सकते हैं। दूसरी सूची में जहां आधा दर्जन सांसदों के नाम आए हैं, वहीं कुछ सांसदों के नाम और भी आ सकते हैं। इसके अलावा अब तक जारी हुई सूची में 16 नाम ऐसे हैं, जो नए चेहरों के रूप में सामने आए है। इस लिहाज से माना जा रहा है कि आगामी सूचियों में और भी नए चेहरे सामने आ सकते हैं। 

कांग्रेस की पहली सूची 5 के बाद

दूसरी ओर कांग्रेस ने अब तक प्रत्याशियों की एक भी सूची जारी नहीं की है। इसे लेकर अब दबाव कांग्रेस पर नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस की निकल रही जन आक्रोश यात्रा का समापन 5 अक्टूबर को होना है। इसके बाद कांग्रेस अपनी पहली सूची जारी कर सकती है। कांग्रेस द्वारा अब तक सौ सीटों पर प्रत्याशी तय किए गए हैं। मगर उसके सामने सबसे बड़ी मुसीबत लगातार हार रही सीटों पर जीतने वाले प्रत्याशी नहीं मिलने की है। इन सीटों पर कांग्रेस को मजबूत प्रत्याशी की अब भी तलाश है। 


मंगलवार, 26 सितंबर 2023

राहुल गांधी 30 को आएंगे मध्यप्रदेश

कालापीपल में होगी सभा


भोपाल। विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा के बाद अब कांग्रेस के बड़े नेताओं की मैदानी सभाएं तेज हो रही है। इसके चलते अब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का प्रदेश दौरा तय हुआ है। वे मालवा अंचल के काला पीपल में सभा को संबोधित करेंगे। 

प्रदेश कांग्रेस द्वारा अब बड़े नेताओं खासकर पार्टी के राश्टीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़के, प्रियंका गांधी और राहुल गांधी की सभाएं कराने पर जोर दिया जा रहा है। प्रियंका गांधी का प्रदेश दौरा भी पहले तय हो चुका है। वे जन आक्रोश यात्रा के समापन अवसर पर मालवा के मोहनखेड़ा में आयोजित सभा को संबोधित करेंगी। इसके बाद अब राहुल गांधी का दौरा आज तय हुआ है। कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष संगठन राजीव सिंह ने बताया कि, राहुल गांधी 30 सितंबर को शाजापुर जिले के दौरे पर रहेंगे, जहां में कालापीपल में विशाल जनसभा को संबोधित करने वाले हैं। विधानसभा चुनाव को देखते हुए राहुल गांधी का दौरा कांग्रेस के लिए कई महीनो में बेहद खास है। क्योंकि विधानसभा चुनाव से पहले या उनका पहला दौरा है। 

गुप्ता को बनाया कांग्रेस उपाध्यक्ष 

भोपाल। चुनावी तैयारियों में जुटी कांग्रेस में संगठनात्मक नियुक्तियों का दौर जारी है। कांग्रेस ने आज उपाध्यक्ष पद पर भूपेन्द्र गुप्ता की नियुक्ति की है। कांग्रेस द्वारा जारी नियुक्ति आदेश के अनुसार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के निर्देशनुसार भूपेंद्र गुप्ता को कांग्रेस कमेटी में उपाध्यक्ष के पद पर मनोनीत किया जाता है। आशा है कि आप राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की भावनानुसार पार्टी संगठन की मजबूती के लिए सौंपे गए दायित्व का निर्वहन पूर्व निष्ठा से करेंगे। 


दावेदारों की दिखने लगी नाराजगी, देने लगे इस्तीफे

कार्यसमिति सदस्य और पार्शदों ने दिए इस्तीफे


भोपाल। भाजपा की दूसरी सूची जारी होते ही पार्टी में फिर नाराजगी दिखाई देने लगी है। सीधी से सांसद रीति पाठक को प्रत्याशी बनाए जाने के विरोध में प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य राजेश मिश्र ने आज इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दिया है। वहीं नागदा के खाचरोद विधानसभा क्षेत्र से पार्शदों ने इस्तीफे दिए हैं। 

भाजपा में विधानसभा चुनाव को लेकर जारी की दूसरी सूची के बाद एक बार फिर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की नाराजगी नजर आ रही है। सीधी विधानसभा क्षेत्र से तीन बार के लगातार विधायक रहे केदारनाथ शुक्ला का टिकट काटते हुए भाजपा ने सीधी संसदीय क्षेत्र की सांसद रीती पाठक को टिकट दिया है, जिससे नाराज होकर प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य राजेश मिश्र आज मंगलवार को भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। राजेश खुद इस सीट से अपनी दावेदारी कर रहे थे। उन्होंने टिकट न मिलने से नाराजगी के चलते इस्तीफा दिया है। वहीं नागदा के खाचरौद से डा तेजबहादुर सिंह को प्रत्याशी बनाया गया है। इससे ओबीसी मोर्चा के कार्यकारी सदस्य लोकेन्द्र मेहता और उनके समर्थक खासे नाराज है। मेहता ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरने की घोशणा कर दी है। मेहता के अलावा यहां पर पूर्व विधायक दिलीप सिंह के समर्थक भी दिलीप सिंह को टिकट न मिलने से नाराज है। सिंह के समर्थन में करीब 17 पार्शदों ने इस्तीफा पार्टी को भेज दिया है। हालांकि अभी इनके इस्तीफे को लेकर संगठन ने कोई कदम नहीं उठाया है। 

वहीं सतना से गणेश सिंह को टिकट दिए जाने से नाराज रत्नाकर चतुर्वेदी ने एक वीडियो जारी कर कहा कि कोरोना काल में कोई मैदान में नहीं आया, उन्होंने लोगों की सेवा की। रत्नाकर चतुवेर्दी ने दुख जताते हुए कहा, ‘मेरी मेहनत का पार्टी ने मुझे ये फल दिया है, उसका तहे दिल से शुक्रिया। अगर जनता की इच्छा होगी तो मैं निर्दलीय चुनाव लड़ूंगा।

तो क्या विधायक सरपंच का लड़ेंगे चुनाव

मैहर विधानसभा सीट से विधायक नारायण त्रिपाठी का टिकट काट दिया गया है। इसे लेकर उनकी नाराजगी भी सामने आई है। त्रिपाठी ने एक वीडियो जारी कर कहा कि मैं न इस रेस में था और न ही दावेदार था, क्योंकि मैं विंध्य प्रदेश के पुर्ननिर्माण की लड़ाई लड़ रहा हूं। इसलिए विंध्य प्रदेश बनने तक यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने तंज सकते हुए कहा कि इतने बुजुर्ग सांसद, नेता, मंत्रियों को अगर भाजपा चुनाव लड़ा सकती है तो फिर मुरली मनोहर जोशी और लालकृष्ण आडवाणी को किनारे क्यों कर दिया गया था। अब अगर सांसद विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे तो क्या विधायक सरपंच का चुनाव लड़ेंगे। युवा राष्ट्र की कल्पना करने वाली भारतीय जनता पार्टी ने अपने बुजुर्ग नेताओं को विधानसभा का प्रत्याशी बनाया है। 


प्रदेश के आगामी विजन पर समर्पण के साथ काम करना है : शिवराज

मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और अधिकारियों की ली बैठक

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विधानसभा चुनाव को लेकर लगने वाली आचार संहिता को देखते हुए आज कैबिनेट बैठक के बाद मंत्रियों और अधिकारियों की बैठक की। इस बैठक में उन्होंने कहा कि हमारा अचीवमेंट कम नहीं है, प्रदेश के आगामी विजन और मिशन पर समर्पण के साथ काम करना है।  

प्रदेश में नवंबर माह में विधानसभा के चुनाव होने हैं। इसे लेकर अक्टूबर में आचार संहिता लगने की संभावना है। इसे देखते हुए आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कैबिनेट बैठक के बाद मंत्रियों और अधिकारियों की बैठक ली। मुख्यमंत्री ने बैठक में कोविड जैसे संकट में भी पूरी लगन से काम करने पर टीम मध्यप्रदेश का आभार जताया।  पौने चार साल की उपलब्धियों पर मंत्रियों और अधिकारियों की मेहनत और तत्परता को लेकर धन्यवाद और बधाई दी। उन्होंने मंत्रियों, सीएस एवं समस्त पीएस का विशेष रूप से आभार व्य़क्त किया। मुख्यमंत्री ने पौने चार साल में शुरु की योजनाओं एवं उपलब्धियों के बारे में चर्चा की। लाड़ली बहना योजना सहित जन कल्याणकारी योजनाओं के सफलतम क्रियांवयन के लिए पूरी टीम को बधाई दी। केन्द्र सरकार की योजनाओं में मध्यप्रदेश के बेहतर प्रदर्शन पर खुशी जाहिर की। उन्होंने बेहतर वित्तीय प्रबंधन के लिए वित्त विभाग एवं पूरी टीम को बधाई दी साथ ही अन्य सभी विभागों के भी कार्यों की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा अचिवमेंट कम नहीं रहा। अब हमें मध्यप्रदेश के आगामी विजन और मिशन पर समर्पण के साथ काम करना है। आचार संहिता में गरीब कल्याण और हितग्राही मूलक योजनाएं शिथिल न हों, अनवरत जारी रहे इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। 


अंचलों और आदिवासी वोट को साधने की कवायद

भाजपा ने जीत के लिए सौंपी दिग्गजों को कमान


भोपाल। भाजपा ने प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर जारी की प्रत्याशियों की दूसरी सूची में नेताओं को अपने प्रभाव वाले अंचलों को जीत की जिम्मेदारी दे दी हैं। वहीं आदिवासी वोट बैंक को साधने  के लिए केन्द्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते को विधायकी का चुनाव लड़ने मैदान में उतारा है। 

भाजपा के लिए मालवा-निमाड़, ग्वालियर-चंबल और महाकौशल अंचल में कमजोर होती पार्टी की स्थिति चिंता का कारण बनी हुई थी। इसे लेकर भाजपा ने प्रत्याशियों की दूसरी सूची में अलग-अलग अंचलों के प्रभाव वाले नेताओं को मैदान में उतारकर उन्हें अपने-अपने अंचलों में जीत की जिम्मेदारी सौंप दी है। भाजपा ने मालवा-निमाड़ की जिम्मेदारी पार्टी के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को सौंपी है। उन्हें इंदौर क्रमांक एक से चुनाव मैदान में उतारा है। इसी तरह केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को पार्टी ने दिमनी से प्रत्याशी घोशित कर ग्वालियर-चंबल अंचल में बिगड़ रहे समीकरणों को साधने की कवायद की है। दोनों ही अंचलों में पार्टी द्वारा कराए गए सर्वे के अनुसार कमजोर स्थिति सामने आ रही थी। इसी तरह महाकौलश में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के बढ़ते प्रभाव को कम करने के लिए भाजपा ने केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल को नरसिंहपुर से और सांसद राकेश सिंह को जबलपुर पश्चिम से मैदान   में उतारकर एक तरह से महाकौशल में पार्टी की पकड़ मजबूत करने का दाव खेला है। इसके अलावा सतना के सांसद गणेश सिंह को विंध्य के सतना से और रीति पाठक को सीधी से मैदान में उतारा है। विंध्य में बिगड़ते समीकरणों को देख गणेश सिंह को यहां पर जिम्मेदारी सौंपी है। गणेश सिंह ओबीसी वर्ग का बड़ा चेहरा भी है। इस चुनाव में भाजपा इसका फायदा उठाना चाह रही है। वहीं रीति पाठक को उतारकर आदिवासी युवक के साथ हुई घटना के बाद नाराज मतदाताओं को साधने की कवायद भाजपा ने की है। 

आदिवासी मतदाता को लुभाएंगे कुलस्ते

केन्द्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते को मंडला जिले की सीट से मैदान में उतारा है। उन्हें आदिवसी वर्ग के मतदाताओं को साधने की जिम्मेदारी सौंपी है। खासकर महाकौशल और विंध्य अंचल के आदिवासी मतदाताओं को साधने के लिए कुलस्ते को मैदान में उतारा गया है। कुलस्ते का इन क्षेत्रों में प्रभाव भी रहा है। वे इस अंचल में आदिवासी वर्ग का बड़ा चेहरा भी हैं। 


भाजपा को उम्मीदवार नहीं मिल रहे तो वोट देने वाले कहां से मिलेंगे

भाजपा का पलटवार, कहा सूची देख कांग्रेस नेताओं के फूल रहे हाथ-पांव


भोपाल। भाजपा द्वारा जारी की प्रत्याशियों की दूसरी सूची में 3 केन्द्रीय मंत्री सहित आधा दर्जन  सांसदों को प्रत्याशी बनाए जाने को लेकर प्रदेश में सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने भाजपा पर हमले तेज कर दिए है। भाजपा के प्रत्याशियों को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने तंज कसते हुए कहा कि नाम बड़े और दर्शन छोटे। वहीं भाजपा नेता भी कांग्रेस पर पलटवार कर रहे हैं। भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस नेताओं पर हाथ पैर फूल जाने वाला मुहावरा फिट बैठ रहा है। 

भाजपा ने सोमवार की रात को विधानसभा चुनाव के लिए 39 प्रत्याशियों की सूची जारी की है। इस सूची में तीन केन्द्रीय मंत्रियों सहित आधा दर्जन सांसदों को प्रत्याशी बनाया गया है। भाजपा की सूची जारी होते ही कांग्रेस प्रत्याशियों को लेकर हमलावर है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने घोशित किए प्रत्याशियों को लेकर कहा कि भाजपा की दूसरी सूची पर एक ही बात फिट है कि नाम बड़े और दर्शन छोटे। भाजपा ने प्रदेश में अपने सांसदों को विधानसभा की टिकट देकर साबित कर दिया है कि भाजपा न तो 2023 के विधानसभा चुनाव में जीत रही है, न 2024 के लोकसभा चुनाव में। इसका सीधा अर्थ ये हुआ कि वो ये मान चुकी है कि एक पार्टी के रूप में तो वो इतना बदनाम हो चुकी है कि चुनाव नहीं जीत रही है, तो फिर क्यों न तथाकथित बड़े नामों पर ही दांव लगाकर देखा जाए। उन्होंने कहा कि अपने को सबसे बड़ी पार्टी कहने वाली भाजपा को भाजपा को आज ये दिन देखने पड़ रहे हैं कि उसको लड़वाने के लिए उम्मीदवार ही नहीं मिल रहे हैं, तो फिर वोट देने वाले कहाँ से मिलेंगे। भाजपा आत्मविश्वास की कमी के संकटकाल से जूझ रही है।

हम तो डूबेंगे, तुम्हें भी ले डूबेंगे सनम

प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि 18 सालों में मध्यप्रदेश को भाजपा की सरकार ने बर्बादी की कगार पर पहुँचा दिया। ये बात प्रदेश की जनता के साथ साथ भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व भी जान रहा है। इसीलिए 15 दिन पहले अमित शाह और कल सोमवार को मोदी जी ने शिवराज जी के नाम और काम से किनारा कर लिया। ये बात शिवराज सिंह को मन ही मन बहुत सालती थी। दूसरी ओर सिंधिया भी अपनी लोकसभा की हार तथा अपने क्षेत्र में लगातार  स्थानीय निकायों की हार से भी हताश थे। बस दोनों नेताओं ने अपने सभी प्रतिद्वंदियों को ठिकाने लगाने का मन बनाया। केंद्रीय नेतृत्त्व को शिवराज और महाराज ने बताया कि मध्यप्रदेश में जीर्णशीर्ण हो चुकी सत्ता की डूबती नाव की पतवार को अब नरेंद्र तोमर, प्रहलाद पटेल, फग्गनसिंह कुलस्ते ,कैलाश विजयवर्गीय और राकेश सिंह की ज़रूरत है। मगर असल में शिवराज और महाराज की मंशा ,“हम तो डूबेंगे, तुम्हें भी ले डूबेंगे सनम“ की है, ये साफ़ है। इस बात को कैलाश विजयवर्गीय ने एक इंटरव्यू में कहा भी  कि हमको टिकिट देकर केंद्रीय नेतृत्त्व ने चौंका दिया ।

सुरजेवाला को बताया धूर्त

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कांग्रेस के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला को धूर्त बताया है। उन्होंने कहा कि उनकी कोई औकात नहीं है। शर्मा ने आज  भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने सुजरेवाला के साथ-साथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ पर भी निशाना साधा। उन्होंने भाजपा को लेकर कमलनाथ और रणदीप सुरजेवाला की ओर से की गई प्रतिक्रिया पर कहा कि आप ऐसे व्यक्ति का नाम ले रहे हैं, जो देश की जनता को रावण कहता है। सुजरेवाला की कोई औकात नहीं है, वे धूर्त हैं। मध्यप्रदेश में इनके पास कुछ नहीं है। ये चलने लायक बचे नहीं हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया और शिवराज सिंह चौहान के चुनाव लड़ने के सवाल पर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा अन्य दलों से अलग ही है। हम एक पद्धति पर कार्य करते हैं। हम कैडर बेस ऑर्गनाइजेशन हैं। केन्द्रीय नेतृत्व जो फैसला करता है, हम उसे मानते हैं। 


सोमवार, 25 सितंबर 2023

बहुमत से बनाएंगे सरकार, जीतेंगे सभी लोकसभा सीटें

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हम प्रदेश में फिर भाजपा की सरकार बनाएंगे। विधानसभा चुनाव जीतकर लोकसभा चुनाव में सभी 29 सीटें जीतेंगे और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गले में 29 कमलों की माला पहनाएंगे।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भाजपा कार्यकर्ता महाकुंभ को संबोधित करते हुए यह बातें कही। उन्होंने कहा कि हमने मध्यप्रदेश में कांग्रेस के बीमारू राज्य के कलंक को खत्म किया।  प्रदेश में एक करोड़ 36 लाख लोग गरीबी रेखा से बाहर आए, यह मोदी जी के कारण ही संभव हुआ। 19 महीने की कमलनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आवास योजना और नल जल योजना शुरू नहीं की। साथ ही हमारे द्वारा चलाई गई योजनाएं बंद कर दी थी। कांग्रेस ने प्रदेश को तबाह और बर्बाद करने का पाप किया, अब प्रदेश तरक्की की राह पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश नंबर वन राज्य बनेगा, भाजपा फिर दो तिहाई बहुमत से मध्य प्रदेश में सरकार बनाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2024 में 29 में से 29 लोकसभा जीतकर मोदी जी को तोहफा देंगे। हम 29 कमलों की माला पहनाएंगे।
हर कार्यकर्ता का अभिमान है मोदी
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा ने कहा कि आज मध्यप्रदेश गौरवान्वित है। दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता आज कार्यकर्ता महाकुंभ में शामिल होने भोपाल आए है। प्रधानमंत्री मोदी हर भाजपा कार्यकर्ता का अभिमान है। मध्य प्रदेश कार्यकर्ताओं की भूमि है। लाखों हितग्राहियों की भूमि है। उन्होंने कहा कि  प्रदेश के 64 हजार बूथ कार्यकर्ताओं ने आपने जो कहा था वो कर दिखाया। प्रधानमंत्री आपकी योजनाओं से मध्यप्रदेश में हर वर्ग का विकास हुआ है। विकास के लिए आपने जो काम किया है, उसके लिए हम सब आपका आभार व्यक्त करते हैं।

मालवा में हुंकार भरेंगे प्रियंका गांधी

भोपाल। प्रदेश में कांग्रेस द्वारा निकाली जा रही जन आक्रोश यात्राओं का समापन 5 सितंबर को मालवा अंचल में होगा। इस अवसर पर कांग्रेस के महासचिव प्रियंका गांधी बड़ी सभा करेंगे। उनकी यह सभा धार जिले के मोहनखेड़ा में होगी।

प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रभारी के के मिश्रा ने ब
ताया कि प्रदेश के सात स्थानों से जन आक्रोश यात्रा रवाना की गई थी। ’जन आक्रोश’ यात्राओं ने पिछले छह दिन में यात्रा कार्यक्रम का लगभग 40 फीसदी हिस्सा कवर कर लिया है। मिश्रा ने कहा कि इन यात्राओं के समापन पर 5 अक्टूबर को धार जिले के मोहनखेड़ा में एक रैली का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी रैली को संबोधित करेंगी।

गौरतलब है कि सत्तारूढ़ दल भाजपा ने तीन सितंबर को ’जन आशीर्वाद यात्रा’ निकाली थी, इसके जवाब में विपक्षी दल कांग्रेस ने 19 सितंबर को ’जन आक्रोश यात्रा’ शुरू की है। कांग्रेस अपने जनसंपर्क अभियान के दौरान भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, दलितों पर अत्याचार और बढ़ती महंगाई सहित विभिन्न मुद्दों को उठा रही है। कांग्रेस की यह यात्रा कुल 15 दिनों तक चलेगी। ये यात्रा प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों से गुजरते हुए लगभग 11 हजार 400 किलोमीटर की दूरी तय करने की उम्मीद है।

दिल्ली वाले जितनी बार भोपाल आएंगे, उतने वोट आपके कटेंगे

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का मुख्यमंत्री शिवराज पर हमला

भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि दिल्ली वाले जितनी बार आएंगे, उतने ही वोट मुख्यमंत्रीजी आपके कटेंगे। आपके कुशासन के साथ उनके कुशासन का भी आक्रोश जुड़ जाएगा, जो आपको नुकसान पहुंचाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भाजपा कार्यकर्ता कुंभ में आने को लेकर कहा कि मुख्यमंत्री जी जानते हैं दिल्ली वाले जितनी बार भोपाल आएँगे, उतने ज़्यादा वोट कट जाएँगे क्योंकि उनके कुशासन के ख़लिफ़ जो आक्रोश है उसमें दूसरों के कुशासन का भी आक्रोश जुड़ जाएगा, फिर भी दिखाने के लिए तो स्वागत गीत गाने ही पड़ेंगे। जनता प्रश्न उठा रही है कि मुख्यमंत्री जी वो ‘मन’ वाला प्रचार गीत भी बजवाएँगे क्या जिसमें भाजपा उनकी तस्वीर तो दूर, उनका नाम तक लेना भूल गयी है।
इस बार नहीं आने वाली 10 तारीखa
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 तारीख़ आने वाली है के नाम पर पिछले चार महीनों से जनता की कमाई के करोड़ों रुपए फूकने के बाद, इस बार शिवराज सरकार पलटी मार रही हैं। इस बार भाजपाई सरकार के कलेंडर में 10 तारीख नहीं आ रही है। जैसे इस सरकार की ये योजना इनके लिये वोट ठगने का ज़रिया मात्र है, वैसे ही इनकी 10 तारीख़ भी छल निकली। उन्होंने कहा कि सवाल है कि फिर क्यों चार महीना तारीख याद कराने भर के लिये जनता की मेहनत और पसीने के करोड़ों रूपये विज्ञापन में फूंके डाले शिवराज जीं सरकार के धन को तबाह कर उसका दुरुपयोग करते हुए भाजपा के प्रचार पर खर्च करने वाले नौटंकी मुख्यमंत्री और दोगली भाजपा के चाल, चरित्र और चेहरा का कुरूप चेहरा आम आदमी अच्छे से देख रहा है।
सुरजेवाला ने कहा फ्लॉप रहा महाकुंभ
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने भाजपा कार्यकर्ता महाकुंभ को फ्लॉप बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने शिवराज के “नाम और काम” दोनों से कन्नी काट ली। वे 18 साल में मध्यप्रदेश भाजपा सरकार द्वारा लागू की गई एक योजना की भी चर्चा नहीं कर पाए। उन्होंने भोपाल में आयोजित भाजपा कार्यकर्ता महाकुंभ को “जुमलों का महाकुंभ” करार दिया है। उन्होंने कहा कि आयोजन के मंच पर दो झूठे नेता एक दूसरे के झूठ पर तालियाँ बजाते रहे और मुंगेरीलाल से झूठे हसीन सपने गढ़ते रहे। वे बड़बोले और झूठे भाषणों से लोगों को भरमाते रहे।

मंत्री की पोल खोल दी पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ने

भोपाल। विवादित बोल को लेकर चर्चा में रहने वाले राज्य के वन मंत्री विजय शाह की बागेश्वर धाम के पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ने अपने दरबार में सबके सामने पोल खोल दी। मंत्री भी इसे लेकर खूब ठहाके लगाते रहे।

दरअसल खंडवा जिले के हरसूद में वन मंत्री विजय
शाह ने बाबा बागेश्वर धाम के पंडित धीरेन्द्र शास्त्री की कथा का आयोजन किया। इस दौरान रविवार को बाबा ने यहां पर दिव्य दरबार लगाया। दरबार ने बाबा ने मंत्रीजी से पूछा कि कहीं आपको तो अपना पर्चा नहीं बनवाना है। इस पर मंत्री ने खड़े होकर जवाब ना में दिया। बाबा भी मस्त मौला जो ठहरे। उन्होंने तपाक से कहा तुम्हारी धर्मपत्नी का बनवा दो। इस पर दरबार में खूब ठहाके लगे। इसी दौरान पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ने एक वाकया सुनाते हुए कहा कि कि मंत्री दिल के बहुत साफ आदमी है। इसमें कोई संदेह नहीं है। हम गाड़ी में बैठकर आए तो वे हंसाते रहते थे। उनकी बातों में कोई लाग लपेट नहीं थी। उन्होंने कहा कि गाड़ी में बैठे-बैठे वे कहने लगे गुरूजी पंडाल बड़ा था, बहुत महंगा था। सो हमने नेताजी को बुलाकर खर्चा बचा लिया। अब बताइए इतने भोले तरीके से बात बोल देते है।

गौरतलब है कि हरसूद में दो दिनी कथा के एक दिन पहले 22 सितंबर को वन मंत्री शाह ने अपने विभाग के जरिये कथा पंडाल में ही मुख्यमंत्री का कार्यक्रम करवाया था। इस कार्यक्रम के जरिए निमाड़ के तेंदुपत्ता संग्राहकों को चप्पल, साड़ी, पानी की बोतल और छाता वितरित किए गए थे। साथ ही तेंदुपत्ता संग्राहकों को उनकी उपज बिक्री का बोनस वितरण किया गया।

कांग्रेस की राह में आप के बाद राकांपा अटकाएगी रोड़े


प्रदेश में बढ़ाई सक्र्रियता, तलाश रही जीताउ प्रत्याशी


भोपाल। मध्यप्रदेश में आम आदमी पार्टी के बाद अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी कांग्रेस की राह में मुसीबत खड़ी कर सकती है। राकांपा की प्रदेश पदाधिकारियों के साथ कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल पटेल ने राजधानी भोपाल में बैठक लेकर इस बात के संकेत दिए हैं कि इस बार पार्टी मजबूती के साथ मैदान में उतरेगी। राकांपा का फोकस महाराष्ट से लगे महाकौशल, निमाड़ और बुदेंलखंड अंचल के जिलों पर है। सूत्रों की माने तो भाजपा नेता भी राकांपा पदाधिकारियों से संपर्क बनाए हुए हैं।
मध्यप्रदेश में चुनाव की तैयारियों में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने भी अपनी भूमिका को तलाशने की क़वायद शुरू कर दी है। राकांपा ने भाजपा की मुख्य भूमिका वाले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन से जब से जुड़ने का फ़ैसला किया है तब से उनका राष्ट्रीय नेतृत्व बहुत ही सधे कदमों से आगे बढ़ रहा है। पार्टी ने मध्यप्रदेश में भी अपने प्रत्याशी मैदान में उतारने का फैसला लिया है। रविवार को राजधानी भोपाल में पदाधिकारियों की बैठक में राकांपा के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल पटेल भी शामिल हुए थे। उन्होंने साफ कर दिया कि वे प्रत्याशी मैदान में उतारेंगे। बताया जाता है मध्यप्रदेश में ज़मीन मजबूत करने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता व सचिव ब्रजमोहन श्रीवास्तव की भूमिका अहम है, क्योंकि वे अजीत पवार और प्रफुल पटेल के राष्ट्रीय स्तर पर  विश्वसनीय सहयोगी के रूप में सामने आये हैं।  श्रीवास्तव का कार्य क्षेत्र मध्यप्रदेश होने के कारण प्रफुल पटेल उनका उपयोग भाजपा की मदद के लिए करेंगे। सूत्रों से पता चला है कि राकांपा पदाधिकारियों से मध्यप्रदेश के प्रभारी केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव भी सम्पर्क बनाए हुए हैं।
प्रफुल पटेल ने बढ़ाई सक्रियता
मध्यप्रदेश की राजनीति से पटेल का पुराना संबंध है। वे लगातार गोंदिया और भंडारा से लगे प्रदेश के ज़िलों में अपनी राजनैतिक गतिविधियों से सभी को जोड़ कर रखते रहे है। इसके अलावा सागर व रीवा संभाग में तेंदू पत्ते व बीड़ी निर्माण तथा उसके व्यापार से जुड़े परिवारों में प्रफुल पटेल की सीधी पैठ है। ऐसे में मध्यप्रदेश में चुनाव से पहले उनका सक्रिय होना कांग्रेस के लिए चिंता का कारण बनेगा, क्योंकि इन संभागों में भाजपा की स्थिति कमजोर मानी जा रही है। साथ ही राकांपा एनडीए का घटक दल है, इसके चलते उसे इस बात की संभावना भी है कि भाजपा इन संभागों में उसे मदद कर सकती है। हालांकि अभी इस बात का फैसला हुआ नहीं है।
एक विधायक जीत चुका है राकांपा का
मध्यप्रदेश में राकांपा का बुरहानपुर से हमीद काजी के रूप में 1998 के चुनाव में एक विधायक जीत चुका है। इसके बाद अब राकांपा ने प्रदेश में सक्रियता बढ़ाई है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के टिकट न मिलने से नाराज विधायक राकांपा का दामन थामकर मैदान में उतर सकते हैं।

रविवार, 24 सितंबर 2023

एनसीपी भी मध्यप्रदेश में उतारेगी प्रत्याशी

प्रफुल्ल पटेल ने कहा कुछ स्थानों पर उतारेंगे प्रत्याशी


भोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीने भी स्पश्ट कर दिया है ि कवह भी अपने प्रत्याशी मैदान में उतारेगी।  पार्टी के प्रत्याशी सभी सीटों पर तो चुनाव नहीं लड़ेंगे, मगर जहां पर पार्टी का प्रभाव है वहां पर पार्टी प्रत्याशी मैदान में उतारेगी।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल भाई पटेल ने आज मीडिया से चर्चा करते हुए यह बात कही। पटेल पार्टी की बैठक लेने भोपाल पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि पहले हमने प्रदेश में चुनाव लड़ने पर विचार नहीं किया था, मगर अब हमने फैसला किया है कि एनसीपी के उम्मीदवार भी प्रदेश के विधानसभा चुनाव में मैदान में उतारे जाएं। हम सभी 230 सीटों पर तो उम्मीदवार नहीं उतारेंगे, मगर कुछ स्थानों पर जहां हमारी पार्टी का प्रभाव है और हमारे प्रत्याशी मजबूत है, वहां पर प्रत्याशी उतारेंगे। कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया को कमजोर गठबंधन बताते हुए पटेल ने कहा ि कइस गठबंधन की नीति क्या है, चेहरा कौन है, यह कुछ भी स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि जनता का विश्वास होना इस गठबंधन के लिए मुश्किल है। शरद पवार को लेकर पूछे प्रश्न पर पटेल ने कहा कि वे हमारे नेता है, मैं उस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। वे शरद पवार को लेकर कुछ भी बोलने से बचते रहे। चुनाव के वक्त दलों द्वारा की जाने वाली घोषणाओं को लेकर उन्होंने कहा कि चुनाव के वक्त ऐसा नहीं होना चाहिए। आप अगर सरकार में है और जनता को फायदा पहुंचाना चाहते हैं तो इस तरह की घोषणा और काम तो पांच  साल में भी कर सकते हैं।

सेवानिवृत्ति पर कोटवारों को मिलेंगे एक लाख, बढ़ेगा मानदेय भी

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोटवार महापंचायत में की घोषणा

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश के कोटवारों को अब सेवानिवृत्ति पर एक लाख रूपए दिए जाएंगे। उनके मानदेय में भी बढ़ौत्तरी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोटवारों की वर्दी का रंग भी खाकी होगा। 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ये घोशणा आज राजधानी के लाल परेड मैदान पर आयोजित कोटवार महापंचायत में की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोटवारों को सेवानिवृत्ति के समय एक लाख रुपए की राशि मिलेगी। कोटवारों को मिलने वाली राशि में अब हर साल पांच सौ रुपए बढ़ते चले जाएंगे। ऐसे कोटवार जिनके पास सेवा भूमि नहीं है उन्हें 4 हजार के स्थान पर 8 हजार रुपए प्रतिमाह मिलेंगे। ऐसे कोटवार जिनके पास 3 से 7.5 एकड़ तक सेवा भूमि है उन्हें छह सौ रुपए प्रतिमाह के स्थान पर बारह सौ  रुपए प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। ऐसे कोटवार जिनके पास 7.5 एकड़ से 10 एकड़ तक सेवा भूमि है उन्हें पर न्यूनतम मानदेय एक हजार रुपए प्रतिमाह मिलेगा। इसमें समय-समय वृद्धि भी होगी। जिनके पास 3 एकड़ तक की सेवा भूमि है उन्हें वर्तमान में मिल रहे एक हजार रुपए के स्थान पर दो हजार रुपए प्रतिमाह मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम कोटवार राजस्व प्रशासन के रीढ़ की हड्डी हैं। वे सूचनाओं को अपडेट करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ओला, पाला, खेतों में इल्ली, सूखा और अन्य आपदाओं की जानकारी देने का महत्वपूर्ण कार्य भी करते हैं। इनके जीवन की कठिनाईयों को दूर करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कोटवारों को सीधे मुख्यमंत्री निवास से जोड़कर आवश्यक सूचनाएं प्राप्त करने का माध्यम भी बनाया जाएगा। इसके लिए विशेष अधिकारी भी नियुक्त किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोटवारों को स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ दिलवाया जाएगा। उनकी वर्दी का रंग अब खाकी होगा। 

मिलेगा लाड़ली बहना योजना का लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोटवार पद पर नियुक्ति के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता से छूट रहेगी। प्रत्येक कोटवार को सीयूजी सिम मिलेगी। इसका रिचार्ज भी राज्य सरकार करेगी। कोटवार परिवार की हर बहन को लाड़ली बहना योजना का लाभ मिलेगा। कोटवारों का प्रतिवर्ष सम्मेलन होगा।

गांव के गूगल है कोटवार

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोटवार का पद छोटा है लेकिन उनका दायित्व बड़ा है। कोटवार ग्राम देवता हैं। वे गाँव के गूगल हैं। कोटवार की जानकारी के बिना कोई कार्यवाही आगे नहीं बढ़ती। कोटवार से ग्राम की सब जानकारी मिल जाती है। वे इसलिए चलते-फिरते गूगल हैं। सही मायने में कोटवार जमीन से जुड़े हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने ग्राम में बचपन में जागते रहो की रात के समय आवाजें सुनी हैं। कोटवार इसलिए जागते हैं, सावधान करते रहते हैं, जिससे ग्राम सुरक्षित रहे।




संघर्ष का हुआ शंखनाद, लक्ष्य संधान कर तोड़ेंगे रिकार्ड

भाजपा के मीडिया और वार रूम का शुभारंभ करते हुए कहा मुख्यमंत्री ने

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि युद्ध के नगाड़े बज चुके हैं, संघर्ष का शंखनाद हो गया है। हम लक्ष्य का संधान कर इस बार जीत के सारे रिकार्ड तोड़ेंगे।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज राजधानी में भाजपा के मीडिया सेंटर और वार रूम का शुभारंभ करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि युद्ध के नगाड़े बज चुके हैं, संघर्ष का शंखनाद हो चुका है। हमारा वॉर रूम सटीक वार करेगा और हम अपने लक्ष्य का संधान कर सफलता के सारे रिकॉर्ड तोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन ने जिस तरह से सनातन धर्म का अपमान किया है, उसका जवाब प्रदेश की जनता हर हाल में कांग्रेस को देगी। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के पाकिस्तान प्रेम को लेकर कहा कि कांग्रेस तो गीत ही पाकिस्तान के गाती है। कभी सनातन धर्म को लपेटते हैं तो कभी सनातन धर्म का अपमान करते हैं। भाजपा द्वारा लगाए गए पोस्टर और होर्डिग्स में मंत्री गोपाल भार्गव के फोटो न होने को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि भार्गव हमारे वरिश्ठ नेता हैं। उनकी बुंदेलखंड में उपयोगिता है। वे अभूतपूर्व नेता है। पार्टी उनका पूरा उपयोग कर रही है और वे खुद भी सक्रिय हैं। 

गौरतलब है कि राजधानी भोपाल स्थित रानी कमलापति रेलवे स्टेशन  के पास बंसल-1 के भवन में भाजपा ने अपना मीडिया हाउस बनाया है। इस मीडिया से हाउस से भाजपा प्रदेश भर में चुनावी गतिविधियों पर नजर रखेगी। यह मीडिया हॉउस सुविधाओं से लैस है, वहीं इस मीडिया हाउस का संचालन टेक्निकल रूप से मजबूत टीम द्वारा किया जाएगा। भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  के राजधानी आगमन के एक दिन पहले ही इस सेंटर का शुभारंभ किया है। बताया जा रहा है कि कल भाजपा के कार्यकर्ता महाकुंभ का मीडिया संचालन भाजपा के इसी मीडिया हाउस से होगा। इस मीडिया हाउस में बनाए गए विशेष रूम से पार्टी के नेता सीधे जिले के नेताओं से लाइव जुड़ सकेंगे और उनको चुनावी निर्देश दे सकेंगे। बता दें मध्य प्रदेश में 29 लोकसभा सीटें आती हैं, जिनका संचालन बीजेपी इसी मीडिया हाउस से करेगी। 


भाजपा को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने में आ रही शर्म

मोदी, शाह आएंगे, चेहरे पर नहीं बोलेंगे, पार्टी के पक्ष में बोलेंगे

भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि भाजपा को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने में शर्म आ रही है।  अमित शाह, मोदी आएंगे तो किसके पक्ष में बोलेंगे। पार्टी का बोलेंगे लेकिन शिवराज के चेहरे पर नहीं बोलेंगे, यह दुख की बात है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि भाजपा को शर्म आ रही है। शिवराज जी को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नही करते हुए। .अमित शाह मोदी आयेंगे तो किसके पक्ष में बोलेंगे, पार्टी का बोलेंगे, लेकिन शिवराज का चहरा नही बोलेंगे, दुख की बात है। सरकार के बार बार कर्ज लेने पर उन्होंने कहा कि सरकार ने कितने ठेके दिए हैं। कितना एडवांस दिया है उसका हिसाब लगा लीजिए। सब ओपन है, कितनी रिश्वत ली है। मेरे पास पूरी जानकारी है।

’पाकिस्तान के पोस्टर पर कमलनाथ ने कहा कि मेरे राजनीतिक करियर में किसी ने  उंगली नही उठाई, इनको तो अब  पाकिस्तान खालिस्तान अफ़गानिस्तान मिल जायेगा। असलियत से ध्यान मोड़ना चाहते है। मेरे नाम से उनके  पेट में दर्द होता है। कांग्रेस की जन आक्रोश यात्रा में नेताओं द्वारा की गई नारेबाजी को लेकर उन्होंने कहा कि सब दावेदारी की नारेबाजी है, कौन सी गलत बात है। कोई अपनी दावेदारी के लिए नारेबाजी करता है तो करें। जन आक्रोश यात्रा में शामिल न होने के भाजपा के आरोप पर उन्होंने कहा कि मैं छिंदवाड़ा गया था, वहां शामिल हुआ था। परसों दिग्विजय सिंह जा रहे हैं, हमने सात टीम बनाई हैं। वह लोग कर रहे हैं। दिग्विजय सिंह ने खुद पोस्टर में नाम न रखने की बात कही थी।  कांग्रेस आने पर योजनाएं बंद करने के आरोपों पर नाथ ने कहा कि जहां भ्रष्टाचार का माध्यम था वहां बंद करेंगे। संबल में कितना भ्रष्टाचार था,  मैंने कौनसी योजना बंद की बताइए।

सूची आती रहेगी, हम इशारा कर देंगे

 कांग्रेस प्रत्याशियों की सूची को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सूची आती रहेगी, हम अभी इशारा कर देंगे, कल दिल्ली में भी बैठक है। वैसे भी बहुत जानकारी तो मिल ही जाती है इंटरनेट का जमाना है। उन्होंने बताया कि चार हजार लोगो ने दावेदारी की है।सब कहते है मैं हारने वाला नही हूँ, मैं जीतूंगा। क्या उसका वार्ड, बूथ जीते सब देख रहे है। हमने तय किया है कि हम जिताऊ को प्रत्याशी बनाएंगे।