भाजपा ने जीत के लिए सौंपी दिग्गजों को कमान
भोपाल। भाजपा ने प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर जारी की प्रत्याशियों की दूसरी सूची में नेताओं को अपने प्रभाव वाले अंचलों को जीत की जिम्मेदारी दे दी हैं। वहीं आदिवासी वोट बैंक को साधने के लिए केन्द्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते को विधायकी का चुनाव लड़ने मैदान में उतारा है।
भाजपा के लिए मालवा-निमाड़, ग्वालियर-चंबल और महाकौशल अंचल में कमजोर होती पार्टी की स्थिति चिंता का कारण बनी हुई थी। इसे लेकर भाजपा ने प्रत्याशियों की दूसरी सूची में अलग-अलग अंचलों के प्रभाव वाले नेताओं को मैदान में उतारकर उन्हें अपने-अपने अंचलों में जीत की जिम्मेदारी सौंप दी है। भाजपा ने मालवा-निमाड़ की जिम्मेदारी पार्टी के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को सौंपी है। उन्हें इंदौर क्रमांक एक से चुनाव मैदान में उतारा है। इसी तरह केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को पार्टी ने दिमनी से प्रत्याशी घोशित कर ग्वालियर-चंबल अंचल में बिगड़ रहे समीकरणों को साधने की कवायद की है। दोनों ही अंचलों में पार्टी द्वारा कराए गए सर्वे के अनुसार कमजोर स्थिति सामने आ रही थी। इसी तरह महाकौलश में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के बढ़ते प्रभाव को कम करने के लिए भाजपा ने केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल को नरसिंहपुर से और सांसद राकेश सिंह को जबलपुर पश्चिम से मैदान में उतारकर एक तरह से महाकौशल में पार्टी की पकड़ मजबूत करने का दाव खेला है। इसके अलावा सतना के सांसद गणेश सिंह को विंध्य के सतना से और रीति पाठक को सीधी से मैदान में उतारा है। विंध्य में बिगड़ते समीकरणों को देख गणेश सिंह को यहां पर जिम्मेदारी सौंपी है। गणेश सिंह ओबीसी वर्ग का बड़ा चेहरा भी है। इस चुनाव में भाजपा इसका फायदा उठाना चाह रही है। वहीं रीति पाठक को उतारकर आदिवासी युवक के साथ हुई घटना के बाद नाराज मतदाताओं को साधने की कवायद भाजपा ने की है।
आदिवासी मतदाता को लुभाएंगे कुलस्ते
केन्द्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते को मंडला जिले की सीट से मैदान में उतारा है। उन्हें आदिवसी वर्ग के मतदाताओं को साधने की जिम्मेदारी सौंपी है। खासकर महाकौशल और विंध्य अंचल के आदिवासी मतदाताओं को साधने के लिए कुलस्ते को मैदान में उतारा गया है। कुलस्ते का इन क्षेत्रों में प्रभाव भी रहा है। वे इस अंचल में आदिवासी वर्ग का बड़ा चेहरा भी हैं।

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