भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि आगामी चुनाव में हार को देखकर भाजपा खुद दिग्भ्रमित हो गई है। एक तरफ भाजपा दावा करती है कि नई पीढ़ी को आगे बढ़ाना चाहती है, वहीं दूसरी तरफ ऐसे नेताओं को मैदान में उतार रही है जिनकी इच्छा ष्शक्ति ही चुनाव लड़ने की नहीं रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि सबको दिग्भ्रमित करने वाली भाजपा आगामी चुनावों में अपनी हार को सामने देखकर ख़ुद ही दिग्भ्रमित हो गई है और डरकर विरोधाभासी नीति अपना रही है, जिससे जनता में भाजपा की हँसी उड़ रही है। उन्होंने कहा कि एक तरफ़ भाजपा दावा कर रही है कि वो नई पीढ़ी के नेताओं को आगे बढ़ाना चाहती है; दूसरी तरफ़ वो झाड़-पोंछकर ऐसे नेताओं को चुनाव लड़ने के लिए बाध्य कर रही है, जिनके पास न तो लड़ने के लिए इच्छा-शक्ति है और न ही इस भाजपा विरोधी माहौल में जीतने के लिए जन-शक्ति। इस कारण एक तरफ़ भाजपा के वरिष्ठ नेता, तो वहीं दूसरी तरफ़ कनिष्ठ नेता भी नाराज़ हैं क्योंकि कई युवा नेता जो पहले से चुनाव की तैयारी कर रहे थे वो अपने को ठगा-सा महसूस कर रहे हैं। भाजपा भ्रमित भी है और भयभीत भी।
चुनावी जश्न से समय निकालकर बेटी से मिलने का समय नहीं
उज्जैन में बालिका के साथ घटित घटना को लेकर कमलनाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज़ नहीं बची है। शिवराज जी तो ऐसे निष्ठुर हैं कि 3 दिन तक मौन धारण करे रहे। क्या चुनावी रैली राजधर्म के आड़े आ गई या फिर शिवराज जी अब कर्तव्य का बोध खो चुके हैं? भाजपा के स्वयंभू “बड़े नेता” कैलाश विजयवर्घीय तो अस्पताल से 1 किलो. मीटर की दूरी पर हैं। क्या उन्हें चुनावी जश्न से समय निकाल बेटी से मिलने की फुर्सत नहीं मिली? हम कांग्रेस के साथी प्रतिबद्ध हैं कि इन बह्शी दरिंदों को सजा दिला कर दम लेंगे। उन्होंने बिटिया के परिवार को 5 लाख रूपए की तुरंत सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की है तथा ज़रूरत पड़ने पर देश के अच्छे से अच्छे हॉस्पिटल में इलाज का वचन दिया है। उम्मीद है आज के बाद भाजपा की मरी हुई मानवता जागेगी।

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