गुरुवार, 21 सितंबर 2023

बीस फीसदी महिलाओं को चुनाव मैदान में उतार सकती है भाजपा

तैयारी में जुटे पदाधिकारी, वर्तमान महिला विधायक टिकट को लेकर हुई निश्चिंत


भोपाल। विधानसभा चुनाव में महिलाओं को भले ही 33 फीसदी आरक्षण का न मिले, मगर इस बार भाजपा प्रदेश में करीब पंद्रह से बीच फीसदी महिलाओं को चुनाव मैदान में उतारकर मध्यप्रदेश को मॉडल के तौर पर पेश करना चाह रही है। भाजपा इसकी तैयारी में जुटी है कि करीब पैंतीस से चालीस विधानसभा सीटों पर वह महिला प्रत्याशियों को मैदान में उतारे। 

मध्यप्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा अपनी अलग रणनीति के तहत मैदान में उतर रही है। अधिकांश सीटों पर वह नए चेहरों को मैदान में उतारने का फैसला पहले ही कर चुकी है। वहीं अब संगठन इन दिनों विधानसभा क्षेत्रों में जिताउ महिलाओं की सूची तैयार कर रहा है। बताया जा रहा है कि भाजपा का राश्टीय नेतृत्व चाह रहा है कि पिछले चुनावों की अपेक्षा इस बार अधिक महिलाओं को चुनाव मैदान में उतारा जाए। इसके पीछे कारण यह भी बताया जा रहा है कि प्रदेश सरकार की लाड़ली बहना योजना का जो असर वर्तमान में भाजपा के पक्ष में दिख रहा है, उसका फायदा महिला प्रत्याशियों को ज्यादा मिलेगा। वहीं संसद में महिला आरक्षण बिल को पास कराने के बाद उसे लागू कराने में जो समय लगेगा उसके पहले भाजपा अन्य राजनीतिक दलों से ज्यादा महिला प्रत्याशी मैदान में उतारकर यह संदेश देना चाहती है कि हम महिला आरक्षण के पक्षधर हैं और आरक्षण लागू हो उसके पहले ही हमने अधिक से अधिक स्थानों पर महिला प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है। भाजपा इस रणनीति के तहत करीब पंद्रह से बीस फीसदी यानि 35 से 40 विधानसभा सीटों पर महिला प्रत्याशी मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है। इसके लिए संगठन पदाधिकारी चिंहित सीटों पर जीत के लिए महिला उम्मीदवार तलाश रहे हैं।  भाजपा की इस रणनीति से वर्तमान महिला विधायक इस बात को लेकर निश्चिंत नजर आ रही है कि उनका टिकट कटेगा। मगर संगठन पदाधिकारियों का कहना है कि जो चुनाव जीतने योग्य होगा उसे ही भाजपा टिकट देगी। 

गौरतलब है कि पिछले 2018 के विधानसभा चुनाव भाजपा ने 24 विधानसभा सीटों पर महिला प्रत्याशियों को मैदान में उतारा था, हालांकि जीत केवल 11 महिला प्रत्याशियों को ही मिली थी। उसके पहले 2013 में 23 महिला प्रत्याशियों पर दाव खेला था, इस चुनाव में भाजपा की 17 महिला प्रत्याशी जीतकर विधानसभा पहुंची थी। 

महाकुंभ में ज्यादा से ज्यादा महिला कार्यकर्ता लाने पर जोर

भाजपा द्वारा राजधानी भोपाल में 25 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में होने वाले कार्यकर्ता महाकुंभ में संगठन ज्यादा से ज्यादा महिला कार्यकर्ताओं को लाने पर जोर दे रहा है। भाजपा का महिला मोर्चा इस कार्य में जुट गया है। बताया जा रहा है कि मंच पर फ्रंट लाइन में महिला कार्यकर्ताओं को बैठाने की तैयारी संगठन कर रहा है, ताकि महिला आरक्षण बिल को लेकर जनता में यह संदेश जाए कि महिलाओं को भाजपा में अधिक सम्मान मिलता है। साथ ही यह कहा जा रहा है कि महिलाआें को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंच से कोई और नयी घोशणा भी कर सकते हैं।  


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