भोपाल। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पद जीतने वाले मध्यप्रदेश के खिलाड़ी को दी जाने वाली पुरस्कार राशि दो गुना होगी। इतना ही नहीं चौथे नंबर पर आने वाले खिलाड़ी को भी पुरस्कार दिया जाएगा।
यह घोषणा आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की है। मुख्यमंत्री आज 2021-22 के प्रदेश के उत्कृष्ट खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को सम्मानित कर रहे थे। इस समारोह में उन्होंने यह घोशणा की है। मुख्यमंत्री ने समारोह में यूथ गेम्स के प्रतीक चिन्ह,शुभंकर के साथ ही खेलो इंडिया सेन्टर्स का वर्चुअल लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के खेल पुरस्कार एकलव्य 15 से बढ़ा कर 20 खिलाड़ियों को, विक्रम पुरस्कार 12 से बढ़ा कर 20 एवं विश्वामित्र पुरस्कार 3 से बढ़ा कर 5 प्रशिक्षकों को दिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि सभी विभागों में खिलाड़ी कोटे के पद आरक्षित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओलंपिक गेम्स, एशियन गेम्स और अन्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक अर्जित करने वाले खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि दोगुनी की जाएगी और चतुर्थ स्थान प्राप्त खिलाड़ियों को पुरस्कार राशि दी जाएगी। मुख्मयंत्री ने कहा कि खेल अकादमी के मुख्य तकनीकी सलाहकारों, प्रशिक्षकों जैसे पदों की सेवा शर्तों को और उपयोगी बनाया जाएगा. उनका मानदेय बढाया जाएगा। खेल संघों को नियमित गतिविधियों के संचालन के लिए राज्यस्तरीय खेल संघ को हर साल 5 लाख की राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि खेल विभाग के अमले का पुनर्गठन किया जाएगा। महानिदेशक पद भी सृजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स नाथू बरखेड़ा में क्रिकेट स्टेडियम के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्वीमिंग पूल साइक्लिंग बैलोड्रम का किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल अकादमियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए खिलाड़ियों की सीटें बढ़ाई जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एकलव्य पुरस्कार 15 से बढ़ाकर 20, विक्रम पुरस्कार 12 से बढ़ाकर 20, और विश्वामित्र पुरस्कार 3 से बढ़ाकर 5 किए जाएंगे। प्रत्येक विभाग में खिलाड़ी कोटे से भर्ती के लिए पद आरक्षित किए जाएंगे।

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