बुधवार, 13 सितंबर 2023

टिकट पर घमासान, नामों को लेकर दिल्ली में मंथन

कांग्रेस, भाजपा दोनों ही दलों के नेता सूची के लिए करते रहे माथा-पच्ची


भोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के पहले प्रत्याशी चयन को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में घमासान मचा है। दोनों ही दलों द्वारा प्रत्याशी चयन को लेकर दिल्ली में मंथन किया जा रहा है। दोनों ही दलों की ओर से कुछ वर्तमान विधायकों को टिकट कटने के आसार भी नजर आ रहे हैं। 

प्रदेश भजापा विधानसभा चुनाव को लेकर प्रत्याशियों की एक सूची जारी कर चुकी है। इस सूची में 39 विधानसभा सीटों के प्रत्याशियों के नामों की घोशणा की गई। इन नामों को लेकर करीब 17 स्थानों पर विरोध भी नजर आया। इसके चलते भाजपा इस बार सूची जारी करने के पहले प्रदेश के नेताओं खासकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी डी ष्शर्मा के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं। दो दिन पहले दिल्ली में दोनों के साथ बैठक हो चुकी है। इसके बाद आज फिर दोनों नेताआें की दिल्ली में वरिश्ठ नेताओं के साथ बैठक हुई है। माना जा रहा है कि भाजपा जल्द ही 60 से अधिक विधानसभा सीटों के लिए प्रत्याशियों के नाम तय कर सकती है। इसके बाद सूची के जल्द ही जारी किए जाने के आसार बने हैं। मगर कांग्रेस की एक भी सूची न आने के लिए अटकलें इस बात की भी लगाई जा रही है कि प्रदेश में चल रही जन आशीर्वाद यात्रा और 25 सितंबर को राजधानी में आयोजित कार्यकर्ता महाकुंभ के बाद ही सूची जारी की जाए। इससे नाराजगी को रोकने में आसानी होगी। भाजपा कार्यकर्ताओं की नाराजगी और सत्ता विरोधी लहर को लेकर चिंतित है। पार्टी के कुछ वरिश्ठ नेताओं के पार्टी छोड़कर कांग्रेस में जाने के चलते वरिश्ठ नेता अब ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहते हैं जिससे चुनाव के वक्त कार्यकर्ता में नाराजगी और बढ़े। 

मतभेद और दुविधा में कांग्रेस


कांग्रेस नेता भी इन दिनों दिल्ली में डटे हैं। स्क्रीनिंग कमेटी के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ, कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला, नेता प्रतिपक्ष डा गोविंद सिंह सहित अन्य नेताओं भी दिल्ली में है। प्रत्याशियों को लेकर मंगलवार के बाद आज बुधवार को भी मंथन जारी रहा। माना जा रहा है कि कांग्रेस भी करीब सौ विधानसभा सीटों पर नामों को लेकर सहमति बनाने में जुटी है। बैठकों में कांग्रेस के अलग-अलग सर्वे को लेकर भी मतभेद उभरे हैं। खुद सुरजेवाला ने इस बात के संकेत दिए हैं। बताया जा रहा है कि बैठकों में वर्तमान विधायकों में से बीस विधायकों की कमजोर स्थिति को लेकर भी चर्चा हुई है। इन सीटों पर कांग्रेस में मजबूत उम्मीदवार उतारने को लेकर मतभेद और दुविधा भी है। वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ खुद के द्वारा कराए गए सर्वे को लेकर बहुत आश्वस्त हैं और वे इस बात पर जोर देते रहे कि इस सर्वे में जो नाम आए हैं, उन पर दाव लगाया जा सकता है।  सूत्रों के अनुसार कमलनाथ ने साफ कहा है कि सर्वे और संगठन की ओर से प्रस्तावित किए गए नामों को ही इस बार टिकट देंगे. जीत की संभावनाओं को अच्छे से टटोलना होगा। इसलिए कोई भी अपने समर्थक या पसंद का उम्मीदवार बैठक में न रखे. सर्वे में जो नाम निकले हैं और जिन पर कांग्रेस संगठन ने भी रजामंदी दी है, टिकट सिर्फ उनको ही मिलेगा।


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