मंगलवार, 19 सितंबर 2023

अवैधानिक मांगों को लेकर सेंट्रल जेल में बंद आतंकी कर रहे हड़ताल

जेल प्रशासन ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया तब आया मामला सामने 

भोपाल। अवैधानिक मांगों को लेकर राजधानी भोपाल की सेंट्रल जेल में सिमी के चार आंतकी हड़ताल पर बैठ गए हैं। मामला तब सामने आया जब जेल प्रशासन ने हड़ताल पर बैठे चारों आंतकियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया। हालांकि जेल प्रशासन इस मामले में कुछ भी बोलने से बच रहा है। 

 आतंकी संगठन सिमी के चार आतंकी अबू फैसल, कमरुद्दीन, शिवली और कामरान पिछले चार दिनों से जेल में हड़ताल पर बैठे हैं। हड़ताल की शुरूआत पहले शिवली और कामरान ने की थी। इसके बाद दूसरे दो आतंकी भी इनके साथ हड़ताल पर आकर बैठ गए हैं। बताया जा रहा है कि ये आतंकी अवैधानिक मांगों समाचार पत्र पढ़ने, सामूहिक नमाज पढ़ने, घड़ी उपलब्ध कराने और लाइब्रेरी में पढ़ने देने की मांग कर रहे हैं। इन चारों कैदियों को देश विरोधी गतिविधि के कारण भोपाल भोपाल जेल में हाई सिक्योरिटी में रखा गया है। इन चार आतंकियों में से 2 (कमरुद्दीन, शिवली) को आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। जेल प्रशासन सूत्रों के अनुसार इन आतंकियों की मांगों को जेल प्रशासन पूरा नहीं कर सकता है। इसके लिए आतंकियों को जेल प्रशासन की ओर से साफ मना कर दिया गया था। इसके बाद इन्होंने हड़ताल शुरू कर दी।  

आतंकियों द्वारा की जा रही हड़ताल को लेकर पूर्व एडीजी विजय वाते का कहना है कि ये आतंकियों की मानसिकता होती है कि इस तरह की खबरों में वे रहें, ताकि मीडिया में ये बात जाए और उनके जुड़े संगठन और उनके समर्थक इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर इसका फायदा उठा सकें। आतंकी गतिविधियों से जुड़े होने के कारण जेल प्रशासन उन्हें इस तरह की सुविधाएं मुहैया नहीं करा सकता है। ये लोग जेल प्रशासन पर दबाव बनाकर अपनी मांगों को पूरा कराना चाहते हैं। 

गार्ड की हत्या कर भागे थे आतंकी

सेंट्रल जेल भोपाल से साल 2016-17 में अक्टूबर माह की 30 एवं 31 तारीख को आठ आतंकी एक सुरक्षा गार्ड की हत्या कर भागे थे। हालांकि सुबह होते-होते पुलिस ने राजधानी के निकट एक गांव में इन्हें एनकाउंटर कर मार गिराया था। उस वक्त जेल में बंद सिमी के आतंकी इसी तरह की मांगें करते रहे हैं। 2009 में खंडवा जेल से अबू फैजल नाम के आतंकी ने अपने साथ आधा दर्जन आतंकियों को जेल से लेकर भाग गया था। तब भी भोपाल जेल में 27 सिमी के आतंकी बंद थे। उस वक्त भी बंद आतंकियों ने हड़ताल की थी। 


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