अलग-अलग स्थानों से अलग-अलग नेताओं के नेतृत्व में निकलेगी यात्रा
भोपाल। कांग्रेस ने आज प्रदेश में निकाली जाने वाली जन आक्रोश यात्रा का रोडमैप तैयार कर लिया। जिला प्रभारियों और जिला अध्यक्षों के साथ हुई कांग्रेस नेताओं की बैठक में यह रोडमैप तय किया गया। रोड मैप की अधिकृत जानकारी कल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रणदीप सिंह सुरजेवाला देंगे।
भाजपा की जन आशीर्वाद यात्रा के जवाब में कांग्रेस द्वारा प्रदेश में जन आक्रोश यात्रा अलग-अलग अंचलों से निकाली जाएगी। इस यात्रा के रोडमैप को लेकर आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रणदीप सुरजेवाला और नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने बैठक ली। बैठक में प्रदेश के सभी जिलों के प्रभारियों और जिला अध्यक्षों को बुलाया गया था। बताया जा रहा है कि बैठक में अलग-अलग अंचल में वहां पर प्रभाव रखने वाले नेताओं के नेतृत्व में यह यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा की कमान जातिगत समीकरणों को बैठाते हुए सौंपी जाएगी। यात्रा के लिए प्रभारी और सह प्रभारियों की जिम्मेदारी भी सौंपी जाने का फैसला आज बैठक में लिया गया। साथ ही यात्रा के दौरान विधायकों को सहयात्री की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। यात्रा 19 सितंबर से निकाली जाएगी। जानकारी के अनुसार यात्रा के दौरान धार्मिक आयोजन, नुक्कड़ नाटक और जनसभाओं का आयोजन कर कांग्रेस भाजपा पर हमलावर रहेगी।
बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष डा गोविंद सिंह ने कहा कि बैठक मिले गए फैसले और यात्रा के तय किए रोड मैप की जानकारी कल कांग्रेस के प्रभारी सुरजेवाला देंगे। उन्होंने कहा कि 18 सालों में सरकार द्वारा जनता का ष्शोशण किया गया। प्रदेश का दिवालिया निकाल दिया गया। इसे लेकर हम यात्रा निकाल रहे हैं। जनता के बीच जाएंगे और सरकार के 18 साल के कारनामों को जनता के बीच जाकर उन्हें बताएंगे।
ग्वालियर-चंबल जाएंगे तो जूते बजेंगे
प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि सिंधिया ग्वालियर चंबल जाएंगे तो जूते बजेंगे। राकेश सिंह को प्रभारी बनाकर मंच पर नहीं जाने दिया गया। मंच पर जाने के लिए वीडी शर्मा को बेरीगेट्स कूदना पड़ रहा है। भाजपा हार का मुंह देखकर बोखलाई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सनातन वाले बयान पर भी पलटवार किया। सुरजेवाला ने कहा कि गोडसे के उत्तराधिकारी अब महात्मा गांधी की बात करते हैं। हमने भारत के लिए सीने पर गोली खाई है। भाजपा भारतीय परंपरा और संस्कृति को चुनौती दे रही। ये नहीं जानते सनातन युग युगांतर से है और आगे भी रहेगा।

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