शुक्रवार, 15 सितंबर 2023

भाजपा के बाद कांग्रेस भी जुटी नाराज नेताओं को मनाने

संपर्क करने पदाधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी

भोपाल। रूठे नेताओं को मनाने की कवायद भाजपा ने तो करीब एक माह पहले ही कर दी थी, लेकिन अब कांग्रेस ने भी इसी राह पर चलते हुए अपने नाराज नेताओं को मनाने के लिए पदाधिकारियों की एक टीम बनाकर उनसे संपर्क करने को कहा है। वैसे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह जब भी किसी क्षेत्र का दौरा करते हैं तो वे अपनी जिम्मेदारी समझकर नाराज नेताओं को मनाने में जुटे रहते हैं। अब यह काम कांग्रेस का प्रदेश संगठन भी कर रहा है। 

कांग्रेस में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव के टिकट को लेकर सक्रियता बढ़ रही है, नाराज नेताओं की चिंता बड़े नेताओं को होने लगी है। प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया को पूरी करने में जुटी कांग्रेस ने सूची जारी करने के पहले हर जिले के नाराज नेताओं की सूची बनाने की जिम्मेदारी संगठन के पदाधिकारियों को दी है। साथ ही कहा है कि नाराज नेताओं से सतत संपर्क बनाए रखें। कांग्रेस का यह कदम नाराज नेताओं की नाराजगी को दूर करने के लिए तो उठा है, साथ ही कांग्रेस नेता यह चाहते हैं कि प्रत्याशी की घोशणा के बाद नाराज नेताओं की नाराजगी कितनी बढ़ेगी और वे अगला कदम कैसे उठाएंगे, इसकी जानकारी पदाधिकारियों के जरिए वह एकत्रित कर रही है। इसके चलते कांग्रेस में पदाधिकारियों की एक टीम बनाई गई है। इन पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे हर जिले के नाराज नेताओं से संपर्क करते रहें। उनकी नाराजगी को दूर करने का प्रयास अभी से करें। वहीं जो नेता नहीं माने उसकी जानकारी भी वरिश्ठ नेताओं को दी जाए, ताकि समय रहते वरिश्ठ नेता उनके बातचीत कर सकें। कांग्रेस पुराने और नाराज होकर घर बैठ गए नेताओं को एकजुट करके उन्हें एक बार फिर मुख्य धारा में लाना। पार्टी का मानना है कि ऐसे प्रभावित नेताओं का लाभ उनके उनके क्षेत्र में ही लेकर जीत को आसान बनाया जा सकता है।


दी जा सकती है जिम्मेदारी भी

सूत्रों के अनुसार प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से इन नेताओें को फोन लगाकर जहां उनका हाल-चाल पूछा जा रहा है। वहीं यह भी जानने की कोशिश की जा रही है कि वह पार्टी से नाराज तो नहीं हैं। सूत्रों की माने तो प्रदेश कांग्रेस की ओर से ऐसे नेताओं की तलाश भी की जा रही है, जिन्हें विधानसभा चुनाव में कोई बड़ी जिम्मेदारी सौंप कर एक बार फिर मुख्य भूमिका में लाया जा सके। ऐसे नेताओं को सेक्टर के हिसाब जिम्मेदारी दी जा रही है। इतना ही नहीं पार्टी इनके काम काज का पूरा खर्च भी उठाएगी।


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