सोमवार, 3 जून 2019

प्रदेश कांग्रेस से मांगा बूथों की वोटिंग का रिकार्ड

 परंपरागत वोट बैंक वाले बूथों पर मिली हार  
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने मध्यप्रदेश कांग्रेस से बूथ वार वोटिंग का रिकार्ड मांगा है, यह रिकार्ड 7 जून तक कांग्रेस को दिल्ली भेजना है. परंपरागत वोट बैंक वाले बूथों पर कांग्रेस का मिली हार के कारणों की समीक्षा इस रिकार्ड के आधार पर की जाएगी. 
मध्यप्रदेश में कांग्रेस की हार के कारणों को लेकर दिल्ली से लेकर मध्यप्रदेश के नेता मंथन में जुटे हैं. ऐसे में एक बात यह भी सामने आई है कि कांग्रेस को इस लोकसभा चुनाव में कई स्थानों पर अपने परंपरागत बूथों पर भी हार का सामना करना पड़ा है. इस हार की बात सामने आने के बाद एआईसीसी ने बूथों का वोटिंग का रिकार्ड प्रदेश संगठन से मांगा है. कांग्रेस के महासचिव के.सी.वेणुगोपाल की ओर से आए एक सर्कुलर में पार्टी से भी 29 संसदीय क्षेत्रों का यह रिकार्ड भेजने को कहा गया है, साथ ही इस बात का भी सर्कुलर में उल्लेख है कि 7 जून तक यह जानकारी अनिवार्य रुप से दिल्ली भेजी जाए. सूत्रों की माने तो दिल्ली में इस रिकार्ड के आधार पर कांग्रेस के प्रमुख नेताओं की भूमिका तय की जाएगी पार्टी यह भी देखगी कि कांग्रेस के परंपरागत वोट बैंक वाले बूथों पर उसकी इस बार हार किन कारणों से हुई. उन कारणों को खोज कर बूथवार संगठन को मजबूत करने का काम कांग्रेस द्वारा किया जाएगा.
 थम नहीं रही तकरार
लोकसभा चुनाव में हार पर मंथन करने आए दिल्ली के नेताओं के सामने प्रत्याशी खुलकर बोल रहे हैं. इस दौरान कांग्रेस की कलह भी सामने आ रही है. विंध्य, बुंदेलखंड सहित मालवा अंचल के नेताओं द्वारा संगठन और नेताओं पर ऊंगली भी उठाई जा रही है, तो कहीं प्रत्याशी चयन प्रक्रिया को गलत बताया जा रहा है. वहीं ईवीएम का मुद्दा भी प्रत्याशी बना रहे हैं. एआईसीसी सचिव सुधांशु त्रिपाठी और संजय कपूर मालवा और विंध्य एवं बुंदेलखंड संसदीय क्षेत्रों में कांग्रेस की हार को लेकर लगातार मंथन कर रहे हैं. दोनों नेताओं के सामने प्रत्याशी और स्थानीय नेता खुलकर बोल रहे हैं. वर्तमान विधायक सुखेन्द्र सिंह बना रीवा में प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया को गलत बताया. वहीं पार्टी फंड का मुद्दा भी उठाया और कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी को फंड कम देती है.वहीं सीधी से प्रत्याशी अजय सिंह ने ईवीएम को मुद्दा बनाया. जबकि मालवा की देवास सीट से चुनाव हारे प्रहलाद टिपाणिया ने गुटबाजी के कारण कांग्रेस की हार को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि उनकी सीट पर गुटबाजी हार का प्रमुख कारण रही है. टिपाणिया ने तो यहां तक आरोप लगा दिए कि उनकी सीट पर सवर्ण नेताओं ने प्रचार नहीं किया, कांग्रेस में जाति को लेकर भेदभाव हुआ है.

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