राजधानी में पेयजल संकट को लेकर आज लोग सड़क पर उतर आए. कोलार क्षेत्र में लोगों ने चक्काजाम कर दिया, जिसके चलते वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगी रही. जानकारी मिलने पर पुलिस और प्रशासन के आला अफसर पहुंचे और लोगों को समस्या के जल्द निदान करने का आश्वासन दिया.
राजधानी के कोलार क्षेत्र में पेयजल संकट से जूझ रहे लोग आज एकत्रित होकर सड़क पर उतर आए. इस क्षेत्र में गर्मी के अलावा पूरे बारह महीने पानी की समस्या बनी रहती है. लोगों ने कई बार नगर निगम अधिकारियों से समस्या को लेकर चर्चा की, मगर अब तक केवल आश्वासन ही मिलता रहा. हाल यह है कि लोगों को दो से तीन दिनों तक पानी नहीं मिल पाता है. लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी के इस दौर में भी अधिकारी उनकी नहीं सुन रहे हैं. यहां के लोग निजी टेंकरों से पानी ले रहे हैं. लोगों का कहना है कि इन दिनों टेंकर मालिकों ने भी दमा दो गुना कर दिए हैं, जिससे और भी परेशानी बढ़ गई है. रहवासियों का आरोप था कि क्षेत्र में आए दिन पानी की समस्या से लोग परेशान होते रहे हैं, अधिकारी कभी यह कहते हैं कि पाइप लाइन लीकेज है, तो कभी पाइल लाईन की सफाई की बात कही जाती है. मगर लोगों की समस्याओं को दूर करने के प्रयास अब तक नहीं किए गए हैं.
हो सकती है विकराल स्थिति
उल्लेखनीय है कि राजधानी चार जलस्तत्रोत के भरोसे है नर्मदा,कैरवा डैम, कोलार डैम, और बड़ा तालाब लेकिन चार की हालत खराब हो चुकी है बड़ा तालाब डैड लेवल से निचे पहुंच चुका है जिसके बाद अब पुराने शहर में जहां बड़े तालाब से पानी की सप्लाई होती है वहां सबसे ज्यादा स्थिति विकराल हो सकती है. कलियासोत डैम और कैरवा डैम की भी यहीं स्थिति बनी हुई है दोनों डैम में भी 15 से 20 दिन का पानी बचा है. उधर मौसम विभाग ने पहले ही संभावना जता दी है कि इस बार मानसून 15 जून के बजाए 20 जून के आसपास आएगा.
राजधानी के कोलार क्षेत्र में पेयजल संकट से जूझ रहे लोग आज एकत्रित होकर सड़क पर उतर आए. इस क्षेत्र में गर्मी के अलावा पूरे बारह महीने पानी की समस्या बनी रहती है. लोगों ने कई बार नगर निगम अधिकारियों से समस्या को लेकर चर्चा की, मगर अब तक केवल आश्वासन ही मिलता रहा. हाल यह है कि लोगों को दो से तीन दिनों तक पानी नहीं मिल पाता है. लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी के इस दौर में भी अधिकारी उनकी नहीं सुन रहे हैं. यहां के लोग निजी टेंकरों से पानी ले रहे हैं. लोगों का कहना है कि इन दिनों टेंकर मालिकों ने भी दमा दो गुना कर दिए हैं, जिससे और भी परेशानी बढ़ गई है. रहवासियों का आरोप था कि क्षेत्र में आए दिन पानी की समस्या से लोग परेशान होते रहे हैं, अधिकारी कभी यह कहते हैं कि पाइप लाइन लीकेज है, तो कभी पाइल लाईन की सफाई की बात कही जाती है. मगर लोगों की समस्याओं को दूर करने के प्रयास अब तक नहीं किए गए हैं.
हो सकती है विकराल स्थिति
उल्लेखनीय है कि राजधानी चार जलस्तत्रोत के भरोसे है नर्मदा,कैरवा डैम, कोलार डैम, और बड़ा तालाब लेकिन चार की हालत खराब हो चुकी है बड़ा तालाब डैड लेवल से निचे पहुंच चुका है जिसके बाद अब पुराने शहर में जहां बड़े तालाब से पानी की सप्लाई होती है वहां सबसे ज्यादा स्थिति विकराल हो सकती है. कलियासोत डैम और कैरवा डैम की भी यहीं स्थिति बनी हुई है दोनों डैम में भी 15 से 20 दिन का पानी बचा है. उधर मौसम विभाग ने पहले ही संभावना जता दी है कि इस बार मानसून 15 जून के बजाए 20 जून के आसपास आएगा.

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