केंद्र की तर्ज पर राज्य सरकार ने शासकीय कार्यालयों में थर्माकोल के ग्लास और प्लेट पर प्रतिबंध लगाया है. अब मंत्रालय में थर्माकोल के कप में चाय नहीं मिलेगी. बता दें केंद्र के किसी भी कार्यालय में प्लास्टिक से बने उत्पादों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है.
केन्द्र सरकार से सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को वर्ष 2022 तक पूरी तरह से देश को मुक्त करने की योजना बनाई है. इसी के समर्थन में प्रदेश सरकार ने इसके आदेश जारी कर प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालय-कार्यक्रमों को सिंगल यूज प्लास्टिक व थर्माकोल मुक्त घोषित कर दिया है, यानि अब सरकारी कार्यालयों या कार्यक्रमों में प्लास्टिक की पानी की बोतलें या ग्लास आदि का उपयोग नहीं किया जा सकेगा.
उल्लेखनीय है कि पर्यावरण संरक्षण के मद्देनजर 2022 तक प्रतिबंधित किया गया है. इसी तर्ज पर राज्य मंत्रालय में भी थर्माकोल के ग्लास को प्रतिबंधित किया गया है. प्लास्टिक के साथ थर्माकोल के उपयोग पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध लगने से अब सरकारी आयोजन में मिट्टी के बर्तनों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा.
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