बुधवार, 31 जनवरी 2024

कांग्रेस नेता एक साथ करेंगे प्रदेश का दौरा

जितेन्द्र सिंह के साथ जीतू पटवारी, उमंग सिंघार लेंगे बैठकें

भोपाल। लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रेस के नेता अब संयुक्त दौरे करेंगे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी,  नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश प्रभारी भंवर जितेन्द्र सिंह एक साथ 4 से 7 फरवरी तक भोपाल, उज्जैन और ग्वालियर क्षेत्रों का दौरा कर समीक्षा बैठक लेंगे,  जिसको लेकर तैयारी तेज कर दी गई है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष  बनाने के बाद पहली बार जीतू पटवारी प्रदेश प्रभारी जितेन्द्र सिंह और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार एक साथ प्रदेश का दौरा करेंगे। साथ ही कार्यकर्ताओं को साधने के बाद आगामी चुनाव के लिए रणनीति तैयार करेंगे। इसके साथ ही कांग्रेस इस बार ज्यादा फोकस ग्रामीण क्षेत्रों पर करेगी। ताकि उनका वोट बैंक मजबूत हो सके। इसके साथ ही बैठक में लोकसभा चुनाव के लिए संभावित उम्मीदवारों के नामों पर भी चर्चा की जाएगी।
प्रदेश नेतृत्व सबसे पहले 4 फरवरी को सुबह 10 बजे ग्वालियर लोकसभा स्तरीय समन्वय समिति की बैठक लेंगे। दोपहर 11 बजे मुरैना-श्योपुर, 12 बजे गुना-शिवपुरी और दोपहर एक बजे दतिया भिंड संसदीय क्षेत्र की समवंय समिति की बैठक लेंगें। बैठक लोकसभा चुनाव में पार्टी की स्थिति और कार्यकर्ताओं को मनोबल बढ़ाने के लिए क्या किया जाये, इस पर प्रमुख रूप से चर्चा की जाएगी।

स्टार्टअप नीति में किया संशोधन, मिल सकेगी प्रोत्साहन राशि

कैबिनेट बैठक में लिया फैसला


भोपाल। राज्य सरकार ने आज स्टार्टअप नीति में संशोधन किया है। अब इसके बाद राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लेने के लिए स्टार्टअप को सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
मंत्रिमंडल की आज हुई बैठक में मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप नीति एवं कार्यान्वयन योजना, 2022 में संशोधन करने का निर्णय लिया गया है। संशोधन अनुसार प्रदेश के स्टार्टअप को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में सहभागिता के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। घरेलू आयोजनों में सहभागिता पर प्रति आयोजन पर किए गए व्यय का 75 प्रतिशत अधिकतम 50 हजार रुपए तक की प्रतिपूर्ति एवं देश से बाहर के आयोजनों में सहभागिता करने पर प्रति आयोजन व्यय का 75 प्रतिशत अधिकतम 1 लाख 50 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी। एक स्टार्टअप को 1 वित्तीय वर्ष में अधिकतम 1 बार तथा पूरे जीवनकाल में अधिकतम 2 बार सहायता दी जाएगी।
सुपरस्पेशिलिटी अस्पताल के विस्तार के  लिए 164 करोड़ की स्वीकृति
बैठक में मंत्रिमंडल ने चिकित्सा महाविद्यालय, रीवा के अंतर्गत सुपरस्पेशिलिटी अस्पताल के विस्तार के  लिए 164 करोड़ 49 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल रीवा के विस्तार के लिए अतिरिक्त 25 करोड़ 31 लाख रूपए की स्वीकृति दी गई है। यह राशि नए आईसीयू बेड्स, कैथ लैब, प्रायवेट वार्डनिर्माण एवं फर्नीचर क्रय आदि कार्यों में व्यय होगी। उल्लेखनीय है कि पूर्व में चिकित्सा महाविद्यालय, रीवा के अंतर्गत सुपरस्पेशिलिटी अस्पताल के निर्माण के लिए 139 करोड़ 18 लाख की स्वीकृति जारी की गई थी। अब यह बढ़कर 164 करोड़ 49 लाख हो गयी है।
पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के लिए दिया धन्यवाद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रिमंडल की बैठक से पहले अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के लिए धन्यवाद दिया तथा प्रदेश को 10 हजार 405 करोड़ की सड़क परियोजनाओं की सौगात देने के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार माना।
फरवरी में होगा भूमिपूजन
केन-बेतवा लिंक परियोजना का भूमि पूजन फरवरी  में होगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा कृषि और उद्योग क्षेत्र के संबंध में दिए गए सुझावों के क्रियान्वयन तथा इस संबंध में आवश्यक समन्वय के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित किया जाएगा।

उमा ने उठाया कुत्तों के काटने का मुद्दा, मुख्यमंत्री को लिखा पत्र


भोपाल। राजधानी भोपाल में लगातार आवारा कुत्तों का आतंक जारी है। इसे लेकर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने मुख्य्मंत्री डा मोहन यादव को पत्र लिख कर इसकी सूचना दी है और समाधान की मांग की है। इसके पहले भी एक चार साल के बच्चे की कुत्ते के कटने से मौत का मामला सामने आया था।

पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कुत्तों के काटने के बढ़ते मामलों को लेकर मुख्यमंत्री डा मोहन यादव को पत्र लिखा है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने आवारा कुत्तों के आतंक को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की. इसके साथ ही उन्होंने राजधानी भोपाल में हाल ही में कुत्तों के काटने से बच्चे की हुई मौत का जिक्र करते हुए पत्र में लिखा कि गरीबों के जिंदा बच्चों को कुत्ते खा जाएं। ये हमारे समाज के लिए कलंक है। उमा भारती ने कहा कि ये क्रिमिनल नेग्लिजेंस है। बनाए हुए नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की जानी चाहिए, जो लोग सरकार के बनाए नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, ये अपराध है. उन पर कार्रवाई होनी चाहिए।
पत्र में लिखा है कि भोपाल में जिन दो बच्चों को कुत्तों ने खा लिया है उनके परिवार से उन्होंने बात की। उनसे बात करने के बाद यह सामने आया कि वे जिन कंपनियों में निर्माण कार्य कर रहे हैं वह कंपनियां अपने यहां कार्यरत मजदूरों के बच्चों और महिलाओं के संबंध में सरकार की बनाई श्रमिक नीति का स्वयं पालन नहीं कर रही हैं। उमा ने बताया की इन मजदूरों के परिवार अत्यधिक साधनहीन परिवार हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले उमा भारती मृतक बच्चे के परिजनों से भी मिल चुकी हैं। इस दौरान उन्होंने परिवार को सांत्वना दी और जिस जगह यह घटना हुई थी, उसके लिए कंस्ट्रक्शन कंपनी को इस घटना का जिम्मेदार ठहराया था। इसके साथ ही उमा भारती ने घटनास्थल का भी दौरा किया था, जिसका वीडियो उन्होंने सोशल मीडिया में शेयर किया था।

कर्मचारियों के साथ छलावा करने के बजाय उनका अधिकार दे सरकार

महंगाई भत्ते को लेकर कमलनाथ ने बोला हमला


भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों के साथ छलावा करने के बजाए, वह उनका अधिकार दें और 46 प्रतिशत महंगाई भत्ता देना सुनिश्चित करें। 

प्रदेश में कर्मचारियों ने महंगाई भत्ता नहीं देने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है। अब इसको लेकर सियासत भी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर कहा कि मध्य प्रदेश सरकार का कर्मचारी विरोधी रवैया एक बार फिर सामने आ रहा है। मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारी लंबे समय से केंद्र के बराबर 46 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने की मांग कर रहे हैं। मैं उनकी मांग का समर्थन करता हूं। विधानसभा चुनाव की वोटिंग से पहले भाजपा सरकार ने चुनाव आयोग से अनुमति मांगी थी कि महंगाई भत्ता बढ़ा दिया जाए। भाजपा सरकार को अच्छी तरह पता था कि आचार संहिता के बीच में निर्वाचन आयोग ऐसा नहीं कर सकता। इसलिए भाजपा ने खुद को कर्मचारी हितैषी दिखाने के लिए यह पाखंड किया था।

उन्होंने कहा कि अब जब भाजपा की सरकार दोबारा बन गई है तो कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाने की फाइल ही आगे नहीं बढ़ रही। इससे पता चलता है कि भारतीय जनता पार्टी चुनाव के समय जनहित की बातें करती है और चुनाव जीतने के बाद सभी वर्गों को ताक पर रख देती है। पूर्व सीएम ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री से अनुरोध करता हूं कि सरकारी कर्मचारियों के साथ छलावा करने की बजाय वह कर्मचारियों को उनका अधिकार दें और 46 प्रतिशत महंगाई भत्ता देना सुनिश्चित करें।


मंगलवार, 30 जनवरी 2024

लोकसभा चुनाव के पहले प्रदेश में बढ़ेगी संघ की सक्रियता

संघ प्रमुख फरवरी में पहुंचेंगे उज्जैन, मुरैना


भोपाल। संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत फरवरी माह में मध्यप्रदेश दौरे पर रहेंगे। वे 6 से 8 फरवरी तक उज्जैन में रहने वाले है। इस दौरान मोहन भागवत चिंतामन रोड पर स्थित सम्राट विक्रमादित्य भवन में अलग-अलग बैठक में शामिल होंगे। इस दौरान वो महाकाल मंदिर दर्शन करने भी जा सकते है।
संघ प्रमुख मोहन भागवत करीब एक सप्ताह के दौरे पर मध्य प्रदेश आ रहे हैं। बताया जा रहा है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत 3 दिन तक उज्जैन में रहेंगे। अब उज्जैन नगरी में उनके आगमन के लिए तैयारी की जा रही है। उज्जैन में प्रचारक बैठक में शाखाओं खासकर सायंकालीन शाखाओं का विस्तार, मतांतरण पर भी वह चर्चा कर सकते हैं, जिसमें गतिविधियों पर नजर रखने खासकर आदिवासी बहुल क्षेत्रों में विशेष ध्यान देने की बात होगी। वे संघ का समाज के विभिन्न क्षेत्रों में विस्तार, समाज जागरण जैसे विषयों पर सरसंघचालक प्रचारकों का मार्गदर्शन करेंगे।  उज्जैन के बाद संघ प्रमुख मुरैना जाएंगे। वे यहां 9 से 11 फरवरी तक मुरैना में रहने वाले है। यहां वे मध्यभारत प्रांत के प्रचारकों की बैठक में शामिल होंगे।
बताया जाता है कि उज्जैन एंव मुरैना में बैठक रखने के पीछे भी संघ की रणनीति है। जिन क्षेत्रों में विधानसभा चुनाव में भाजपा को कांग्रेस के मुकाबले कम वोट प्राप्त हुए है उन क्षेत्रों पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है। इन क्षेत्रों में पार्टी को मजबूत करने और वोट प्रतिशत बढ़ाने को लेकर पार्टी के साथ ही संघ भी भाजपा सरकार की गरीब कल्याण की योजनाओं के हितग्राहियों से सम्पर्क करने को प्रमुखता से रखेगा। संघ की ओर से हालांकि अभी भागवत के दौरे का कोई अधिकृत कार्यक्रम जारी नहीं हुआ है।

उत्तर भारत की महिलाओं को राजधानी भोपालमें होगा सम्मेलन

भाजपा की राष्ट्रीय महिला पदाधिकारी होंगी शामिल


भोपाल। लोकसभा की तैयारियों में जुटी भाजपा हर वर्ग को साधने का प्रयास कर रही है। पार्टी द्वारा अभियान चलाए जा रहे हैं। साथ ही सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है। इसके चलते अब पार्टी ने राजधानी भोपाल में उत्तर भारत की महिलाओं के सम्मेलन आयोजित करने का फैसला किया है। हालांकि सम्मेलन की तारीख अभी तय नहीं हुई है, मगर माना जा रहा है कि फरवरी माह में यह सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
भाजपा लोकसभा चुनाव में वोट प्रतिशत बढ़ाने के साथ सीटें बढ़ाने पर भी तैयारी कर रही है। मध्यप्रदेश के अलावा अन्य राज्यों में भी उसकी इसी लक्ष्य को पाने की तैयारी है। इसके चलते हर वर्ग को साधने का काम किया जा रहा है। अब भाजपा राजधानी भोपाल में एक और बढ़ा आयोजन करने की तैयारी कर रही है। बताया जा रहा है कि भाजपा महिला मोर्चा द्वारा प्रदेश में उत्तर भारत की महिलाओ का सम्मेलन आयोजित जा रहा है। सम्मेलन में भाजपा की राष्ट्रीय महिला पदाधिकारी और कार्यकर्ता इसमें शामिल होंगी। साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी इस कार्यक्रम में इसमें शामिल हो सकते हैं। महिला आरक्षण बिल, केंद्र की योजना और बीजेपी का महिलाओं को लेकर विजन पर चर्चा होगी।
गौरतलब है कि महिलाओं तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए भाजपा महिला मोर्चा को जिम्मेदारी मिली है। उनमें जोश भरने के लिहाज से यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में जम्मू कश्मीर, हरियाणा, पंजाब, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड  की महिला कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल होंगी।

कांग्रेस प्रवक्ता को हटाया

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मारपीट का मामला


भोपाल। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेसियों के बीच गाली-गलौज और मारपीट की घटना के बाद कार्रवाई की गई है।  कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश प्रवक्ता शहरयार खान को तत्काल प्रभाव से पद से मुक्त कर दिया है। साथ ही उन्हें पूरे मामले में 7 दिनों में स्पष्टीकरण भी मांगा है। इसके अलावा प्रदीप अहिरवार को भी नोटिस भेजा है। उनसे भी 7 दिन के अंदर मामले पर स्पष्टीकरण मांगा है। संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की बात कही गई है।

बता दें कि सोमवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मध्य प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार और प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता शहरयार खान के बीच गाली-गलौज और मारपीट हुई थी। दोनों के बीच जमकर झूमाझटकी हुई। दोनों नेताओं ने एक दूसरे पर कुर्सियां फेंकी और हाथापाई की। मौके पर मौजूद दूसरे नेताओं ने दोनों नेताओं को अलग किया। प्रदेश कांग्रेस के संगठन प्रभारी उपाध्यक्ष राजीव सिंह ने प्रदीप अहिरवार और शहरयार खान को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही दोनों नेताओं से 7 दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं प्रदेश प्रवक्ता शहरयार खान को पद से हटा दिया गया है। यदि दोनों नेताओं का स्पष्टीकरण संतुष्टि पूर्ण नहीं पाया गया तो अनुशासनहीनता की कार्रवाई की जाएगी। 


धान की तरह गेहूं को लेकर भी धोखा देगी सरकार


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर बोला हमला

भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की गारंटी भी फिर जुमला ही निकली। विधानसभा चुनाव और घोषणा पत्र में भाजपा ने किसानों को गेहूं के लिए 2700 रूपए प्रति क्विंटल की गारंटी दी थी, लेकिन 2250 प्रति क्विंटल दिया जा रहा है। मतलब साफ है सरकार धान की तरह अब गेहूं को लेकर भी धोखा दे रही है। 

पटवारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आज ही नोटिफिकेशन हुआ है कि 2250 रुपए में गेहूं खरीदेंगे, जबकि मोहन सरकार ने वादा किया था कि 3100 रुपए में धान और 2700 रुपए में गेहूं खरीदेंगे। मैं मुख्यमंत्री से अनुरोध करना चाहता हूं कि 2250 रुपए में गेहूं खरीदना किसानों के साथ धोखा है। आपने 3100 रुपए में धान की बात की थी। वो आपने 2100  रुपए दिया। ये धोखा है किसानों के साथ। 3  हजार रुपए बहनों को देने की आपने बातें की थीं। जिनको आप 1250 रुपए सांस ले लेकर दे रहे हैं ये धोखा है बहनों के साथ। 450 रुपए में गैस सिलेंडर देने की बात कही थी। आपने एक कदम भी आगे नहीं बढ़ाया, ये धोखा है जनता के साथ। पटवारी ने कहा कि आपने दो लाख नौकरियों की बात की थी। उस एक शब्द भी आपने नहीं बोला। ये प्रदेश के साथ धोखा है। मोहन भैया धोखा देना बंद करो। आपसे प्रार्थना है कि किसानों के गेहूं का नोटिफिकेशन आपने 2250 रुपए किया। उसे 2700 रुपए करो। अन्यथा इधर तुलाई चलेगी और इधर आंदोलन चलेगा।

गडकरी जी जो भी रोड बनाते हैं, जनता से वसूलते हैं टैक्स

पटवारी ने कहा कि  2014 में भाजपा ने नारा दिया था बहुत हुई महंगाई की मार अबकी बार मोदी सरकार लेकिन इतने दिन हो गए भारत की जनता को क्या महंगाई से राहत मिली क्या उसे रोजगार हासिल हुआ। ठीक उसी तरह नितिन गडकरी जो भी रोड बनाते हैं वह बगैर टोल टैक्स के नहीं बनती है, हर सड़क पर 60 किलोमीटर चलने पर व्यक्ति को चुकाना होता है टोल टैक्स।  


मध्यप्रदेश के सात लोकसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी राहुल की यात्रा

पांच बड़ी सभाएं करेंगे राहुल गांधी


भोपाल। भारत जोड़ो न्याय यात्रा पर निकले कांग्रेस के नेता राहुल गांधी की यात्रा मध्यप्रदेश के सात लोकसभा सीटों से होकर गुजरेगी। इस दौरान वे पांच बड़ी सभाएं करेंगे। प्रदेश कांग्रेस यात्रा की तैयारियों को लेकर जुटी है। 

राहुल गांधी की न्याय यात्रा 3 मार्च को मध्यप्रदेश के मुरैना में प्रवेश करेगी। मध्यप्रदेश में चुनाव के बाद कांग्रेस का ये बड़ा कार्यक्रम होगा। राहुल गांधी की इस यात्रा को सफल बनाने के लिए कांग्रेस नेता अभी से जुट गए हैं। इस यात्रा से कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में अच्छे नतीजे मिलने की उम्मीद है। मध्यप्रदेश में राहुल गांधी अपनी यात्रा के दौरान 7 दिन में 698 किलोमीटर सफर तय करेंगे। 

लोकसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी ने मध्यप्रदेश के लिए स्पेशल प्लान तैयार किया है। भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान राहुल गांधी 9 जिलों के 7 लोकसभा क्षेत्रों से गुजरेंगे और इस दौरान वो इन इलाकों में 5 बड़ी जनसभाओं को संबोधित भी करेंगे। इनमें ग्वालियर और चंबल की 4 लोकसभा सीट भी शामिल होंगी। इस न्याय यात्रा के जरिए मध्यप्रदेश में राहुल गांधी अलग-अलग वर्गों को साधने की कोशिश करेंगे। वहीं भाजप का कहना है कि राहुल गांधी की इस यात्रा को मध्यप्रदेश की जनता नाकाम कर देगी। 


सोमवार, 29 जनवरी 2024

आरक्षण विरोधी चेहरा सामने आते जा रहा भाजपा का : कमलनाथ


भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भाजपा सरकार पर आरक्षण विरोधी होने का आरोप लगाया है। कमलनाथ ने कहा कि भाजपा का आरक्षण विरोधी चेहरा सामने आते जा रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भाजपा पर आरक्षण विरोधी होने का बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर लिखा कि भाजपा का आरक्षण विरोधी चेहरा अब खुलकर सामने आता जा रहा है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने जिस तरह से विश्वविद्यालय में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को समाप्त करने के लिए ड्राफ्ट तैयार किया है। वह अत्यंत खतरनाक प्रवृत्ति है। उन्होंने कहा कि इस ड्राफ्ट में कहा गया है कि अगर उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से योग्य उम्मीदवार नहीं मिलते है तो आरक्षित सीटों को अनारक्षित कर दिया जाए। यह आरक्षण समाप्त करने की स्पष्ट साजिश है। कमलनाथ ने कहा कि यह पहली बार नहीं हो रहा जब भारतीय जनता पार्टी समाज के कमजोर तबके से आरक्षण छीनना चाहती है। इससे पहले मध्य प्रदेश में मेरी सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया था, जिसे भाजपा की सरकार ने षड्यंत्रपूर्वक समाप्त हो जाने दिया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी सरकार, इसीलिए जातिगत जनगणना के आंकड़े  सार्वजनिक नहीं कर रही है कि समाज के वंचित वर्ग को उसका अधिकार न देना पड़े। लेकिन कांग्रेस पार्टी भाजपा के मंसूबे सफल नहीं होने देगी और हर स्तर पर दलित, आदिवासी, पिछड़े वर्ग और सर्व समाज की लड़ाई लड़ती रहेगी।

राज्यसभा के जरिए साधेंगे जातिगत और क्षेत्रीय समीकरण

भाजपा और कांग्रेस दोनां ही दल लोकसभा चुनाव को देखते हुए तय करेंगे प्रत्याशी

भोपाल। मध्यप्रदेश की राज्यसभा की पांच सीटों के लिए फरवरी में होने वाले चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल प्रत्याशी चयन में लोकसभा चुनाव को प्राथमिकता देते नजर आएंगे। दोनों ही दलों द्वारा जातिगत और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की कवायद इन सीटों के जरिए की जाएगी।
राज्यसभा की रिक्त होने वाली प्रदेश की पांच सीटों के लिए आज चुनाव आयोग ने मतदान की तारीख तय कर दी है। इसके साथ ही प्रत्याशियों को लेकर कयास भी लगाए जाने लगे हैं। भाजपा को चार और कांग्रेस को एक सीट के लिए प्रत्याशी तय करना है। भाजपा के लिए बडा संकट दिल्ली के नेताओं के नाम को लेकर है। संगठन चाहकर भी दिल्ली की बात को टाल नहीं सकता। लिहाजा माना जा रहा है कि कम से कम दो सीटों पर तो दिल्ली के नेताओं के नाम सामने आएंगे। इसके बाद दो सीटों पर प्रदेश के नेताओं को स्थान मिल सकता है। फिलहाल इस बात की अटकलें संगठन में हैं। इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव को देखते हुए ही पार्टी राज्यसभा का प्रत्याशी चयन करेगी। वहीं कांग्रेस को एक सीट पर प्रत्याशी का चयन करना है। इसके लिए कांग्रेस की ओर से प्रदेश के किसी एक नेता का नाम ही तय किया जा सकता है। फिलहाल अटकलें इस बात की है कि कांग्रेस के कुछ नेता पहले से ही इस बार एससी वर्ग को महत्व देने की बात कह रहे हैं। वैसे पार्टी की ओर से रिक्त होने वाली इस सीट पर वर्तमान में ओबीसी वर्ग का प्रतिनिधित्व रहा है। इसके चलते माना जा रहा है कि कांग्रेस फिर से ओबीसी वर्ग के किसी नेता का नाम राज्यसभा के लिए तय कर दे। सूत्रों की माने तो कांग्रेस में अंदरूनी तौर पर दो नाम ओबीसी वर्ग से चल रहे हैं। कहा जा रहा है कि पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरूण यादव को कांग्रेस प्रत्याशी बना सकती है। इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि खंडवा-बुरहानपुर संसदीय सीट पर लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी चयन में किसी तरह की बाधा ना हो। इस सीट पर उपचुनाव के दौरान अरूण यादव की नाराजगी को देखते हुए पार्टी उन्हें प्रत्याशी बना सकती है।
पांचों सीटों पर प्रत्याशी चयन को लेकर दोनों ही दलों का जोर लोकसभा चुनाव को देखते हुए ही रहेगा। माना जा रहा है कि दोनों ही दल प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया में जातिगत और क्षेत्रीय समीकरणों को बैठाने का काम करेंगे।
गौरतलब है क राज्य विधानसभा में कुल 230 सदस्य हैं। 5 पांच सीटों के लिए चुनाव होने हैं। फार्मूले के अनुसार 39 विधायक एक सदस्य को चुनेंगे। वर्तमान में भाजपा के पास 163 विधायक हैं। विधानसभा में दोनों दलों के सदस्यों की संख्या के आधार पर इनमें चार सीटें भाजपा और एक कांग्रेस को मिलेंगी।  इन सीटों के लिए चुनाव फरवरी में होंगे।
इनकी सीटें हो रही खाली
राज्यसभा सदस्यों में भाजपा की ओर से अजय प्रताप, कैलाश सोनी, धर्मेन्द्र प्रधान, एल.मुरुगन और कांग्रेस की ओर से राजमणि पटेल का कार्यकाल पूरा हो रहा है। कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य राजमणि पटेल ओबीसी वर्ग से आते हैं। इस लिहाज से कांग्रेस इसी वर्ग को फिर से साधने का प्रयास करेगी। वहीं भाजपा की ओर से फिलहाल दिल्ली के निर्देशों का इंतजार है। माना जा रहा है कि दिल्ली से कितने नाम तय होते हैं, उसके बाद ही प्रदेश के नेताओं के नाम पर विचार किया जाएगा।
 

शिक्षा मंत्री का दावा एक भी पेपर लीक नहीं होगा

कहा अगले सत्र से एक और सख्त कानून लागू किया जाएगा


भोपाल।  राजधानी भोपाल के एक्सीलेंस स्कूल में ’परीक्षा पे चर्चा-2024’ कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने एक बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि अगले सत्र से एक और सख्त कानून लागू किया जाएगा। इसके लिए एक सिस्टम डेवलप किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने एक भी पेपर लीक नहीं होने की बात कही है।
 ’परीक्षा पे चर्चा-2024’ कार्यक्रम में शामिल मंत्री से जब पेपर लीक पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि बच्चों को किसी भी प्रकार की सोशल मीडिया प्रैक्टिस पर इन्वॉल्व नहीं होना चाहिए। इससे बच्चों का नुकसान ही होगा। इतना ही नहीं वे आपराधिक गतिविधि के भागीदार भी होंगे। मंत्री ने बताया कि जो हम नया सिस्टम लेकर आ रहे हैं। उसमें पेपर लीक नहीं हो सकता। पेपर लीक पर कानून बनाने को लेकर हम विधानसभा में जाएंगे। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री का ये परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम को करोड़ों बच्चे देखते और सुनते हैं। इसके सकारात्मक परिणाम आए हैं और कार्यक्रम को सात साल हो गए हैं। रिजल्ट भी देखने को मिला है कि बच्चों और अभिभावकों की सोच में परिवर्तन आया है। अब अभिभावकों की कोशिश रहती है कि बच्चों को परीक्षा और पढ़ाई का तनाव नहीं होने दें। इसलिए माता पिता को बच्चों के साथ मित्रवत व्यवहार रखना चाहिए। पीएम के साथ यह कार्यक्रम 7वीं बार किया जा रहा है।
जिंदगी सुधारने का काम है शिक्षक का
परीक्षा पे चर्चा संस्करण 7 में नई दिल्ली के भारत मण्डपम् से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशभर के विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने बच्चों के सवालों को सुना और उनका जवाब दिया। मोदी ने कहा कि शिक्षक का काम केवल जॉब करना नहीं है, बल्कि जिंदगी सवारने का है। इस वजह से यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम उन्होंने विद्यार्थियों से तकनीक के उपयोग के साथ-साथ लिखने का अभ्यास निरंतर करने को भी कहा। नई दिल्ली में हुए परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में भोपाल उत्कृष्ट विद्यालय की छात्रा वंशिका महेश्वरी, छात्र तीर्थ सोनी और शिक्षिका योगिता नायक शामिल हुई।

कांग्रेस उपाध्यक्ष सतपाल पलिया ने दिया पार्टी से इस्तीफा

भोपाल। लोकसभा चुनाव के पहले कांग्रेस की मुसीबतें भी बढ़ रही है। पार्टी के नेता उसका साथ छोड़ रहे हैं। अब प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सतपाल पलिया ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। पलिया ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को पत्र लिखकर पार्टी से इस्तीफा देने की बात कही है। 

ळाल ही में ग्वालियर-चंबल अंचल के करीब दो सौ से ज्यादा नेताओं ने केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समक्ष भाजपा की सदस्यता ले ली थी। यह मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब कांग्रेस के उपाध्यक्ष सतपाल पलिया ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को पत्र लिखकर कहा है कि कि मैं सतपाल पलिया मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (भोपाल) पूर्व लोकसभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी सोहागपुर (2018) आज पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं, इस्तीफा स्वीकार करने का कष्ट करें। 

बताया जाता है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष सतपाल पलिया 2023 विधानसभा चुनाव में सोहागपुर से प्रत्याशी नहीं बनाए जाने से नाराज चल रहे थे। 2018 में वे कांग्रेस प्रत्याशी की टिकट पर चुनाव लड़े थे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। बता दें कि वह कांग्रेस पार्टी मे कई पदों पर रहे हैं। लोकसभा चुनाव नजदीक है। ऐसे वक्त में बड़े नेता के पार्टी छोड़ने से कांग्रेस पर क्या असर पड़ता है यह आने वाला वक्त ही तय करेगा।


ओबीसी वर्ग की जातियों पर भाजपा का फोकस

जिले स्तर पर किए जाएंगे सम्मेलन


भोपाल। लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने अब जातियों को साधने पर फोकस किया है। भाजपा अब ओबीसी वर्ग की जातियों को लेकर सक्रिय हो रही है। पार्टी ने तय किया है कि ओबीसी वर्ग की हर जाति का जिला स्तर पर सम्मेलन आयोजित किया जाए। सम्मेलन में सरकार द्वारा उनके हित में चलाई योजनाओं की जानकारी दी जाए साथ ही इस वर्ग की जाति के हितग्राहियों को साधने का प्रयास किया जाए। 

भाजपा ने ओबीसी मोर्चा को यह जिम्मेदारी सौंपी है। मोर्चा से साफतौर पर कहा गया है कि प्रदेश के हर जिलें पांच हजार से कम जनसंख्या वाली ओबीसी वर्ग की जाति का सम्मेलन आयोजित किया जाए और उन्हें सरकार की योजनाओं की जानकारी देते हुए यह बताया जाए कि मोदी सरकार ने उनके हित में क्या-क्या काम किया है। कौन-कौन सी योजनाएं संचालित की है। प्रदेश संगठन मंत्री हितानंद शर्मा ने हाल ही में ओबीसी मोर्चा की बैठक ली है। बैठक में उन्होंने मोर्चा पदाधिकारियों से कहा कि ओबीसी मोर्चा लोकसभा क्षेत्र, जिलों में पांच हजार से कम जनसंख्या वाली ओबीसी वर्ग की जातियों के सम्मेलन आयोजित करें। सम्मेलन में ओबीसी वर्ग की कम जनसंख्या वाली सभी जातियों के लोगों को शामिल करें और उन्हें केंद्र और मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा ओबीसी वर्ग, गरीब कल्याण और जनहितैषी योजनाओं और कार्यों की जानकरी दें। अगर कोई व्यक्ति केंद्र या राज्य सरकार की योजनाओं का पात्र होने के बावजूद भी लाभ पाने से वंचित है तो उसे योजना का लाभ दिलाने का प्रयास करें। प्रदेश संगठन महामंत्री ने कहा कि मोर्चा के दो राष्ट्रीय सम्मेलन पटना और कर्नाटक में आयोजित होंगे। दोनों आयोजनों में पार्टी के प्रदेश, जिला और मंडल के पदाधिकारियों के साथ ओबीसी वर्ग के जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति भी अपेक्षित है। उन्होंने लोकसभा चुनाव की दृष्टि से पिछड़ा वर्ग मोर्चा के करणीय कार्यों को लेकर विस्तार से चर्चा की।

छात्रावासों में जाएं, योजनाओं को बताएं

प्रदेश संगठन महामंत्री पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारी ओबीसी वर्ग के सभी छात्रावासों में जाएं और वहां पढ़ने वाले छात्रों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की भाजपा सरकार और मध्यप्रदेश सरकार द्वारा पिछड़ा वर्ग को लेकर चलाई जा रही योजनाओं और गरीब कल्याण व विकास कार्यों की जानकारी दें।


रविवार, 28 जनवरी 2024

दिग्विजय नहीं लड़ेंगे लोकसभा का चुनाव

कहा मैं राज्यसभा सदस्य हूं


भोपाल। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने साफ कर दिया कि वे लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि वे वर्तमान में राज्यसभा सदस्य हैं और उनका कार्यकाल अभी बाकी है। 

दिग्विजय सिंह ने यह बात राजगढ़ में लोकसभा सीट से उनके चुनाव लड़ने के लग रहे कयासों को लेकर कही। तीन दिवसीय प्रवास पर राजगढ़ पहुंचे दिग्विजय सिंह खिलचीपुर विधानसभा के ब्लॉक, मंडलम, सेक्टर और बूथ लेवल कार्यकर्ताओं की तीन सत्रों में बैठक लेने पहुंचे थे। यहां उन्होंने समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने यहां ब्यावरा और नरसिंहगढ़ विधानसभा क्षेत्र में संगठनात्मक बैठक लेकर उन्होंने कार्यकर्ताओं के मन की बात जानी थी। इस दौरान उन्होंने साफ कर दिया कि लोकसभा का चुनाव वे इस बार नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि वे  अभी राज्यसभा सदस्य हैं और उनके पास सवा दो साल है। राजगढ़ लोकसभा सीट से कांग्रेस का उम्मीदवार कौन होगा? यह पूछने वाले दिग्विजय ने कहा कि ये पार्टी तय करेगी।

गौरतलब है कि मीडिया में यह बात बार-बार आ रही है कि बड़े नेताओं को कांग्रेस चुनाव मैदान में उतार सकती है। इसे लेकर सिंह ने आज साफ कर दिया है। यहां यह उल्लेखनीय हे कि 2019 का लोकसभा चुनाव भोपाल संसदीय सीट से लड़ा था। उन्हें 3 लाख से ज्यादा मतों से हार का सामना करना पड़ा था।  इस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को हराया था। 


जिसकी हवा होगी, मैं उसके साथ चला जाउंगा : आठवले


भोपाल। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास आठवले ने कहा कि जिसकी हवा होगी, मैं उसके साथ चला जाउंगा। आज मोदी जी की हवा है, इसलिए मैं भाजपा के साथ हूं। कल जब हवा बदल जाएगी तो मैं भी हवा की ओर रूख कर लूंगा। 

केन्द्रीय मंत्री रामदास आठवाले आज राजधानी भोपाल के प्रवास पर थे। इस दौरान उन्होंने भाजपा मीडिया सेंटर में मीडिया से चर्चा करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि पहले जब कांग्रेस की हवा थी, तब मैं कांग्रेस की तरफ से 3 बार लोकसभा में चुनकर गया था। आज मोदी जी की हवा है तो यहां हूं। उन्होंने कहा कि कल जिसकी हवा होगी वहां चला जाऊंगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस पार्टी जीरो बन गई, इसलिए मोदी जी हीरो बन गए। पहले भारत के प्रधानमंत्री कहीं विदेश में जाते थे तब और अब में बहुत फर्क है। आज प्रधानमंत्री मोदी विश्व के लीडर बने हैं। आठवले ने कहा कि ये लोग कहते है कि संविधान बदल देंगे। लेकिन संविधान इतना मजबूत है की कोई संविधान नहीं बदल सकता। उन्होंने कहा कि नेहरू जी का भी अपना योगदान है, लेकिन बाबा साहब का अपमान करना ठीक नहीं हैं। कांग्रेस पार्टी को माफी मांगनी चाहिए। अप्रैल मई के चुनाव में अबकी बार मोदी सरकार अबकी बार 400 पर हमारा नारा है। उन्होंने कहा कि मोदी जी का ये कार्यकाल हिस्टोरिकल रहेगा।

शिवराज का लोकसभा आना पक्का

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले से शिवराज सिंह चौहान के बारे में सवाल किया गया तब उनका जवाब बेहद ही चौंकाने वाला आया। अठावले ने पत्रकारों को बताया कि शिवराज सिंह चौहान दिल्ली आएंगे, वह लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे और उनको कैबिनेट मंत्री बनाकर प्रधानमंत्री मोदी उनका आदर करेंगे। इतना ही नहीं अपने लहजे में अठावले ने यह भी कहा की शिवराज सिंह चौहान का लोकसभा में आना पक्का है, इससे उनके दुश्मनों को लगेगा धक्का।


दलित सरपंच को झंडा फहराने से मना करने वाले कर्मचारी की सेवा समाप्त


भोपाल। प्रदेश के  राजगढ़ जिले के एक गांव में गणतंत्र दिवस पर एक दलित सरपंच को तिरंगा फहराने से मना करने के बाद अधिकारियों ने पंचायत विभाग के एक कर्मचारी की सेवा समाप्त कर दी है। मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कार्रवाई की मांग की थी। 

घटना शुक्रवार को राजगढ़ जिले के ब्यावरा तहसील के अधीन आने वाली तरेना ग्राम पंचायत की है, जिसके बाद कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया था कि दलित होने के कारण सरपंच के साथ भेदभाव किया गया जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) अक्षय तेमरवाल ने शनिवार रात को कहा कि तरेना ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक लखन सिंह सोंधिया ने गणतंत्र दिवस पर गांव के सरपंच की जगह किसी दूसरे व्यक्ति से झंडा फहरवाया। सरपंच को उसके अधिकार से वंचित करने का मामला प्रकाश में आया है। इसके बाद रोजगार सहायक सोंधिया की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। घटना के बाद सरपंच मान सिंह वर्मा ने आरोप लगाया था कि रोजगार सहायक लखन सिंह ने 26 जनवरी को उनके गांव में एक कार्यक्रम के दौरान किसी अन्य व्यक्ति से तिरंगा फहरवाया। उन्होंने दावा किया कि ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि मैं वर्मा हूं। इसके बाद सरपंच ने इसकी शिकायत ब्यावरा जनपद पंचायत के सीईओ ईश्वर वर्मा से की थी।

वर्मा की शिकायत के बाद कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सरपंच की जगह किसी ओर से झंडा फहरवाने वाले कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी और कहा था कि क्या अनुसूचित जाति में पैदा होना अपराध है? सिंह ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा था कि क्या सरपंच को पंचायत भवन में झंडा फहराने का अधिकार नहीं है? मुख्यमंत्री से मेरा अनुरोध है कि रोजगार सहायक लखन सिंह को तत्काल निलंबित किया जाये तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत कार्यवाही की जाए। 

 

16 लाख दीदीयों को साधेगी भाजपा, सम्मेलन की तैयारी


स्व सहायता समूहों की महिलाओं को जोड़ने का किया जा रहा प्रयास

भोपाल। प्रदेश की राजधानी भोपाल में भाजपा जल्द ही स्व सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं का एक बड़ा सम्मेलन करने की तैयारी कर रही है। प्रदेश में करीब 16 लाख 4 हजार स्व सहायता समूह की दीदीयां है। 

भाजपा ने लोकसभा चुनाव को देखते हुए स्व सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को साधने की कवायद की है। प्रदेश भाजपा कार्यालय में हुई बैठक में तय किया गया कि इन महिलाओं को लेकर राजधानी में एक बड़ा सम्मेलन आयोजित किया जाए। ताकि स्व सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को भाजपा से जोड़ा जा सके। उन्हें यह बताया जा सके कि केन्द्र सरकार द्वारा चलाई गई योजना करोड़पति दीदी का फायदा उन्हें कैसे मिल रहा है। देश में केन्द्र सरकार द्वारा दो करोड़ महिलाओं को जोड़ने का भाजपा काम कर रही है। इसके चलते प्रदेश की स्व सहायता समूह से जुड़ी 16 लाख 4 हजार दीदीयों को अब भाजपा ने पार्टी से जोड़ने का लक्ष्य तय किया है। पार्टी ने तय किया है कि महिला मोर्चा की सदस्य हर ब्लाक में पहुंचकर इन महिलाओं से मिले और जानकारी लें। साथ ही केन्द्र सरकार की योजना का फायदा उन्हें किस तरह मिला इसके बारे में बताए। साथ ही प्रधानमंत्री की लखपति दीदी बनाने के कार्य का प्रचार प्रसार करें। भाजपा द्वारा इसके लिए 30 एवं 31 जनवरी को जिला स्तर पर कार्यशालाओं का आयोजन भी करने जा रही है। इस कार्यशाला में महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं को स्व सहायता समूह की महिलाओं को भाजपा से कैसे जोड़ा जाए इसकी जानकारी दी जाएगी। 

हितग्राहियों को जोड़ने भी की जा रही कवायद

भाजपा ने केन्द्र और राज्य की योजनाओं का लाभ ले रहे हितग्राहियों को भी पार्टी से जोड़ने का लक्ष्य तय किया है। इसके तहत विभिन्न योजनाओं का लाभ ले रहे हितग्राहियों की सूची पार्टी ने तैयारी की है। अब इस सूची के आधार पर पार्टी कार्यकर्ता इन हितग्राहियों से मिलकर योजनाओं के बारे में जानकारी देंगे। साथ ही यह भी बताएंगे कि अगर उन्हें लाभ नहीं मिला है तो उसके पीछे कारण क्या रहे। साथ ही जिन लोगों को योजनाओं का लाभ नहीं मिला है, उन्हें योजनाओं से जोड़ने का काम किया जाएगा। बताया जा रहा है कि प्रदेश में करीब ढ़ाई करोड़ हितग्राहियों की सूची भाजपा ने तैयार की है।


कांग्रेस के लोकसभा प्रभारी जल्द सौंपेंगे रिपोर्ट


भोपाल। प्रदेश में लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी कांग्रेस द्वारा तैनात किए गए लोकसभा प्रभारियों द्वारा अपने-अपने प्रभार वाले लोकसभा क्षेत्रों की रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। बताया जा रहा है कि ये प्रभारी 31 जनवरी के पहले अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को सौंप देंगें। इसके बाद 3 फरवरी को होने वाली स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में इस रिपोर्ट पर चर्चा होगी। 

लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने सभी 29 लोकसभा क्षेत्रों में प्रभारी तैनात किए थे। इन प्रभारियों से 31 जनवरी तक अपने-अपने प्रभार वाले लोकसभा क्षेत्रों की रिपोर्ट तैयार कर देने को कहा था। सूत्रों की माने तो इन प्रभारियों ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। ये प्रभारी 31 जनवरी तक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को अपनी रिपोर्ट सौंप देंगे। 

गौरतलब है कि 3 फरवरी को स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य भोपाल आएंगे। ये सदस्य इसी दिन कांग्रेस चुनाव समिति और लोकसभा प्रभारियों के साथ बैठकें करेंगे। ये बैठकें उज्जैन, ग्वालियर और भोपाल में होंगी। लोकसभा चुनाव समन्वय समिति, प्रदेश प्रभारी, लोकसभा प्रभारी बैठकों में शामिल होंगे। इसी दौरान बड़े नेताओं के चुनाव लड़ने पर भी निर्णय होगा। वहीं बैठक में लोकसभा प्रत्याशियों को लेकर फॉर्मूला तय होगा।

विधानसभा के घेराव की तैयारी में कांग्रेस 

प्रदेश कांग्रेस विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को मैदान में घेरने की तैयारी कर रही है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसके लिए 6 फरवरी को विधायक दल की बैठक बुलाई है। इस बैठक में वे विधायकों के साथ सरकार को सदन और मैदान में घेरने की रणनीति तय करेंगे। बताया जाता है कि प्रदेश में सरकार बनने के बाद भाजपा ने अब तक संकल्प पत्र पर अमल नहीं किया। महिला, किसान सहित तमाम मुद्दों को लेकर विधानसभा का घेराव करने की रणनीति बना रही है। बताया जा रहा है कि विधायक दल की बैठक के बाद प्रदेश संगठन से चर्चा कर यह घेराव किया जाएगा। 


शनिवार, 27 जनवरी 2024

जिन इलाकों में उद्योग कम है, वहां औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जाए


मुख्यमंत्री ने आज कई विभागों की समीक्षा कर अधिकारियों को दिए निर्देश

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के ऐसे इलाके जहां अपेक्षाकृत उद्योग कम हैं, वहाँ स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप औद्योगिक इकाइयों की स्थापना पर फोकस किया जाए। इसके लिए जिला स्तर पर उद्योग संवर्धन संगोष्ठियां करके उद्योगपतियों एवं निवेशकों को प्रोत्साहित किया जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में नर्मदा घाटी विकास विभाग, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, खनिज साधन, जनसंपर्क, वाणिज्यिक और आबकारी विभाग की गतिविधियों पर चर्चा हुई। विभागों द्वारा प्रजेंटेशन दिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश में ऐसे स्थानों पर उद्योग स्थापना की ठोस पहल की जाए, जहां उद्योग कम हैं। उन्होंने धार, झाबुआ जैसे जनजातीय बहुल क्षेत्रों एवं सागर, जबलपुर जैसे नगरीय क्षेत्रों में उद्योग संवर्धन संगोष्ठियों एवं कार्यक्रमों का आयोजन करने के निर्देश दिए। कृषि, पशुपालन, खनिज आधारित औद्योगिक इकाइयों को प्रारंभ करने की संभावनाओं पर विमर्श करने इनकी स्थापना के लिए भी तेज गति से कार्य करने बांस उत्पादन आधारित इकाइयों और टिंबर व्यवसाय को भी प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्देश दिए कि प्रदेश में ऐसी जगहों पर इकाइयां लगाने का कार्य प्राथमिकता से किया जाए, जहां उन औद्योगिक इकाइयों के विकास की व्यापक संभावनाएं विद्यमान हों। इससे रोजगार सृजन में भी सहायता मिलेगी। बैठक में बताया गया कि आगामी एक और दो मार्च को उज्जैन में व्यापार मेले 2024 के अवसर पर इन्वेस्टर्स समिट भी प्रस्तावित है। विशेष रूप से पर्यटन, कृषि और स्टार्टअप क्षेत्रों पर फोकस रहेगा। इसमें गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र सहित स्थानीय निवेशक भी हिस्सा लेंगे।
गुजरात में हुए कामों का अध्ययन करें
मुख्यमंत्री ने नर्मदा घाटी विकास की विभागीय समीक्षा करते हुए जल उपयोग के मामले में श्रेष्ठ परिणाम लाने वाले राज्यों विशेषकर गुजरात में हुए कार्यों का अध्ययन करने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्तमान सिंचाई प्रतिशत, सिंचाई के विभिन्न पद्धतियों, आगामी वर्षों में सिंचाई प्रतिशत में वृद्धि के लिए निर्धारित किए गए लक्ष्यों, किसानों के लिए सिंचाई सुविधा के उद्देश्य से जल उपलब्ध करवाने, विभिन्न बांधों के माध्यम से जल विद्युत उत्पादन, जलाशयों और बांधों की उपलब्ध जल क्षमता और उसके उपयोग की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सिंचाई के लिये पानी उपलब्ध कराने की समय-सारणी निर्धारित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही नर्मदा नदी के बड़े घाटों और नर्मदा नदी के तट पर स्थित प्रमुख धार्मिक महत्व के स्थानों पर नदी में आवश्यक जल प्रवाह की व्यवस्था होना चाहिए।
विभागीय प्रकाशन की व्यवस्था को बनाएं पुख्ता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनसंपर्क विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, सोशल मीडिया के माध्यम से हो रहे प्रचार कार्य के साथ ही विषय केन्द्रित और इवेंट आधारित गतिविधियों की रूपरेखा बनाने के निर्देश दिए। बैठक में जनसंपर्क आयुक्त संदीप यादव ने विभाग के कार्यों की जानकारी दी। प्रकाशन, पत्रकार कल्याण, विभागीय प्रशिक्षण, मीडिया प्रशिक्षण गतिविधियों से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने विभागीय प्रकाशन की व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने के साथ ई-प्रकाशन के भी निर्देश दिए। उन्होंने फिल्म निर्माण के क्षेत्र में प्रोत्साहन और पुरस्कार योजना प्रारंभ करने और राज्यों में अध्ययन दल भेजकर नवाचारों को अपनाने के लिए कहा।
अवैध उत्खनन, परिवहन के खिलाफ चलाएं अभियान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अवैध उत्खनन और परिवहन के विरुद्ध अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएं। इसके लिए संभागीय टास्क फोर्स का उपयोग किया जाए। खनिजों से राजस्व प्राप्ति के संबंध में विभाग द्वारा नियमित रूप से समीक्षा की जाए। बैठक में बताया गया कि हाल ही में मध्यप्रदेश को मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। राज्य एवं जिला स्तरीय टास्क फोर्स, अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण की रोकथाम के लिए निरंतर निगरानी कर रहा है। सतत जाँच के लिए गत माह संभागीय जाँच दल गठित किए गए हैं। खनिज विभाग के प्रजेंटेशन में बताया गया कि मध्यप्रदेश में 68 खनिज ब्लॉक की नीलामी का उल्लेखनीय कार्य किया है।

चर्चा के बाद बड़े नेताओं को मैदान में उतारने का होगा फैसला

प्रत्याशी को लेकर फरवरी से बैठकों का दौर होगा तेज

भोपाल। प्रदेश में विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस अब लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी है। इसके लिए प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया को लेकर फरवरी से बैठकों का दौर तेज होगा। 3 फरवरी को स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य भोपाल पहुंचेंगे। वे बैठकें लेंगे। सभी पदाधिकारियों के साथ लोकसभा प्रभारियों से चर्चा की जाएगी। इसके बाद ही यह तय होगा कि बड़े नेताओं को चुनाव मैदान में उतारा जाए या फिर नहीं।
प्रदेश कांग्रेस में बैठकों का दौर चल रहा है। आज लोकसभा चुनाव के अलावा राहुल गांधी की भारत न्याय यात्रा की तैयारियों को लेकर एक बैठक हुई। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी उपस्थित रहे। बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बताया कि  3 फरवरी से स्क्रीनिंग कमेटी के मेम्बर भोपाल आएंगे। उज्जैन, ग्वालियर और भोपाल में बैठकें होंगी। लोकसभा चुनाव समन्वय समिति, प्रदेश प्रभारी, लोकसभा प्रभारी बैठकों में शामिल होंगे। बड़े नेताओं के चुनाव लड़ने पर कहा कि प्रभारी नियुक्त किए हैं,सबसे चर्चा के बाद निर्णय होगा। मध्यप्रदेश में कांग्रेस की नई टीम जल्द ही सामने आएगी। हमने इस बीच कई कमेटियों का गठन किया है। उन्होंने कहा कि लोकसभा और भारत जोड़ो न्याय यात्रा के संबंध में तैयारी चल रही है। लोकसभा चुनाव के लिए कंट्रोल रूम बन गया है। सोशल मीडिया समेत डिलीवरी सिस्टम पर काम हो रहा है। संभागीय स्तर पर भी कंट्रोल रूम बना रहे हैं। प्रत्याशी चुनने और चुनाव लड़ने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है।
अधिकारी डरते नहीं, अपराध बढ़ रहे
पटवारी ने कहा कि नए मुख्यमंत्री के कार्यकाल में अपराधों के रिकॉर्ड टूट रहे हैं। इस तरह के अपराध बढ़ेंगे तो सभ्य समाज कैसे आएगा। मध्यप्रदेश के हालात दयनीय हैं, सरकार को समझना चाहिए। हर तरह के अपराध बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री के किए हुए एक्शन से अधिकारी डरते नहीं है, इसलिए लगातार अपराध बढ़ रहे हैं। भाजपा के वचन पत्र को लेकर कहा कि रामायण और गीता में से एक शब्द भी नहीं पढ़ाया गया। धान व गेहूं के दाम कब मिलेंगे। 450 रुपये में गैस सिलेंडर कब से देंगे। पटवारी ने कहा कि राष्ट्रगान-प्रदेशगान को लेकर सीएम ने अपनी बात कही है। भाजपा की अंदरूनी राजनीति में मध्यप्रदेश का अपमान हो रहा है। राष्ट्र का अपना सम्मान है, लेकिन मध्यप्रदेश का भी अपमान न हो।

महंगाई भत्ता नहीं बढ़ाया तो करेंगे प्रदर्शन

तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने दी चेतावनी


भोपाल। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने कहा है कि लगातार महंगाई बढ़ रही है, पर कर्मचारियों का महंगाई भत्ता नहीं बढ़ रहा। इस कारण अब तक कर्मचारियों को 700 करोड़ का नुकसान हो चुका है। उसका कहना है कि सरकार द्वारा हर महीने 1 करोड़ 29 लाख 77 हजार 199 लाड़ली बहनों को 1 हजार 219 करोड़  दिए जा रहे हैं, लेकिन कर्मचारियों को महीने में 150 करोड़ देने में परेशानी हो रही है। संघ ने महंगाई भत्ते की मांग पूरी ना किए जाने पर फरवरी में धरना, प्रदर्शन  करने की चेतावनी दी है। 

संघ ने कहा कि पिछले 7 महीने से कर्मचारियों को 4 प्रतिशत महंगाई भत्ता नहीं मिला है। पूर्व मुख्यमंत्री के कार्यकाल में 9200 करोड रुपए सरकार ने कर्मचारियों को महंगाई भत्ता समय पर न देकर नुकसान किया है। संध ने कहा कि सरकार राज्य के कार्यरत एवं सेवानिवृत्ति 12 लाख कर्मचारियों का इम्तिहान न ले। इसी के साथ उन्होने कहा कि वो अपनी मांगों को लेकर फरवरी में बड़ा धरना प्रदर्शन करेंगे। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव उमाशंकर तिवारी द्वारा बताया कि राज्य के 7.50 लाख कर्मचारी एवं 4.50 लाख सेवानिवृत कर्मचारी महंगाई भत्ता व मंहगाई राहत न मिलने से परेशानी हैं। एक सर्वे के मुताबिक सब्जियों के दाम 60 प्रतिषत व दाल अन्य चीजों के दाम 20 प्रतिषत बढ़े हुए बताए गए हैं। लेकिन प्रदेश के कर्मचारियों को 4 प्रतिषत महंगाई भत्ता व महंगाई राहत सरकार द्वारा नहीं दी जा रही है, जो कि महंगाई का सामना करने के लिए ही दिया जाता है। यह समय पर न मिलने से सेवानिवृत कर्मचारियों को ज्यादा परेशानी हो जाती है क्योंकि उनके लिए वृद्धावस्था में बीमारी सहित अन्य कई खर्च होते हैं। उन्होंने कहा कि संगठनों द्वारा लगातार मांग करने के बाद भी सरकार द्वारा कोई प्रतिक्रिया और आश्वासन न मिलने पर फरवरी माह में अपने महंगाई भत्ते,  राहत के लिए तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ द्वारा धरना प्रदर्शन किया जाएगा।


भाजपा ने महेन्द्र सिंह को बनाया प्रदेश का लोकसभा चुनाव प्रभारी


सतीश उपाध्याय को नियुक्त किया सहप्रभारी

भोपाल। भाजपा ने लोकसभा चुनाव की तैयारियों शुरू कर दी है। इसके चलते आज शनिवार को भाजपा ने लोकसभा चुनाव के लिए प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है।

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए राज्यों में प्रदेश चुनाव प्रभारी एवं सह-चुनाव प्रभारी की नियुक्ति की है। मध्यप्रदेश में महेंद्र सिंह को लोकसभा चुनाव प्रभारी और सतीश उपाध्याय को सह प्रभारी नियुक्त किया है। 

कावरे बालाघाट के जिला अध्यक्ष नियुक्त

भाजपा ने चार जिलों के अध्यक्षों की नियुक्ति की है। बालाघाट का अध्यक्ष पूर्व मंत्री रामकिशोर कावरे को बनाया गया है। बुरहानपुर का जिला अध्यक्ष मनोज माने, रतलाम का जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय और छतरपुर की जिम्मेदारी चंद्रभान सिंह को सौंपी है। इस संबंध में  आदेश जारी कर दिए गए है, जो तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।

मंत्रियों की पाठशाला 3 फरवरी से

नव निर्वाचित मंत्रियों की पाठशाला 3 से 4 फरवरी को राजधानी भोपाल में मंत्री और मुख्यमंत्री की पाठशाला होगी। इसके साथ ही मंत्रियों के स्टाफ की भी पाठशाला होगी। इस संबंध में मुंबई की रामभाऊ संस्था प्रशासनिक कामकाज और व्यवहार के तरीके सिखाएगी। इस पाठशाला का मेन मकसद यह है कि मंत्रियों को जनता के बीच कैसे बात करनी है, कैसे उनके बीच जाना है कैसे विभागों क कामकाज को गति देनी है इन बातों पर ज्य़ादा ध्यान देना होगा।


लक्ष्मण सिंह ने कहा दलालों ने गिराया सर्वमान्य नेताओं का स्तर

कांग्रेस का विरोध करने वालों को राज्यसभा सदस्य बना रहे प्रतिनिधि


भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई और पूर्व विधायक लक्ष्मण सिंह ने कहा कि कांग्रेस का विरोध करने वालों को राज्यसभा सदस्य, अपना प्रतिनिधि बना रहे है। उन्होंने कहा कि क्या ईवीएम ने कहा था कि विरोध करने वालों को प्रतिनिधि बनाओ? उन्होंने कहा कि क्या ईवीएम ने कहा कि हारने वाले इलाकों में सांसद निधि खर्च करो? उन्होंने कहा कि दलालों ने सर्वमान्य नेताओं का स्तर गिरा दिया है।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई और पूर्व विधायक लक्ष्मण सिंह ने फिर मोर्चा खोला है। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह 26 जनवरी को चाचौड़ा विधानसभा में आयोजित कार्यक्रम का बताया जा रहा है। लक्ष्मण सिंह ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली हार के कारण बताते हुए कहा कि कांग्रेस को मध्यप्रदेश में अगर हार मिली है, तो उसका कारण सिर्फ उसके अपने यानी कांग्रेसी ही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस भीतरघात के चलते हारी है। सिंह ने कहा कि कांग्रेस का विरोध करने वालों को राज्यसभा सदस्य अपना प्रतिनिधि बना रहे है। उन्होंने कहा कि क्या ईवीएम ने कहा था कि विरोध करने वालों को प्रतिनिधि बनाओ। उन्होंने कहा कि क्या ईवीएम ने कहा कि हारने वाले इलाकों में सांसद निधि खर्च करो। उन्होंने कहा कि दलालों ने सर्वमान्य नेताओं का स्तर गिरा दिया है। लक्ष्मण सिंह ने कहा कि आप यह तय कर लें कि दलालों की सुनना है या कार्यकर्ताओं की सुनना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि पदयात्रा में राहुल गांधी एमपी आने वाले है। मेरा यह वीडियो राहुल गांधी को जरूर भेजना। कांग्रेस पार्टी के नेताओं को भेजना।

बंटाधार नाम लेते ही मिल जाते हैं भाजपा को वोट !

लक्ष्मण सिंह ने कहा कि भाजपा ने 20 साल पहले बंटाधार नाम रखा था। आज भी यह नाम चल रहा है। इसका आकलन करना जरूरी है कि आज भी यह नाम क्यों चल रहा है। बंटाधार नाम लेते हैं, कांग्रेस के वोट भाजपा को मिल जाते हैं। ऐसा इसलिए हो रहा है कि दलाल उनको छोड़ने वाले नहीं है। दलालों को बिठाने का काम आप और हम सब मिलकर करेंगे। आप यह तय कर लें कि दलालों की सुनना है या कार्यकर्ताओं की सुनना है।


गुरुवार, 25 जनवरी 2024

विनम्रता, अहंकार शून्यता, नई तकनीक अपनाने की प्रवृत्ति बनाएं अधिकारी

मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश राज्य सिविल सेवा में चयनित अभ्यर्थियों को प्रदान किए नियुक्ति पत्र

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाना, सब स्वस्थ और सुखी हों यह प्रयास करना तथा मध्यप्रदेश सभी क्षेत्रों में प्रथम स्थान पर हो इसके लिए समन्वित रूप से प्रयास करना ही हमारी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विनम्रता, अहंकार शून्यता, नई तकनीक अपनाने तथा सीखने और नवाचार की प्रवृत्ति बनाए रखें अधिकारी। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्य प्रदेश राज्य सिविल सेवा में चयनित अभ्यार्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करने तथा उनके उन्मुखीकरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। रविंद्र भवन में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप सभी वर्षों की तपस्या और परिवारों की आशा, आकांक्षा, अपेक्षा के बलबूते पर राज्य सेवा के लिए चयनित हुए हैं। यह सुखद संयोग है कि हाल ही में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा हुई है, यह देश में सुशासन की प्राण प्रतिष्ठा है, हम रामराज्य की ओर अग्रसर हैं। आप सुशासन का पाथेय बन रहे हैं, अतः आप सब बधाई के पात्र हैं। अभ्यार्थियों को सौंपा जा रहा है नियुक्ति पत्र आपके प्रति विश्वास और आप में निहित संभावनाओं का प्रमाणीकरण है। सबल, सक्षम और सुशासित मध्यप्रदेश बनाने में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभ्यर्थी, म.प्र. लोक सेवा में चयन को अपना अंतिम पड़ाव नहीं मानें, आप आगे बढ़ने के लिए ललक बनाए रखें, प्रयास करते रहें शासन की ओर से हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। अभ्यर्थियों को किसी स्वीकृति की आवश्यकता होने पर उन्हें राज्य शासन द्वारा उदारतापूर्वक स्वीकृति उपलब्ध कराई जाएगी। अभ्यर्थी युवा हैं, आप देश की धरोहर हैं, भारत विश्व का सबसे युवा देश है।

नई तकनीक अपनाने और सीखने की प्रवृत्ति बनाएं रखें

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान युग विज्ञान और तकनीक का युग है। सौंपे गए कार्यों के संपादन में नई तकनीक को अपनाकर अपनी क्षमता बढ़ाने तथा कार्य को अधिक से अधिक सक्षमता, पारदर्शिता से शत-प्रतिशत पूर्णता तक ले जाने के लिए हमें संकल्पित रहना है। नई तकनीक अपनाने और सीखने की प्रवृत्ति के संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उदाहरण देते हुए अभ्यर्थियों को प्रेरित किया और कहा कि हमें जो भी दायित्व मिले उसे शत-प्रतिशत सफलता की ओर ले जाने के लिए हम प्रतिबद्ध रहें।

प्रतिदिन के कार्यों की प्राथमिकताओं को निर्धारित करें

डॉ. यादव ने इस दौरान अभ्यर्थियों से संवाद करते हुए कहा कि वे सदैव डायरी मेंटेन कर प्रतिदिन के कार्यों की प्राथमिकताओं को निर्धारित करते हैं। इसके साथ ही वरिष्ठजन व अनुभवी लोगों से प्राप्त उपयोगी बिन्दुओं को भी वे नोट करते हैं, और यह नोटिंग उनसे पुनः भेंट करने तथा अन्य संदर्भ के रूप में बहुत उपयोगीसिद्ध होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए निरंतर नवाचार करते रहने की प्रवृत्ति रखना, आगे बढ़ने की ललक बनाए रखना तथा उसे पूरा करने के लिए आवश्यक योजना बनाकर उसे क्रियान्वित करने के प्रति प्रतिबद्ध रहना बहुत जरूरी है।

फिर पलटा शिवराज सरकार का फैसला

मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने आज फिर शिवराज सरकार के एक फैसले को पलट दिया। दरअसल चयनित अभ्यार्थियों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश गान पर अधिकारियों के खड़े होने पर उनको बैठने का इशारा किया। फिर अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रगीत व राष्ट्रगान के समय खड़ा होना ठीक है, लेकिन कोई दूसरा गान  जैसे कोई कॉलेज गान बना दे, मध्यप्रदेश गान के समय खड़ा होना जरुरी नहीं, परंपरा बदली जानी चाहिए। बता दें पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस पर मध्य प्रदेश के गान को राष्ट्रगान की तरह सम्मान देने का संकल्प दिलाया था। इसके पहले राजधानी भोपाल में बीआरटीएस हटाने का फैसला भी उन्होंने किया था। 


निर्वाचन प्रक्रिया में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी पुरस्कृत

राज्यपाल ने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शहडोल डी.सी. सागर को किया पुरस्कृत

भोपाल।  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने निर्वाचन प्रक्रिया में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सभी स्तरों के अधिकारी-कर्मचारी और आयोग द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया। नवीन मतदाताओं को ईपिक कार्ड का वितरण किया। आयोग द्वारा लगाई गई चित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। राज्यपाल ने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शहडोल डी.सी. सागर को मतदाता जागरूकता के लिए विशेष प्रयासों का पुरस्कार से पुरस्कृत किया।


राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने भारत निर्वाचन आयोग के स्वीप पार्टनर विभाग के रूप में मतदाताओं को जागरुक करने में उल्लेखनीय योगदान हेतु उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता कों सम्मानित किया। राज्यपाल ने विधान सभा निर्वाचन 2023 सफलता पूर्वक संपन्न कराने एवं समग्र रूप से निर्वाचन में उत्कृष्ट कार्य के लिए कलेक्टर सिवनी क्षितिज सिंघल, कलेक्टर मुरैना  अंकित अस्थाना, कलेक्टर मण्डला डॉ. सलोनी सिडाना, कलेक्टर धार प्रियंक मिश्रा और कलेक्टर उमरिया बुद्धेश कुमार वैद्य की ओर से मुख्य कार्यपालन अधिकारी इला तिवारी को प्रशस्ति पत्र एवं शील्ड प्रदान की। विधान सभा निर्वाचन 2023 के संचालन प्रबंधन तथा मतदाता जागरूकता के लिए विशेष प्रयासों का पुरस्कार अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शहडोल डी.सी. सागर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत छतरपुर, तपस्या परिहार को, नवाचार के अंतर्गत जीरो वेस्ट पोलिंग बूथ एवं डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर स्थापित करने हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी, स्मार्ट सिटी इंदौर दिव्यांक सिंह को, विधान सभा निर्वाचन 2023 में युवा मतदाताओं में जागरुकता के विशेष प्रयासों के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत भोपाल, ऋतुराज को, जनजातीय बाहुल्य जिले झाबुआ में महिलाओं की मतदान प्रक्रिया की जागरुकता के विशिष्ट प्रयासों के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत झाबुआ रेखा राठौर को और विधान सभा निर्वाचन 2023 में स्वीप गतिविधियों के अंतर्गत विशिष्ट योगदान के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सागर पी.सी. शर्मा को पुरस्कृत किया। वहीं विधान सभा निर्वाचन 2023 में मतदान प्रतिशत बढ़ाने में उल्लेखनीय कार्य के लिए विधान सभा क्षेत्र सैलाना के रिटर्निंग अधिकारी मनीष जैन को, विधान सभा क्षेत्र अमरवाड़ा के रिटर्निंग अधिकारी हेमकर्ण धुर्वे को और विधान सभा क्षेत्र केवलारी के रिटर्निंग अधिकारी संदीप श्रीवास्तव को पुरस्कृत किया।


नए भारत का नया स्वरूप है नौजवानों की नई पीढ़ी : शर्मा

नवमतदताओं को संबोधित किया भाजपा प्रदेष अध्यक्ष ने

भोपाल। स्वामी विवेकानंद सिर्फ भारत के ही नहीं, सारी दुनिया के युवाओं के आदर्श हैं। उन्हें पूरी दुनिया एक यूथ आईकॉन के रूप में देखती है। हमारे प्रधानमंत्री  का फोकस भी देश की युवाशक्ति पर है, इसीलिए प्रधानमंत्री आज नमो एप पर देश के एक करोड़ युवाओं, नव मतदाताओं से संवाद कर रहे हैं। शर्मा ने कहा कि देश में लगभग 5 करोड़ नव मतदाता हैं, जिनमें से करीब 53 लाख मध्यप्रदेश में हैं। देश और मध्यप्रदेश में नौजवानों की यह जो पीढ़ी है, इसे प्रधानमंत्री एक बड़ी ताकत के रूप में देखते हैं और यही नए भारत का नया स्वरूप है। सृजनात्मक काम करने की क्षमता रखने वाले ऐसे नौजवान देश के किसी भी कोने में हों, प्रधानमंत्री जी उनसे राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को लेकर संवाद कर रहे हैं।

यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने गुरुवार को युवा मोर्चा द्वारा हिंदी भवन में आयोजित ‘नमो नव मतदाता सम्मेलन’ में उपस्थित युवाओं को संबोधित करते हुए कही।  भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा द्वारा पहली बार मतदाता बने 18 वर्ष से 23 वर्ष के युवाओं को पार्टी से जोड़ने के अभियान के तहत गुरूवार को देश भर के पांच स्थानों पर नमो नव मतदाता सम्मेलन का आयोजन किया गया। राजधानी भोपाल में यह सम्मेलन हिंदी भवन में आयोजित किया गया। ’नमो नवमतदाता सम्मेलन’ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या ने वर्चुअली संबोधित किया।  शर्मा ने कहा कि 22 जनवरी को अयोध्या में रामजन्मभूमि पर बने भव्य मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का जो ऐतिहासिक कार्य हुआ, वह केवल एक धार्मिक विषय नहीं है। बल्कि वह उन असंभव लगने वाले अनेक कामों में से एक है, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 के बाद करना शुरू किया है। शर्मा ने कहा कि एक युवा के रूप में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी  ने जम्मू कश्मीर की यात्रा की थी और वहां का माहौल देखकर कहा था कि देश का युवा एटम का रूप लेकर जम्मू कश्मीर से आतंकवाद का सफाया करेगा। किसी ने कल्पना नहीं की थी कि जम्मू कश्मीर में आतंकवाद को प्रश्रय देने वाली धारा-370 एक दिन समाप्त होगी, लेकिन प्रधानमंत्री  ने धारा 370 हटाकर देश को एक सूत्र में बांधने का काम किया। 


अयोध्या के लिए जबलपुर से 30 को रवाना होगी ट्रेन

दूसरी ट्रेन जबलपुर से 16 जनवरी को रवाना होगी

भोपाल। रामलला का दर्शन करने के लिए अयोध्या जाने की चाह रखने वालों के लिए रेलवे ने बड़ा फैसला लिया गया है। राम भक्तों को अयोध्या पहुंचाने के लिए 30 जनवरी से जबलपुर से अयोध्या के लिए रवाना होगी। अयोध्या पहुंचने के लिए लोग आईआरसीटीसी की वेबसाइट से सीट की बुकिंग कर सकेंगे। ये ट्रेन जबलपुर से कटनी-सतना-प्रयागराज जंक्शन और दूसरी ट्रेन 16 फरवरी को जबलपुर से इटारसी, भोपाल, बीना होकर चलेगी।

जानकारी के अनुसार दो आस्था ट्रेनों को मिलाकर जबलपुर से अयोध्या के लिए पांच ट्रेनें श्रद्धालुओं को उपलब्ध होंगी। इनमें साकेत सुपर फास्ट एक्सप्रेस, मुंबई-एलटीटी अयोध्या केंट सुपरफास्ट एक्सप्रेस और रामनाथपुरम-अयोध्या सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन पहले से चल रही हैं। 30 जनवरी से दो आस्था सुपर फास्ट ट्रेन चलने से अयोध्या का सफर और आसान हो जाएगा। पहली जबलपुर-अयोध्या आस्था स्पेशल ट्रेन 30 जनवरी, 13 फरवरी और 27 फरवरी को जबलपुर से रवाना होगी। अयोध्या से 1 फरवरी, 15 फरवरी और 29 फरवरी को रवाना होंगी। जबलपुर से ट्रेन दोपहर 15.30 बजे छूटेगी, जो श्रीधाम, नरसिंहपुर, गाडरवारा, पिपरिया, इटारसी, नर्मदापुरम, भोपाल, बीना जंक्शन, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, उरई, गोविंदपुरी, फतेहपुर, प्रयागराज होते हुए अगले दिन दोपहर 12.55 बजे अयोध्या पहुंचेगी। वापसी में अयोध्या से रात 21.20 बजे रवाना होकर इसी मार्ग से अगले दिन शाम 19.20 बजे जबलपुर पहुंचेगी।

दूसरी जबलपुर-अयोध्या आस्था स्पेशल 16 फरवरी को रात 23.00 बजे जबलपुर से रवाना होगी। ट्रेन रात 00.10 बजे कटनी, 1.35 बजे सतना, तडक़े 3.30 बजे मानिकपुर और सुबह 5.15 बजे प्रयागराज जंक्शन पहुंचेगी, जो सुल्तानपुर होते हुए सुबह 10.30 बजे अयोध्या पहुंचेगी। 18 फरवरी की रात्रि 21.30 रवाना होकर रात 1.50 बजे प्रयागराज जंक्शन, 4.15 बजे मानिकपुर, 5.15 बजे सतना, 6.40 बजे कटनी और सुबह 8.15 बजे जबलपुर पहुंचेगी।


महिला कर्मचारी से जूते पहनने वाले एसडीएम को हटाया


भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंगरौली में महिला कर्मचारी से जूते पहनने वाले एसडीएम को हटाने के निर्देश दिए हैं। अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के दिन सिंगरौली के हनुमान मंदिर में एक कार्यक्रम आयोजित हुआ था। इस दौरान एसडीएम असवन राम चिरावन को एक महिला कर्मचारी ने जूते पहनाए थे। इसका फोटो वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री ने सख्त फैसला लिया है। 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिंगरौली जिले के चितरंगी में एसडीएम द्वारा एक महिला से उनके जूते के फीते बंधवाने का मामला सामने आया है, जो अत्यंत निंदनीय है। इस घटनाक्रम को लेकर एसडीएम को तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं। हमारी सरकार में नारी सम्मान सर्वोपरि है। इस मामले में फोटो वायरल होने के बाद महिला कर्मचारी और एसडीएम का स्पष्टीकरण भी आया था।

एसडीएम असवन राम चिरावन ने कहा था कि मेरे पैर में कुछ दिन पहले चोट लगी थी, जिससे मेरे घुटने मुड़ नहीं रहे थे। 22 जनवरी को राम प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम के लिए मैंने मौके पर अपने जूते खोले थे। कार्यक्रम के बाद जूते पहन लिए थे, पर उसके लेस खुले थे। मुझे बाद में पता चला कि महिला कर्मचारी ने जूते के लेस बांधे हैं। जूते पहनाने वाली महिला का कहना है कि साहब के पैर में चोट लगी थी। मैंने स्वेच्छा से उनके जूते के लेस बांधे थे ताकि वो कहीं गिर न जाएं। मुझे ऐसा करने के लिए किसी ने नहीं कहा था।

बीमार हैं तो छुट्टी चले जाते : मुख्यमंत्री

राजधानी भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि चितरंगी एसडीएम और महिला की बातें सामने आई हैं। एसडीएम बीमार है और कर्मचारी ने यह सोचकर मदद की तो यह उनकी व्यक्तिगत बात हो सकती है। सार्वजनिक तौर पर यह होता है तो लोगों के सामने क्या तस्वीर जाएगी? उनसे कौन पूछने जाएगा कि वह बीमार हैं या नहीं? इसका इम्पेक्ट तो समाज पर सीधा आएगा। बीमार हैं तो छुट्टी पर चले जाते। उन्हें किसने रोका था? हम तो अपने कार्यक्रम की शुरुआत बहनों की पूजा से करते हैं। माता-बहनों की इज्जत करना हमारा काम है। हम कैसे बर्दाश्त कर सकते हैं? आप अपनी हरकत को जस्टिफाई नहीं कर सकते। यह न्यायसंगत नहीं है। हम उन्हें सस्पेंड नहीं कर रहे लेकिन वहां से तो हटा ही देंगे। अगली बार आपको समझ आ जाएगा कि क्या करना है।


जनप्रतिनिधियों के साथ हो सम्मानजनक व्यवहार, समस्याएं करें दूर

मंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश


भोपाल। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि आयुक्त नगरीय विकास संचालनालय में आने वाले जनप्रतिनिधियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार हों और उनकी समस्याओं के समाधान की व्यवस्था सुनिश्चित की जायें। 

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने यह निर्देश शिवाजी नगर स्थित पालिका भवन संचालनालय के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को दिये। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि कार्यालय की फाईलों को व्यवस्थित रखा जायें। जिन प्रकरणों का निराकरण कर दिया गया है, उन्हें रिकार्ड कक्ष में जमा कराने की व्यवस्था की जाये। नगरीय विकास मंत्री ने कहा कि वे उनके द्वारा अब समय-समय पर आकस्मिक दौरा किया जायेगा और दिये गये निर्देशों के पालन की समीक्षा की जायेगी। मंत्री ने प्रमुख अभियंता सुरेश सेजकर के कक्ष का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि कार्यालय में पदस्थ समस्त यंत्रियों की बैठक व्यवस्था साफ और सुविधाजनक होना चाहिए। उन्होंने निकायों में पदस्थ तकनीकी अमले को प्रशिक्षण दिये जाने पर जोर दिया।

संजीवनी क्लीनिक किए जाएं शुरू

आयुक्त भरत यादव ने विभागीय मंत्री को स्टॉफ की कमी से अवगत कराया। उन्होंने संचालनालय का काम प्रभावित न हों इसके लिये वैकल्पिकतौर पर संविदा या आउटसोर्स पर अमले की व्यवस्था करने के निर्देश दिये। मंत्री ने विभाग की अमृत, मुख्यमंत्री अधोसंरचना और प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने सभी योजनाओं में तय किये गये लक्ष्य को हासिल करने के निर्देश दिये। मंत्री ने नगरीय क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिये स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर संजीवनी क्लीनिक प्रारंभ करने के निर्देश दिए।


बुधवार, 24 जनवरी 2024

ईवीएम में हो सकता है 30 से 40 फीसदी वोटों का हेरफेर

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ईवीएम पर फिर उठाए सवाल

भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) हैकिंग का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मैं यह आरोप नहीं लगा रहा कि हेरफेर हो रहा है, लेकिन 30 से 40 प्रतिशत वोटों का हेरफेर हो सकता है। डेढ़ महीने पहले मध्य प्रदेश समेत तीन राज्यों में भाजपा ने पूर्ण बहुमत से सरकार बनाई है। इसे लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को लेकर सवाल उठाए हैं।

 पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आज मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि ईवीएम को लेकर कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने भी ईवीएम पर अविश्वास जताया था। इसका इस्तेमाल 2003 में शुरू हुआ। उसके बाद फिर अविश्वास सामने आने के बाद वीवीपैट लगाई गई। वीवीपैट बैलेट यूनिट से तार से कनेक्ट होती है। यह सेंट्रल इलेक्शन कमीशन के सर्वर से कनेक्ट होती है। पहले कलेक्टर तय करते थे कौन सी यूनिट कहां जाएगी, लेकिन, अब इसे सेंट्रल सर्वर से कनेक्ट किया गया है। उन्होंने ईवीएम हैक करने का तरीका भी बताने की कोशिश की। इस दौरान राइट टू रिकॉल पार्टी के अध्यक्ष राहुल मेहता भी मौजूद थे. उन्होंने डमी ईवीएम से वोटिंग करके दिखाई। 

सिंह ने कहा कि इसके लिए प्राइवेट इंजीनियर बुलाए जाते हैं. इंजीनियर लैपटॉप से मशीन को कनेक्ट करते हैं. उसके बाद इलेक्शन सिंबल लोड होते हैं. इंजीनियरों की इस गतिविधि से चिप सर्वेसर्वा हो जाता है। वीवीपैट मशीन में 7 सेकंड के लिए दिखाई देता है, लेकिन, जो दिखा वही डब्बे में गिरा इस बात पर संदेह है। उन्होंने कहा कि वीवीपैट में जो माइक्रोचिप है, वही वोट डाल रही है। पूरे विश्व में केवल 5 देशों में ईवीएम से चुनाव होता है। ऑस्ट्रेलिया में मशीन में जो सॉफ्टवेयर इस्तेमाल होता है वो पब्लिक डोमेन में है. लेकिन, भारत में आज तक कौनसा सॉफ्टवेयर इस्तेमाल होता है ये जानकारी किसी को नहीं है। चुनाव आयोग कहता है कि पब्लिक करने से सॉफ्टवेयर हैक हो सकता है. आरटीआई के अंतर्गत कई प्रश्न पूछे गए, जिसके उत्तर संबंधित संस्थाओं ने अलग-अलग दिए।

जनता का नहीं सॉफ्टवेयर का आत्मविश्वास है भाजपा का

सिंह ने कहा कि ईवीएम के पार्ट्स अलग-अलग वेंडर्स से आते हैं। इसे लेकर संस्थाओं ने कहा कि चिप वन टाइम प्रोग्राम चिप है, लेकिन, वीवीपैट आई तो चिप को मल्टीपल प्रोग्राम वाला कर दिया गया। रिटर्निंग ऑफिसर्स कहते हैं कि वीवीपैट प्रोग्राम करने के लिए इंटरनेट कनेक्टिविटी मांगी जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इलेक्शन कमिशन दबाव में है। हम कुछ बोलते हैं तो नोटिस मिल जाता है। भाजपा का आत्मविश्वास जो है वो जनता का नहीं, सॉफ्टवेयर का आत्मविश्वास है। 


दल-बदल कानून को और कड़ा बनाएं, ईवीएम पर भी उठाए सवाल

गोंगपा के राष्ट्रीय महासचिव श्याम सिंह मरकाम ने लिखा राष्ट्रपति को पत्र


भोपाल।  गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्यप्रदेश के प्रभारी श्याम सिंह मरकाम ने गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की ओर से भारत के राष्ट्रपति और चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को पत्र लिखकर ईवीएम व्यवस्था तथा दल बदल कानून को कड़ा करने की मांग की है। 

दोनों विषयों को अत्यंत गंभीर बताते हुए राष्ट्रीय महासचिव श्याम सिंह मरकाम ने कहा है कि देश की वर्तमान चुनाव प्रणाली में मतदान हेतु प्रयोग की जा रही ईवीएम एवं वीवीपेट मशीन पर विभिन्न दलों एवं संस्थाओं के द्वारा लगाए जा रहे गंभीर आरोपों और चुनावों के दौरान ईवीएम मशीनों वीवीपेट में गड़बड़ियों को लेकर बड़ी संख्या में गंभीर और प्रमाणिक शिकायतें सामने आने लगी है, इन शिकायतों के कारण ईवीएम मशीन वीवीपीएटी संदेह के दायरे में आ गए हैं तथा उनकी विश्वसनीयता पूरी तरह से संदिग्ध दिखाई पड़ती है। श्याम सिंह ने कहा ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायतों के चलते आम आदमी के मन में चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता को लेकर अनेकों सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रजातांत्रिक व्यवस्था का संदेह के दायरे में आना भारतीय प्रजातंत्र के लिए गंभीर चुनौती है और देश के प्रजातंत्र की मजबूत पारदर्शिता, निष्पक्षता के लिए आवश्यक है की चुनाव प्रक्रिया को शक और संदेह से पूर्णतः मुक्त रखा जाए। अतः आपसे अनुरोध है कि आगामी चुनाव में मतदान हेतु ईवीएम के स्थान पर बैलेट पेपर का उपयोग किया जाए ताकि आममतदाताओं के मन में चुनावी प्रक्रिया को लेकर जो संदेह है उसे समाप्त किया जा सके देश की प्रजातांत्रिक व्यवस्था में सत्ता के लिए खरीद फरोख्त के मामले लगातार तेजी से बढ़ रहे हैं। इस चलन को रोकने की दिशा में भी गंभीर प्रयासों की आवश्यकता है क्योंकि पार्टी के संगठन, सहयोग और विचारधारा पर चुनाव जीतकर निर्वाचित होने वाले प्रतिनिधियों का अन्य दलों में अपने निजी स्वार्थों के लिए चला जाना मतदाताओं के साथ विश्वास घात एवं अन्याय है।

प्रजातांत्रिक व्यवस्था के लिए घातक है दल-बदल 

ष्श्याम सिंह ने कहा कि  दल बदल से देश की स्वस्थ प्रजातांत्रिक व्यवस्था के लिए घातक है। इस खरीद-फरोख्त को रोकने के लिए उचित प्रावधान किए जाने चाहिए दल बदल करने वाले जनप्रतिनिधियों का निर्वाचन शून्य करने एवं भविष्य में उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगाई जाने जैसे प्रावधान कठोरता से लागू कराए जाने की आवश्यकता है। इस तरह के दल बदल से सर्वाधिक क्षति छोटे-छोटे राजनीतिक दलों को उठानी पड़ती है जिससे वास्तविक जमीनी प्रजातंत्र आहत होता है और नागरिकों के जनादेश का अपमान किया जाता है यही वजह है कि देश में आजादी के इतने वर्षों के बाद भी छोटे दल कमजोर स्थिति में जिससे इन दलों से जुड़े छोटे-छोटे क्षेत्र समाज और समुदायों को उनके राजनीतिक अधिकार या सरकार में प्रतिनिधित्व नहीं मिल पा रहा है साथ ही साथ खरीद फरोख्त की राजनीति और उठा पटक के तरीकों से देश की छवि पूरे विश्व में प्रभावित हो रही है। गोंगपा के राष्ट्रीय महासचिव श्याम सिंह मरकाम ने विभिन्न संगठनों और संस्थाओं के द्वारा इस परिवर्तन लिए चलाएं जा रहें आंदोलनों की सराहना करते हुए गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के समर्थन और सहयोग की घोषणा भी की है।


नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मांगा मामा का घर

मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, कहा बुआ की यादें जुड़ी है इस आवास से


भोपाल। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के घर की मांग की है। नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को एक पत्र लिखा है और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को आवंटित बंगला बी 9 बंगले की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस बंगले से उनकी बुआ जमुना देवी की यादें जुड़ी हैं। इसलिए यह बंगला उन्हें दिया जाए।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र में लिखा कि शासकीय आवास क्रमांक बी-9, 74 बंगला मध्यप्रदेष के आदिवासी वर्ग की महान नेता एवं प्रदेश की पहली महिला उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय जमुना देवी को नेता प्रतिपक्ष होने के नाते वर्षों आवंटित रहा है। वे आदिवासी समुदाय की नेता होने के साथ-साथ मेरी बुआ भी थी और बचपन से ही इस बी-9 शासकीय आवास में मैंने उनको दिन-रात प्रदेश के सर्वहारा वर्ग की सेवा में प्राणप्रण से जुटे देखा है। भावनात्मक रूप से मेरा इस शासकीय आवास से लगाव भी है। अतः आपसे अनुरोध है कि नेता प्रतिपक्ष होने के नाते मुझे उक्त शासकीय आवास आवंटित कर अनुग्रहित करने का कष्ट करें। बता दें कि वर्तमान में यह बंगला मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को आवंटित है। हाल ही में उन्होंने इसकी जानकारी देते हुए बताया था कि अब से उन्हें घर ‘मामा का घर’ के नाम से जाना जाएगा। 


कुत्तों के काटने की बढ़ती घटना को लेकर सरकार को घेरा


पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा सरकार गंभीरता से उठाए सार्थक कदम

भोपाल। राजधानी भोपाल सहित पूरे प्रदेश में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। बीते दिन भोपाल में एक और 4 वर्षीय बच्चे की आवारा कुत्ते के काटने से मौत हो गई। डॉग बाइट की घटना पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि डॉग बाइट से बच्चों की मौत की घटनाएं हृदय विदारक है। ये एक गंभीर समस्या सरकार को इसके सार्थक हल के लिये कदम उठाने चाहिए।

कमलनाथ ने सोशल मीडिया पर लिखा, राजधानी भोपाल में आवारा कुत्ते के काटने से 4 साल के मासूम की मौत की खबर हृदय विदारक है। भोपाल में 13 दिन में दूसरे मासूम की ज़िंदगी आवारा कुत्तों का शिकार हुई है। पूर्व मुख्यमंत्री ने लिखा  है कि ”आँकड़ों के मुताबिक़ अकेले भोपाल में प्रतिदिन 75 से अधिक लोग आवारा कुत्तों का शिकार हो रहे हैं। यह आँकड़ा यदि राजधानी का है, तो पूरे प्रदेश का अनुमान आप लगा सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह एक गंभीर समस्या है। सरकार को इसके सार्थक हल के लिये कदम उठाने चाहिए। हमें मानव जीवन की रक्षा के साथ-साथ सभी की सुरक्षा के व्यापक प्रबंधन पर काम करने की ज़रूरत है। 

गौरतलब है कि भोपाल में अबतक आवारा कुत्तों के काटने से दो बच्चों की मौत हो चुकी है। मिनाल इलाके में भी आवारा कुत्तों ने 6 साल के मासूम बच्चे को अपना शिकार बनाया था। कुत्तों ने से नोच कर मार डाला था. बच्चे का एक हाथ काटकर अलग कर दिया था। 


मंगलवार, 23 जनवरी 2024

खनन क्षेत्र में नवाचार राज्यों के आर्थिक सुदृढ़ीकरण में सहायक

खनिज मंत्रियों के सम्मेलन को मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने किया संबोधित


भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय खनन मंत्रालय द्वारा खनन क्षेत्र में किए गए सुधारों ओर नवाचारों से मध्यप्रदेश सहित सभी राज्यों को लाभ मिलेगा। हमारी समृद्ध भू-गर्भ संपदा में अनेक संभावनाएं छिपी हैं, इन सुधारों के क्रियान्वयन और नवाचारों को अपनाने से प्रदेश आर्थिक रूप से सुदृढ़ होगा। खनन प्रक्रिया में लाई गई पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था से खनन क्षेत्र को लेकर समाज में विश्वसनीयता बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्यों के खनिज मंत्रियों के दूसरे सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय कोयला, खान और संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश गान का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारा प्रदेश वन संपदा, खनिज संपदा और प्राकृतिक संसाधनों में समृद्ध होने के साथ-साथ संस्कार, संस्कृति और धार्मिक रूप से भी उन्नत और सम्पन्न है। मध्यप्रदेश को राज्यों के खनिज मंत्रियों के सम्मेलन का अवसर देने के लिए राज्य सरकार केन्द्रीय मंत्री जोशी की आभारी है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व और केन्द्रीय मंत्री जोशी के मार्गदर्शन में खनन क्षेत्र की चुनौतियों और कठिनाइयों का सामना करते हुए खनन क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों और नवाचारों से राज्यों के आर्थिक सुदृढ़ीकरण में मदद मिलेगी, उड़ीसा द्वारा राजस्व वृद्धि के लिए अपनाया गया मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभिन्न प्रदेशों के खनिज मंत्रियों का यह सम्मेलन खनन क्षेत्र में प्रगति के लिए निश्चित ही मील का पत्थर साबित होगा, खनन क्षेत्र में आ रही अंतर्विभागीय कठिनाइयों के समाधान का भी मार्ग इससे प्रशस्त होगा। साथ ही खनन क्षेत्र में पर्यावरण तथा वन विभाग से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए विशेष पहल की जाएगी।
सस्टेनेबल माइनिंग से अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण सुधार ला सकते हैं
केन्द्रीय कोयला, खान और संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मध्यप्रदेश द्वारा खनन गतिविधियों से प्रभावित लोगों के विकास और उनकी आजीविका सुनिश्चित करने के लिए डीएमएफटी (जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट) के अंतर्गत किए गए कार्यों की सराहना की। मध्यप्रदेश के मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी में प्रथम आने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बधाई देते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में खनिज संसाधनों की महत्वपूर्ण भूमिका है, खनिज ब्लॉक्स की नीलामी और नवाचारों से राजस्व बढ़ा है, अन्य राज्यों को भी खनिज ब्लॉक्स की नीलामी की दिशा में पहल करना चाहिए। सस्टेनेबल माइनिंग से प्रदेश अपनी अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण सुधार ला सकते हैं। केन्द्र सरकार, सभी राज्यों को खनन क्षेत्र में हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए तत्पर है।