शनिवार, 20 जनवरी 2024

उपासना का प्राचीन केंद्र है रहली स्थित सूर्य मंदिर

 

पंकज शर्मा

बुंदेलखंड की ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहर पूरे देश में मशहूर है। सागर जिले के रहली नगर में सुनार नदी के सुरम्य तट पर करीब 11 सौ साल पुराना ऐतिहासिक सूर्य मंदिर है, जो चंदेल वंश के राजाओं द्वारा बनाया गया था। मंदिर वर्तमान में मूल स्वरूप में नही है, लेकिन मंदिर में सूर्य भगवान की मूर्ति चंदेल कालीन कला का अद्भुत नमूना माना जाता है, मंदिर का महत्व को लेकर बताया जाता है कि पूरे देश में यह एक इकलौता मंदिर है, जो कर्क रेखा पर स्थित है, इसके अलावा पूर्व दिशा की ओर मंदिर का मुख होने के कारण इसका विशेष महत्व है। और दूर दूर से श्रद्धालु यहां दर्शनों के लिए आते है। मंदिर के आसपास का नजारा भी दार्शनिक है, यहां बाजू में महादेव मंदिर, शनि मंदिर, दादा दरबार हनुमान मंदिर, रामेश्वर मंदिर, सिंह वाहनी माता मंदिर, नदी पर पटना गंज बड़े बाबा का मंदिर, ऐतिहासिक महत्व का किला, वा भव्य अटल सेतु इस स्थान को दार्शनिक बनाते है।

जिला मुख्यालय 40 किमी दूर रहली विकासखंड मुख्यालय में सूर्य मंदिर स्थापित है। यह मंदिर सुनार नदी के तट पर स्थापित है। अपनी ऐतिहासिकता और प्राचीनता के कारण इस मंदिर की दूर-दूर तक चर्चा है। स्थानीय लोग मंदिर को अपनी धरोहर मान का पूजा अर्चना करते हैं। सूर्य मंदिर की स्थापना 10 वीं शताब्दी में चंदेल वंश के राजाओं द्वारा कराई गई थी।

मंदिर की विशेषता - मंदिर पूर्व मुखी है। सूर्योदय के समय सूर्य की किरणें सीधे मंदिर पर पड़ती हैं, यह मंदिर स्थापत्य कला की शहतीर कला में बना हुआ है, मंदिर में स्थित भगवान सूर्य की प्रतिमा सात घोड़ों के रथ पर सवार है। सूर्य भगवान 7 वर्णों के प्रतीक के साथ अश्व रथ पर सवार हैं। मंदिर में सूर्य देव की प्रतिमा के साथ भगवान सूर्य की दो पत्नियों की भी प्रतिमाएं स्थापित है। दाएं और बाएं भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित है। मंदिर में महाश्वेता देवी अभय मुद्रा में हैं और त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु, महेश की त्रिमूर्ति विराजमान मंदिर के पृष्ठ भाग पर नाग युगम की आकर्षक पाषाण प्रतिमा जड़ित है।

मंदिर का कायाकल्प - नौ साल पूर्व सूर्य भगवान की पाषाण प्रतिमा चोरी हो गई थी, जिसे तत्कालीन एसडीओपी शशांक गर्ग ने उत्तर प्रदेश से बरामद किया गया था। इसके बाद सूर्यमंदिर को पुरातत्व विभाग ने अपने अधीन किया। जिसके बाद पहली बार सूर्यमंदिर के रखरखाव का काम पुरात्तव विभाग द्वारा कराया गया। बाउंड्री बाल बनने से मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त हो गई है साथ ही रंग रोगन होने से मंदिर की भव्यता बढ़ गई है।

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