विधानसभा चुनाव में भीतरघात और प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ने वालों पर कार्रवाई
भोपाल। प्रदेश कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के पहले बड़ी कार्रवाई करते हुए 79 ऐसे नेताओं को जिन्होंने घोशित प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ा और भीतरघात किया है, उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इनमें पार्टी के घोशित प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले नेताओं की संख्या 49 हैं।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आज शुक्रवार को मध्यप्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति की बैठक हुई। बैठक में विधानसभा चुनाव में पार्टी के खिलाफ काम करने वाले पदाधिकारियों पर एक्शन लिया गया है। बैठक में विधानसभा चुनाव 2023 में भितरघात करने और पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाले नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया है। कांग्रेस ने 79 नेताओं को निष्कासित किया है। 79 नेताओं में से 49 नेता ऐसे थे जिन्हांने पार्टी के घोशित प्रत्याशी के खिलाफ निर्दलीय या फिर दूसरे दल में जाकर चुनाव लड़ा था। पार्टी को 150 नेताओं की शिकायत मिली थी। इनमें से जिन नेताओं के खिलाफ निश्कासन की कार्रवाई नहीं की गई उन्हें नोटिस दिया गया है। इन नेताओं को 10 दिन के अंदर नोटिस का जवाब मांगा है। नोटिस का जवाब नहीं देने पर पार्टी इन पर भी कार्रवाई करेगी।
10 दिन बाद फिर होगी बैठक
बता दें कि 10 दिन के बाद बाद एक बार फिर अनुशासन समिति की बैठक होगी। इस दौरान गंभीर शिकायतों की जांच होगी। इसके बाद कुछ और नेताओं के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया जा सकता है। आपको बता दें कि पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक में कांग्रेस नेताओं और प्रत्याशियों ने बागियों की शिकायत की थी।
पूर्व विधायक ने छोड़ी कांग्रेस, भाजपा में हुए शामिल
कांग्रेस के पूर्व विधायक राकेश मावई ने कांग्रेस को अलविदा कह भाजपा का दामन थाम लिया है। दिल्ली में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से उन्होंने मुलाकात की और भाजपा में शामिल हो गए। बता दें कि मुरैना सीट से कांग्रेस से टिकट कटने से राकेश मावई नाराज चल रहे थे। वे कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता के साथ साथ जिला अध्यक्ष और विधायक भी रह चुके हैं। उनके पार्टी छोड़ने और भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने से उनके समर्थक भी बड़ी संख्या में पार्टी छोड़ सकते हैं। मध्यप्रदेश में कांग्रेस को अपने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संगठित रखना बड़ी चुनौती बन गई है।

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