शुक्रवार, 12 जनवरी 2024

भ्रष्टाचारी को बनाया श्रम मंत्री का ओएसडी, मंत्री ने हटवाया


भोपाल। भ्रष्टाचार के आरोपी अधिकारी को श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल का ओसीडी बनाए जाने के आदेश होने के बाद मामला जब सामने आया तो मंत्री के निर्देश पर ओएसडी को हटा दिया गया। इसके बाद अस्थायी तौर पर दूसरे अधिकारी को पदस्थ किया गया। इस मामले में श्रम मंत्री ने साफ किया कि मेरा मत है कि विभाग प्रमुख को स्थायी या फिर अस्थायी नियुक्ति के पहले स्क्रीनिंग करनी चाहिए। 

दरअसल श्रम विभाग ने मंत्री प्रहलाद पटेल का ओएसडी इंदौर में उप श्रमायुक्त लक्ष्मीप्रसाद पाठक को बनाने का आदेश जारी किया था। लक्ष्मीप्रसाद पाठक लोकायुक्त में भ्रष्टाचार के मामले में प्रकरण दर्ज है। उनके खिलाफ आरोप सही होने पर विभाग से अभियोजन की स्वीकृति भी मांगी गई है। इस संबंध में नवंबर 2023 में लोकायुक्त ने श्रम सचिव को पत्र लिखकर न्यायालय में अभियोजन प्रस्तुत करने के लिए स्वीकृति मांगी थी, जिसकी स्वीकृति अब तक नहीं मिली है। इस बीच श्रम विभाग ने आदेश जारी कर पाठक को अपने वर्तमान कार्य के साथ श्रम मंत्री को निजी स्थापना में ओएसडी बना दिया। यह मामला सामने आने के बाद श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने आदेश को निरस्त करा दिया। अभी शासन ने अस्थाई रूप से बैतूल में श्रम पदाधिकारी धम्मदीप भगत को वर्तमान कार्य के साथ-साथ श्रम मंत्री की निजी स्थापना में ओएसडी पदस्थ किया है। 

क्या कहा मंत्री प्रहलाद पटेल ने 

श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी डाली है। पटेल ने कहा कि श्रम मंत्रालय भोपाल ने जिन महानुभाव को मेरे साथ अस्थायी तौर पर अटैच किया था, उन पर लोकायुक्त जाँच के समाचार के बाद यह पुनः अस्थायी व्यवस्था की गई है। लेकिन मेरा स्पष्ट मत है कि विभाग के प्रमुख ज़िम्मेदारी लेकर स्क्रीनिंग करें ताकि स्थायी या अस्थायी व्यवस्था पूर्णतः निर्दोष रहे।


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