साइबर सेल को भी मंडल ने किया निर्देशित
भोपाल। माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड आगामी बोर्ड परीक्षाओं के दौरान गलत सूचना के प्रसार को रोकने और प्रश्न पत्र लीक को रोकने के लिए सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी सुनिश्चित करेगा। कक्षा 10वीं की परीक्षाएं 5 फरवरी से 28 फरवरी तक निर्धारित हैं, जबकि कक्षा 12वीं की परीक्षाएं 6 फरवरी से 4 मार्च तक होंगी।
पिछले साल पेपर वायरल होने की घटनाओं के बाद, बोर्ड ने साइबर सेल के सहयोग से गोपनीयता बनाए रखने और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नकली प्रश्न पत्रों के प्रसार के लिए कदम उठाए। इसके अतिरिक्त, एक नए प्रोटोकॉल में प्रश्नपत्रों की डबल-पैकेजिंग भी शामिल है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे परीक्षा हॉल तक पहुंचने तक सीलबंद रहें। एमपी बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन के सचिव कृष्ण देव त्रिपाठी ने प्रौद्योगिकी और रणनीतिक प्रोटोकॉल के माध्यम से एक सुरक्षित परीक्षा वातावरण स्थापित करने के लिए बोर्ड की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।
त्रिपाठी ने बताया कि बोर्ड का लक्ष्य प्रौद्योगिकी और रणनीतिक प्रोटोकॉल का लाभ उठाकर एक सुरक्षित परीक्षा माहौल बनाना है। हमने साइबर सेल टीम को सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखने के लिए निर्देशित किया है, जहां बोर्ड के लोगो या मुहर के साथ मूल होने का दावा करने वाले नकली कागजात अक्सर प्रसारित होते हैं। जालसाज बोर्ड के नकली लोगो का उपयोग करके छात्रों को धोखा देने का प्रयास करते हैं। हमने ऑनलाइन नकली पेपरों के प्रसार को रोकने पर ध्यान केंद्रित करते हुए पेपर लीक को रोकने के लिए नए उपाय लागू किए हैं। पुलिस कर्मी और साइबर सेल टीम इस चुनौती से निपटने के लिए सोशल मीडिया पर सक्रिय रूप से निगरानी कर रही है।

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