भोपाल। लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों को तलाशने का काम कांग्रेस ने शुरू कर दिया है। लोकसभा सीटों पर कांग्रेस नेताओं को इसके लिए लगाया गया है। इन नेताओं की रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार कांग्रेस आगामी लोकसभा चुनाव में पुराने और नए उम्मीदवारों को टिकट देने की योजना बना रही है। यही वजह है कि जमीनी स्तर पर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा और उसी हिसाब से टिकट दिया जाएगा। पर्यवेक्षकों के चयन के समय, पार्टी नेताओं को लगा कि जिन लोगों को इस पद के लिए चुना गया है, वे उस विशेष लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से संबंधित नहीं होने चाहिए। इसलिए, पर्यवेक्षकों को उन निर्वाचन क्षेत्रों में भेजा गया जो उनके गृह नगरों का हिस्सा नहीं हैं। ये नेता उम्मीदवारों के चयन से पहले विधानसभा चुनाव लड़ने वालों, विधानसभा क्षेत्रों के प्रभारियों और संगठन के नेताओं के साथ मुद्दों पर चर्चा करेंगे। ये नेता संभावित उम्मीदवारों पर चर्चा के अलावा अन्य मुद्दों पर स्थानीय नेताओं से बातचीत करेंगे। साथ ही उम्मीदवारों के पैनल में नाम के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी, विधानसभा प्रभारी, विधायक, पूर्व विधायक, नगर निगम, नगर पालिका, नगर परिषद और जिला, जनपद पंचायतों और ग्राम पंचायतों के पदाधिकारियों से भी राय ली जाएगी।
बताया जाता है कि राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा और पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह को भोपाल की जिम्मेदारी दी गई है। नर्मदापुरम में सुरेश पचौरी और दीपक जोशी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी तरह इंदौर में प्रत्याशी तलाशने की जिम्मेदारी जगतबहादुर सिंह को दी गई है। भिंड में रामनिवास रावत, खरगोन में कांतिलाल भूरिया, ग्वालियर में अरुण यादव, दमोह में फूल सिंह बरैया और उज्जैन में राममणि पटेल जिम्मेदारी संभालेंगे।
तीस जनवरी तक सौंपनी होगी रिपोर्ट
पार्टी के समन्वयकों को संगठन की गतिविधियों की रिपोर्ट 30 जनवरी तक सौंपनी है। इसके साथ ही लोकसभा क्षेत्र के लिए दो से तीन नामों का पैनल भी बनाकर एआईसीसी को देना है। ये नए या पुराने हो सकते हैं। चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदारों के बारे में गणमान्य जनों से फीडबैक भी मायने रखेगा।

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