विद्या भारती के संकल्प दृष्टि 2024 का शुभारंभ
भोपाल। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के महामंत्री अवनीश भटनागर ने कहा कि चुनौतियों का सामना करने वाली राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत युवा पीढ़ी के निर्माण का संकल्प लें। हम किसी भी काल और परिस्थिति के संक्रमण में नये भविष्य की रचना करेंगे।
विद्या भारती मध्यभारत प्रांत के प्रांतीय समिति समागम ‘संकल्प दृष्टि 2024’ का शुभारंभ शनिवार को सरस्वती विद्या मंदिर, शारदा विहार में हुआ। उद्घाटन सत्र के मुख्य वक्ता विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के महामंत्री अवनीश भटनागर थे। तीन दिवसीय इस समागम में पूरे प्रांत की विद्यायलय संचालित करने वाली 180 समितियों के 1500 से अधिक दायित्ववान कार्यकर्ता सम्मिलित हुए हैं। समिति समागम का समापन रविवार को होगा।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के महामंत्री अवनीश भटनागर ने अपने प्रभावी उद्बोधन में कहा कि हम एक नए युग में प्रवेश कर रहे हैं। समाज में शिक्षा को लेकर विद्याभारती के अपने लक्ष्य हैं। शिक्षित, सुसंस्कारित, राष्ट्रीय विचारों से ओतप्रोत पीढ़ी के निर्माण का हमारा जो संकल्प है, उसे लेकर हमारी दृष्टि स्प्ष्ट होनी चाहिए। यह अपने वैचारिक अधिष्ठा्न के शाश्वत मूल्यों पर चलने के संकल्प लेने का समय है। हमने समाज परिवर्तन का आधार शिक्षा को माना है। इसके लिए शिक्षा को माध्यम बनाया है। अपने लिए विचार करने का विषय यह है कि क्या हमारे लक्ष्य के अनुरूप नई पीढ़ी को तैयार किया जा रहा है? वंचित वर्ग को सुसंस्कृत और संपन्न बनाने की कोई योजना के साथ हमें कार्य करना चाहिए। भटनागर ने कहा कि हम अपने लक्ष्य के अनुरूप वर्तमान सामाजिक चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करने वाली राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत युवा पीढ़ी का निर्माण करने का संकल्प लें। हम किसी भी काल और परिस्थिति के संक्रमण में नये भविष्य की रचना करेंगे।
मंच पर राम मंदिर की झांकी, दीवार पर रामलीला के दृश्य
समारोह के मुख्य पांडाल नैमिषारण्य सभागृह के मंच के पार्श्व में अयोध्या के श्रीराम मंदिर की प्रतिकृति बनाई गई है। इसमें प्लास्टिक का उपयोग नहीं किया गया है, इसके स्थान पर कागज और गत्ते का उपयोग किया गया है। वहीं विद्यालय की बाउंड्रीवॉल पर रामायण के दृश्य अंकित किए गए हैं। इसकी वॉल पेंटिंग शारदा विहार के विद्यार्थियों द्वारा की गई है। वहीं कार्यक्रम के लिए दो हजार लोगों की बैठक क्षमता वाला एक विशाल डोम पांडाल बनाया गया है। इसके साथ ही पांच और पांडाल बनाए गए हैं। सभी कार्यकर्ताओं को 6 समूहों में बांटा गया है। इनके लिए इन्हीं पांडाल में सत्र आयोजित हो रहे हैं। मंच, प्रदर्शनी एवं अन्यो सभी व्यवस्था ओं को प्लास्टिक मुक्त रखा गया है।

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