बुधवार, 17 जनवरी 2024

धान खरीदी और बिक्री की जांच करेंगे कलेक्टर

27 जिलों के कलेक्टरों को दिए निर्देश


भोपाल।  जबलपुर जिले में धान खरीदी और भंडारण में हुई गड़बड़ी सामने आने के बाद खाद्य विभाग ने अन्य जिलों में भी इस तरह के गड़बड़ी होने की आशंका जताई है। इसे लेकर ें विभाग ने सभी कलेक्टरों से गैर मान्यता प्राप्त खरीदी केन्द्र गोदाम संचालकों के जरिए की गई खरीदी और अनाधिकृत किसानों से धान की बिक्री और खरीदी के रिकार्डों की जांच-पड़ताल करने के लिए कहा है।

 विभाग ने यह भी कहा कि अगर कहीं इस तरह के मामले सामने आते हैं तो संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। इसके अलावा जबलपुर धान खरीदी मामले से पूर्व की गई खरीदी पर विस्तार से जांच पड़ताल कर रिपोर्ट भेजने के लिए कहा गया है। कलेक्टरों को यह रिपोर्ट अगले सप्ताह देना होगी। एसीएस, खाद्य विभाग स्मिता गाटे ने बताया कि कलेक्टरों से रिपोर्ट बुलाई है धान खरीदी में गड़बड़ी की संभावनाओं को देखते हुए कलेक्टरों से धान खरीदी की जांच रिपोर्ट बुलाई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में कुछ कहा जा सकता है। 

गौरतलब है कि जबलपुर में कुछ गोदाम संचालकों ने महिला स्व सहायता के माध्यम से बिना खरीदी केन्द्र बनाए ही करोड़ों की धान किसानों से खरीद ली। ज्यादातर धान की मात्रा एफएक्यू से नीचे थी। जांच में यह भी पाया गया कि कई टन धान भींगी और खराब हो गई। धान की खरीदी सिकमी और बटाईदारों के नाम पर की गई थी, जो वास्तव में नहीं पाए गए थे। इसके अलावा जो बटाईदार थे, उनके पास उतनी जमीन नहीं थी। शिकायत होने पर इस मामले में तत्कालीन प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने कई अधिकारियों पर कार्रवाई भी की थी।

इन जिलों में होगी जांच

कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडोरी, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, दमोह, पन्ना, रायसेन, सीहोर, ग्वालियर, शिवपुरी, भिंड, सागर, रीवा, सतना, मऊगंज, सिंगरौली, उमरिया, सीधी, अनूपपुर, शहडोल और दतिया जिला शामिल है।


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