भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज हमारे सामने वर्तमान की अयोध्या नगरी का जो भौगोलिक स्वरूप है उसे दो हजार साल पहले सम्राट विक्रमादित्य के काल में जीर्णोद्धार कर नया रूप दिया गया था, भव्य मंदिर भी सम्राट विक्रमादित्य द्वारा बनवाया गया। मध्यप्रदेश का विशेषकर उज्जैन का अयोध्या के लिए दो हजार साल पहले भी समर्पण रहा है। वह युग पुनः वापस आ रहा है, भगवान श्री राम पांच सौ साल के संघर्ष के बाद पुनः गर्भ गृह में विराजमान हो रहे हैं, प्रसन्नता का विषय है कि यह सब हमारे सामने ही घटित हो रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति उज्जैन द्वारा अयोध्या में भगवान रामलला मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में भेजे जा रहे 5 लाख लड्डू प्रसाद रथ के तुलसी मानस प्रतिष्ठान भोपाल से प्रस्थान के अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केसरिया ध्वजा लहराकर अयोध्या के लिए प्रसाद-रथ के रूप में चार ट्रक रवाना किये। प्रत्येक ट्रक में सवा लाख लड्डू हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का निर्देश है कि श्रीराम जन्म भूमि मंदिर के दर्शन के लिए देशवासी क्रमबद्ध रूप से अयोध्या आएं। जब मध्यप्रदेश का नंबर आएगा, तब सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित महानाट्य के मंचन द्वारा सम्राट विक्रमादित्य के विराट स्वरूप को जीवंत करते हुए हम अयोध्या पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोकतंत्र को गौरान्वित कर रहे हैं और लोकतंत्र की शक्ति का सार्थक उपयोग करते हुए उन्होंने रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह का मार्ग प्रशस्त किया। उज्जैन से अयोध्या लड्डू भेजकर हम समाज में प्राण प्रतिष्ठा समारोह की मिठास बनाए रखना चाहते हैं। भोपाल के मानस प्रतिष्ठान से अयोध्या के लिए लड्डू प्रसाद का प्रस्थान भी शुभ है।
संपूर्ण सृष्टि में समाहित है उज्जैन का महत्व
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैनी के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि उज्जैनी में संपूर्ण सृष्टि समाहित है। विश्व के सात सागर प्रतीक स्वरूप उज्जैन के सप्त-सागर में विद्धमान है, 84 लाख योनियों का प्रतिनिधित्व उज्जैन का 84 महादेव मंदिर करता है। द्वारिका सहित हमारी कई ऐतिहासिक और पौराणिक घटनाओं की पुष्टि वर्तमान का ज्ञान और आधुनिक यंत्र करते हैं।
25 जनवरी को देंगे नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 25 जनवरी को मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग राज्य सेवा परीक्षा 2019 एवं 2020 के चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे। नियुक्ति पत्र प्रदाय के लिये सभी संबंधित विभाग सभी चयनित अभ्यर्थियों से उनके दस्तावेजों के सत्यापन, मेडिकल जाँच एवं अन्य सभी आवश्यक प्रक्रियाएँ पूर्ण करा रहे हैं। जिन अभ्यर्थियों को इस आशय की सूचना नहीं मिली है, वे तुरंत ही संबंधित विभाग से संपर्क करें।

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