आमंत्रण अस्वीकार करने पर घिरी कांग्रेस, जीतू पटवारी ने किया बचाव
भोपाल। अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिश्ठा कार्यक्रम के आमंत्रण को अस्वीकर करने को लेकर घिरी कांग्रेस अब घिर गई है। कांग्रेस के बचाव में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अधूरे मंदिर निर्माण को लेकर आमंत्रण अस्वीकार किया है। जब राम मंदिर का पूरा निर्माण हो जाएगा, तब कांग्रेस के एक लाख कार्यकर्ता भगवान राम के दर्शन करने अयोध्या जाएंगे।
राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर प्रदेश में सियासत भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने अधूरे मंदिर के निर्माण में प्राण प्रतिष्ठा करने और भाजपा पर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगा कर आमंत्रण को अस्वीकार कर दिया है। इस बयान को लेकर कांग्रेस चौथरफा घिर गई। इस निर्णय पर आपत्ति लेते हुए धार कांग्रेस के प्रवक्ता ने पार्टी की प्राथमिकता सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने इस्तीफे में लिखा कि पार्टी के निर्णय से मुझे आघात हुआ। अब मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी केंद्रीय नेताओं के निर्णय का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण पूरा होने पर एक लाख से ज्यादा कांग्रेस कार्यकर्ता श्रीराम भगवान के दर्शन करने अयोध्या जाएंगे।
गौरतलब है कि आमंत्रण अस्वीकार करने पर भाजपा नेता लगातार कांग्रेस पर सवाल उठा रहे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि कांग्रेस का सनातन और राम विरोधी चरित्र उजागर हुआ है। कांग्रेस हमेशा तुष्टीकरण की राजनीति करती आई है। यह एक बार फिर पूरे देश के सामने आ गया है। सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि उनके मुंह पर मां सरस्वती ने विराजमान होकर मना कराया है। अब पूरा काम निर्विघ्न रूप से पूरे होंगे।
सनातन धर्म में शंकराचार्य से बढ़ा पद कोई नहीं
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्ट पर लिखा कि लिखा है कि यज्ञ, अनुष्ठान में कौन से नियमों का पालन करना है ये तो सर्वोच्च पद पर आसीन धर्म गुरु ही बता सकते हैं और सनातन धर्म में शंकराचार्य से बड़ा कोई पद नही होता। एक नहीं चारों मान्य पीठों के शंकराचार्य शास्त्र सम्मत पूजा विधि की अवहेलना एवं अधूरे निर्मित मंदिर में भगवान के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा को अनुचित मान रहे हैं। इसीलिए उन्होंने प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने से इंकार कर दिया तो इसमें गलत क्या है?

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