भोपाल। प्रदेश में मंत्रिमंडल गठन और विभागों के वितरण के बाद अब जिलों के प्रभार को लेकर मंत्रियों को इंतजार करना पड़ रहा है। अब तक मंत्रियों को जिला का प्रभार नहीं मिला है।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की कैबिनेट में 2 उपमुख्यमंत्री सहित 28 मंत्री है। प्रदेश में जिलों की संख्या आप 55 हो चुकी है, ऐसे में अधिकांश मंत्रियों को दो-दो जिलों का प्रभार मिलने की संभावना है। बताया जा रहा है कि गद्दार मंत्रियों को उन जिलों की कमान दी जा सकती है, जहां पर भाजपा की स्थिति थोड़ी कमजोर है। माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव में जिन जिलों में भाजपा की स्थिति बेहतर नहीं रही, उन जिलों का प्रभाव प्रदेश की ताकतवर और प्रभावी मंत्रियों को दिया जाएगा, इसमें छिंदवाड़ा के साथ ही हरदा जिले में भाजपा विधानसभा चुनाव में एक सीट नहीं जीत सकी थी। जबकि कुछ ऐसे भी जिले हैं जहां पर भाजपा संगठन को कांग्रेस के मुकाबले में ज्यादा सफलता नहीं मिली है। ऐसे सभी जिलों में कद्दावर मंत्रियों को प्रभार दिया जा सकता है। जिलों का प्रभार देने से पहले मुख्यमंत्री अपने मंत्रियों से भी एक बार इस संबंध में चर्चा कर उनसे उनकी पसंद के जिले की जानकारी ले सकते हैं।
26 के पहले दिया जा सकता है प्रभार
गणतंत्र दिवस 26 जनवरी से पहले मंत्रियों को जिलों का प्रभार दिया जा सकता है। आमतौर पर जो मंत्री जिस जिले के प्रभारी होते हैं, वह उस जिले में जाकर राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं। इसलिए यह भी माना जा रहा है कि गणतंत्र दिवस से पहले मंत्रियों को जिलों का प्रभाव सौंपा जा सकता है।

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