शनिवार, 27 जनवरी 2024

चर्चा के बाद बड़े नेताओं को मैदान में उतारने का होगा फैसला

प्रत्याशी को लेकर फरवरी से बैठकों का दौर होगा तेज

भोपाल। प्रदेश में विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस अब लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी है। इसके लिए प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया को लेकर फरवरी से बैठकों का दौर तेज होगा। 3 फरवरी को स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य भोपाल पहुंचेंगे। वे बैठकें लेंगे। सभी पदाधिकारियों के साथ लोकसभा प्रभारियों से चर्चा की जाएगी। इसके बाद ही यह तय होगा कि बड़े नेताओं को चुनाव मैदान में उतारा जाए या फिर नहीं।
प्रदेश कांग्रेस में बैठकों का दौर चल रहा है। आज लोकसभा चुनाव के अलावा राहुल गांधी की भारत न्याय यात्रा की तैयारियों को लेकर एक बैठक हुई। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी उपस्थित रहे। बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बताया कि  3 फरवरी से स्क्रीनिंग कमेटी के मेम्बर भोपाल आएंगे। उज्जैन, ग्वालियर और भोपाल में बैठकें होंगी। लोकसभा चुनाव समन्वय समिति, प्रदेश प्रभारी, लोकसभा प्रभारी बैठकों में शामिल होंगे। बड़े नेताओं के चुनाव लड़ने पर कहा कि प्रभारी नियुक्त किए हैं,सबसे चर्चा के बाद निर्णय होगा। मध्यप्रदेश में कांग्रेस की नई टीम जल्द ही सामने आएगी। हमने इस बीच कई कमेटियों का गठन किया है। उन्होंने कहा कि लोकसभा और भारत जोड़ो न्याय यात्रा के संबंध में तैयारी चल रही है। लोकसभा चुनाव के लिए कंट्रोल रूम बन गया है। सोशल मीडिया समेत डिलीवरी सिस्टम पर काम हो रहा है। संभागीय स्तर पर भी कंट्रोल रूम बना रहे हैं। प्रत्याशी चुनने और चुनाव लड़ने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है।
अधिकारी डरते नहीं, अपराध बढ़ रहे
पटवारी ने कहा कि नए मुख्यमंत्री के कार्यकाल में अपराधों के रिकॉर्ड टूट रहे हैं। इस तरह के अपराध बढ़ेंगे तो सभ्य समाज कैसे आएगा। मध्यप्रदेश के हालात दयनीय हैं, सरकार को समझना चाहिए। हर तरह के अपराध बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री के किए हुए एक्शन से अधिकारी डरते नहीं है, इसलिए लगातार अपराध बढ़ रहे हैं। भाजपा के वचन पत्र को लेकर कहा कि रामायण और गीता में से एक शब्द भी नहीं पढ़ाया गया। धान व गेहूं के दाम कब मिलेंगे। 450 रुपये में गैस सिलेंडर कब से देंगे। पटवारी ने कहा कि राष्ट्रगान-प्रदेशगान को लेकर सीएम ने अपनी बात कही है। भाजपा की अंदरूनी राजनीति में मध्यप्रदेश का अपमान हो रहा है। राष्ट्र का अपना सम्मान है, लेकिन मध्यप्रदेश का भी अपमान न हो।

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