बुधवार, 17 जनवरी 2024

कूनों नेशनल पार्क में दस चीतों की हो चुकी है मौत


भोपाल। कूनो नेशनल पार्क में चीता षौर्य सहित अब तक दस चीतों की मौत हो चुकी है। 27 मार्च 2023 से चीतों की मौत का सिलसिला ष्शुरू हुआ जो अब तक जारी है। चीतों की मौत को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। मगर वन विभाग इस मामले को लेकर मौन है। 

कूनो नेशनल पार्क में मंगलवार को एक और चीते की मौत हो गई। ये चीता भी नामीबिया से लाया गया था जिसका नाम शौर्य था। इसके साथ कूनो में मरने वाले चीतों की संख्या अब बढ़कर 10 हो गई है, शौर्य दसवां चीता था। लायन प्रोजेक्ट के निदेशक की ओर से जारी प्रेस रिलीज में कहा गया है कि 16 जनवरी को लगभग 3.17 बजे नामीबियाई चीता ’शौर्य’ की मौत हो गई। मृत्यु का कारण पोस्टमार्टम के बाद पता चलेगा। उसे जंगल में बेहोश पाया गया था जिसके बाद से उसका इलाज चल रहा था। कूनो नेशनल पार्क में अब तक तीन सावकों सहित 10 चीतों की मौत हो चुकी है। नामिबियाई  चीता की मौत के बारे बताया कि ट्रैकिंग टीम ने सुबह शौर्य को लड़खड़ाते हुए देखा। डॉक्टरों की टीम ने उपचार शुरू किया किंतु कोई लाभ नहीं पहुंचा अंततः उसका निधन हो गया. चीता के प्रबंधन को लेकर हमेशा से ही सवाल उठाते रहे हैं। मौत के कर्म का स्पष्ट पता नहीं लगा है. पर प्रबंधन का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के कारणों का पता लग पाएगा। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार शौर्य की मौत अचानक हुई है। सोमवार तक वह स्वस्थ था,  उसकी अचानक मौत हुई है इसलिए कारणों का पता नहीं चल पाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारण स्पष्ट हो पाएंगे। 

कब कैसे हुई मौत

सबसे पहले 27 मार्च 2023 को मादा चीता साशा की मौत हुई थी। साशा की मौत किडनी इन्फेक्शन से हुई। इसके बाद 23 अप्रैल 2023 को साउथ अफ्रीका से लाए गए नर चीता उदय की मौत हुई थी। 9 मई 2023 को मादा चीता दक्षा की मेटिंग के दौरान मौत हो गई थी। दक्षा को दक्षिण अफ्रीका से कूनो लाया गया था। 23 मई 2023 को मादा चीता ज्वाला के एक शावक की मौत हो गई।  25 मई 2023 को मादा चीता ज्वाला के दो और शावकों ने दम तोड़ दिया था। जबकि 11 जुलाई 2023 को एक और चीते तेजस की मौत हो गई। 14 जुलाई 2023 को चीते सूरज की मौत हो गई। 2 अगस्त 2023 को मादा चीता तिब्लिसी (धात्री) की मौत हो गई। अब 16 जनवरी को नामीबिया से लाया गया चीता शौर्य की मौत हो गई।


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