शनिवार, 9 सितंबर 2023

युवा और नए चेहरों पर दाव खेलेगी कांग्रेस

आधा दर्जन सांसदों को विस चुनाव लड़वा सकती है भाजपा

भोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में प्रत्याशी चयन को लेकर लगातार रणनीति में बदलाव आ रहा है। दोनों ही दल सर्वे को आधार मानकर प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया को पूरा करने की बात कह रहे हैं। वहीं कुछ स्थानों पर दोनों ही दलों के सामने जिताउ प्रत्याशी का भी संकट है। इसे लेकर कांग्रेस ने तय किया है कि वह युवा और नए चेहरों पर दाव लगाएगी। वहीं भाजपा जिताउ प्रत्याशी न मिलने की स्थिति में सांसदों को भी विधानसभा चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है। 

विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों का जोर लगातार हारी हुई सीटों को जीतने पर है। दोनों ही दल इन सीटों पर इस बार किसी भी तरह से कमजोर प्रत्याशी मैदान में उतारना नहीं चाह रहे हैं। इसके चलते कांग्रेस ने तय किया है कि कमजोर सीटों पर जीत के लिए वह अब युवा और नए चेहरों पर दांव खेलेगी। साथ ही तीन बार चुनाव हार चुके नेताओं को टिकट देने से भी परहेज किया जाएगा। बीते दिनों राजधानी में हुए मैराथन मंथन के बाद कांग्रेस ने प्रत्याशियों को लेकर स्थानीय नेताओं की राय भी जान ली है। अब 10 सितंबर तक दावेदारों की प्रदेश के दिग्गज नेताओं को स्क्रीनिंग कमेटी को सूची भेजनी है। 12 सितंबर को दिल्ली में स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक होगी। स्क्रीनिंग कमेटी बैठक में 103 नाम पर मुहर लगा सकती है। लगातार हार रही 66 सीटों पर युवाओं और नए चेहरों को उतारने की रणनीति बनाई गई है। लगातार हार रही सीटों पर सबसे पहले सहमति बनाने की कोशिश की जाएगी। 103 नाम में लगातार हार रही 66 सीटों के नाम शामिल होंगे। कांग्रेस की इस सूची में युवा और नए चेहरों को मौका मिल सकता है। 

दिग्विजय हुए परेशान

टिकट के लिए चक्कर काट रहे नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को परेशान कर दिया है। इन नेताओं ने भोपाल से लेकर दिल्ली तक चक्कर लगाने तेज कर दिए हैं। दावेदार अपने-अपने आकाओं को साध कर टिकट प्राप्त करने की मंशा से दिल्ली पहुंच रहे हैं। दावेदारों की इस दौड़ से प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह परेशान नजर आ रहे हैं। सिंह ने इसे लेकर ट्वीट भी किया है, जिसमें उन्होंने टिकट के दावेदारों को सब्र करने की सलाह दी है। ट्विटर पर लिखा है कि कांग्रेस पार्टी उम्मीदवारों से हमारे हाथ जोड़कर प्रार्थना है कि चक्कर लगाना बंद करें। जिला कांग्रेस की सिफारिश आ गई ऑब्जर्वर आप लोगों से मिल लिए है, स्क्रीनिंग कमेटी आपसे मिल चुकी है। सिंह ने लिखा है कि  उम्मीदवार किसी की सिफारिश से नहीं अनेक सर्वे रिपोर्ट के आधार पर तय किए जाएंगे।

सांसदों से मांगी भाजपा ने राय

भाजपा भी सांसदों को विधानसभा चुनाव लड़ाने की तैयारी कर रही है। इसके पीछे तर्क यह भी दिया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव में इन सांसदों से भाजपा दूरी बनाना चाह रही है, साथ ही विधानसभा में इन्हें मैदान में उतारकर कमजोर सीटों को मजबूत कर लिया जाए। सूत्रों की माने तो भाजपा ने इस रणनीति के तहत कुछ सांसदों सतना के सांसद गणेश सिंह, सीधी की रीति पाठक, ष्शहडोल की सांसद हिमाद्री सिंह, रतलाम सांसद गुमान सिंह डामोर और नर्मदापुरम सांसद राव उदयप्रताप सिंह से उनकी राय भी जानी है। भाजपा की इस रणनीति से नए दावेदारों को झटका लग सकता है। 


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