भोपाल। मध्यप्रदेश में एक सर्वे के परिणामों को लेकर सियासी तूफान खड़ा हो गया है। सर्वे का वीडियो वायरल होने के न्यूज चैनल ने इसे फर्जी वीडियो वीडियो बताया। इसके बाद राजनीति का पारा चढ़ गया। भाजपा ने इसे लेकर कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।
दरअसल एबीपी, सी वोटर कंपनी के तथाकथित सर्वे के अनुसार मध्य प्रदेश में स्पष्ट तौर पर कांग्रेस की सरकार बनने का दावा किया गया था। इस सर्वे को मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा ओपिनियन पोल बताते हुए प्रदेश में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार का एक तिहाई बहुमत (150 से ज्यादा सीट) के साथ सरकार बनना तय बताया गया। कुल 230 विधानसभा सीटों में से 150 से 158 सीट कांग्रेस को मिलना बताया गया जबकि भाजपा को 60 सीट पर बताया गया। वोट प्रतिशत में कांग्रेस 44 प्रतिशत ,भाजपा 39 प्रतिशत ,अन्य 17 प्रतिशत मत मिलना बताया गया। विधानसभा की 230 सीटों में कांग्रेस को 150-158,भाजपा 66-75 सीट ,अन्य 1-6 सीट मिलना बताई गई है।
वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल किए जाने के करीब 12 घंटे बाद भाजपा ने इसे लेकर तब प्रतिक्रिया व्यक्त की जाब चैनल द्वारा यह स्पश्ट किया गया कि वह वीडियो फर्जी है। एडिट करके सर्वे को चलाया गया है। इसके बाद भाजपा की ओर से इसे लेकर प्रतिक्रिया आनी ष्शुरू हुई। प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि हार से बचने और कार्यकर्ता का मनोबल बढ़ाने के लिए कांग्रेस किस तरह के हथकंडे अपना रही है। कांग्रेस में दिग्विजय सिंह जैसे व्यक्ति ने एक प्रतिष्ठित चैनल का एडिट करके फर्जी सर्वे चला दिया है। चैनल की जो मालिक है उन्होंने ट्वीट करके बताया है कि यह फर्जी है। जिस तरीके से सोशल मीडिया का दुरुपयोग करके दिग्विजय सिंह सस्ती लोकप्रियता बनाना चाहते हैं तो यह एक तरीके धोखा है।
वहीं भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने ट्विटर पर लिखा है कि कांग्रेस के झूठे प्रोपेगैंडे की एक और कड़ी। एबीपी जैसे प्रतिष्ठित न्यूज चैनल के वीडियो के साथ छेड़छाड़ करके फर्जी वीडियो जारी करना यह धोखा भी है, फर्जीवाड़ा भी है और कानूनन गलत भी है। अपने दर्शकों की विश्वसनीयता को बनाए रखने के लिए एबीपीन्यूट को दिग्विजय सिंह जी और कांग्रेस के अन्य नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। इसे कहते हैं प्रत्याशित हार का डर, जिससे कांग्रेस सदमे में है तभी तो झूठ का सहारा लेकर वितंडावाद खड़ी कर रही है।

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