नेता प्रतिपक्ष ने दो लाख, कांग्रेस मीडिया विभाग ने चार लाख संख्या घटाने का लगाया आरोप
भोपाल। प्रदेश में लाड़ली बहना योजना में सरकार द्वारा आज राशि जमा करते ही सियासत भी तेज हो गई। कांग्रेस ने योजना में लाड़ली बहनाओं की संख्या घटाए जाने की बात कही। वहीं कांग्रेस नेता अपने-अपने तरीके से लाड़ली बहनाओं की संख्या कम किए जाने की बात कह रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष दो लाख संख्या कम किए जाने की बात कह रहे हैं, तो कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष के के मिश्रा इस आंकड़े को चार लाख से ज्यादा बता रहे हैं।
प्रदेश के मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने आज दस तारीख को लाड़ली बहना योजना के तहत लाड़ली बहनों के खातों में किस्त जमा कराई। सरकार ने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने 1.29 करोड़ पात्र बहनों के खातों में 1576 करोड़ की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित की। मुख्यमंत्री द्वारा राशि अंतरित करते ही कांग्रेस नेताओं ने योजना की पात्र हितग्राहियों की संख्या में कटौती करने को लेकर हमला बोलना शुरू कर दिया। मगर कांग्रेस नेता बयानबाजी करने के चक्कर में आंकड़े अपने-अपने तरीके से पेश कर रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा अलग-अलग आंकड़े पेश कर रहे हैं।
2 लाख लाड़ली बहनाओं की संख्या घटाई
योजना को लेकर सोशल मीडिया पर नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने लिखा कि नई सरकार ने घटाई 2 लाख लाडली बहना, झूठे विज्ञापनों की सच्चाई। कर्ज का बोझ नहीं ढो पा रही विज्ञापन से बनी भाजपा सरकार। प्रदेश की लाखों लाडली बहनों से झूठ बोल कर वोट ले लिए और अब उन्हीं में से 2 लाख बहनों की छंटनी कर दी। नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि जब सितंबर में शिवराज मुख्यमंत्री थे, तब लाडली बहनों की संख्या 1.31 करोड़ थी, अब नए मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने इस संख्या को छांटकर 1.29 करोड़ कर दिया है, यानी 2 लाख तो नई सरकार बनते ही घटा दी। सरकारी विज्ञापन इसका प्रमाण है, जनता खुद देखे लोकसभा चुनाव के बाद ये संख्या कितनी बचेगी, ये तो नए सीएम ही तय करेंगे।
सरकार का दावा खोखला
मध्य प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग अध्यक्ष के के मिश्रा ने राज्य की डॉक्टर मोहन यादव सरकार द्वारा आज 10 जनवरी को मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना के अंतर्गत 1.29 करोड़ हितग्राही बहनों के खातों में 1576 करोड़ रुपयों की सहायता राशि उनके खातों में हस्तांतरित किए जाने को भ्रम की लकीर साबित करते हुए सरकार के दावे को खोखला बताया है। मिश्रा ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि यदि 1576 करोड़ रुपयों की राशि में 1250 का भाग दिया जाए तो कुल वास्तवित लाडली बहनों की संख्या 1 करोड़ 26 लाख 8 हजार होती है, जो सीधी तौर पर 4 लाख 92 हजार बहनों के अंतर को दर्शाता है। इन स्थितियों में मुख्यमंत्री बताएं कि उनकी सरकार बनते ही मात्र एक माह में 4 लाख 92 हजार बहने कहां गायब हो गई’?

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