सोमवार, 8 जनवरी 2024

मतपत्र से चुनाव नहीं तो मतदान का बहिष्कार


गुलजार सिंह मरकाम
मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद ईवीएम को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस सहित राज्य के अन्य छोटे और राजनीतिक संगठनों द्वारा यह सवाल लगातार उठाया जा रहा है। इस बीच प्रदेश के गोंडवाना समग्र क्रांति आंदोलन के गुलजार सिंह मरकाम  और लोकतांत्रिक अभियान गोविंद यादव ने ईवीएम के खिलाफ विरोध करने और लोकसभा चुनाव मतपत्र से कराए जाने को लेकर अभियान छेड़ने की रणनीति तय की है। अपने समविचार वाले छोटे दलों के साथ दोनों नेताओं ने मिलकर इस अभियान को गति देने का फैसला करते हुए साफ कर दिया है कि मतपत्र से मतदान हो, अन्यथा मतदान का बहिश्कार किया जाए।

जबलपुर में बीते दिनों हुई बैठक में “गोंडवाना समग्र क्रांति आंदोलन“ के गुलजार सिंह मरकाम और लोकक्रांति अभियान के राष्ट्रीय संयोजक गोविंद यादव के नेतृत्व में बैठक

गोविंद यादव
में यह फैसला लिया गया। बैठक में बताया गया कि जनसमस्या तो सैकड़ों हज़ारों हैं, जिनके निदान की पूरी जिम्मेदारी जनप्रतिनिधियों, शासन (सत्ताधारी और विपक्ष) की होती है, परन्तु कुछ जिम्मेदारी जनता की भी है, क्योंकि उपरोक्त व्यवस्थापक यदि जिम्मेदारी निभाने में कोताही बरतें असफल साबित हो रहे हैं तो समस्याग्रस्त जनसाधारण (सिविल सोसायटी) को स्वयं आगे आकर अपनी पैरवी स्वयं करना पड़ेगी।  प्रश्न उठता है कि आखिर जनसाधारण का नेतृत्व कौन करेगा, इसका सीधा सा जवाब है कि जनसमस्या का निवारण जनसंगठनों और राजनीतिक संगठनों के आपसी समन्वय से ही संभव है। बैठक में कहा गया कि समान विचारधारा के राजनीतिक दलों के बीच समन्वय बनाकर एक ऐसी मुहिम “मतपत्र से चुनाव अन्यथा मतदान का बहिष्कार“ चलाने करने का आंदोलन चलाया जाए। बैठक में गोंसक्रांआं एवं लोक्रांअभियान के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं क्रांति जनशक्ति पार्टी के पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिसमें आंदोलन से जुड़े सभी कार्यकर्ता और पदाधिकारियों को विभिन्न जिलों की जिम्मेदारी दी गई। जो निर्धारित समयावधि में में आंदोलन के लिए गठित समिति को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। बैठक में इस बात का भी फैसला लिया गया कि समविचार वाले छोटे और राजनीतिक दलों के बीच इस बात को पहुंचाकर उन्हें भी आंदोलन में शामिल किया जाए। 

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