रविवार, 31 दिसंबर 2023

योजनाओं के लाभार्थियों से संपर्क करेगी भाजपा की डिजिटल टीम


भोपाल। भाजपा ने लोकसभा चुनाव के लिए अपनी डिजिटल टीम को सक्रिय कर दिया है। यह टीम प्रदेश में केन्द्र सरकार की योजनाओं का लाभ ले रहे लाभार्थियों से संपर्क करेगी और उनसे योजनाओं के बारे में जानकारी लेगी साथ ही लाभार्थियों को भाजपा सरकार की सफलताएं गिनाएगी। 

लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा संगठन हर मोर्चे पर काम कर रहा है। भाजपा मोर्चा, प्रकोश्ठ और पदाधिकारियों के अलावा अब डिजीटल टीम भी सक्रिय हो रही है। यह टीम विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से सतत संपर्क बढ़ाएंगी। इसके लिए इंटरनेट मीडिया टीम तैयार की गई है। पार्टी के सातों मोर्चा अपने -अपने वर्ग विशेष से डिजिटल संपर्क करेंगे और उन्हें पार्टी की विचारधारा से जोड़ने का काम करेंगे। इसके अलावा एसएमएस और वाट्सएप पर संदेश भेजकर उन्हें भाजपा की रीति-नीति से अवगत कराया जा रहा है। पार्टी और सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार में इंटरनेट मीडिया टीम की जिम्मेदारी तय की गई है। 

किस योजना के कितने लाभार्थी

प्रधानमंत्री आवास योजना - 44 लाख लाभार्थी।

किसान सम्मान निधि के लाभार्थी - 80 लाख किसान।

मुख्यमंत्री कृषक ब्याज माफी योजना - 11.19 लाख किसान।

उज्ज्वला - 82 लाख लाभार्थी।

प्रधानमंत्री जनधन योजना - 44 लाख लाभार्थी माताएं।

आयुष्मान कार्ड - 3.62 करोड़, 30 लाख को मुफ्त उपचार।


लोकसभा में भी चेहरों को लेकर चौंकाएगी भाजपा

दर्जनभर सीटों पर तलाशे जा रहे नए चेहरे


भोपाल। प्रदेश में मुख्यमंत्री, मंत्रिमंडल में चेहरे और फिर मंत्रियों के विभागों के वितरण में जिस तरह से भाजपा ने चौंकाया है, ठीक उसी तरह से अब प्रदेश में लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी चयन को लेकर चेहरों को खोज भाजपा कर रही है। भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व इस बार फिर प्रत्याशी चयन में चेहरों को लेकर चौंकाने की तैयारी कर चुका है। 

मध्यप्रदेश में भाजपा इस बार कुछ अलग रणनीति पर काम करती नजर आ रही है। विधानसभा चुनाव के दौरान ही भाजपा ने संकेत दिए थे कि प्रदेश संगठन की सहमति जरूर होगी, मगर अंतिम फैसला केन्द्रीय नेतृत्व का ही होगा। इसके चलते मुख्यमंत्री चयन, मंत्रिमंडल गठन और फिर मंत्रिमंडल में विभागों के वितरण के दौरान देखा भी गया है। केन्द्रीय नेतृत्व में सभी चयन प्रक्रिया में समय जरूर लिया, मगर परिणाम चौंकाने वाला ही रहा। इसी के चलते अब एक बार फिर केन्द्रीय नेतृत्व प्रदेश संगठन के साथ लोकसभा चुनाव की तैयारी करने में जुटा है। मैदानी सक्रियता में जरूर प्रदेश संगठन को आगे किया गया है, मगर किस तैयारी के साथ मैदान में उतरना है, उसे लेकर केन्द्रीय नेतृत्व की ही रणनीति पर काम किया जा रहा है। फिलहाल भाजपा ने बूथ को फिर से मजबूत करने के लिए पूरी टीम को सक्रिय करना ष्शुरू कर दिया है। साथ ही प्रत्याशी चयन को लेकर भी राय-शुमारी होने लगी है। केन्द्रीय नेतृत्व प्रदेश संगठन से राय लेकर अपनी रणनीति भी प्रदेश पदाधिकारियों को बता रहा है। वहीं संघ भी मैदानी फीडबैक देकर अपनी राय रख रहा है। खासकर भाजपा प्रत्याशी चयन में इस बार फिर गंभीरता के साथ काम कर रही है। केन्द्रीय नेतृत्व में विधानसभा चुनाव में सात सांसदों को विधानसभा चुनाव मैदान में उतारकर एक तरह से इन सातों स्थानों पर प्रत्याशी बदलने के फैसले के संकेत दिए थे। इसके बाद अब करीब दर्जनभर और भी सीटों पर नए चेहरां को तलाशने की कवायद की जा रही है। 

इन सीटों पर किया जा सकता है बदलाव

प्रदेश की सात लोकसभा सीटें जहां पर सांसदों को विधानसभा चुनाव लड़वाया गया था, इन सीटों के अलावा केन्द्रीय नेतृत्व ने करीब दर्जनभर सीटों पर संगठन को नए चेहरों की तलाश करने के संकेत दिए हैं। बताया जा रहा है कि मालवा-निमाड़ अंचल की खरगोन, मंदसौर, धार के अलावा भोपाल, विदिशा, राजगढ़, ग्वालियर, भिंड, सागर, शहडोल और  रीवा सीटों पर भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व एक बार फिर चौंकाने वाले प्रत्याशी देने की तैयारी कर रही है। इन सीटों पर नए चेहरों पर दांव खेला जा सकता है। 


शनिवार, 30 दिसंबर 2023

हर जिले में साइबर तहसील, खरगोन से होगा शुभारंभ

वर्तमान में चल रही 12 जिलों में यह परियोजना

भोपाल। प्रदेश में नए साल में हर जिले में साइबर तहसी
ल होगी। इस व्यवस्था का ष्शुभारंभ 1 जनवरी को खरगोन जिले से किया जाएगा। साइबर तहसील होने से राजस्व विभाग के प्रकरणों का निराकरण जल्द होगा। वर्तमान में यह परियोजना राज्य के 12 जिलों में चल रही है। 

प्रदेश में राजस्व प्रकरणों का निराकरण अत्यंत कम समय में हो जाएगा। भू-अभिलेखों में अमल के बाद सभी भू-अभिलेखों एवं आदेशों की सत्यापित प्रतिलिपि सम्बंधित पक्षकार को मिल सकेगी। अब अनावश्यक रूप से लंबित रहने वाले प्रकरणों का कम से कम समय में गुणवत्तापूर्ण निराकरण हो सकेगा। साइबर तहसीलों में औसत 15 से 17 दिनों का समय लग रहा है, जो पुरानी मैन्युअल प्रक्रिया में लगने वाले 60 दिनों की तुलना में बेहद कम है। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि है। प्रदेश में हर साल नामांतरण के लगभग 14 लाख प्रकरण पंजीबद्ध होते हैं। इनमें से विक्रय विलेखों के निष्पादन के बाद नामांतरण के लिए दर्ज होने वाले प्रकरणों की संख्या 8 लाख होती है। इसमें संपूर्ण खसरा के क्रय-विक्रय से संबंधित लगभग 2 लाख अविवादित नामांतरण प्रकरण पंजीबद्ध किये जाते हैं। इस प्रकार के प्रकरणों में 15 दिन की समय-सीमा में बिना आवेदन दिए, पेपरलेस, फ़ेसलेस, ऑनलाइन नामांतरण और भू अभिलेखों को अपडेट करने के लिए साइबर तहसील स्थापित की गयी है।

गौरतलब है कि साइबर तहसील परियोजना फिलहाल प्रदेश के 12 जिलों  सीहोर, दतिया, इंदौर, सागर, डिण्डौरी, हरदा, ग्वालियर, आगर-मालवा, श्योपुर, बैतूल, विदिशा एवं उमरिया में चल रही है।


चार जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव किया स्थगित


कांग्रेस ने कहा सरकार के दबाव में लिया असंवैधानिक फैसला

भोपाल। प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष के.के. मिश्रा ने राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अपने पूर्व घोषित चार जिलों जबलपुर, अशोक नगर, खंडवा और सीहोर के जिला पंचायत अध्यक्षों के आज 30 दिसंबर को होने वाले चुनाव को मतदान के 20 घंटे पूर्व अपरिहार्य कारणों से स्थगित किए जाने के निर्णय को भाजपा की संभावित हार और सरकार के दबाव में लिया गया असंवैधानिक निर्णय बताया है। 

उन्होंने यहां तक कहा है कि ऐसा कर आयोग ने अपनी निष्पक्षता और संवैधानिक मर्यादाओं पर स्वतरू ही कलंक लगा लिया है। आयोग का यह कृत्य यह पंचायत अधिनियम के मखौल के साथ लोकतंत्र की सरेराह हत्या के समकक्ष है। मिश्रा ने आयोग की मंशा पर सवालिया निशान लगाते हुए जानना चाहा है कि यदि उसकी मंशा पारदर्शी है तो उसे इन चुनावों को टालने का वैधानिक और उसकी स्वीकार्यता का कारण स्पष्ट कर ‘अपरिहार्य’ कारणों की परिभाषा को सार्वजनिक करना चाहिए?

मिश्रा कहा कि अशोक नगर में कांग्रेस प्रत्याशी की जीत में 7-3 का अंतर होने के साथ पार्टी की जीत सुनिश्चित थी, खंडवा में कांग्रेस की निर्विरोध जीत तय थी और जबलपुर, सीहोर में भी भाजपा को पराजय का स्वाद चखना पड़ सकता था, इसी भय से आयोग पर राजनैतिक दबाव बना कर जान बूझकर चुनाव टलवाए गए हैं,जो लोकतंत्र की सरेराह हत्या के समकक्ष है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस विषयक कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है। पार्टी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसे गंभीरता से लिया है।


निजी बंगले में ही रहेंगे उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला

सरकारी बंगला मिला तो वहां होगा उनका कार्यालय

भोपाल। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने सरकारी बंगले में रहने के बजाय अपने निज निवास में रहने का फैसला किया है। वे अपने सरकारी बंगले में कार्यालय चलाएंगे। उन्होंने अपने पड़ौसियों से भी यह वादा किया है। 

राजधानी में एक ओर जहां पूर्व मंत्री और विधायक सरकारी बंगले खाली नहीं कर रहे हैं, वहीं हाल ही में मंत्री बने विधायकों की नजरें बड़े बंगलों पर टिकी है, इसे देख राज्य के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने फैसला किया है कि वे राजधानी भोपाल के बावड़ियाकलां स्थित स्काई विला स्थित निजी घर में ही रहेंगे। उन्होंने अपने पड़ोसियों से यह वादा भी किया है कि वे यहीं रहेंगे, सरकारी बंगले में रहने नहीं जाएंगे, बल्कि सरकारी बंगले से उनका कार्यालय संचालित किया जाएगा। यहां उनका स्टॉफ मौजूद रहेगा। उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल इसी सरकारी बंगले से कामकाज देखेंगे। 

गृह प्रवेश के दो माह बाद ही बन गए थे मंत्री

पूर्व की शिवराज सरकार में राजेन्द्र शुक्ला को मंत्री नहीं बनाया गया था। इस दौरान उन्होंने राजधानी में बावड़ियाकलां स्थित स्काई विला में एक आलीशान बंगला बनवाया था। यह बंगला बनकर तैयार हुआ और गृह प्रवेश के बाद जब ष्शुक्ला उसमें रहने गए तो दो माह बाद ही उन्हें सरकार में मंत्री पद मिल गया था। इसके चलते वे और उनके परिजन इस बंगले को ष्शुभ मान रहे हैं। बाद में विधानसभा चुनाव हुए और इस बार उन्हें उप मुख्यमंत्री बनाया गया।  अपने नए बंगले में रहने के पीछे एक कारण यह भी माना जा रहा है कि जब से ष्शुक्ला इस बंगले में रहने आए उसके बाद से उनके लिए सब कुछ अच्छा ही हो रहा है। 


परीक्षाएं तो ली गई, परिणाम घोषित नहीं किए


भोपाल। एमपीईएसबी की परीक्षाओं को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। भर्ती परीक्षाओं के परिणाम जारी न होने को लेकर उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पटवारी भर्ती परीक्षा समेत अन्य परीक्षाओं को लेकर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि ईएसबी द्वारा आधा दर्जन से ज्यादा परीक्षाएं लीं गई जिनके परिणाम लंबित हैं।

सिंघार ने कहा कि इन परीक्षाओं में कई सारी महत्वपूर्ण परीक्षा पटवारी, संविदा वर्ग 2, वन रक्षक, पुलिस कॉन्स्टेबल परीक्षा, आईबीपीएस, एटीएमए, एससी-एसटी वर्ग के वेटिंग पद क्लियर करने से लेकर परीक्षा, परिणाम, नियुक्ति सब लंबित पड़ा है। सरकार द्वारा रिजल्ट घोषित न करने से अभ्यार्थियों का मनोबल पूरी तरह टूट चुका है, प्रदेश के युवा हताश है। अभ्यार्थियों को इन परीक्षाओं में भ्रष्टाचार और घोटाले की आशंका है। उन्होंने मांग की है कि जल्द से जल्द लंबित परीक्षाओं के परिणाम, नियुक्ति और रिक्त पद भरे जाए, ताकि प्रदेश के युवाओं को रोजगार का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि सरकार ने विभिन्न पदो ंके लिए परीक्षा तो कराई, मगर उनके परिणाम घोशित नहीं किए या फिर रोक दिए गए, जिसके चलते युवा रोजगार से वंचित होकर बेरोजगार घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही इन परीक्षाओं के परिणाम घोशित कराए जाएं। 


पढ़ाई के साथ-साथ स्वास्थ्य और जीवन कौशल भी सीखेंगे विद्यार्थी

सरकारी स्कूलों में आयोजित की जाएगी वैलनेस गतिविधियां 


भोपाल। अब प्रदेश के स्कूलों में पढ़ाई के साथ-साथ वैलनेस गतिविधियां भी आयोजित की जाएगी। स्कूली बच्चों को शैक्षणिक पाठ्यक्रम के साथ-साथ स्वास्थ्य और जीवन कौशल भी समझाया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयास से आयुष्मान भारत- उमंग स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। जो कि सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में क्रियांवित किया जा रहा है।

क्षेत्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित प्रशिक्षण में 136 स्कूलों के प्राचार्यों को उमंग कार्यक्रम की जानकारी दी गई। उमंग कार्यक्रम में कक्षा 9वी से 12वीं तक के बच्चों को शामिल किया गया है। कार्यक्रम के संबंध में स्कूलों के प्रिंसिपल का प्रशिक्षण स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ. प्रभाकर तिवारी ने कहा कि स्वास्थ्य की शिक्षा आज के समय की सबसे महती आवश्यकता है। बच्चे हमारा भविष्य है। हमारे बच्चों को स्वास्थ्य एवं पोषण की जानकारी प्रदान करके स्वस्थ एवं सशक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है। स्वास्थ्य की जानकारी से परिवार एवं समुदाय को शिक्षित एवं जागरूकता करने के लिए उमंग कार्यक्रम महत्वपूर्ण कदम है। शासन द्वारा किशोर किशोरियों की समस्या के समाधान के लिए उमंग किशोर हेल्पलाइन प्रारंभ की गई है। किशोर-किशोरी 14425 पर फोन करके अपनी समस्याओं का निदान प्राप्त कर सकते हैं। प्रशिक्षण में शिक्षकों को स्वास्थ्य संवर्धन, जीवन कौशल एवं बीमारियों से रोकथाम के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।

कहानियों के माध्यम से दी जाएगी जानकारी

स्वास्थ्य और पोषण की जानकारी बच्चों को समझाने के लिए स्वास्थ्य के विभिन्न विषयों को चार मॉड्यूल में विभाजित किया गया है। बच्चों को रुचि पूर्ण कहानियों के माध्यम से स्वास्थ्य शिक्षा, पोषण एवं जीवन कौशल संबंधी जानकारी प्रदान की जाएगी। कक्षा नवी के लिए मानसिक स्वास्थ्य, पोषण, लक्ष्य और केरियर, कक्षा दसवीं के लिए पोषण, किशोरावस्था, लक्ष्य निर्धारण, कक्षा ग्यारहवीं के लिए अंतर्वैयक्तिक संबंध, संवाद कौशल, समस्या समाधान, कक्षा बारहवीं के लिए प्रजनन स्वास्थ्य, तनाव का सामना, भावनाओं का प्रबंधन जैसे विभिन्न विषयों को शामिल किया गया है।

स्कूली बच्चे बनेंगे स्वास्थ्य संदेश संवाहक

उमंग हेल्थ एंड वैलनेस कार्यक्रम में कक्षा नवी से लेकर 12वीं तक के बच्चों को शामिल किया गया है। शिक्षकों द्वारा प्रत्येक कक्षा से एक छात्र एवं एक छात्रा को चयन किया जाएगा, जो कि हेल्थ एंड वैलनेस मैसेंजर के रूप में कार्य करेंगे। यह बच्चे अपनी कक्षा के अन्य विद्यार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां देंगे। साथ ही समुदाय में भी स्वास्थ्य संबंधी उचित व्यवहारों को अपनाने के लिए प्रेरित करने का काम किया जाएगा। 


दस सीटों की चिंता, दस फीसदी वोट बढ़ाने का फैसला

भाजपा ने छिंदवाड़ा सहित दस लोकसभा सीटों पर किया फोकस


भोपाल। प्रदेश में भाजपा ने लोकसभा चुनाव के लिए जमावट तेज कर दी है। विधानसभा चुनाव बहुमत से जीतने के बाद भी भाजपा के लिए छिंदवाड़ा सहित प्रदेश की दस सीटें चिंता का कारण बन रही है। इसके चलते पार्टी ने बूथ को एक बार फिर सशक्त करने और दस फीसदी वोट बढ़ाने का लक्ष्य तय कर काम करना शुरू कर दिया है। 

विधानसभा चुनाव में भाजपा को भले ही उम्मीद से ज्यादा सीटें हासिल हुई, मगर संगठन के लिए लोकसभा चुनाव बड़ी चिंता है। परिणामों की समीक्षा में जब संगठन के सामने लोकसभा की दस सीटें कमजोर होती नजर आई तो उसकी िंचता बढ़ गई है। हाल ही में हारी सीटों की समीक्षा के दौरान एक बार फिर संगठन ने बूथ को सशक्त बनाने की कार्ययोजना पर काम करने का फैसला लिया है। साथ ही दस फीसदी वोट बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। संगठन ने बूथ मजबूत करते हुए लोकसभा में हर सीट पर 51 फीसदी वोट पाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए अभी से जमावट भी ष्शुरू कर दी है। 

संघ के विस्तारक भी होंगे सक्रिय

संगठन ने समीक्षा के दौरान पार्टी ने हारे हुए प्रत्याशियों और मोर्चा पदाधिकारियों के अलावा अब विस्तारकों की जिम्मेदारी भी तय कर दी है। संघ के विस्तारकों को अलग-अलग स्तर पर लोकसभा चुनाव की दृष्टि से प्रभार दिए जाएंगे। वे पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर गांव तक 24 घंटे का प्रवास करेंगे।

इन दस सीटों पर है भाजपा का फोकस

छिंदवाड़ा संसदीय सीट पर तो भाजपा का फोकस बीते पांच साल से ज्यादा समय से है। इस सीट पर केन्द्रीय मंत्री अमित शाह सहित कई बड़े नेताओं ने विधानसभा चुनाव के दौरान सक्रियता भी दिखाई है। 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रदेश की इसी इकलौती सीट पर कांग्रेस का कब्जा रहा था, जिसके चलते भाजपा इस सीट को लेकर लंबे समय से जीत के लिए रणनीति बना रही थी। इस बीच विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद उसके लिए छिंदवाड़ा के अलावा अन्य नौ लोकसभा की सीटें भी चिंता का कारण बन रही है। छिंदवाड़ा संसदीय सीट की सभी सातों विधानसभा सीटों पर कांग्रेस का कब्जा बरकरार रहा है। इसी तरह  मुरैना की पांच, भिंड की चार, ग्वालियर की चार, टीकमगढ़ की तीन, मंडला की पांच, बालाघाट की चार, रतलाम की चार, धार की पांच और खरगोन लोकसभा क्षेत्र की आठ विधानसभा सीटों में से पांच पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। इन सीटों पर भाजपा को मिली हार से संगठन एक बार फिर चिंतित हुआ है। 


शुक्रवार, 29 दिसंबर 2023

पुलिस अधिकारी हुए पदोन्नत, डीआईजी बने आईजी


भोपाल। पुलिस महकमें के 2013 आईपीएस अफसरों को प्रमोशन आज किए गए हैं। लंबे समय से इनके प्रमोशन की कार्रवाई अटकी हुई थी, जो अब पूरी हो गई है। इन आईपीएस अफसरों को पदोन्नत  करके सरकार ने आईजी पुलिस बना दिया है।

जारी आदेश के अनुसार जिन अधिकारियों के प्रमोशन हुए हैं, उनमें सबसे पहला नाम है रुचिवर्धन मिश्रा का है जो डीआईजी प्रशासन के पद पर थीं, उनको प्रमोट करके आईजी प्रशासन बना दिया गया है। वहीं चंद्रशेखर सोलंकी खरगौन रेंज के डीआईजी थे, वे यहीं पर अब आईजी बना दिए गए हैं। इसी तरह  चैत्रा एन डीआईजी, शिकायत एवं मानव अधिकार को आईजी, शिकायत एवं मानव अधिकार, अनिल सिंह कुशवाह डीआईजी उज्जैन रेंज को  आईजी उज्जैन रेंज, आरआरएस परिहार डीआईजी जबलपुर रेंज को आईजी जबलपुर रेंज,  आरके हिंगणकर डीआईजी, ग्रामीण रेंज, इंदौर को आईजी, ग्रामीण रेंज, इंदौर,  अंशुमान सिंह विशेष कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी, सीएम ऑफिस को आईजी, विशेष कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी, सीएम ऑफिस, मनीष कपूरिया अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, इंदौर को  आईजी लॉ एंड ऑर्डर, इंदौर, अरविंद कुमार सक्सेना अपर परिवहन आयुक्त को आईजी, अपर परिवहन आयुक्त कार्यालय ग्वालियर,  विनीत खन्ना डीआईजी, पुलिस हेडक्वार्टर भोपाल, आईजी पुलिस हेडक्वार्टर, भोपाल हिमानी खन्ना डीआईजी, पुलिस हेडक्वार्टर भोपाल को आईजी पुलिस हेडक्वार्टर भोपाल,  मिथिलेश शुक्ला डीआईजी रीवा रेंज आईजी रीवा रेंज, अनुराग शर्मा अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, भोपाल को  आईजी, भोपाल पदस्थ किया है।
आईजी से बने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक
गृह विभाग द्वारा आज भारतीय पुलिस सेवा के कई अधिकारियो के पदोन्नति आदेश जारी किये गए हैं, इन आदेशों में दो अधिकारियों को पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) से अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बनाया है, ये हैं आईजी ग्रामीण जोन इंदौर राकेश गुप्ता और आईजी प्रशासन पुलिस मुख्यालय भोपाल दीपिका सूरी दोनों अधिकारी 1999 बैच के हैं।

विधानसभा हारे, अब लोकसभा चुनाव लड़ने की रखते हैं इच्छा

भाजपा और कांग्रेस के हारे प्रत्याशियों ने शुरू की कवायद


भोपाल। विधानसभा चुनाव हारने के बाद हारी हुई सीटों की समीक्षा के दौरान भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने लोकसभा चुनाव की तैयारी को लेकर मैदानी सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया है। वहीं दोनों ही दलों के विधानसभा चुनाव हारने वाले प्रत्याशियों ने एक बार फिर लोकसभा चुनाव में मैदान में उतरने को लेकर सक्रियता बढ़ाई है। ये टिकट की दावेदारी करने से भी नहीं चूक रहे हैं।
भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने विधानसभा चुनाव में हारी हुई सीटों की समीक्षा को लेकर बैठकें की। हार के कारण जाने। इस दौरान लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए भी हारे प्रत्याशियों से फीडबैक लिया। बैठकों में दोनों ही दलों के नेताओं ने एक बार फिर लोकसभा चुनाव में मैदान में उतरने की तैयारियों की बात कही। कोई खुलकर अपनी दावेदारी करता रहा तो कोई अपने समर्थकों के साथ बैठक के बाद लोकसभा चुनाव के लिए टिकट की दावेदारी करता नजर आया। कांग्रेस में हार की समीक्षा बैठक के बाद पूर्व केन्द्रीय ंमंत्री कांतिलाल भूरिया ने हारे प्रत्याशियों को लोकसभा में जीत की स्थिति देखते हुए मैदान में उतारने की बात कही। हालांकि भूरिया विधानसभा का चुनाव नहीं लड़े थे, मगर टिकट ना मिलने से वे खुश भी नजर नहीं आए। अब वे खुद रतलाम-झाबुआ लोकसभा सीट के लिए सक्रियता बढ़ाते नजर आ रहे हैं। इसी तरह पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा एक बार फिर लोकसभा चुनाव में मैदान में उतरने की इच्छा रखते हैं। वहीं बुरहानपुर से हारे सुरेन्द्र सिंह शेरा भी अपनी इसी इच्छा के चलते सक्रियता बढ़ा रहे हैं। इनके अलावा कुछ और भी नेताओं ने लोकसभा चुनाव में मैदान में उतरने की तैयारी कर अपने आकाओं को साधना ष्शुरू कर दिया है।
दूसरी और भाजपा में केन्द्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते और सांसद गणेश सिंह को भाजपा ने विधानसभा चुनाव में मैदान में उतारा था। दोनों को हार मिली है। इसके चलते दोनों को अब लोकसभा में टिकट कटने की उम्मीद है। इसके चलते दोनों ही नेता अपने-अपने तरीके से चुनाव मैदान में उतारने के लिए संगठन और नेताओं को साधने में जुटे हैं। वहीं गोहद से चुनाव हारे पूर्व मंत्री लाल सिंह आर्य भी लोकसभा चुनाव लड़ना चाह रहे है। उनके अलावा सिंधिया समर्थक पूर्व मंत्री इमरती देवी तो खुलकर मीडिया में चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुकी है।
ये विधायक बनकर भी बनना चाहते हैं सांसद
भाजपा में हरसूद विधानसभा सीट से जीतकर विधायक बने और फिर एक बार मंत्री बनने में कामयाब रहे मंत्री विजय शाह इस बार बैतूल सीट से लोकसभा चुनाव मैदान में अपना भाग्य आजमाना चाह रहे हैं। सूत्रों की माने तो उन्होंने चुनाव के दौरान ही इसकी तैयारी शुरू कर दी थी। मंत्री विजय शाह अपने बेटे दिव्यादित्य शाह को हरसूद से विधायक बनवाना चाहते हैं, इसके लिए वे अपनी सीट छोड़कर सुरक्षित सीट बैतूल से लोकसभा चुनाव में मैदान में उतरना चाह रहे हैं। इसी तरह नौ बार का चुनाव जीते पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव भी दमोह संसदीय सीट से मैदान में उतरने की इच्छा रखते है। वहीं पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह सागर से एक बार फिर सांसद बनने की इच्छा रख रहे हैं।

जल्द होगी बड़ी सर्जरी, कलेक्टर, एसपी भी बदले जाएंगे


भोपाल। प्रदेश में जल्द ही बड़ी प्रशासनिक सर्जरी होगी। प्रशासनिक फेरबदल में मंत्रालय से लेकर मैदानी अफसरों के तबादले होने की बात सामने आ रही है। छह जनवरी से मतदाता पुनरीक्षण का काम शुरू होने वाला है। उसके बाद प्रशासनिक फेरबदल के लिए सरकार को तबादले से जुड़ा हर फैसला चुनाव आयोग से पूछकर लेना होगा। इसके चलते कयास इस बात के लगाए जा रहे हैं कि राज्य में पांच जनवरी के पहले बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिल सकता है। 

प्रदेश में मंत्रिमंडल गठित होने के साथ ही प्रशासनिक फेरबदल के कयास लगाए जा रहे थे, मगर विभागों का वितरण ना होने के कारण यह मामला भी अटक गया। अब माना जा रहा है कि मंत्रियों को विभागों का वितरण होने के बाद प्रशासनिक फेरबदल होगा। इसके लिए सरकार के पास पांच जनवरी तक का समय है। 6 जनवरी से प्रदेश में लोकसभा चुनाव के लिए मतदाता पुनरीक्षण का काम शुरू होने वाला है। उसके बाद प्रशासनिक फेरबदल के लिए सरकार को ट्रांसफर से जुड़ा हर फैसला चुनाव आयोग से पूछकर लेना होगा। इसके चलते सरकार 5 जनवरी तक अपने हिसाब से प्रशासनिक फेरबदल कर सकती है। 

चुनाव आयोग ने 30 जून 2024 की स्थिति में एक ही जिले में तीन साल या अधिक समय से पदस्थ कलेक्टर, एसपी समेत निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों को हटाने के निर्देश जारी किए है। यह निर्देश मुख्य सचिव और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को दिए गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग को मुख्य सचिव की ओर से 31 जनवरी 2024 तक आयोग को पालन प्रतिवेदन भेजना है। इसके चलते माना जा रहा है कि कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों के तबादले भी होना है। 


लोकसभा चुनाव के लिए मोर्चा की जिम्मेदारी की तय

हर मोर्चा के होंगे दो बड़े सम्मेलन, मोदी, शाह, नड्डा करेंगे संबोधित


भोपाल। प्रदेश भाजपा लोकसभा चुनाव में ऐतिहासिक बहुमत के साथ विजय हासिल करने के लक्ष्य को सबसे आगे रख रही है। पार्टी ने अपने सातों मोर्चा की जिम्मेदारी तय कर दी है। प्रदेश पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक में बड़े स्तर पर लोकसभा चुनाव के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई। इसके तहत हारी हुई सीटों पर वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए अलग-अलग मोर्चों के कार्यक्रम किए जाएंगे।

प्रत्येक मोर्चा के 25-25 हजार कार्यकर्ताओं के दो बड़े सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इन सम्मेलनों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा संबोधित करेंगे। बैठक में यह भी तय किया गया कि अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का आमंत्रण देने भाजपा कार्यकर्ता पीले चावल लेकर घर-घर जाएंगे। राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने कहा है कि सभी मोर्चा समाज को जोड़कर पार्टी का मत प्रतिशत बढ़ाने का काम करें। जबकि सीएम यादव ने कहा कि विधानसभा चुनाव में जो सीटें भाजपा हारी है, वहां और सक्रियता बढ़ाने और डबल इंजन सरकार के कार्यों को जन-जन तक पहुंचाकर लोकसभा में भाजपा की प्रचंड जीत के लिए प्रयास करें।

प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि लोकसभा चुनाव में भाजपा के मत प्रतिशत को और बढ़ाना है, इसके लिए अभियान चलाएं। मोर्चा पदाधिकारी विकसित भारत एंबेसडर बनाने का अभियान चलाकर नए लोगों को नमो एप से जोड़ें। युवाओं को पार्टी से जोड़ने के लिए नव मतदाता सम्मेलन आयोजित किए जाएं। प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद ने भी कहा कि मध्य प्रदेश विधानसभा क्षेत्र में सभी मोर्चा विकसित भारत एंबेसडर बनाने के लिए अभियान चलाकर नए लोगों को जोड़ें, नमो मित्र, नमो वैरियर्स बनाने के कार्य को प्राथमिकता से करें।


गुरुवार, 28 दिसंबर 2023

मंत्रियों के विभाग वितरण ना होने पर कांग्रेस हुई हमलावर

कैबिनेट की नीलामी को रोकने जल्द करें विभाग वितरण 


भोपाल। प्रदेश में मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह के बाद भी विभागों का वितरण नहीं होने को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस इसे लेकर हमलावर हो गई। कांग्रेस ने भाजपा के राश्टीय अध्यक्ष जे पी नड़डा को पत्र लिखकर कहा कि कैबिनेट की नीलामी को रोकने के लिए जल्द ही विभागों का वितरण किया जाए। 

कांग्रेस मीडिया विभाग उपाध्यक्ष अब्बास हफ़ीज़ ने यह पत्र लिखा है।  उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र लिख कर कैबिनेट की नीलामी को रोकने और तुरंत विभागों के आवंटन के लिए पत्र लिखा है। अब्बास हफ़ीज़ ने लिखा है कि सरकार गठन के एक महीना होने वाला है, लेकिन अब तक भाजपा ने प्रदेश में न तो मंत्रियों के विभागों का ही बंटवारा किया है और न ही किसी ज़िले के प्रभारी मंत्री ही बनाए गए हैं। इस बीच मध्य प्रदेश में रोज़ कोई न कोई अपराध घठित हो रहा है, लेकिन प्रदेश में कोई गृह मंत्री तक नहीं हैं। कांग्रेस ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि मोहन सरकार के मंत्रियों के बीच विभागों के बंटवारे को लेकर भाजपा की अंतर्कलह से जनता को नुक़सान को हो रहा है। पत्र में लिखा है कि विभागों को नीलामी से बताइए और जनता के हित में फ़ैसला जल्द कीजिए। पत्र में आगे लिखा गया है कि अगर इस तरह देरी होती रहेगी, तो जनता का नुक़सान होगा। लिहाजा,  मध्य प्रदेश के मंत्रियों के बीच विभागों के बंटवारे पर ध्यान दें।


गुना हादसे के बाद सख्त हुई सरकार, हटाए गए अधिकारी


प्रमुख सचिव परिवहन, परिवहन आयुक्त, गुना कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक भी हटाए गए

भोपाल। गुना में हुए बस हादसे के बाद सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह , परिवहन आयुक्त संजय झा, गुना कलेक्टर तरूण राठी और पुलिस अधीक्षक विजय खत्री को हटा दिया है। साथ ही क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी गुना और मुख्य नगर पालिका अधिकारी बीडी कतरोलिया को निलंबित कर दिया है। 

गुना में बुधवार रात हुए बस हादसे में 13 लोगों की मौत के मामले में राज्य सरकार सख्त हुई है। बस का न बीमा था और न ही फिटनेस। रोड टैक्स भी खत्म हो चुका था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना में कार्रवाई करते हुए प्रमुख सचिव परिवहन सुखवीर सिंह,  परिवहन आयुक्त संजय कुमार झा को हटा दिया। इनके अलावा कलेक्टर तरुण राठी, पुलिस अधीक्षक विजय कुमार खत्री को हटा दिया गया है। गुना आरटीओ रवि बरेलिया और सीएमओ बीडी कतरोलिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा को परिवहन आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। 


सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि गुना हादसे में दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही के लिए मुख्य सचिव को निर्देश दिए गए हैं। राज्य स्तर से सभी कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि यदि उनके क्षेत्र में बगैर परमिट के वाहन चलते हैं तो सतर्कता बरती जाए और दोषियों के विरुद्ध कठोर कदम उठाएं। परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री डॉ यादव गुना दुर्घटना के प्रभावितों से भेंट के बाद गुना से लौटकर मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि गुना हादसे के लिए दोषी आरटीओ गुना और सीएमओ गुना को निलंबित किया गया है। गुना हादसे के बाद समय पर फायर ब्रिगेड उपलब्ध न कराए जाने के कारण नगर पालिका अधिकारी के निलंबन का कदम उठाया गया है।

जांच में जुटा परिवहन विभाग

गुना बस हादसे के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर परिहवन विभाग ने बसों का जांच अभियान शुरू कर दिया है। राजधानी में आज परिहवन विभाग के अधिकारियों द्वारा दोपहर बाद अभियान तेज किया गया। अधिकारियों ने ड्राइवर और कंडक्टर से भी पूछताछ की। अधिकारी सभी बसों के कागजों की जांच पड़ताल भी गई। भोपाल जिले में बसों की जांच अभियान शुरू किया गया। सभी प्रकार के परिवहन संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रहे है। करीब  20 बसों के खिलाफ कार्रवाई कर बसों को जब्त किया है। सभी बस संचालकों की बैठक बुलाई भी जाएगी। संजय तिवारी, आरटीओ ने कहा कि भोपाल जिले की सभी बसों की जांच होगी, अभियान चलाकर कार्रवाई करेंगे।


लोकसभा चुनाव के पहले विकास कार्यों के भूमिपूजन की तैयारी

सरकार ने सांसदों, विधायकों से मंगवाए प्रस्ताव


भोपाल। प्रदेश में सरकार के कामकाज की गति अब बढ़ने लगी है। वित्त विभाग ने प्रदेश के सांसदों और विधायकों से उनके क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव मांगे हैं। प्रस्ताव के साथ ही विकास कार्यों पर कितना खर्च होगा इसके बजट का उल्लेख करने को कहा है। सरकार द्वारा यह कदम आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर उठाया जा रहा है, ताकि चुनाव की आचार संहिता लगे उसके पहले इन कार्यों की स्वीकृति देकर भूमिपूजन कराया जा सके।
प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद अब सरकारी कामों की गति में तेजी आने लगी है। विशेशकर लोकसभा चुनाव से संबंधित कामकाज तेजी के साथ बढ़ रहे हैं। इसके चलते अब सरकार ने सांसदों और विधायकों से उनके क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर जानकारी मांगी है। उनसे कहा गया है ि कवे अपने-अपने क्षेत्रों में किए जाने वाले विकास कार्यों की सूची बनाए और इन कार्यां पर कितना खर्च किया जाएगा, इसके बजट का उल्लेख भी करें। सरकार का यह कदम आगामी लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने को लेकर उठाया गया है। आचार संहिता के पहले सरकार विकास कार्यों के लिए राशि जुटाकर उनका भूमिपूजन कराने का प्रयास कर रही है।
फरवरी में लाएगी लेखा अनुदान
सूत्रों की माने तो सांसदों से उनके संसदीय क्षेत्र में 50 करोड़ और विधायकों से उनके विधानसभा क्षेत्र में 15 करोड़ तक के विकास कार्य कराने की जानकारी देने का कहा है। सरकार अपना बजट इस बार फरवरी में पेश ना करके जुलाई में पेश करेगी, जिसके चलते राशि जुटाने के लिए फरवरी में लेखानुदान लाएगी। लेखानुदान के जरिए विभागवार विकास कार्यों का आवंटन कर लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू हो इसके पहले सरकार इन विकास कार्यों का भूमिपूजन कराना चाहती है। ताकि चुनाव के वक्त मोदी की गारंटी का नारा पूरा करने के वादे के साथ वह मैदान में उतरे और जनता के बीच यह संदेश दे सके कि हमने संकल्प पत्र में किए वादे पूरा करना शुरू कर दिया है। 

कुछ ने निर्दलीय तो कुछ ने अपने नेताओं को हार का कारण बताया

भाजपा ने की हारी सीटों की समीक्षा, लोकसभा के लिए तय किया लक्ष्य


भोपाल। भाजपा ने आज हारी हुई 67 विधानसभा सीटों की समीक्षा की और हार के कारण जानने चाहे। बैठक में  शामिल    हुए हारे प्रत्याशियों में से कुछ ने निर्दलीय प्रत्याशियों और अपने ही दल के नेताओं को हार का कारण बताया तो कुछ प्रत्याशियों ने बसपा के प्रत्याशियों को दूसरे दल के प्रत्याशी से मिलकर चुनाव लड़ने को हार का जिम्मेदार बताया।
प्रदेश भाजपा संगठन द्वारा लोकसभा चुनाव की तैयारी के चलते दो दिनों से पदाधिकारियों के साथ बैठकें की जा रही है। इसके चलते आज हारी 67 सीटों पर हार का कारण जानने हारे हुए प्रत्याशियों के साथ बैठक की। इस बैठक में कुछ हारे प्रत्याशी शामिल नहीं हुए, हालांकि बताया जा रहा है कि उन्होंने संगठन को इसकी जानकारी दे दी थी। बैठक में शामिल हुए ग्वालियर-चंबल और विंध्य अंचल के हारे प्रत्याशियों ने अपनी हार का जिम्मेदारी बसपा उम्मीदवारों को बताया। उनका कहना था कि बसपा उम्मीदवार एनवक्त पर उनके क्षेत्र में उतरे नहीं या फिर जो मैदान में थे, वे दूसरे उम्मीदवारों के साथ मिलकर काम कर रहे थे। इसके चलते भाजपा का समीकरण बिगड़ा। वहीं कुछ उम्मीदवारों ने अपनी हार का कारण पार्टी से नाराज होकर निर्दलीय मैदान में उतरे प्रत्याशियों को बताया। हारे उम्मीदवारों ने कहा कि इन प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने उनके पक्ष में कार्य नहीं किया, बल्कि निर्दलीय के पक्ष में पूरे समय मैदान में रहे। इसके चलते हार का सामना करना पड़ा।
इतिहास बनाएंगे लोकसभा चुनाव में
बैठक खत्म के बाद प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि हार के कारण पर मंथन हुआ है। आगामी प्लानिंग के साथ लोकसभा चुनाव में काम करेंगे। विकसित भारत संकल्प यात्रा को ताकत देंगे। हर विधानसभा को जीतने का टारगेट है, लोकसभा चुनाव में इतिहास बनाएंगे। बूथ में वोट शेयर बढ़ाएंगे। बीजेपी ने 64 विधानसभा में मिली हार की समीक्षा की। बीजेपी हमेशा से जीत और हार की समीक्षा करती है। आज प्रचंड बहुमत की जीत के बाद ऐसे प्रत्याशी जिन्हे सफलता नहीं मिली उनके साथ हमारी बैठक थी। आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारी की दृष्टि से इन विधानसभा सीटों पर क्या कमी रह गई उन्हें दूर करेंगे। 10 उम्मीदवार हमारे बहुत कम मतों से हारे हैं। हारी हुई सीटों पर भारत संकल्प यात्रा का एम्बेसडर बनाएंगे। 51 प्रतिशत वोट प्रतिशत का हमारा संकल्प था। विधानसभा के बाद अब लोकसभा में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इतिहास बनाएंगे।

बुधवार, 27 दिसंबर 2023

हारे बूथों को जीतने की रणनीति बनाई भाजपा ने


51 फीसदी वोट पाने का लक्ष्य किया तय

भोपाल। भाजपा की आज हुई बैठक में प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटों को जीतने का लक्ष्य रखा गया। बैठक में 51 फीसदी वोट पाने का लक्ष्य तय किया गया। हारे हुए बूथों को जीतने की रणनीति भी तय की।
प्रदेश भाजपा कार्यालय में आज पदाधिकारियों की बड़ी बैठक हुई। बैठक में बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल भी मौजूद थे। साथ ही भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा थें। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा ने बैठक के खत्म होने के बाद कहा कि इस बैठक में लोकसभा चुनाव की दृष्टि से तैयारी की गई है। साथ ही बैठक में बूथ प्रबंधन से 51 प्रतिशत वोट जीतने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस बैठक में हारे हुए बूथ को जीतने की तैयारी भी की गई है।  उन्होंने बताया कि बैठक में 29 लोकसभा सीटें जीतने का लक्ष्य तय किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की सरकार में नई ऊर्जा के साथ काम शुरू हुआ है। कल मोर्चों की संयुक्त बैठक है, जो प्रत्याशी हारे हैं उनके साथ भी कल बड़ी बैठक होगी। हर बूथ पर मोदी होंगे, इस अभियान के साथ काम करेंगे।
भारत न्याय यात्रा सिर्फ अन्याय है
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस ने भारत जोड़ो यात्रा निकाली थी, जिसका नेतृत्व राहुल गांधी ने किया। हालत ऐसे कि जहां-जहां पर पड़े राहुल के पैर वहां-वहां बंटाधार हुआ। देश जोड़ने की बात कर रहे थे, लोगों ने कांग्रेस छोड़ दी। न्याय यात्रा की बात करना भी इस देश के साथ बेईमानी है। कांग्रेस और गांधी परिवार लोकतंत्र की हत्या करने वाली है। देश और गरीबों के साथ अन्याय किया, कांग्रेस बेईमान है। 

निराश ना हों, लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटें


भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि विधानसभा चुनाव के परिणामों को लेकर हताश और निराश ना होकर अब समय है लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटने का। पूरी ताकत और मजबूती के साथ मैदानी मोर्चा संभालें और कांग्रेस संगठन को मजबूत करें। परिणाम हमारे पक्ष में रहेंगे।

प्रदेश कांग्रेस के जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारियों, संगठन मंत्रियों, मोर्चा संगठनों की बैठकों के बाद चौथे दिन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आज प्रदेश कांग्रेस के लगभग 15 विभागों और 50 प्रकोष्ठों के प्रदेश अध्यक्षों के साथ महत्वपूर्ण बैठक में यह बात कही। उन्होंने बैठक में पार्टी गतिविधियों और लोकसभा चुनाव को लेकर चर्चा की। बैठक के बाद पटवारी ने विभागों और प्रकोष्ठों के अध्यक्षों के साथ वन-टू-वन चर्चा की।  पटवारी ने लोकतंत्र दो पटरियों पर चलता हैं एक सत्ता पक्ष और दूसरा विपक्ष। हम 20 साल से सत्ता में नहीं है, हमने काफी संघर्ष का दौर देखा है और अभी भी हमारे सामने संघर्ष है। सत्ता पक्ष के पास साधन-संसाधन बहुत होते हैं और विपक्ष में साधन-संसाधनों का अभाव होता है। हमारी भूमिका विपक्ष में रहकर जनता की सेवा करना है, जनहित के मुद्दों को सदन से सड़क तक उठाना और सत्ता पक्ष से पूरा कराने की हमारी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। हमें हर हाल में पार्टी संगठन और विपक्ष में रहकर अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए जनता के साथ खड़े रहना है और पार्टी का सम्मान बनाये रखना है।
पटवारी ने विभागों और प्रकोष्ठों के अध्यक्षों पर विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि आप सभी अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए कार्य करें। लोकसभा चुनाव हमारे सामने हैं हम सभी को मिलकर काम करना है। उन्होंने कहा कि हमें विधानसभा चुनाव में जो परिणाम देखने को मिले हैं उसकी उम्मीद किसी को नहीं थी, इसलिए हम हताश और निराश न होकर पूरी ताकत और मजबूती के साथ आगे अपना कार्य करें और लोकसभा चुनाव में निश्चित ही अच्छे परिणाम हमारे सामने आयेंगे।

लापरवाही पर सख्त कार्रवाई करें, शिविर लगाकर दूर करें समस्याएं

राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने दिए अधिकारियों को निर्देश


भोपाल। मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने आज राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों की राजस्व संबंधी शिकायतों का शिविर लगाकर निराकरण करें। नागरिक परेशान ना हो, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाए। पटवारी अपने मुख्यालय, ग्राम पंचायत पर रात्रि विश्राम करें।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज मंत्रालय कक्ष में एक बैठक में राजस्व विभाग के कार्यों गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने राजस्व प्रशासन में सूचना प्रौद्योगिकी के अधिकतम प्रयोग के भी अधिकारियों को निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में साइबर तहसील व्यवस्था, संपदा पोर्टल के उपयोग, राजस्व विभाग में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल और राजस्व समस्याओं के स्थल पर निराकरण के संबंध में चर्चा हुई। प्रमुख सचिव राजस्व द्वारा विभाग में किए गए नवाचारों और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मध्यप्रदेश में राजस्व सुधारों के लिए की गई प्रशंसा से भी अवगत कराया।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पारदर्शिता से कार्यों का संपादन हो। प्रशासन में आईटी का अधिकतम प्रयोग किया जाए। शिविर लगाकर नागरिकों की समस्याएं हल करें। ऑन-द-स्पॉट समाधान की कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि पटवारी अपने मुख्यालय ग्राम पंचायत में रात्रि विश्राम करें। राजस्व कर्मचारियों की जवाबदेही तय करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभागीय स्तर पर दिखाई देने वाली कमियां दूर करें। नागरिक परेशान न हों, लापरवाही पर सख्त कार्यवाही करें। लंबित कार्यों की सतत् समीक्षा करें। अभियान संचालित कर समस्याओं का निराकरण करें। उन्होंने कहा कि जहां आवश्यक हो, पुलिस बल का सहयोग लेकर नागरिकों की राजस्व दिक्कतें हल करें।
नई शिक्षा नीति का बेहतर क्रियान्वयन हो
स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति का प्रदेश में तेजी से बेहतर क्रियान्वयन होना चाहिए। अधिकारी प्रयास करें कि हम स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में देश में अग्रणी बनें। स्कूल शिक्षा विभाग अन्य विभागों से समन्वय कर समस्याओं का निराकरण करे। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि  जमीनी स्तर पर विभागीय कार्यों का निरीक्षण भी किया जाए। सीएम राइज स्कूल के निर्माण में आने वाली अड़चनों को दूर किया जाए। नई शिक्षा नीति और सीएम राइज स्कूल के संबंध में धरातल पर स्थिति का जायजा लें और कठिनाईयां दूर करें। उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा की वर्तमान व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं, नियमित पाठ्यक्रमों के संचालन, सीएम राइज स्कूलों के प्रबंधन और शिक्षा विभाग द्वारा अन्य विभागों के समन्वय से विद्यार्थियों के कल्याण के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली।

296 करोड़ वाला व्यक्ति सरकार के 12 लाख छोड़ दे तो कौनसी बड़ी बात

मंत्री चेतन कश्यप पर उमा भारती ने कसा तंज


भोपाल। हाल ही में मंत्री बने रतलाम के विधायक चेतन कश्यप द्वारा वेतन-भत्ते और सरकारी सुविधाएं ना लेने की घोशणा को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने तंज कसा है। उमा ने कहा कि चेतन कश्यप सरकार को वेतन वापिस करने के बजाय वह राशि अभावग्रस्त लड़कियों की शिक्षा पर खर्च करें। उन्होंने कहा कि 296 करोड़ वाला व्यक्ति अगर सरकार के 12 लाख छोड़ देता है तो इसमें कौनसी बड़ी बात हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने सोशल मीडिया पर यह बात कही। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि हाल ही में मंत्री बने तथा रतलाम के एक संपन्न जैन व्यवसायी चेतन कश्यप ने अपनी संपत्ति 296 करोड़ घोषित की हैं । अभी कुछ दिनों पहले मध्यप्रदेश के अखबारों में उनकी तारीफ़ लिखी थी की वो अपना विधायक का वेतन नहीं लेते जो की साल भर का क़रीब 12 लाख होता हैं। 296 करोड़ वाला व्यक्ति अगर सरकार के 12 लाख छोड़ देता है तो इसमें कौनसी बड़ी बात हैं। उमा ने कहा कि चेतन कश्यप सरकार को वेतन वापिस करने के बजाय वह राशि अभावग्रस्त लड़कियाँ की शिक्षा पर खर्च करें ।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हमे यह याद रखना पड़ेगा की सभी विधायक बड़े व्यवसायी नहीं होते और ना वो राजनीति से अपना व्यवसाय बढ़ाते हैं। एक बार सांसद वरुण गाँधी ने कहा था कि सांसदों को तनखा एवं पेंशन नहीं लेना चाहिए। वरुण गाँधी ऐसा कर सकते है, क्यूँकि वो हज़ारो करोड़ों की पैतृक संपत्ति के मालिक है। अपना सर्वस्व त्यागकर राजनीति के माध्यम से जनसेवा करने वाले जनप्रतिनिधियों को हर तरह की सहूलियत सरकार से मिलनी चाहिए ।


शिवराज ने खाली किया सीएम हाउस

74 बंगले में करेंगे निवास,


भोपाल। प्रदेश में सबसे ज्यादा समय तक मुख्यमंत्री रहे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आखिरकार आज सीएम हाउस खाली कर दिया है। साढ़े 16 साल तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे शिवराज सिंह चौहान का निवास अब बदल जाएगा। अब वे 74 बंगले स्थित शासकीय आवास में निवास करेंगे। 

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान  ने सीएम हाउस खाली करने से पहले बंगले में स्थित मंदिर में पूजा अर्चना की। इस दौरान उन्होंने गौशाला में गौ माता के दर्शन भी किए, इसके साथ ही उन्होंने परिवार सहित मुख्यमंत्री निवास के स्टॉफ के साथ बातचीत की और सभी को सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश के नए मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनकी टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि इस बंगले से मेरी कई यादें जुड़ी हैं। मैंने इसी घर में रहते हुए मध्यप्रदेश से जुड़े कई विकास कार्य किए हैं। अपनी भूमिका पर उन्होंने कहा कि पार्टी जो भी भूमिका मुझे देगी वो मैं करूंगा। हमने जो वादे जनता से किए हैं, वो जरूर पूरा करेंगे। शिवराज ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए हमेशा मामा और भैया मौजूद है, इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। 

यहां है नया ठिकाना 

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का अब नया ठिकाना राजधानी भोपाल में ही रिंग रोड स्थित बंगला होगा। शिवराज अब बी- 74 बंगले में रहेंगे। ये बंगला उन्हें सांसद रहते हुए ही अलॉट हुआ था। सीएम हाउस छोड़ने के बाद अब शिवराज सिंह चौहान इसी बंगले में अपने परिवार के साथ रहेंगे। आपको बता दें शिवराज सिंह चौहान जब से प्रदेश की राजनीति में सक्रिय हुए थे, तभी से ये बंगला उनके नाम अलॉट किया गया है। शिवराज की माने तो ये उनका लकी बंगला है। यही कारण है कि इतने साल बीत जाने के बाद भी शिवराज ने ये बंगला कभी खाली नहीं किया है।


बंगले आवंटन को लेकर उलझा गृह विभाग

अधिकारियों के सामने परेशानी खड़ी कर रहे पूर्व मंत्री


भोपाल। राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार के साथ 28 मंत्रियों से ष्शपथ ले ली, इसमें 21 मंत्री ऐसे हैं, जिन्हें गृह विभाग को निवास के लिए बंगला आवंटन करना है। मगर विभाग के सामने समस्या यह है कि जिन दिग्गज पूर्व मंत्रियों को पहले से बंगले आवंटित हैं, उनसे बंगले कैसे खाली कराए। इसके अलावा चुनाव चुनाव हारे पूर्व मंत्री भी बंगलों का मोह नहीं त्याग पा रहे हैं। 

मंत्रिमंडल विस्तार के बाद इन दिनों सबसे ज्यादा परेशान है तो वह राज्य का गृह विभाग। उसे नए मंत्रिमंडल के 28 सदस्यों में से 21 को बंगले आवंटित करना है। 7 पूर्व मंत्रियों को पहले से ही बंगले आवंटित है, इस वजह से उनकी चिंता गृह विभाग को नहीं है। मगर 21 बंगलों के आवंटन ने विभाग के अधिकारियों को उलझा दिया हैं। अधिकारियों के सामने परेशानी इस बात की है कि चुनाव जीत कर आए पूर्व मंत्रियों गोपाल भार्गव, भूपेन्द्र सिंह, उशा ठाकुर, डा प्रभुराम चौधरी,हरदीप डंग, ओमप्रकाश सखलेचा, बृजेन्द्र प्रताप सिंह, बिसाहूलाल सिंह, मीना सिंह से किस तरह से बंगले खाली कराएं। इसके अलावा चुनाव ना लड़ने वाली पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंंधया और ओपीएस भदौरिया का नाम भी इसमें शामिल हैं। अधिकारियों के सामने परेशानी है कि इन मंत्रियों को बंगले खाली करने के लिए किस तरह कहा जाए। दूसरी और चुनाव हारे पूर्व मंत्रियों गौरीशंकर बिसेन, कमल पटेल, राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, अरविंद भदौरिया, रामकिशोर कावरे आदि हैं जिनके पास अभी भी बंगले हैं। 

दिग्गजों के लिए करना है बड़े बंगलों का आवंटन

विभाग को वैसे अभी तक किसी मंत्री ने बंगले आवंटन के लिए कहा नहीं है, मगर विधायक प्राथमिकता के तौर पर कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल, राकेश सिंह, राव उदयप्रताप सिंह, संपतिया उइके को बंगला आवंटन करने के लिए चिंतित है। अधिकारियों को मानना है कि इन मंत्रियों को अपनी पसंद के अनुरूप बड़े बंगले चाहिए होंगे, अगर पूर्व मंत्रियों ने बंगले खाली नहीं किए तो उनके सामने मुसीबत खड़ी हो जाएगी। इसके चलते अधिकारी अब बंगले आवंटन का मामला मुख्यमंत्री सचिवालय को सौंपने की तैयारी कर चुके हैं। अधिकारी राजधानी स्थित बड़े बंगलों की सूची तैयार कर मुख्यमंत्री सचिवालय को भेजने की तैयारी कर रहे हैं। 


मंगलवार, 26 दिसंबर 2023

मंत्रियों को क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री ने बैठक में कामकाज की गाइडलाइन के बारे में दी जानकारी


भोपाल। मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने आज अपने मंत्रिमंडल के साथियों को भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के कामकाज की गाइडलाइन के बारे में मंत्रियों को जानकारी दी गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को अपने-अपने क्षेत्र में तत्काल सक्रियता बढ़ाने का निर्देश दिए।  
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहली कैबिनेट के साथियों के साथ बैठक आज मंगलवार को मंत्रालय में हुई। इस दौरान दोनों उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला भी उपस्थित रहे। बैठक में मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के साथ सरकार की प्राथमिकताओं और साथ जनकल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। साथ ही भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के कामकाज की गाइडलाइन के बारे में मंत्रियों को जानकारी दी गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को अपने-अपने क्षेत्र में तत्काल सक्रियता बढ़ाने का निर्देश दिए।  लोकसभा चुनाव 2024 को देखते हुए मंत्रियों को जिलेवार प्रभार और जिम्मेदारी सौंपने की भी बात कही है। मुख्यमंत्री ने चुनावी विषयों पर मंत्रियों से भी सुझाव लिए है। फिलहाल सरकार की प्राथमिकताओं पर चर्चा की गई है। कामकाज का खाका तैयार करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र के लोगों से अधिक से अधिक मेल-मुलाकात होनी चाहिए। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि आगामी लोकसभा चुनाव के प्रचार के लिए लोकसभा क्षेत्र और जिलों के हिसाब से प्रभार मंत्रियों को सौंपे जाएंगे। वहीं कई मंत्रियों ने भी अपने-अपने सुझाव रखे। बैठक में मंत्रियों को दिए जाने वाले विभागों को लेकर भी चर्चा हुई है। इस दौरान सरकार की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखने की बात कही गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व ने 6 महीने के लिए कामकाज की गाइडलाइन तय की है, इस बारे में भी मंत्रियों को जानकारी दी गई।
पटवारी, कर्मचारी गांवों में करें रात्रि विश्राम
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि शहरों में यातायात प्रबंध सुगम बनाएं। मंगलवार की जनसुनवाई के अलावा भी प्रतिदिन समस्याओं का उचित समाधान किया जाए। पटवारी और अन्य कर्मचारी रात्रि विश्राम कर ग्रामों की समस्याएं हल करें। वीआईपी दौरे के समय आम जनता परेशान न हो इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम विकास और कानून व्यवस्था में मध्यप्रदेश को मिसाल के रूप में स्थापित करें।
जिलों में कानून व्यवस्था की स्थिति रहे मजबूत
मुख्यमंत्री ने सभी संभागों के प्रभारी एसीएस और एडीजी के साथ बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने कार्यों में पारदर्शिता लाने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का सुदृढ़ क्रियान्वयन हो। इसकी सतत मॉनिटरिंग की जाए। वीआईपी दौरे के समय जनता को कष्ट न हो, इसका ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में कानून व्यवस्था की स्थिति मजबूत रहे। शहरों में यातायात प्रबंध सुगम बनाएं। रेल सुविधाएं बढ़ाने पर अध्ययन कर सुझाव दें। मिलों के श्रमिकों को राहत का काम उज्जैन, इंदौर में हुआ है। ग्वालियर के मिल श्रमिक को देनदारी की राशि प्रदान करने के लिए भी रोडमैप बनाया जाए।
मुख्यमंत्री ने ये भी दिए निर्देश
जनहित से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता रहें। वरिष्ठ अधिकारी निरंतर समीक्षा करें।
सरकार की योजनाओं का सुदृढ़ क्रियान्वयन हों।
योजनाओं की सतत मानीटरिंग की जाएं
शहरों में यातायात प्रबंध सुगम बनाएं। रेल सुविधाएं बढ़ाने पर भी अध्ययन कर सुझाव दें। केन्द्रीय रेल मंत्री को आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र भेजे जाएंगे।
मिलों के श्रमिकों को राहत देने का कार्य उज्जैन, इंदौर में हुआ है। ग्वालियर की जेसी मिल के श्रमिकों को भी लाभान्वित करें।
प्रशासनिक कसावट पर ध्यान दिया जाएं।
पुलिस कर्मियों की आवास व्यवस्था बेहतर बनाएं।
मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई के साथ समस्याएं प्रतिदिन हल की जाएं।
मध्यप्रदेश को विकास और कानून व्यवस्था में मिसाल के रूप में स्थापित करें।

कांग्रेस को गुटबाजी के कारण मिली हार

लोकसभा चुनाव में पहले घोषित करें प्रत्याशी


भोपाल। हमें भाजपा ने नहीं बल्कि अपनों ने हराया है। जिला प्रभारियों को यह पता ही नहीं होता था कि जिले में कब किसकी नियुक्ति हो गई। हार से सबक लेकर अब लोकसभा चुनाव में समय से पहले प्रत्याशियों की घोषणा कर दी जाए, तो कांग्रेस मैदान में सक्रिय नजर आ सके। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली हार के पीछे गुटबाजी को बड़ा कारण थी। जिन्हें टिकट नहीं मिला, उन्होंने प्रत्याशी को डबल ताकत से हराने का काम किया।

यह बात आज कांग्रेस के जिला अध्यक्षों और जिला प्रभारियों ने कांग्रेस के प्रभारी महासचिव भंवर जितेन्द्र सिंह द्वारा बुलाई बैठक में कही। बैठक में जिला अध्यक्षों, प्रभारियों का गुस्सा साफ नजर आया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा ने कांग्रेस को नहीं हराया, बल्कि यह हार कांग्रेस नेताओं ने खुद असहयोग करके जुटाई है। प्रभारी के सामने ये प्रस्ताव भी रखा गया कि लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करने का एक ही तरीका है कि प्रत्याशियों के नाम जल्दी ऐलान कर दिए जाएं, ताकि वे अपनी तैयारी के लिए समय दे सकें।
उन्होंने कहा कि संगठन में नियुक्तियां हो जाती हैं, इस बारे में प्रभारी को पता नहीं होता है। उन्होंने शिकायत की कि कई जिलों में कुछ लोगों ने तानाशाही रवैया अपना रखा है। उन लोगों को लगता है कि पार्टी उनके हिसाब से चलती है। प्रभारी से कहा गया कि सबकी बात को तबज्जो दी जानी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि हम भाजपा से नहीं कांग्रेस के कारण चुनाव हारे हैं, जिनको टिकट नहीं मिला, उन्होंने डबल ताकत से प्रत्याशी को चुनाव हराया है। ऐसे कांग्रेसियों को चिन्हित करना चाहिए। बैठक में शामिल नेताओं ने कहा कि लोकसभा चुनाव के टिकट जल्दी घोषित करें और बड़े नेताओं चुनाव लड़ाया जाए। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के साथ ही कांग्रेस प्रभारी जितेंद्र सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व प्रदेश अध्यक्षगण सुरेश पचौरी, कांतिलाल भूरिया, अरुण यादव, कमलेश्वर पटेल, ओमकार मरकाम, पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह और उपनेता हेमंत कटारे आदि शामिल रहे।
लोकसभा चुनाव में ना दोहराए गलती
जिला अध्यक्षों और प्रभारियों ने कहा कि विधानसभा चुनाव में हुई गलतियों को लोकसभा में नहीं दोहराया जाना चाहिए। विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी चयन में देरी हुई थी, जिसका खामियाजा पार्टी को चुनाव में उठाना पड़ा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी को बड़े नेताओं को लोकसभा चुनाव में उतारना चाहिए।
कांग्रेस की कार्यकारिणी भंग, जल्द गठिन होगी नई कार्यकारिणी
प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी जितेन्द्र सिंह आज राजधानी प्रवास पर थे। उन्होंने कांग्रेस की हार पर मंथन किया और जिला अध्यक्षों, जिला प्रभारियों के साथ पदाधिकारियों से भी चर्चा की। इसके बाद आज उन्होंने कांग्रेस की वर्तमान कार्यकारिणी को भंग कर दिया है।  प्रदेश प्रभारी जितेंद्र सिंह ने इस  की जानकारी देते हुए कहा कि आगामी आदेश तक जिला अध्यक्ष और प्रभारी काम करते रहेंगे। अब नए सिरे से नियुक्तियां होगी। नई कार्यकारिणी में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की नई टीम नजर आएगी। अब नए स्तर पर सभी नियुक्तियां होंगी। वहीं आगामी आदेश तक जिला अध्यक्ष और प्रभारी काम करते रहेंगे।

सोमवार, 25 दिसंबर 2023

जनहित के कामों में सुनिश्चित करें सहभागिता : पटवारी

भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एनएसयूआई पदाधिकारियों से आग्रह किया कि सभी को साथ लेकर काम करें और लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए मैदानी मोर्चा संभालें। जनहित के कामों वे अपनी सहभागिता को सुनिश्चित करें।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एनएसयूआई के छात्रों से संवाद करते हुए कहा कि आज देश में नई-नई तकनीकों का उपयोग हो रहा है। खेल, संवाद या अन्य तरह की सामाजिक गतिविधियों में ध्यान आकर्षित, ज्यादा से ज्यादा रूचि लेकर काम स्वयं जुड़े और अधिक से अधिक छात्रों को जोड़े। सभी का साथ लेकर सहयोग की भावना से पार्टी की मजबूती के लिए काम करें। क्रांति के लिए चिन्हित की गई नींव ही छात्र राजनीति का पहला पहलू है। हर छात्र नेता का पहला लक्ष्य अपने साथियों के साथ मिलकर समाज सेवा, कॉलेजों में अपने साथियों के मिलकर जनता के हितों में किये जा रहे कार्यों में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करना। उन्होंने कहा कि छात्र राजनीति में लड़कियों की ज्यादा भागीदारी हो इस पर भी हमें ज्यादा विचार करने की आवश्यकता है। पटवारी ने एनएसयूआई संगठन को मजबूती प्रदान करने और आगामी लोकसभा चुनाव में अभी से पूरी ताकत के साथ जुटकर काम करने और लक्ष्य निर्धारित करने की बात कही।
कांग्रेस की रीति-नीति को घर-घर पहुंचाएं
पटवारी ने सेवादल पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र को बचाने और उसे संगठन को मजबूत कर उसे ताकत देने की जिम्मेदारी हम सभी की है। सेवादल अनुशासन के लिए जाना जाता है और सेवादल के एक-एक सिपाही का दायित्व है कि वह घर-घर जाकर अनुशासनात्मक तरीके से कांग्रेस की रीति-नीति, सिद्धांतों, विचारों को जन-जन तक पहुंचायें। सेवादल का कार्यकर्ता प्रेम, त्याग और बलिदान की भावना से देश की सेवा करता है। जो भारत की मूल विचारधारा है, भगवान राम, बुद्ध की विचारधारा है जो हिन्दू धर्म की मूल भावना है भारत वर्ष की मूल भावना है, सभी धर्मों की मूल भावना है वहीं कांग्रेस की मूल भावना है।

मंत्रिमंडल के जरिए क्षेत्रीय और जातीय समीकरण बैठाने की कवायद

मालवा-निमाड़ को मिला ज्यादा महत्व, महाकौशल, बुंदेलखंड और ग्वालियर-चंबल से बनाए चार
-चार मंत्री

भोपाल। भाजपा सरकार में मंत्रिमंडल गठन के साथ भाजपा ने क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को साधने का पूरा प्रयास किया है। हर अंचल और जाति को मंत्रिमंडल में स्थान दिया है। मालवा निमाड़ अंचल का मंत्रिमंडल में दबदबा नजर आया, यहां से सात विधायकों को मंत्री बनाया गया है। जबकि महाकौशल के साथ बुंदेलखंड अंचल से चार-चार विधायकों को मंत्री पद दिया गया है।
भाजपा में मंत्रिमंडल गठन के पहले सभी अंचलों और वर्ग को साधने की कवायद चल रही थी। इसके चलते मुख्यमंत्री डा मोहन यादव के शपथ लेने के बाद आज 12 दिन बाद मंत्रिमंडल का गठन हो पाया। इसमें खास बात यह रही कि भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व हर अंचल और जाति को साधने में करीब-करीब सफल नजर आया है। मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा मालवा-निमाड़ को महत्व मिला है। यहां से सात विधायकों को मंत्री बनाया गया है। जबकि इस अंचल से ही मुख्यमंत्री डा मोहन यादव एवं उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा पहले ष्शपथ ले चुके हैं। इसके बाद मध्यक्षेत्र से छह विधायकों को मंत्री बनाया गया। जबकि महाकौशल और बुंदेलखंड के साथ-साथ ग्वालियर-चंबल अंचल से चार-चार विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। इसके अलावा ग्वालियर-चंबल अंचल से पहले नरेन्द्र सिंह तोमर को विधानसभा अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं विंध्य अंचल से तीन विधायकों को मंत्री बनाया गया है। इस अंचल से राजेन्द्र शुक्ल को पहले उप मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जा चुकी है। इसी तरह से जातिगत समीकरण भी भाजपा ने मंत्रिमंडल में बैठाए हैं। ओबीसी वर्ग को ज्यादा महत्व दिया गया है। जबकि सामान्य वर्ग को दूसरे स्थान मिला है। वहीं अजा और अजजा वर्ग से चार-चार विधायकों को मंत्रिमंडल में शपथ दिलाई है। वहीं आधी आबादी यानी महिला वर्ग से पांच महिला विधायकों को भाजपा ने मंत्री बनाया है।
ओबीसी वर्ग से 11 मंत्री
प्रह्लाद पटेल, इंदर सिंह परमार, कृष्णा गौर, नरेंद्र शिवाजी पटेल, लखन पटेल, एंदल सिंह कंसाना, नारायण सिंह कुशवाहा, धर्मेंद्र लोधी, नारायण पवार, राव उदय प्रताप, धर्मेंद्र लोधी ओबीसी वर्ग से मंत्री बनाए गए हैं।  
ये बने पहली बार मंत्री
नरेंद्र शिवाजी पटेल, संपतिया उईके, नागर सिंह चौहान, चैतन्य कश्यप, धर्मेंद्र लोधी, दिलीप जायसवाल, गौतम टेटवाल, लखन पटेल,  नारायण पवार,  राधा सिंह, प्रतिमा बागरी, कृष्णा गौर है।
दिग्गजों का कटा पत्ता
गोपाल भार्गव, जयंत मलैया, भूपेंद्र सिंह, बृजेंद्र प्रताप सिंह, अर्चना चिटनीस, अजय विश्नोई, नागेन्द्र सिंह गुढ़, डा सीताशरण शर्मा,  बिसाहूलाल सिंह, मीना सिंह, रमेश मेंदोला, शैलेंद्र जैन, रीति पाठक, गिरीश गौतम, संजय पाठक, मालिनी गौड़, उषा ठाकुर, नीना विक्रम वर्मा, प्रदीप पटेल, ललिता यादव, महेंद्र हार्डिया, कुंवर सिंह टेकाम, शरद कोल, सुरेंद्र पटवा, ओमप्रकाश सखलेचा का भी नाम मंत्रिमंडल की रेस में था, लेकिन उन्हें शामिल नहीं किया गया है।
सिंधिया समर्थकों को भी लगा झटका
मोहन सरकार में सिंधिया समर्थकों को भी झटका लगा है। सिंधिया समर्थक प्रद्युमन सिंह तोमर, तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह और ऐंदल सिंह कंसाना ही मंत्रिमंडल में जगह पा सके हैं। जबकि डा प्रभुराम चौधरी सहित अन्य सिंधिया समर्थकों को मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिला है। पिछली सरकार में सिंधिया समर्थक मंत्रियों की संख्या 9 थी।
महाकौशल अंचल से इन्हें मिला स्थान
महाकौशल अंचल से चार विधायकों को मंत्रिमंडल में स्थान मिला है। ये चारों विधायक कैबिनेट मंत्री बने हैं। इनमें प्रहलाद पटेल जो की केन्द्रीय मंत्री पद से इस्तीफा देकर विधायक बने उन्हें मंत्री बनाया गया है। पटेल ओबीसी वर्ग का चेहरा है। मोदी सरकार के तीन विभागों के मंत्री रहे हैं। वो मध्यप्रदेश में भाजपा के उन चंद नेताओं में शामिल हैं जो चार-चार लोकसभा सीटों से चुनाव लड़ चुके हैं। प्रहलाद पटेल जबलपुर संभाग के कद्दावर नेता माने जाते हैं। वहीं भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रह चुके राकेश सिंह को भी मंत्री बनाया गया है। राकेश सिंह भी महाकौशल का बड़ा चेहरा माने जाते हैं। वे जबलपुर से सांसद रहे हैं। इनके अलावा संपतिया उइके मंडला सीट से विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बनी है।  एसटी वर्ग से आने वाली उईके जबलपुर संभाग हैं। वहीं नरसिंहपुर जिले की गाड़रवारा विधानसभा सीट से चुनाव जीते राव प्रताप सिंह भी सांसदी छोड़कर विधायक बने हैं। वे ओबीसी वर्ग का चेहरा है।
मुख्यमंत्री ने दी मंत्रियों को बधाई
मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने सभी 28 मंत्रियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि मंत्रिपरिषद के सभी सहयोगियों को मंत्री पद की शपथ लेने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। उन्होंने स्वर्णिम मध्य प्रदेश की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में सामूहिक प्रयास पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि मंत्री जमीनी स्तर तक विकास पहुंचाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण और मिशन को पूरा करेंगे।
प्रदेश को सुशासन देगी नई सरकार
मंत्रिमंडल गठन पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश का सौभाग्य है कि अटल जी की जयंती पर नई सरकार आकार ले रही है। मंत्रिमंडल में अनुभव की भट्टी में पके वरिष्ठ राजनेता और युवा जोश शामिल हैं। मंत्रिमंडल पूरी तरह संतुलित और क्षेत्रिय आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखा गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री मोहन यादव की अगुवाई में प्रदेश को सुशासन देगी नई सरकार। प्रदेश के विकास और जनता के कल्याण में कोई कसर नहीं छोड़ेगी सरकार। मुझे विश्वास है कि, संकल्प पत्र के वचनों को पूरा करेगी नई सरकार। सभी मंत्री मित्रों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं। नया मंत्री मंडल पूरी निष्ठा के साथ जनता की सेवा का नया इतिहास रचेगा।
जनता की आशाओं पर खरा उतरेगा मंत्रिमंडल
नए मंत्रिमंडल पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि पुराना अनुभव, नई ऊर्जा और नई उमंग के समीकरण से मंत्रिमंडल बनाया गया है। नया मंत्रिमंडल जनता की आशाओं के अनुरूप काम करेगा। विकास के मॉडल का मंत्रिमंडल बनने जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि नौजवान मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विकास के आयाम चुने वाला मंत्रिमंडल बनने जा रहा है। पुराने एक्सपीरियंस और नए जोश का संतुलन होगा। टीम स्प्रिट से सब मिलकर साथ काम करेंगे।

मोहन मंत्रिमंडल के 28 सदस्यों ने ली शपथ

18 कैबिनेट, 6 राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और 4 को बनाया राज्यमंत्री


भोपाल। मध्यप्रदेश में आज मुख्यमंत्री डा मोहन यादव के मंत्रिमंडल के सदस्यों को राजभवन में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने शपथ दिलाई। कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल सहित 28 मंत्रियों ने शपथ ली। इनमें 18 ने कैबिनेट, 6 को राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और 4 को राज्यमंत्री की शपथ ली है।
प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहे मंथन और अटकलों के दौर पर आज सोमवार की दोपहर को विराम लग गया है। डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में नई भाजपा सरकार बनने के 12 दिन बाद मंत्रिमंडल के 28 मंत्रियों को ष्शपथ दिलाई गई। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। मंत्रिमंडल में पांच महिलाओं को ष्शामिल किया गया है। जबकि सांसद से विधायक बने तीन विधायकों प्रहलाद पटेल, राकेश सिंह और राव उदयप्रताप सिंह को कैबिनेट मंत्री बनाया है। वहीं कैलाश विजयवर्गीय को भी कैबिनेट मंत्री की शपथ दिलाई गई है। सबसे ज्यादा ओबीसी वर्ग से 11 विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।    
शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री डॉ यादव के अलावा उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश भाजपा पदाधिकारी, वरिष्ठ अधिकारी और नागरिक मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन मुख्य सचिव वीरा राणा ने किया।
इन्हें बनाया कैबिनेट मंत्री
प्रद्युम्न सिंह तोमर, तुलसी सिलावट, एदल सिंह कंसाना, नारायण सिंह कुशवाहा, विजय शाह, राकेश सिंह, प्रह्लाद पटेल, कैलाश विजयवर्गीय, करण सिंह वर्मा, संपतिया उईके, उदय प्रताप सिंह, निर्मला भूरिया, विश्वास सारंग, गोविंद सिंह राजपूत, इंदर सिंह परमार, नागर सिंह चौहान, चैतन्य कश्यप, राकेश शुक्ला।
इन्हें सौंपा राज्यमंत्री का स्वतंत्र प्रभार
कृष्णा गौर, धर्मेंद्र लोधी, दिलीप जायसवाल, गौतम टेटवाल, लेखन पटेल, नारायण पवार,
इन्हें बनाया राज्यमंत्री
प्रतिभा बागरी, नरेन्द्र शिवाजी पटेल, राधा सिंह, दिलीप अहिरवार।
यह भी अजब संयोग
2018 में कमलनाथ सरकार बनने के बाद भी पहला मंत्रिमंडल विस्तार 25 दिसंबर को हुआ था, जबकि मुख्यमंत्री मोहन यादव का पहला मंत्रिमंडल विस्तार भी 25 दिसंबर को हुआ। इसके अलावा खास बात यह है कि तब भी 28 मंत्रियों ने शपथ ली थी, जबकि इस बार भी डा मोहन यादव के मंत्रिमंडल में 28 मंत्री बनाए गए हैं। खास बात यह भी है कि मोहन यादव की कैबिनेट में कुछ मंत्री ऐसे भी हैं, जिन्होंने 2018 में कमलनाथ सरकार में भी मंत्रिपद की शपथ ली थी. लेकिन बाद में वह भाजपा में शामिल हो गए थे। इस बार भी उन नामों में तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत और प्रद्युम्न सिंह तोमर ऐसे विधायक हैं जिन्होंने 2018 में भी शपथ ली थी।

लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रेस

अनुषांगिक संगठनों को सक्रिय करने में जुटे प्रदेश अध्यक्ष

भोपाल। विधानसभा चुनाव में भाजपा के हाथों मिली करारी हार के बाद प्रदेश कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी जितेंद्र सिंह 26 दिसंबर को भोपाल में प्रदेश पदाधिकारियों, जिला कांग्रेस अध्यक्ष व प्रभारियों के सा
थ बैठक करने का फैसला किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अनुषांगिक संगठनों की एक-एक करके समीक्षा प्रारंभ की है, जिसमें सभी के लिए लोकसभा चुनाव के लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे। 

प्रदेश कांग्रेस में बदलाव के बाद अब लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर इन दिनों सक्रियता दिखने लगी है। नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने  संगठन में कसावट लाने के लिए बैठकों का दौर ष्शुरू कर दिया है। वहीं पार्टी के केन्द्रीय नेताओं की सक्रियता भी प्रदेश में बढ़ने वाली है। हाल ही में प्रदेश के प्रभारी बनाए गए जितेंद्र सिंह कल 26 दिसंबर को भोपाल आ रहे हैं। वे प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के साथ कांग्रेस पदाधिकारियों संग बैठक करेंगे। साथ ही संगठन में मैदानी सक्रियता बढ़ाने की बात कहेंगे। फिर से कांग्रेस अपने अनुषांगिक संगठनों को लोकसभा चुनाव के लिए सक्रिय करने की तैयारी कर रही है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए बूथ स्तर पर संपर्क कार्यक्रम भी जल्द प्रारंभ किया जाएगा। कांग्रेस ने अपने पक्ष में मतदान प्रतिशत बढ़ाने को लेकर कार्ययोजना बनाई जा सकती है। दरअसल, विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 40.40 मत मिले, जो पिछले चुनाव से .49 प्रतिशत कम रहा। 

इन सीटों पर कांग्रेस का रहेगा फोकस

प्रदेश के 29 लोकसभा क्षेत्रों में से केवल एक छिंदवाड़ा में ही कांग्रेस 2019 में जीती थी। पार्टी नेताओं का मानना है कि भले ही विधानसभा चुनाव में हार मिली हो पर दस लोकसभा क्षेत्र ऐसे हैं जहां कांग्रेस ने भाजपा पर बढ़त बनाई है। छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र में आने वाली सभी सातों विधानसभा सीटें कांग्रेस ने जीती हैं। इसी तरह मुरैना की पांच, भिंड की चार, ग्वालियर की चार, टीकमगढ़ की तीन, मंडला की पांच, बालाघाट की चार, रतलाम की चार, धार की पांच और खरगोन लोकसभा क्षेत्र की आठ विधानसभा सीटों में से पांच पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। पार्टी ने इसे ध्यान में रखते हुए लोकसभा चुनाव की तैयारी प्रारंभ की है। एक सप्ताह तक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी अनुषांगिक संगठनों के साथ बैठक कर आगामी चुनाव के लिए लक्ष्य निर्धारित करेंगे।


रविवार, 24 दिसंबर 2023

कांग्रेस के साथ मिलकर भाजपा नेता कर रहे बदनाम करने की साजिश

छिंदवाड़ा भाजपा जिला अध्यक्ष ने कहा भाजपा प्रत्याशियों को हरवाने का किया काम


भोपाल। भाजपा के छिंदवाड़ा जिले के अध्यक्ष विवेक बंटी साहू ने पूर्व मंत्री चौधरी चंद्रभान सिंह पर कांग्रेस नेताओं के साथ मिलकर उन्हें बदनाम करने और पार्टी के प्रत्याशियों को विधानसभा चुनाव में हरवाने का आरोप लगाया। साहू के साथ बड़ी संख्या में आए कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और जिले की पांचों विधानसभा के प्रत्याशियों ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी ष्शर्मा और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद ष्शर्मा से मुलाकात की लिखित में शिकायत की है। संगठन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
दरअसल विगत दिनों छिंदवाड़ा जिले के भाजपा जिला अध्यक्ष विवेक बंटी साहू को कथित रूप से बदनाम करने की नीयत से भाजपा एवं कांग्रेस के नेताओं द्वारा फर्जी और झूठी खबरें सोशल मीडिया पर चलाई गई। इसके विरोध में आज रविवार को छिंदवाड़ा भाजपा के जिला अध्यक्ष विवेक बंटी साहू जिले के पांचों विधायक प्रत्याशियों और संगठन पदाधिकारियों के साथ राजधानी भोपाल पहुंचे। उन्होंने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा से मुलाकात की और सारी बातें बताई। साहू ने प्रदेश अध्यक्ष को लिखित में शिकायत की है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं के साथ मिलकर भाजपा नेताओं द्वारा उन्हें बदनाम किए जाने के चलते फैलाई गई भ्रामक खबरों को लेकर, ऐसा करने वालों पर कड़ी कार्यवाही करने की मांग की। साथ ही इन नेताओं को  निष्कासित करने की मांग भी प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा प्रदेश महामंत्री हितानंद शर्मा के समक्ष रखी। साहू के साथ छिंदवाड़ा जिले के सभी विधानसभा के भाजपा मंडल अध्यक्ष विधानसभा प्रभारी विधानसभा संयोजक और पांच विधानसभा के प्रत्याशी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भोपाल पहुंचे थे।
पार्टी का अहित करने वाले नेताओं को नहीं बख्शेंगे
छिंदवाड़ा जिले से आए भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं की मांग सुनकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कार्यकर्ताओं के बीच घोषणा की पार्टी का अहित करने वाला कोई भी नेता बक्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों का राजनीतिक भविष्य शून्य हो चुका है। प्रदेश भाजपा के समक्ष सभी रिपोर्ट आ चुकी हैं। भाजपा के प्रत्याशियों की रिपोर्ट पर संगठन कार्यवाही करेगा।
हमें विश्वास है कार्रवाई होगी
छिंदवाड़ा जिला भाजपा अध्यक्ष विवेक बंटी साहू ने कहा कि जिले में पिछले दिनों भाजपा जिला संगठन और मुझे षडयंत्र रचते हुए बदनाम करने की कोशिश की गई। उसमें कुछ लोग हमारे और कांग्रेस के नेता शामिल हैं। इस विषय को लेकर आज हमने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष को शिकायत की है। हमारे साथ तीनों महामंत्री, पांचों विधायक प्रत्याशी थे। हमें विश्वास है कि हमने जो शिकायत की है, उस पर संगठन कार्रवाई करेगा।

गृह विभाग ने मुख्यमंत्री सचिवालय को भेजी जानकारी

 पूर्व मंत्री और विधायक खाली नहीं कर रहे बंगले


भोपाल। चुनाव हारने के बाद भी पूर्व विधायकों का राजधानी में बंगले के प्रति मोह छूट नहीं रहा है। विधानसभा और गृह विभाग द्वारा नोटिस दिए जाने के बाद भी बंगले खाली नहीं किए जा रहे हैं। इसके चलते अब गृह विभाग ने ऐसे पूर्व विधायकों की जानकारी मुख्यमंत्री सचिवालय भेजी है। विभाग अब मुख्यमंत्री के निर्देश का इंतजार कर रहा है, इसके बाद कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।
प्रदेश में विधानसभा चुनाव परिणाम आने के साथ ही विधानसभा सचिवालय ने चुनाव हारे विधायकों को बंगले खाली करने के लिए कहा था। इसके बाद उन्हें नोटिस भी दिए गए। हारे विधायकों की जानकारी विधानसभा सचिवालय द्वारा गृह विभाग को भी भेज दी गई थी। इसके बाद से लगातार गृह विभाग द्वारा हारे हुए विधायकों से बंगले खाली करने के लिए आग्रह कर रहा है। विधायकों में पूर्व मंत्री भी शामिल हैं, जो चुनाव हार गए, मगर बंगले के प्रति उनका मोह अभी कम नहीं हुआ है। इसके चलते वे बंगले खाली नहीं कर रहे हैं, बल्कि यह प्रयास कर रहे हैं कि किसी तरह उनका बंगला बच जाए। इसके चलते नए विधायकों को बंगले आवंटन करना गृह विभाग के लिए मुसीबत बन गया है।
बताया जा रहा है कि करीब तीस पूर्व विधायकों ने नोटिस दिए जाने के बाद भी बंगले खाली नहीं किए गए हैं। इसके कारण परेशानी हो रही है। वहीं 22 बंगले ऐसे हैं, जो जिनके लिए 84 विधायकों ने उन्हें आवंटित किए जाने की मांग कर डाली है। इस स्थिति को देख अब गृह विभाग ने मुख्यमंत्री सचिवालय को सारी जानकारी भेज दी है।
पटवारी के चक्कर में गौतम हो रहे परेशान
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने नरेन्द्र सिंह तोमर के विधानसभा अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद विधानसभा अध्यक्ष को आवंटित बंगला खाली कर दिया है। उन्होंने बंगला खाली करने के साथ ही विभाग को जानकारी दी कि पूर्व विधायक जीतू पटवारी जो की चुनाव हार गए हैं, उनको जो आवंटित बंगला है वह उन्हें दिया जाए। मगर पटवारी ने भी अब तक बंगला खाली नहीं किया है। वे इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते उन्हें यही बंगला आवंटित हो जाए। इसके चलते गिरीश गौतम अब परेशान बंगले के लिए परेशान हो रहे हैं।

तिरूपति की तरह महाकाल में दर्शन की व्यवस्था की जाए

मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश, श्रद्धालुओं को लगना चाहिए दर्शन में कम समय


भोपाल। तिरूपति बालाजी मंदिर की तरह उज्जैन के महाकाल मंदिर में कम से कम समय में श्रद्धालु दर्शन कर सकें इस तरह की व्यवस्था की जाए। इसके लिए अधिकारी तिरूपति बालाजी मंदिर जाकर वहां की व्यवस्था को देखें और उस तरह की कार्ययोजना बनाएं।
ये निर्देश मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि यह प्रयास करें कि श्रद्धालु कम से कम समय में महाकाल मंदिर पहुंच जाएं, उन्हें अनावश्यक रूप से दो-तीन किमी न चलना पड़े। प्रशासन यह व्यवस्था सुनिश्चित करें कि श्रद्धालुओं को तिरूपति बालाजी मंदिर की तरह महाकाल मन्दिर में कम समय में दर्शन हो जाये। एक टीम तिरूपति बालाजी मंदिर जाकर वहां की व्यवस्था का अवलोकन कर कार्य योजना बनाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहाँ-जहाँ भगवान श्रीकृष्ण के पग पड़े हैं, उन स्थानों को धार्मिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। नारायणाधाम को तीर्थधाम के रूप में विकसित किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि पंचक्रोशी यात्रा की तर्ज पर पूर्णिमा पर भी परिक्रमा यात्रा निकाली जायेगी। परिक्रमा यात्रा का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। यह प्रयास किया जायेगा कि वृंदावन परिक्रमा की तर्ज पर महाकाल दर्शन के बाद श्रद्धालु चिंतामन गणेश मन्दिर, हरसिद्धि मंदिर, कालभैरव मंदिर, मंगलनाथ मंदिर, सान्दीपनि आश्रम दर्शन के बाद पुनः महाकाल मंदिर आयें। पंचक्रोशी मार्ग पर स्थाई पड़ाव बनाने के लिये अधोसंरचात्मक कार्य किए जाएंगे।
पांच मिनट में दर्शन कर लें श्रद्धालु
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन शहर के प्रमुख चौराहों का सौन्दर्यीकरण करने एवं महामृत्युंजय द्वार के आसपास विकास कार्य करने के निर्देश दिये। उन्होंने चामुण्डा माता मंदिर चौराहा को हरिफाटक ब्रिज तक एलिवेटेड कॉरिडोर विकास के सम्बन्ध में अधिकारियों से जानकारी ली। मुख्यमंत्री  ने नीलकंठ वन मार्ग पर पार्किंग की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि इसके लिये आवश्यक उपाय किये जायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाकाल आने वाले श्रद्धालु 5 मिनिट में बाबा महाकाल के दर्शन कर लें। इसकी माइक्रो प्लानिंग जिला प्रशासन करें।