मालवा-निमाड़ को मिला ज्यादा महत्व, महाकौशल, बुंदेलखंड और ग्वालियर-चंबल से बनाए चार
-चार मंत्रीभोपाल। भाजपा सरकार में मंत्रिमंडल गठन के साथ भाजपा ने क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को साधने का पूरा प्रयास किया है। हर अंचल और जाति को मंत्रिमंडल में स्थान दिया है। मालवा निमाड़ अंचल का मंत्रिमंडल में दबदबा नजर आया, यहां से सात विधायकों को मंत्री बनाया गया है। जबकि महाकौशल के साथ बुंदेलखंड अंचल से चार-चार विधायकों को मंत्री पद दिया गया है।
भाजपा में मंत्रिमंडल गठन के पहले सभी अंचलों और वर्ग को साधने की कवायद चल रही थी। इसके चलते मुख्यमंत्री डा मोहन यादव के शपथ लेने के बाद आज 12 दिन बाद मंत्रिमंडल का गठन हो पाया। इसमें खास बात यह रही कि भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व हर अंचल और जाति को साधने में करीब-करीब सफल नजर आया है। मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा मालवा-निमाड़ को महत्व मिला है। यहां से सात विधायकों को मंत्री बनाया गया है। जबकि इस अंचल से ही मुख्यमंत्री डा मोहन यादव एवं उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा पहले ष्शपथ ले चुके हैं। इसके बाद मध्यक्षेत्र से छह विधायकों को मंत्री बनाया गया। जबकि महाकौशल और बुंदेलखंड के साथ-साथ ग्वालियर-चंबल अंचल से चार-चार विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। इसके अलावा ग्वालियर-चंबल अंचल से पहले नरेन्द्र सिंह तोमर को विधानसभा अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं विंध्य अंचल से तीन विधायकों को मंत्री बनाया गया है। इस अंचल से राजेन्द्र शुक्ल को पहले उप मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जा चुकी है। इसी तरह से जातिगत समीकरण भी भाजपा ने मंत्रिमंडल में बैठाए हैं। ओबीसी वर्ग को ज्यादा महत्व दिया गया है। जबकि सामान्य वर्ग को दूसरे स्थान मिला है। वहीं अजा और अजजा वर्ग से चार-चार विधायकों को मंत्रिमंडल में शपथ दिलाई है। वहीं आधी आबादी यानी महिला वर्ग से पांच महिला विधायकों को भाजपा ने मंत्री बनाया है।
ओबीसी वर्ग से 11 मंत्री
प्रह्लाद पटेल, इंदर सिंह परमार, कृष्णा गौर, नरेंद्र शिवाजी पटेल, लखन पटेल, एंदल सिंह कंसाना, नारायण सिंह कुशवाहा, धर्मेंद्र लोधी, नारायण पवार, राव उदय प्रताप, धर्मेंद्र लोधी ओबीसी वर्ग से मंत्री बनाए गए हैं।
ये बने पहली बार मंत्री
नरेंद्र शिवाजी पटेल, संपतिया उईके, नागर सिंह चौहान, चैतन्य कश्यप, धर्मेंद्र लोधी, दिलीप जायसवाल, गौतम टेटवाल, लखन पटेल, नारायण पवार, राधा सिंह, प्रतिमा बागरी, कृष्णा गौर है।
दिग्गजों का कटा पत्ता
गोपाल भार्गव, जयंत मलैया, भूपेंद्र सिंह, बृजेंद्र प्रताप सिंह, अर्चना चिटनीस, अजय विश्नोई, नागेन्द्र सिंह गुढ़, डा सीताशरण शर्मा, बिसाहूलाल सिंह, मीना सिंह, रमेश मेंदोला, शैलेंद्र जैन, रीति पाठक, गिरीश गौतम, संजय पाठक, मालिनी गौड़, उषा ठाकुर, नीना विक्रम वर्मा, प्रदीप पटेल, ललिता यादव, महेंद्र हार्डिया, कुंवर सिंह टेकाम, शरद कोल, सुरेंद्र पटवा, ओमप्रकाश सखलेचा का भी नाम मंत्रिमंडल की रेस में था, लेकिन उन्हें शामिल नहीं किया गया है।
सिंधिया समर्थकों को भी लगा झटका
मोहन सरकार में सिंधिया समर्थकों को भी झटका लगा है। सिंधिया समर्थक प्रद्युमन सिंह तोमर, तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह और ऐंदल सिंह कंसाना ही मंत्रिमंडल में जगह पा सके हैं। जबकि डा प्रभुराम चौधरी सहित अन्य सिंधिया समर्थकों को मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिला है। पिछली सरकार में सिंधिया समर्थक मंत्रियों की संख्या 9 थी।
महाकौशल अंचल से इन्हें मिला स्थान
महाकौशल अंचल से चार विधायकों को मंत्रिमंडल में स्थान मिला है। ये चारों विधायक कैबिनेट मंत्री बने हैं। इनमें प्रहलाद पटेल जो की केन्द्रीय मंत्री पद से इस्तीफा देकर विधायक बने उन्हें मंत्री बनाया गया है। पटेल ओबीसी वर्ग का चेहरा है। मोदी सरकार के तीन विभागों के मंत्री रहे हैं। वो मध्यप्रदेश में भाजपा के उन चंद नेताओं में शामिल हैं जो चार-चार लोकसभा सीटों से चुनाव लड़ चुके हैं। प्रहलाद पटेल जबलपुर संभाग के कद्दावर नेता माने जाते हैं। वहीं भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रह चुके राकेश सिंह को भी मंत्री बनाया गया है। राकेश सिंह भी महाकौशल का बड़ा चेहरा माने जाते हैं। वे जबलपुर से सांसद रहे हैं। इनके अलावा संपतिया उइके मंडला सीट से विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बनी है। एसटी वर्ग से आने वाली उईके जबलपुर संभाग हैं। वहीं नरसिंहपुर जिले की गाड़रवारा विधानसभा सीट से चुनाव जीते राव प्रताप सिंह भी सांसदी छोड़कर विधायक बने हैं। वे ओबीसी वर्ग का चेहरा है।
मुख्यमंत्री ने दी मंत्रियों को बधाई
मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने सभी 28 मंत्रियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि मंत्रिपरिषद के सभी सहयोगियों को मंत्री पद की शपथ लेने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। उन्होंने स्वर्णिम मध्य प्रदेश की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में सामूहिक प्रयास पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि मंत्री जमीनी स्तर तक विकास पहुंचाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण और मिशन को पूरा करेंगे।
प्रदेश को सुशासन देगी नई सरकार
मंत्रिमंडल गठन पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश का सौभाग्य है कि अटल जी की जयंती पर नई सरकार आकार ले रही है। मंत्रिमंडल में अनुभव की भट्टी में पके वरिष्ठ राजनेता और युवा जोश शामिल हैं। मंत्रिमंडल पूरी तरह संतुलित और क्षेत्रिय आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखा गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री मोहन यादव की अगुवाई में प्रदेश को सुशासन देगी नई सरकार। प्रदेश के विकास और जनता के कल्याण में कोई कसर नहीं छोड़ेगी सरकार। मुझे विश्वास है कि, संकल्प पत्र के वचनों को पूरा करेगी नई सरकार। सभी मंत्री मित्रों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं। नया मंत्री मंडल पूरी निष्ठा के साथ जनता की सेवा का नया इतिहास रचेगा।
जनता की आशाओं पर खरा उतरेगा मंत्रिमंडल
नए मंत्रिमंडल पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि पुराना अनुभव, नई ऊर्जा और नई उमंग के समीकरण से मंत्रिमंडल बनाया गया है। नया मंत्रिमंडल जनता की आशाओं के अनुरूप काम करेगा। विकास के मॉडल का मंत्रिमंडल बनने जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि नौजवान मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विकास के आयाम चुने वाला मंत्रिमंडल बनने जा रहा है। पुराने एक्सपीरियंस और नए जोश का संतुलन होगा। टीम स्प्रिट से सब मिलकर साथ काम करेंगे।