सरकार ने सांसदों, विधायकों से मंगवाए प्रस्ताव
भोपाल। प्रदेश में सरकार के कामकाज की गति अब बढ़ने लगी है। वित्त विभाग ने प्रदेश के सांसदों और विधायकों से उनके क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव मांगे हैं। प्रस्ताव के साथ ही विकास कार्यों पर कितना खर्च होगा इसके बजट का उल्लेख करने को कहा है। सरकार द्वारा यह कदम आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर उठाया जा रहा है, ताकि चुनाव की आचार संहिता लगे उसके पहले इन कार्यों की स्वीकृति देकर भूमिपूजन कराया जा सके।
प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद अब सरकारी कामों की गति में तेजी आने लगी है। विशेशकर लोकसभा चुनाव से संबंधित कामकाज तेजी के साथ बढ़ रहे हैं। इसके चलते अब सरकार ने सांसदों और विधायकों से उनके क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर जानकारी मांगी है। उनसे कहा गया है ि कवे अपने-अपने क्षेत्रों में किए जाने वाले विकास कार्यों की सूची बनाए और इन कार्यां पर कितना खर्च किया जाएगा, इसके बजट का उल्लेख भी करें। सरकार का यह कदम आगामी लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने को लेकर उठाया गया है। आचार संहिता के पहले सरकार विकास कार्यों के लिए राशि जुटाकर उनका भूमिपूजन कराने का प्रयास कर रही है।
फरवरी में लाएगी लेखा अनुदान
सूत्रों की माने तो सांसदों से उनके संसदीय क्षेत्र में 50 करोड़ और विधायकों से उनके विधानसभा क्षेत्र में 15 करोड़ तक के विकास कार्य कराने की जानकारी देने का कहा है। सरकार अपना बजट इस बार फरवरी में पेश ना करके जुलाई में पेश करेगी, जिसके चलते राशि जुटाने के लिए फरवरी में लेखानुदान लाएगी। लेखानुदान के जरिए विभागवार विकास कार्यों का आवंटन कर लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू हो इसके पहले सरकार इन विकास कार्यों का भूमिपूजन कराना चाहती है। ताकि चुनाव के वक्त मोदी की गारंटी का नारा पूरा करने के वादे के साथ वह मैदान में उतरे और जनता के बीच यह संदेश दे सके कि हमने संकल्प पत्र में किए वादे पूरा करना शुरू कर दिया है।

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