मंत्रिमंडल गठन की तैयारियां भी हुई शुरू, दिल्ली से हरी झंडी मिलने का इंतजार
भोपाल। मध्यप्रदेश में मंत्रिमंडल का विस्तार कल 19 दिसंबर को हो सकता है। इसकी तैयारियां तेज हो गई है। मंत्रिमंडल में नए और पुराने चेहरों का मिश्रण देखने का मिल सकता है, वहीं पहली बार के विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने का फैसला भी नेताओं ने किया है।
दिल्ली में रविवार की रात को हुई प्रदेश के नेताओं की पार्टी के राश्टीय अध्यक्ष जे पी नड़डा के बैठक के बाद इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि मंगलवार की ष्शाम को डा मोहन यादव के मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले सदस्यों को ष्शपथ दिलाई जा सकती है। वहीं इसे लेकर राजभवन में तैयारियां तेज हो गई है। दूसरी और दिल्ली में हुई बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा और प्रदेश संगठन मंत्री वापस भोपाल नहीं लौटे हैं। साथ ही कल पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मुलाकात नड्डा से होनी है। माना जा रहा है ि कइस मुलाकात के बाद ही नामों को हरी झंडी मिल सकती है।
फिलहाल कयास इस बात के लगाए जा रहे हैं कि क्षेत्रीय और जातिगत समीकरण बैठाते हुए मंत्रिमंडल का गठन किए जाने की तैयारी भाजपा संगठन ने की है। इसके पीछे लोकसभा चुनाव की तैयारी है। भाजपा किसी भी वर्ग या अंचल के नेताओं को नाराज नहीं करना चाह रही है। मंत्रिमंडल में कितने सदस्य शामिल होंगे, इसे लेकर कई तरह की बातें भी सामने आ रही है, मगर संगठन और खुद सरकार के मुखिया डा मोहन यादव ने इसका खुलासा अभी तक नहीं किया है। माना जा रह है कि मंत्रिमंडल में 15 से 31 मंत्री शामिल किए जा सकते हैं। वहीं संगठन के अनुसार अगर सभी 29 लोकसभा सीटों से एक मंत्री बनाने की चल रही कवायद को हरी झंडी मिलती है तो इसके तहत कम से कम 29 मंत्री शपथ ले सकते हैं।

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