समर्थकों से कहा अब आप चुने मेरा विकल्पभोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद पूर्व नेता प्रतिपक्ष और सात बार के विधायक डा गोविंद सिंह ने चुनाव ना लड़ने का फैसला लिया है। उन्होंने अपने समर्थकों को साफ कह दिया कि वे अब मेरा विकल्प चुन सकते हैं। साथ ही उन्होंने समर्थकों पर अन्याय होने पर उनके लिए लड़ाई लड़ने की बात भी कही है।
गौरतलब है कि लहार विधानसभा सीट से सात बार विधायकी का चुनाव जीतने वाले डा गोविंद सिंह को इस बार विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है। इसके चलते वे चुनाव परिणाम के बाद से मौन साधे रहे, लेकिन अब उन्होंने खुलकर अपने चुनाव ना लड़ने का फैसला सुना दिया। अपने समर्थकों को बुलाकर गोविंद सिंह ने सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखते हुए कहा कि अब वे विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ेगे। इस पर समर्थकों ने उन्हें लोकसभा चुनाव लड़ने को कहा, मगर उन्होंने यह कहकर मना कर दिया कि अब ना तो उनके पास पैसे हैं और ना ही इतना सामर्थ्य उनमें बचा है। डा गोविंद सिंह ने साफ कर दिया कि अब उनके समर्थक उनका विकल्प तलाश सकते हैं, लहार विधानसभा सीट से उनका स्थान पर नेता का चयन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि वे हमेशा अन्याय के लिए लड़ाई लड़ा करते थे, उनके समर्थकों पर अन्याय होगा तो वे उनके अन्याय की लड़ाई जरूर लड़ेगे. इसके साथ ही उन्होंने अपने समर्थकों से कहा कि अब वह लहार विधानसभा के लिए कांग्रेस से कोई नया चेहरा चुन लें, जो चेहरा उनके समर्थक चुनेंगे वह भी उसके साथ ही खड़े हो जाएंगे।
बेटे और भतीजे के बीच नहीं कर पा रहे फैसला
दरअसल डा गोविंद सिंह के बेटे अमित सिंह और भतीजे अनिरूद्ध सिंह दोनों ही लहार में लंबे समय से सक्रिय है। दोनों को डा गोविंद सिंह का उत्तराधिकारी माना जाता रहा। मगर खुद डा गोविंद सिंह इस बात का फैसला नहीं कर पा रहे हैं कि वे किसे समर्थन करें। इस स्थिति में उलझे गोविंद सिंह ने इसका फैसला अपने समर्थकों पर छोड़ दिया है। अब देखना यह है कि खुले मंच से समर्थकों को सौंपे इस कार्य पर जब समर्थकों का फैसला आएगा तो डा गोविंद सिंह क्या करते हैं?

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