महिला एवं बाल विकास विभाग ने केन्द्र को लिखा पत्र
भोपाल। आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों को दिए जाने वाले नाश्ते और भोजन के मेन्यू में बदलाव किए जाने की कवायद की जा रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बच्चों को पोश्टिक और स्वस्थ भोजन मिल सके इसके लिए बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। फिलहाल इसे सौ आंगनबाड़ी केन्द्रों में लागू करने की बात कही जा रही है। अगर इसमें सफलता मिली और ज्यादा खर्च नहीं हुआ तो प्रदेश की सभी आंगनबाडियों में दिए जा रहे नाश्ते और भोजन में बदलाव किया जाएगा।
प्रदेश की माली हालत वैसे ही ठीक नहीं है, वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग आंगनबाड़ी केन्द्रों में दिए जाने वाले नाश्ते और भोजन के मेन्यू में बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। विभाग द्वारा यह बदलाव फिलहाल भोपाल जिले की सौ आंगनबाड़ियों में करने की तैयारी है। अगर यहां सफलता मिलती है तो उसे फिर राज्य सरकार की स्वीकृति के बाद पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। सूत्रों की माने तो नाश्ते और मेन्यू में संशोधित योजना का उद्देश्य बच्चों को मिलने वाली आहर संबंधी आवश्यकताओं को देखते हुए किया जा रहा है, ताकि उन्हें पौष्टिक और स्वस्थ भोजन मिल सके। बताया जा रहा है कि संशोधित मेन्यू में चार से पांच पौष्टिक व्यंजनों पर काम किया गया है जो आंगनवाड़ी के बच्चों को परोसे जाएंगे। नए स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन बच्चों की आहार संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद करेंगे। ऐसी ही एक वस्तु है चिक्की को भी शामिल किया जा रहा है, वैसे यह महंगी भी नहीं है। वर्तमान में आंगनवाड़ी में पांच और छह वर्ष की आयु के बच्चों को नाश्ते में खिचड़ी और अन्य गर्म पका हुआ भोजन परोसा जाता है।
बजट बढ़ाने लिखा पत्र
महिला एवं बाल विकास निदेशालय ने मंत्रालय को पत्र लिखकर आंगनवाड़ी केंद्रों में परोसे जाने वाले भोजन के लिए अधिक बजटीय आवंटन की मांग की है। लेकिन इसका जवाब अभी तक विभाग को केन्द्र की ओर से मिला नहीं है। बताया जा रहा है कि वर्तमान में नाश्ता मद में प्रति बच्चे को कुल तीन रुपए आवंटित किए जाते हैं और इस कीमत पर, पौष्टिक नाश्ता परोसना विभाग के लिए चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, लेकिन फिर भी विभाग बच्चों के लिए नए स्वस्थ व्यंजन पेश करने की कोशिश कर रहा है। इस बजट को बढ़ाने की कवायद विभाग कर रहा है।

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